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RBI Gives $41 Billion Shock to US! On Track To Get Huge $100 Billion Back. India’s Currency Strategy

13:13747 summary words · ~4 min readEnglishBy India Decoded by AnirudhTranscribed Aug 4, 2026
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Summary

The Reserve Bank of India's policy shift to attract foreign capital generated $40.81 billion in dollar inflows in under 53 days—far exceeding expectations—and is projected to reach $100 billion as RBI builds a defensive forex reserve rather than artificially pumping the rupee.

This move signals a fundamental strategic shift by the RBI to prioritize long-term financial resilience and forex reserve accumulation over defending or aggressively appreciating the rupee exchange rate.

Section summaries

0:00-3:00

Intro & The $41 Billion Surprise

watch

Anirudhh reviews the RBI's policy measures introduced two months prior to attract foreign currency inflows. Although the initial forecast was $25-30 billion, the actual report card shows $40.81 billion came into the economy in under 53 days. Analysts project total inflows could reach $100 billion, driven by a 77% rise in FCNR deposits. The Indian rupee briefly touched a one-month high, though its overall movement remains controlled.

  • RBI policy yielded $40.81 billion in capital inflows in 52-53 days, surpassing the original $25-30 billion target.
  • Projections suggest inflows could reach $100 billion as deposit renewals continue.

Establishes the core data, figures, and scope of the video.

3:00-6:00

RBI Measures & Bank Interest Rate Spikes

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In June, RBI Deputy Governor Rohit Jain urged bank CEOs to aggressively gather overseas funds using three levers: pushing FCNR(B) deposits, easing External Commercial Borrowing (ECB) norms, and relaxing foreign investor bond market entry rules. Commercial banks responded by raising NRI deposit rates from 4.5-5.5% up to 6.5-7.5% across institutions like SBI, HDFC Bank, Central Bank, and Yes Bank.

  • RBI deployed a three-part strategy focused on FCNR deposits, ECB relaxations, and bond market entry.
  • Indian banks aggressively raised NRI deposit rates up to 7.5% to attract foreign exchange.

Explains the specific mechanism and banking policy behind the massive foreign capital inflow.

6:00-9:00

Data Breakdown, 2013 Comparison & Zero-Cost Swaps

watch

Between June 8 and July 31, India received $40.81 billion total, with $36.72 billion coming strictly from FCNR deposits and ~$4 billion from ECBs and bond markets. This easily outpaced the 2013 currency intervention which netted $26 billion. Furthermore, RBI enabled a zero-cost hedging facility allowing commercial banks to swap dollar deposits directly with the central bank, absorbing foreign exchange directly into national reserves without bank-side cost.

  • FCNR deposits represented $36.72 billion of the total $40.81 billion inflow in under 53 days.
  • Current inflows significantly beat the 2013 response ($26B total).
  • Zero-cost hedging transfers USD liquidity directly from banks to the RBI risk-free.

Delivers the crucial detailed numerical breakdown and central bank mechanism.

9:00-11:00

Goldman Sachs Forecasts & BOP Surplus

optional

SBI Research, Motilal Oswal, and Goldman Sachs forecast sustained inflows as maturing NRI deposits get renewed at higher rates in August and September. Goldman Sachs estimates an additional $60 billion in incoming capital. This influx is projected to push India's Balance of Payments (BoP) from a deficit into a surplus of roughly 0.6% of GDP for the current fiscal year.

  • Goldman Sachs forecasts an additional $60B influx, shifting India's BoP to a 0.6% GDP surplus.
  • Upcoming August and September NRI deposit renewals will sustain high inflow momentum.

Provides analyst consensus and macro balance sheet projections confirming the trend.

11:00-13:00

India's Three-Pronged Currency Strategy

watch

Despite heavy dollar inflows, the rupee is not surging because RBI is actively buying dollars to build a defensive forex war chest against potential future energy, crude oil, and geopolitical shocks. Under this three-pronged strategy, RBI attracts dollars via FCNR/ECB incentives, buys incoming dollars directly, and expands reserves while letting exchange rates fluctuate naturally based on market forces.

  • RBI is intentionally buying USD inflows to build a protective forex reserve rather than inflating rupee value.
  • India's policy explicitly prioritizes financial resilience over short-term exchange rate strength.

Contains the key strategic rationale explaining RBI's macro currency decisions.

Key points

  • RBI Policy Measures Outperform Inflow Expectations — In early June, the RBI encouraged banks to raise Foreign Currency Non-Resident (FCNR-B) deposit rates and relaxed borrowing and bond rules, yielding $40.81 billion in under two months compared to an initial $25-30 billion estimate.
  • Zero-Cost Swaps Centralize Foreign Currency with RBI — Under RBI rules, commercial banks can swap incoming FCNR deposits directly with the central bank under a zero-cost hedging facility.
  • Shift to Forex War Chest over Rupee Appreciation — Instead of allowing heavy USD inflows to aggressively drive up the rupee's exchange rate, RBI is purchasing incoming dollars to build a protective forex buffer against future oil and geopolitical shocks.
that amount is a staggeringly high number of almost almost 41 billion dollars. Anirudhh
वी आर नाउ प्रायोरिटाइजिंग फाइनेंशियल रेजिलियंस ओवर अचीविंग अ स्ट्रांगर एक्सचेंज रेट। Anirudhh

AI-generated from the transcript. May contain errors.

0:00

जय हिंद दोस्तों, मेरा नाम है अनिरुद्ध और

0:01

मैं आप सभी का वेलकम करता हूं इंडिया

0:03

डिकोडेड पर। दोस्तों, आज से लगभग दो महीने

0:06

पहले की बात है। हमारे आरबीआई के द्वारा

0:09

इंडियन इकॉनमी में फॉरेन करेंसी के

0:12

इनफ्लोस को इंक्रीस करने के लिए एक बहुत

0:15

ही बड़ा पॉलिसी मेजर इंट्रोड्यूस किया गया

0:18

था। इनफैक्ट स्पेसिफिकली बात करी जाए तो

0:20

केवल फॉरेन करेंसी को नहीं बल्कि

0:22

स्पेसिफिकली यूएस डॉलर्स के इनफ्लोस को

0:25

इंक्रीस करने के लिए ये वाले स्टेप को

0:27

अनाउंस किया गया था। और उस समय अनुमान

0:30

लगाया जा रहा था कि इन स्टेप्स के बेसिस

0:32

पे लगभगल लगभग 25 से 30 बिलियन के आसपास

0:37

की अमाउंट है जो कि आरबीआई आने वाले कुछ

0:40

महीनों में इस अमाउंट को एक्सपेक्ट कर

0:43

सकता है। एंड आज दोस्तों उसका रिपोर्ट

0:46

कार्ड सामने आ चुका है। बिकॉज़ 2 महीने के

0:48

अंदर-अंदर ध्यान से सुनिए जो अमाउंट्स जो

0:51

कि इनफ्लोस के तौर पे इंडियन इकॉनमी के

0:54

अंदर आई हैं। दैट अमाउंट इज अ स्टैगरिंगली

0:58

हाई नंबर ऑफ ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट 41 बिलियन

1:02

डॉलर्स। बल्कि उसके आधार पे यह तक कहा जा

1:06

रहा है कि आने वाले कुछ महीनों के अंदर जो

1:09

टोटल इनफ्फोस इंडियन इकॉनमी के अंदर उस

1:13

आरबीआई के एक स्टेप की वजह से आने वाले

1:15

हैं दे आर गोइंग टू बी ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट

1:19

$100 बिलियन। आप लोग यहां पे देख सकते हैं

1:22

खबर दोस्तों कल ही सामने आई $ बिलियन इन

1:26

दी साइट इंडिया इज रोलिंग इन डॉलर्स।

1:29

इनफैक्ट यहां पे आप टेबल भी देख पाएंगे

1:31

77% का राइज है जो कि एफसीएआर डिपॉजिट्स

1:36

में हमने विटनेस किया है और अलग-अलग जो

1:39

यहां पे एक्सपर्ट्स हैं, एनालिस्ट हैं, जो

1:41

बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं वो कह रही हैं कि

1:44

यह नंबर बढ़ते-बढ़ाते आने वाले कुछ ही

1:47

महीनों के अंदर-अंदर 100 बिलियन यूएस

1:51

डॉलर्स को टच करने वाला है। बल्कि ये जो

1:54

हुआ इसका इमीडिएट हमें यह भी नतीजा देखने

1:56

को मिला कि हमारी करेंसी इंडियन रूपी वहां

2:00

पर भी बहुत शानदार उछाल देखने को मिला।

2:02

एंड वी हैव नाउ टच्ड अ वन मंथ हाई ऑफ

2:05

ऑलमोस्ट 95.13

2:08

वर्सेस द यूएस डॉलर। ऑल थैंक्स टू जो ये

2:11

इतने बड़े लेवल पे इनफ्लोस हमारी इकॉनमी

2:14

विटनेस कर रही है। इस पूरी चीज के बारे

2:17

में तो हम चर्चा करेंगे ही करेंगे। क्या

2:19

एग्जैक्टली यहां पे हुआ है? व्हाट वाज़ दी

2:21

स्टेप जो कि आरबीआई के द्वारा 2 महीने

2:24

पहले अनाउंस किया गया था। कैसे 2 महीने से

2:27

भी कम के टाइम में 41 बिलियन डॉलर का हमने

2:31

इनफ्लो देखा। कैसे 100 बिलियन को टच

2:33

करेंगे। सारी चीजों के बारे में चर्चा

2:35

करेंगे। एंड साथ में यह भी समझेंगे कि

2:38

इंडियन रूपी बढ़ तो रहा है लेकिन उतनी

2:41

अग्रेसिवली क्यों नहीं बढ़ रहा जितनी

2:43

अग्रेसिवली बढ़ना चाहिए था। क्या यहां पे

2:46

आरबीआई की पॉलिसी में चेंज है? उसके बारे

2:49

में चर्चा भी करी जाएगी। आइए शुरू करते

2:51

हैं दोस्तों मेरे साथ। मेरा नाम है

2:53

अनिरुद्ध। यदि आप लोग हमें फॉलो करना

2:55

चाहते हैं तो दिए गए tlegram चैनल के

2:57

माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। अगर आपको

2:59

हमारा कंटेंट पसंद आता है तो दिए गए

3:01

क्यूआर कोड के माध्यम से हमें कंट्रीब्यूट

3:04

भी कर सकते हैं। ऑलराइट डायरेक्टली कमिंग

3:06

टू द न्यूज़ क्या देखने मिला है?

3:08

एग्जैक्टली दो चीजें दोस्तों यहां पे हुई

3:11

टू बी वेरी वेरीरी प्रिसाइज़। जून के पहले

3:14

हफ्ते की बात है। आरबीआई के द्वारा कुछ

3:16

स्पेशल मेजर्स को अनाउंस किया गया था

3:19

इंडिया में फॉरेन कैपिटल को अट्रैक्ट करने

3:21

के लिए। ये क्या मेजर्स थे? क्या

3:23

बैकग्राउंड है? वो आपको बताऊंगा। लेकिन

3:25

उसका नतीजा क्या हुआ है कि एनआरआई के

3:28

द्वारा इंडिया में एफसीएआरबी डिपॉजिट्स

3:31

में बहुत ही ज्यादा बड़ा उछाल हमें देखने

3:34

को मिला है। इसके नंबर्स क्या हैं? उसके

3:36

बारे में चर्चा करेंगे। लेकिन आपको थोड़ा

3:38

सा बैकग्राउंड यहां पे बता देता हूं। जून

3:41

के पहले हफ्ते की बात है। आरबीआई के जो

3:43

डेपुटी गवर्नर हैं रोहित जैन जिनकी फोटो

3:46

आप यहां पे देख पा रहे होंगे। इन्होंने जो

3:49

हमारे इंडिया में आने वाले जितने भी

3:51

बैंक्स हैं उन सभी के सीईओस को अर्ज किया

3:54

कि कैसे भी करके हमें ओवरसीज फंड्स को

3:57

अग्रेसिवली मोबिलाइज करना है। इसके लिए

4:00

तीन इंपॉर्टेंट स्टेप्स थे जो कि आरबीआई

4:02

के द्वारा अनाउंस किए गए थे। पहला स्टेप

4:04

था फॉरेन करेंसी नॉन रेजिडेंट बैंक

4:08

डिपॉजिट्स जिसे हम लोग एफसी एनआरबी

4:10

डिपॉजिट्स के नाम से जानते हैं। जो लोग

4:12

नहीं जानते उनको वेरी वेरीरी ब्रीफली बता

4:14

दूं। जैसे हम और आप जैसे लोग इंडिया में

4:17

एफडीस करते हैं। जब ये एनआरआई जो लोग

4:19

इंडिया में एफडी करते हैं तो उस वाले खाते

4:22

को एफसीएआर खाता कहा जाता है जो कि इंडिया

4:26

के किसी बैंक के अंदर इनको मेंटेन करना

4:28

पड़ता है। पहला स्टेप तो यह अनाउंस किया

4:30

गया था कि किसी भी तरीके से वो वाले पैसे

4:33

को इंडिया के अंदर लेकर आना है। दो और

4:36

स्टेप्स इन्होंने अनाउंस किए थे कि ईज़ियर

4:39

ओवरसीज बोरोइंग होगी ताकि अगर बाहर से

4:41

आपको पैसा इंडिया में लाना है उसकी

4:43

नॉर्म्स आसान कर दी गई थी और कुछ बॉन्ड

4:46

मार्केट के मेजर्स को भी रिलैक्स कर दिया

4:48

गया था। सो दैट जो फॉरेन इन्वेस्टर्स हैं

4:51

वो और आसान तरीके से इंडियन गवर्नमेंट की

4:54

डे मार्केट्स में आकर के जो पार्टिसिपेशन

4:57

है वो इंक्रीस कर सकें। जो सबसे बड़ा

4:59

हाईलाइट था वो यही था एफसीएनआरबी

5:02

डिपॉजिट्स को लेकर बहुत ही ज्यादा

5:05

अग्रेसिवली आरबीआई के द्वारा बैंकों को

5:08

पुश किया गया। जैसे ही आरबीआई के द्वारा

5:10

यह वाले कदमों को अनाउंस किया गया। बैंकों

5:12

ने भी अपनी तरफ से एफसी एनआरबी के खातों

5:15

में जो ब्याज देते थे जो एनआरआई को एफडी

5:19

का ब्याज देते थे वो बहुत ज्यादा बढ़ाना

5:21

शुरू कर दिया। ऐसे बैंक्स जो कि 4 1/2

5:24

5.5% का ब्याज दे रहे थे वो सडनली 6.5 7.5

5:28

सवा5% का ब्याज यहां पर देना शुरू कर चुके

5:32

थे। आप यहां पे देखिए स्टेट बैंक ऑफ

5:34

इंडिया के द्वारा बढ़ा दिए गए। सवा5 से 6%

5:36

कर दिए गए। HDFC बैंक ने भी 6% कर दिए।

5:40

इवन सरकारी बैंक जैसे सेंट्रल बैंक ऑफ

5:42

इंडिया ने भी बढ़ा दिया। Yes बैंक 7.1 पे

5:44

चला गया। एंड ये लिस्ट तो अभी एग्जॉस्टिव

5:47

नहीं है। कई सारे बैंकों के द्वारा सवा5

5:50

7.3 7.4% तक का भी जो ब्याज था वो यहां पे

5:54

ऑफर करना शुरू कर दिया गया। इसी बेस पे

5:58

उसी टाइम पे एक एस्टीमेट लगाया गया था कि

6:00

अगर यह ऐसे ही चलता रहा तो इस केस में

6:04

लगभग 25 टू 30 बिलियन डॉलर के टोटल

6:08

इनफ्लोस एफसीएआर के माध्यम से इंडियन

6:10

इकॉनमी जो है वो अट्रैक्ट कर सकती है।

6:14

लेकिन आज दोस्तों जब उसका रिपोर्ट कार्ड

6:16

सामने आया जब उसका डाटा सामने आया रियल

6:19

नंबर्स वाकई में बहुत ज्यादा हाई थे। रियल

6:22

नंबर्स को ध्यान से देखिए। 2 महीने

6:24

इनफैक्ट दो से भी कम महीने बिकॉज़ आरबीआई

6:27

ने स्कीम को तो जून के पहले हफ्ते में

6:30

अनाउंस कर दिया था। यह वाली जो विंडो थी

6:32

यह ओपन हुई थी प्रिसाइजली 8 जून को और 8

6:36

जून से लेकर 31 जुलाई तक यानी कि

6:39

मोटा-मोटा 52 53 डेज के अंदर-अंदर हमारी

6:43

इंडियन इकॉनमी में 40.81

6:47

बिलियन का इनफ्लो है जो कि हमने विटनेस

6:50

किया है। जिसमें कि अगर मैं एफसीएआर

6:53

डिपॉजिट्स की बात करूं अकेला वो नंबर

6:56

36.72 बिलियन का है। बचा हुआ जो थोड़ा 4

7:00

बिलियन डॉलर का नंबर है उसमें थोड़े बहुत

7:03

जो नंबर्स हैं वो मान के चलिए एक्सटर्नल

7:06

कमर्शियल बोरोइंग से आए हैं या फिर थोड़े

7:08

बहुत बॉन्ड मार्केट्स में भी हमें यह

7:10

नंबर्स देखने को मिले हैं। नाउ ये वाला

7:13

नंबर एब्सोल्यूट टर्म्स में तो बहुत बड़ा

7:16

हो ही जाता है। लेकिन उसके साथ-साथ

7:18

दोस्तों ये नंबर इसलिए भी बहुत बड़ा बन

7:21

जाता है बिकॉज़ सिमिलर टाइप के स्टेप हमारे

7:23

आरबीआई के द्वारा 2013 में लिया गया था।

7:27

लेकिन उस टाइम पे जो टोटल हमने डिपॉजिट्स

7:30

को मोबिलाइज किया था एफसीएआर के खातों के

7:33

माध्यम से दैट वाज़ 26 बिलियन और आज की डेट

7:38

में 2 महीने से भी कम टाइम में उससे कई

7:41

ज्यादा बड़ी अमाउंट है जो कि यहां पर

7:44

हमारे आरबीआई के द्वारा यह बेसिकली

7:46

मोबिलाइज कर दी गई है। एंड इसका बेस्ट

7:49

पार्ट क्या है? इवन दो यह पैसा बैंकों के

7:52

पास आया है। लेकिन आरबीआई ने अपने रूल्स

7:55

में यह भी बदलाव कर दिया था कि बैंक्स जो

7:58

है वो उन्हीं डिपॉजिट्स को आरबीआई के साथ

8:01

स्वप कर सकते हैं अंडर अ जीरो कॉस्ट

8:04

हैेजिंग फैसिलिटी। मतलब कि अगर कोई एनआरआई

8:07

है उसने अपने पैसे को बैंक के पास डाला तो

8:10

वो वाला पैसा बैंक जो है वो आरबीआई के पास

8:13

जाकर के जमा कर सकता है और इसमें बैंक को

8:16

कोई भी खर्चा का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

8:20

एंड उसी चीज का आज दोस्तों परिणाम यह है

8:22

कि पैसा भले बैंकों के पास आए वह

8:25

इफेक्टिवली पैसा आरबीआई के पास ही बेसिकली

8:28

पहुंच जा रहा है। एंड द बेस्ट पार्ट इज कई

8:32

सारे जो एक्सपर्ट्स हैं, कई सारे जो

8:33

एनालिटिक्स हैं, उनके द्वारा कहा जा रहा

8:36

है कि यह तो केवल शुरुआत है। बिकॉज़ अभी यह

8:39

दो महीनों के अंदर हमने इतने सारे

8:41

डिपॉजिट्स को मोबिलाइज कर लिया है। लेकिन

8:43

आगे बढ़ते हुए यही नंबर्स बढ़ते-बढ़ाते

8:46

ऑलमोस्ट $100 बिलियन के नंबर को टच करने

8:50

वाले हैं। आप लोग यहां पे देखिए मैं आपको

8:52

दो-तीन रिसर्चेस दिखाता हूं। एसबीआई

8:55

रिसर्च के द्वारा कहा गया कि सबसे बड़ा

8:57

चंक एफसीएनआर का ही होगा और ये वाले जो

9:00

बल्कि जो उन एनआरआई की जो एफडीस जो कि

9:03

अगस्त और सितेंंबर में मैच्योर होने वाली

9:06

हैं उनको तो वो लोग और ज्यादा रिन्यू

9:08

करेंगे। बिकॉज़ एफसीएआर खातों में जो ब्याज

9:11

दरें हैं वो बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं और

9:13

उसका अंजाम क्या होगा? इनफ्लोस और ज्यादा

9:16

बढ़ जाएंगे। सिमिलरली जाने-माने

9:18

इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स के

9:20

द्वारा भी सेम चीज को कहा गया कि आरबीआई

9:22

के द्वारा लिए गए जो मेजर्स हैं इसकी वजह

9:25

से एडिशनल 60 बिलियन डॉलर के कैपिटल

9:28

इनफ्लोस हैं जो कि भारत की इकॉनमी में आ

9:30

सकते हैं। जिसका सबसे बड़ा बेनिफिट क्या

9:33

होगा कि बैलेंस ऑफ पेमेंट्स जो है जो कि

9:35

डेफिसिट में है वह भी सरप्लस में चला

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जाएगा। एट अराउंड6%

9:40

ऑफ जीडीपी इन दी करंट फाइनेंसियल ईयर। दिस

9:44

इज़ दी अल्टीमेट कॉन्सिक्वेंस ऑफ द वन

9:47

सिंगल मूव जो कि आरबीआई के द्वारा दोस्तों

9:49

2 महीने पहले बेसिकली अनाउंस किया गया था।

9:52

और यह तो मैंने आपको केवल दो रिसर्चेस

9:54

दिखाई हैं। और कई सारी रिसर्चेस हैं। करू

9:57

वायसिया बैंक के भी रिसर्च हाउस ने बताया।

10:00

मोतीलाल ओसवाल के द्वारा भी कहा गया है कि

10:03

यह वाले जो टोटल इनफ्लोस हैं बड़े ही

10:05

कन्वीनियंस से 100 बिलियन डॉलर्स को ये

10:09

डेफिनेटली टच करने ही वाले हैं। तो फिर

10:12

सबसे बड़ा क्वेश्चन ये आता है कि जब इतने

10:14

सारे फॉरेन इनफ्लोस इंडियन इकॉनमी में आ

10:17

रहे हैं तो रूपी आखिरकार अग्रेसिवली यहां

10:20

पे बढ़ क्यों नहीं रहा? बिकॉज़ आमतौर पे

10:22

क्या होता था कि अगर ये इंडियन इकॉनमी है

10:25

और इसके अंदर अगर यूएस डॉलर्स जो है वो

10:28

फ्लो करेंगे तो बेसिकली यूएस डॉलर्स की

10:30

सप्लाई बढ़ जाएगी एज कंपेयर टू दी इंडियन

10:33

रूपी उसकी सप्लाई बढ़ जाएगी तो जो हमारा

10:35

इंडियन रूपी है वो भी बढ़ना शुरू हो

10:37

जाएगा। यही आरबीआई की अप्रोच थी जो कि

10:40

काफी टाइम से आरबीआई फॉलो भी करता आ रहा

10:42

था। लेकिन अभी दोस्तों आरबीआई के द्वारा

10:45

जो अप्रोच है उसको चेंज कर दिया गया है।

10:48

चेंज उसमें क्या कर दिया गया? आरबीआई यह

10:51

कहता है कि आगे बढ़ते हुए हमारा टारगेट

10:54

इंडियन इकॉनमी में फ्रेश डॉलर्स को लेकर

10:57

आना है। जिसके बेसिस पर हम लोग हमारे

11:00

फॉरेक्स रिजर्व्स को यानी कि फॉरेक्स

11:02

भंडारों को और ज्यादा मजबूत करना चाहते

11:05

हैं। ताकि कल को अगर इंडिया को किसी भी

11:08

प्रकार की वोलेटिलिटी के साथ अगर हमें

11:11

हमें देखना पड़ता है, कोई झेलना पड़ता है

11:14

तो उस केस में हमारा जो वोलेटिलिटी हैंडल

11:17

करने का जो मैकेनिज्म है वो और भी ज्यादा

11:20

मजबूत हो सके। आप यहां पे देखिए आरबीआई

11:23

हैज़ क्लियरली सेड कि आगे बढ़ते हुए हम लोग

11:26

एक वॉर चेस्ट को बिल्ड कर रहे हैं जो कि

11:28

जितने भी बाहर से फॉरेन रिजर्व्स आएंगे

11:30

उसके माध्यम से कल को जब आरबीआई को क्रूड

11:33

ऑयल वगैरह मंगाना है, इलेक्ट्रॉनिक्स के

11:35

लिए पैसा चाहिए, डिफेंस इक्विपमेंट के लिए

11:37

पैसा चाहिए तो किसी प्रकार की कमी हमें

11:40

यहां पे झेलनी ना पड़े। एंड आरबीआई ने साथ

11:43

में यह भी कह दिया कि जो करेंसी है उसको

11:46

हम लोग मार्केट फोर्सेस के ऊपर छोड़ेंगे।

11:49

जैसे-जैसे ऑयल प्राइस में नीचे आएगा,

11:51

जैसे-जैसे इंटरेस्ट रेट्स नीचे आएंगे,

11:53

जैसे-जैसे जिओपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स ठीक

11:55

होंगी, उसी बेसिस पे इंडियन रूपी

11:58

अकॉर्डिंगली मार्केट सेंटीमेंट के हिसाब

12:00

से ऊपर नीचे चलता रहेगा। दिस इज द न्यू

12:04

पॉलिसी जो कि आई थिंक आरबीआई एक बहुत ही

12:07

लंबे टाइम के बाद इसको फॉलो कर रहा है।

12:09

टेकिंग इंटू अकाउंट कि दुनिया भर में

12:11

जितनी अनसर्टेनिटी चल रही है हमें हमारे

12:14

फॉरेक्स भंडारों को और ज्यादा मजबूत करने

12:17

की आवश्यकता बन जाती है। ऐसे भी देख सकते

12:20

हैं कि आरबीआई एक थ्री प्रोंग्ड करंट

12:23

करेंसी स्ट्रेटजी को फॉलो कर रहा है।

12:25

डॉलर्स को अट्रैक्ट कर रहे हैं। यूजिंग

12:27

एफसी एनआर डिपॉजिट्स, एक्सटर्नल कमर्शियल

12:29

बोरोइंग रिलैक्सेशंस, इन्वेस्टर फ्रेंडली

12:31

मेजर्स लिए जा रहे हैं। उन डॉलर्स को

12:33

आरबीआई डायरेक्टली खरीद रहा है। एंड उन

12:36

डॉलर्स के माध्यम से अपने फॉरेक्स भंडारों

12:39

को और ज्यादा इंक्रीस कर रहा है। सिंपल

12:41

शब्दों में वी आर नाउ प्रायोरिटाइजिंग

12:44

फाइनेंशियल रेजिलियंस ओवर अचीविंग अ

12:46

स्ट्रांगर एक्सचेंज रेट। ये वाकई में

12:49

दोस्तों एक बहुत बड़ा शिफ्ट है जो कि

12:51

करेंटली आरबीआई के द्वारा फाइनली लिया जा

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चुका है। देखते हैं आगे चलकर और क्या होता

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है। व्हाट आर द न्यू मेजर्स जो कि हम लोग

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लेते हैं। एंड अल्टीमेटली यह जो 41 बिलियन

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का नंबर है यह कहां जाकर रुकता है यह भी

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देखना काफी इंटरेस्टिंग होगा। आप लोग जो

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भी सोचते हैं बताएं कमेंट सेक्शन में।

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थैंक यू सो मच फॉर लिसनिंग। स्टे ट्यून

13:11

एंड स्टे

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