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The Rise of Nationalism in Europe One Shot: FULL CHAPTER | Warrior 2026 | Class 10 History Chapter 1

1:44:00EnglishTranscribed Jul 29, 2026
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मैं सिद्धार्थ शर्मा क्लास 10थ का वॉरियर

0:02

का पहला लेक्चर लेकर आ गया हूं। जिस

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चैप्टर का नाम है द राइज ऑफ रैशलिज्म इन

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यूरोप। इस क्लास के अंदर मैं पूरे चैप्टर

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को कंप्लीट समझा दूंगा। मैं आप लोग को

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गारंटी दे रहा हूं कि डेढ़ से दो घंटे के

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लेक्चर पढ़ने के बाद कोई भी क्वेश्चन आपको

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इस लेक्चर के बाहर से नहीं आएगा। अगर आपको

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नोट्स चाहिए तो नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स

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में लिंक है। आप वहां से सारे नोट्स फ्री

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ऑफ कॉस्ट डाउनलोड कर सकते हो। अब इस

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चैप्टर की शुरुआत करने से पहले मैं आपको

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बताता हूं कि दुनिया में चार तरीके से

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गवर्नेंस की जाती है। पहला होता है

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मोनार्की। यानी कि जब किसी कंट्री का लीडर

0:30

कोई राजा या रानी हो। इसका बेहतरीन

0:33

एग्जांपल है सऊदी अरेबिया। जैसे मोहम्मद

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बिन सलमान या हाउस ऑफ साउथ जो है वो वहां

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के मोनार्क हैं। सेकंड नंबर पे आ जाता है

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डेमोक्रेसी। जहां पे वहां के जो वोटर्स

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होते हैं वो अपने पसंद के आदमी को वोट

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देके पावर में लाते हैं। जो अगले 5 साल के

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लिए उनके देश को चलाता है उनके बिहाफ में।

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इंडिया, यूएसए ये सब एक डेमोक्रेटिक

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कंट्री हैं। तीसरे नंबर पर आता है

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डेमोक्रेटिक मोनार्की। जहां पावर 50-50%

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होती है। थोड़ी पावर राजा के पास होती है

1:00

तो थोड़ी पावर वहां के प्राइम मिनिस्टर के

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पास होती है। इसका एक बेहतरीन एग्जांपल है

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यूनाइटेड किंगडम दोस्तों और लास्ट आ जाता

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है डिक्टेटरशिप। जब किसी कंट्री का आर्मी

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का जनरल अपने आप को सर्वशक्तिमान घोषित कर

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देता है। और कहता है आज से इस कंट्री का

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लीडर मैं जो चाहूं वो होगा। इसका बेहतरीन

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एग्जांपल है नॉर्थ कोरिया। जहां के

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डिक्टेटर है किम जोंग। लेकिन क्या आपको

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पता है कि एक टाइम था जब दुनिया की सारी

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कंट्रीज जो थी उसमें से 90% कंट्री के ऊपर

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मोनार्की रहा करता था। वहां से कैसे

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अलग-अलग देश बने? कैसे अलग-अलग देश

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डेमोक्रेसी बने। ये सब कहते हैं कि इन सब

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चीजों के पीछे फ्रेंच रिवॉल्यूशन का हाथ

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था। तो सबसे पहले आइए यही समझ लेते हैं कि

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कैसे फ्रांस खुद एक मोनार्की से एक

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डेमोक्रेसी की तरफ गया। सबसे पहला टॉपिक

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आप लोग को आज की क्लास में समझना है जो

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बहुत इंपॉर्टेंट है। पांच नंबर के लिए

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आपकी बोर्ड एग्जाम में आ सकता है। वो है

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सेंस ऑफ कलेक्टिव बिलोंगिंग। किससे फ्रांस

1:53

के लोग एक हो पाए? कैसे फ्रांस के लोगों

1:55

ने डिसाइड किया कि अब हम लोग राजा रानी से

1:57

हटेंगे और हम अपना एक खुद का देश बनाएंगे।

2:00

इसका पहला पॉइंट है कि किस तरीके से

2:02

फ्रांस के लोगों ने अपने रॉयल फ्लैग को

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अपने फ्रेंच फ्लैग से रिप्लेस कर दिया था।

2:07

यहां पे आपके सामने फ्रांस का रॉयल फ्लैग

2:09

है। मैंने फ्रांस के राजा से पूछा साहब इस

2:11

फ्लैग का मतलब क्या है? तो वो कहता है कि

2:14

ये जो फ्लैग है यह हमारी रॉयल पावर को

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रिप्रेजेंट करता है। यह जो फ्लैग है यह

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हमारे डिवाइन राइट को दर्शाता है। यह

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बताता है लोगों को कि हमारे को स्वयं जीसस

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क्राइस्ट ने सिलेलेक्ट किया है आप लोगों

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के ऊपर रूल करने के लिए। हमारा जन्म ही

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हुआ आपके ऊपर रूल करने के लिए और आपका

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जन्म हुआ हमारा गुलाम बनने के लिए। ये जो

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फ्लैग है ये बताता है कि किस तरीके से

2:33

हमारी अथॉरिटी ही सबसे सुप्रीम अथॉरिटी

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होगी। हमसे ऊपर कुछ नहीं होगा। अब आप खुद

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बताइए इस तरीके के फ्लैग से कोई आम पब्लिक

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कनेक्टेड फील करेगी क्या? सब कुछ रॉयल

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रॉयल रॉयल रॉयल। इसीलिए सबसे पहले फ्रांस

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के लोगों ने रॉयल फ्लैग को फ्रेंच फ्लैग

2:50

से रिप्लेस किया। एक फ्रेंच फ्लैग के अंदर

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तीन कलर्स होते हैं। सबसे पहले आप देख

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सकते हो ब्लू कलर लिबर्टी को रिप्रेजेंट

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करता है। लिबर्टी का मतलब होता है आजादी।

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फ्रांस के लोगों को आजादी चाहिए थी। अपनी

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पसंद के लीडर को इरेक्ट करने की। आजादी

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चाहिए थी अपनी पसंद का बिजनेस करने की।

3:07

आजादी चाहिए थी। जहां चाहे वहां जाने की।

3:10

इसके अलावा वाइट कलर रिप्रेजेंट करता है

3:12

इक्वलिटी। आप लोगों को पता होगा किस तरीके

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से फ्रांस की सोसाइटी तीन ग्रुप्स में

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बंटी हुई थी। तीन एस्टेट्स में बटी हुई

3:18

थी। क्लर्जी, नोबिलिटी, पीज़ेंट्स। सबसे

3:21

ज्यादा पावर और सबसे ज्यादा अथॉरिटी

3:23

क्लर्जी के पास थी। देन नोबिलिटी और देन

3:25

पीज़ेंट्स। वो लोग चाहते थे कि नहीं हमारे

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देश में इक्वलिटी होनी चाहिए। हम सब इक्वल

3:30

होने चाहिए। इसके अलावा रेड कलर को

3:32

रिप्रेजेंट करता था फ्रेटरनिटी।

3:35

फ्रेटरनिटी का मतलब होता है भाईचारा।

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फ्रांस के लोगों ने रॉयल फ्लैग को एक

3:39

फ्रेंच फ्लैग से रिप्रेजेंट चेंज करा।

3:42

सेकंड पॉइंट आता है कि फ्रांस के लोगों ने

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दो कांसेप्ट लेकर आए। एक लेकर आए लापात्री

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का और एक लेकर आए लेसिटोयन का। लापात्री

3:50

का मतलब होता है द फादरलैंड। जैसे आज

3:53

हमारे भारत में हम अपने भारत को भारत माता

3:55

का दर्जा देते हैं। हमने अपने भारत को मां

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का स्वरूप दे रखा है। उसी तरीके से उन

4:00

लोगों ने अपने देश को लाभ पात्री यानी द

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फादरलैंड का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि

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नहीं अब बहुत हो गया। हम लोग बहुत हमारा

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बंटवारा हो गया। किस तरीके से हम फर्स्ट

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स्टेट, सेकंड स्टेट और थर्ड स्टेट में

4:10

बैठे हुए। इनफ इज़ इनफ। अब हम सब सिटीजन

4:13

कहलाएंगे। वी ऑल विल बी लेसिटोयन।

4:16

तो फ्रांस के लोगों ने ये और किया ताकि

4:18

उनके बीच में कलेक्टिव बिलोंगिंग आ सके।

4:20

वो एक हो सके। इसके अलावा वहां के लोगों

4:23

ने कई सारी हंस बनाई, कई सारे कंपोज़िशंस

4:25

बनाए।

4:27

इसका एक बेहतरीन एग्जांपल है ला मर्सिलेज़।

4:30

जब फ्रांस के लोग क्रांति के लिए निकलते

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थे। जब एक के पीछे एक वो मार्च करते हुए

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चलते थे तब वो लोग ला मर्सिलेस को

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गुनगुनाते हुए जाते थे। यह इतना ज्यादा

4:40

फेमस हो गया जब फ्रांस आजाद हुआ तो यह

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वहां का नेशनल एंथम बना। दोस्तों इसके

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अलावा फ्रांस के लोगों ने नेशनल असेंबली

4:48

का स्थापना करी। आप बोलेंगे सर नेशनल

4:52

असेंबली यह फोटो कहीं देखी देखी तो लग रही

4:54

है। आपको याद है किस तरीके से नाइंथ क्लास

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में हमने पढ़ा था कि जो लुई 16 था लुईस 16

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यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका को आजादी

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दिलाना चाहता था और उसके लिए उसने लोन

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लेकर यूएसए के लोगों को पैसा दिया कि तुम

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इस पैसे का इस्तेमाल करो और अपने आप को

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आजाद करा लो। जब लोन चुकाने की बारी आई तो

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उसने अपने ही देश के थर्ड एस्टेट के लोगों

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से कहा कि मैं तुम्हारे ऊपर टैक्स

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लगाऊंगा। और उस टैक्स को लगाने के लिए

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उसने एस्टेट जनरल की मीटिंग बुलाई थी।

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जिसमें तीनों स्टेट के लोग थे और लुईस 16

5:25

भी था। लेकिन थर्ड स्टेट के जो लोग थे उस

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मीटिंग से वॉकआउ कर गए थे और उन्होंने

5:29

टेनिस कोर्ट पे जाके ओथ ली थी और उन्होंने

5:31

डिसाइड किया था कि अब हम एक नेशनल असेंबली

5:33

बनाएंगे। एक ऐसी असेंबली बनाएंगे जिसके

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अंदर फ्रांस के सारे वो लोग जिनके पास वोट

5:39

देने का अधिकार है वो इकट्ठा होंगे और

5:41

अपनी पसंद के लीडर को वो वोट देंगे और वो

5:43

उनके बिहाफ में कंट्री को रूल करेगा। तो

5:46

फ्रांस के लोगों ने नेशनल असेंबली बनाई

5:48

ताकि उनके बीच में कलेक्टिव बिलोंगिंग का

5:50

सेंस आ सके। एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट कि

5:53

फ्रांस के लोगों ने कई सारी सीक्रेट

5:55

सोसाइटीज बनाई। इन सीक्रेट सोसाइटीज के

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अंदर कई सारे ऐसे लाइक माइंडेड लोगों को

6:00

इकट्ठा किया गया जिनका जो ये चाहते थे कि

6:03

हां राजा को हटाया जाए और फ्रांस नाम का

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एक देश बनाया जाए। एक डेमोक्रेटिक कंट्री

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बनाई जाए। ऐसे कई सीक्रेट्स क्लब बनाए गए।

6:11

लेकिन सबसे फेमस जो सीक्रेट क्लब था उसका

6:13

नाम था जैकोबिन जिसको शुरुआत किया था

6:15

मैगज़िमेलियन रोबिस्पियरी ने। जब

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मैगज़िमेलियन रोबिस्परी ने जैकोबिन क्लब

6:20

बनाया था तो लोग उसको मसीहा समझते थे।

6:23

लोगों को लगता था अब यही हमें प्रोटेक्ट

6:24

करेगा लेकिन बहुत जल्दी उनको पता चलने

6:26

वाला था कि ये कोई मसीहा नहीं बल्कि यह भी

6:28

एक डेविल है। तो इस तरीके से फ्रांस के

6:31

लोगों ने ये पांच चीजें करी थी ताकि उनके

6:33

बीच में एक एकता बन सके। वो लोग यूनाइट हो

6:35

सके। अपने राजा के खिलाफ लड़ाई लड़ सके।

6:38

और यह आपका सबसे पहला क्वेश्चन है। अब आप

6:41

मुझसे बोलेंगे सर आपने लेक्चर की

6:43

स्टार्टिंग में एक बात बोली थी। आपने कहा

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था कि आप पूरा लेक्चर पढ़ाओगे लेकिन आपने

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फ्रंट पेज की एनसीईआरटी में जो पेंटिंग दे

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रखी है वो तो पढ़ा ही नहीं। देखिए मैं

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आपको एक सिंपल सी बात बोलना चाहता हूं कि

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डेढ़ से 2 घंटे के अंदर एनसीईआरटी की

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एक-एक लाइन एक-एक फोटो हर चीज जो

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इंपॉर्टेंट है वो मैं सब पढ़ा दूंगा। बस

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थोड़ा से मैंने फ्लो को चेंज किया है ताकि

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तुम्हें ये स्टोरी की तरह पूरी वो चैप्टर

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समझ में आ जाए। तो आपको थोड़ा सा पेशेंस

7:08

रखना होगा। क्लियर हो गया? अब ठीक है सर।

7:11

फ्रांस के लोगों ने सेंस ऑफ कलेक्टिव

7:13

बिलोंगिंग करी। फिर आगे क्या? तो हुआ यह

7:16

कि जब ये सब चीजें हुई तो फ्रांस के लोग

7:18

यूनाइट हो सके अपने राजा के खिलाफ। और

7:21

उन्होंने अपने राजा के खिलाफ आवाज उठाई।

7:23

और इस तरीके से लुईस 16 जो कि बोरबन

7:26

डायनेस्टी के राजा थे 1792 के अंदर उनको

7:29

पावर से हटना पड़ा। लुईस 16 के बाद पावर

7:32

में आए थे मैगिमिलन रूबीस पेरी। और इस

7:34

टाइम पे जब ये पावर में आए तो इन्होंने

7:36

बनाई एक नेशनल कन्वेंशन।

7:38

मैग्ज़िमिलियन रोबिस पियरी 1793 से 1794 तक

7:42

पावर में रहे थे। लेकिन जब यह पावर में थे

7:45

तो यह बहुत ज्यादा पैरेनॉइड हो गए थे। ये

7:47

शकी हो गए थे सब। इनको लगता था हर कोई

7:50

इनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है। हर कोई

7:52

जैसे लुईस इसी को हटाया था वैसे ही हर कोई

7:55

इसको हटाना चाहता है। तो ये क्या करता था?

7:57

इसको जिस पे भी शक होता था ये उसको गुलेटन

7:59

करवा देता था। याद है वो मशीन जिसमें आपकी

8:02

गर्दन को इस तरीके से रखा जाता था और ऊपर

8:04

से एक ब्लेड आती थी और फटाक से आपके मुंडी

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को आपके धड़ से अलग कर दिया करती थी।

8:09

मैगजी मिलियन रोबिस पेरी ने 1793 से 94 के

8:12

बीच में यानी डेढ़ दो साल के बीच में इसने

8:15

16,000 लोगों को गुलेट कराया। फ्रांस के

8:19

लोगों को ये बात समझ में आ गई थी कि ये तो

8:21

लुईस 16 से भी ज्यादा बुरा है। हमें इसको

8:23

भी हटाना पड़ेगा। तो फ्रांस के लोगों ने

8:25

इसके बाद लेकर आए वो द डायरेक्टरी।

8:28

उन्होंने कहा भाई एक आदमी के पास सारी

8:30

पावर नहीं देंगे क्योंकि अगर एक आदमी के

8:32

पास सारी पावर आ जाती है तो वो बावड़ा सा

8:33

हो जावे है। तो उन्होंने इस बार द

8:36

डायरेक्टरी लेकर आए जिसमें एक आदमी नहीं

8:38

जिसमें पावर पांच लोगों में बंटी होती थी

8:40

1 2 3 4 5

8:43

लेकिन डायरेक्टरी की यही सबसे बड़ी

8:45

प्रॉब्लम थी कि डायरेक्टरी वाले किसी एक

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कंक्लूजन तक पहुंच ही नहीं पाते थे। जब

8:50

कोई डिसीजन लेना होता था तो वन कहता था यह

8:53

करेंगे, टू कहता था वो करेंगे, थ्री कहता

8:54

था यह करेंगे, फोर कहता था वो करेंगे और

8:56

फाइव कहता था वो करेंगे। जिसके कारण

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फ्रांस के लोगों को समझ में आ गया कि ये

9:01

तो किसी काम के नहीं है। इसके बाद फिर

9:03

फ्रांस के लोग गए अपनी आर्मी के जनरल

9:05

नेपोलियन बोनापाते के पास। दरअसल नेपोलियन

9:09

फ्रांस की आर्मी का जनरल था और इसके अंडर

9:11

में फ्रांस ने कई सारी जंगे जीत रखी थी।

9:14

नेपोलियन लगभग जिस जंग में जाता था वहां

9:17

से वो विजय होके निकलता था। फ्रांस के लोग

9:19

उसको बहुत इज्जत करते थे। उन्होंने कहा

9:22

हमने सब करके देख लिया। लुईस 16 के बाद

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रोबिस पेरी आया। रोबिस पेरी के बाद

9:25

डायरेक्टरी आया। अब हमें सिर्फ और सिर्फ

9:27

आप पर भरोसा है। आप ही हमारे देश को चला

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सकते हो। नेपोलियन ने कहा ठीक है। मैं आप

9:34

इतनी रिक्वेस्ट कर ही रहे हो तो मैं आपके

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लिए देश को चलाने को तैयार हूं। लेकिन

9:39

नेपोलियन ने कहा मेरा एक शर्त है। मैं

9:42

पावर में आऊंगा तो मैं सबसे पहले कुछ

9:44

चेंजेस करूंगा। कुछ रिफॉर्म्स करूंगा।

9:46

लोगों ने कहा अपने रिफॉर्म्स को क्या नाम

9:48

दोगे? इसने कहा नेपोलियनिक कोड बोलेगा

9:50

ब्रो। कैसी बातें कर रहा है? अगर बबुआ सर

9:53

ने किया होता तो बबुआ कोड हो जाता। लेकिन

9:56

क्योंकि नेपोलियन ने किया था इसलिए उसका

9:57

नाम नेपोलियनिक कोड था। नेपोलियन ने कहा

10:00

मैं पांच चीजें करूंगा। और यही आपका बोर्ड

10:03

एग्जाम का सेकंड मोस्ट इंपोर्टेंट

10:05

क्वेश्चन है इस चैप्टर से। सबसे पहले

10:08

नेपोलियन कहता था कि आई विल रिमूव ऑल द

10:11

प्रिविलेजेस बेस्ड ऑन बर्थ एंड एस्टैब्लिश

10:13

इक्वालिटी बिफोर लॉ एंड सिक्योर राइट टू

10:15

प्रॉपर्टी।

10:18

आप सभी को मैंने थोड़ी देर पहले बताया था

10:20

कि किस तरीके से फ्रांस की सोसाइटी जो थी

10:22

वो तीन स्टेट में बंटी हुई थी। सी फॉर

10:24

चर्च, सी फॉर क्लर्जी। चर्च में काम करने

10:28

वाले सारे लोग फादर, प्रीस्ट, सिस्टर ये

10:30

सब के सब क्लर्जी का पार्ट होते थे और

10:32

इनकी सोसाइटी में सबसे ऊपर वैल्यू हुआ

10:34

करती थी।

10:36

सेकंड नंबर पर आते थे नोबिलिटी। नोबिलिटी

10:39

के अंदर आर्मी के सारे ऑफिसर्स और राजा के

10:42

जितने भी मिनिस्टरर्स हुआ करते थे वो सब

10:44

नोबिलिटी के अंदर आते थे। इनकी रैंक सेकंड

10:46

होती थी सोसाइटी में। और सबसे लास्ट में

10:49

आते थे पीज़ेंट्स।

10:51

दोस्तों, वैसे तो पीज़ेंट्स का मतलब किसान

10:53

होता है। लेकिन फ्रांस के कॉन्टेक्स्ट में

10:56

पीज़ेंट में सब आ जाते थे। डॉक्टर से लेकर

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इंजीनियर तक, स्वीपर से लेकर क्लीनर तक सब

11:00

आ जाते थे उसके अंदर।

11:02

तो उसने कहा कि यह जो आपने डिवीजन कर रखा

11:05

है यह बेस्ड ऑन बर्थ है। यानी अगर मैं

11:08

क्लर्जी हूं तो मेरा बेटा भी क्लर्जी

11:10

होगा। मेरा पोता भी क्लर्जी होगा। मेरा

11:12

परपोता भी क्लर्जी होगा। अब अगर मान लीजिए

11:15

मैं पीजेंट हूं तो मेरा बेटा भी पीजेंट

11:18

होगा। जो कष्ट मैंने अपनी जिंदगी सहा है।

11:20

मेरे बेटे को भी वो कष्ट सहना पड़ेगा। अगर

11:23

वो कोशिश करे कि वो पढ़ाई लिखाई करके

11:25

मेहनत करके वो सोसाइटी में ऊपर आ जाए। वो

11:27

नोबिलिटी या क्लर्जी बन जाए तो इट विल नॉट

11:29

पॉसिबल।

11:30

नेपोलियन ने कहा यह गलत है। मैं इसके

11:33

खिलाफ जाता हूं। और नेपोलियन ने यह

11:35

प्रिविलजेस बेस्ड ऑन बर्थ जो थे वो हटा

11:37

दिए। नेपोलियन ने कहा अब मैं इक्विटी

11:40

बिफोर लॉ लाऊंगा। यानी कि सबसे ऊपर लॉ

11:42

होगा। लॉ के सामने सब बराबर होंगे। चाहे

11:44

तुम क्लर्जी हो, चाहे तुम नोबिलिटी हो,

11:46

चाहे तुम पीजेंट्स हो। इससे पहले फ्रांस

11:49

में हर किसी के पास प्रॉपर्टी खरीदने का

11:51

अधिकार तक नहीं था। लेकिन नेपोलियन ने कहा

11:53

कि नहीं मैं सबको प्रॉपर्टी खरीदने का

11:55

अधिकार देता हूं। तुम बोलोगे सर नेपोलियन

11:58

तो बहुत बढ़िया आदमी निकला। यह पॉइंट तो

12:00

आपको नेपोलियन को देना पड़ेगा। बिल्कुल।

12:02

तो पहला पॉइंट हम लोग दे देते हैं

12:03

नेपोलियन को। इसके बाद नेपोलियन कहता था

12:07

कि मैं गिल्ड रिस्ट्रिक्शंस हटा दूंगा और

12:10

ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन सिस्टम पूरे

12:11

फ्रांस का सुधार दूंगा। सर ये गिल्ड

12:14

रिस्ट्रिक्शंस क्या होते हैं? दरअसल होता

12:16

ये था दोस्तों कि फ्रांस जो थी वो फ्रांस

12:19

पूरा का पूरा फ्रांस कई सारी गिल्ड कई

12:21

सारे टुकड़ों में बैठा हुआ रहता था। और हर

12:24

टुकड़े की अपनी गिल्ड होती थी। अपना एक

12:27

यूनियन हुआ करता था। फॉर एग्जांपल आपको

12:29

देखा मैंने फ्रांस के नौ टुकड़े कर दिए।

12:31

यह वन है, यह टू है, यह 3 4 5 6 7 8 9

12:36

अब फाइव वाला जो टुकड़ा होता था वहां के

12:39

जो ट्रेड यूनियन होते थे वो किसी और को

12:42

किसी और को फाइव में ट्रेड नहीं करने देते

12:45

थे। यानी कोई और अपना माल ना पांच में बेच

12:49

सकता था, ना पांच से कोई आदमी बाहर जाके

12:50

अपना माल बेच सकता था। इस तरीके की ट्रेड

12:52

यूनियन हुआ करते थे। इस तरीके की मोनोपोली

12:55

बना रखी थी कि यहां पर बिजनेस सिर्फ हम

12:58

करेंगे। यहां पर जो भी सेल होगा सिर्फ हम

12:59

बेचेंगे। ना कोई बाहर से अंदर आएगा ना कोई

13:01

अंदर से बाहर जाएगा। नेपोलियन ने कहा ये

13:04

गलत है। और मैं इस तरीके के गिल्ड

13:07

रेस्ट्रिकशंस को हटाता हूं। मैं पूरे के

13:09

पूरे फ्रांस को खोल के रख दूंगा। और अब

13:12

मैं पूरे फ्रांस में खोल के रख दूंगा।

13:13

बताओ कोई भी आदमी कहीं भी जाके बिनेस कर

13:15

सकता है। कहीं भी जाके ट्रेड कर सकता है।

13:17

कहीं भी जाके व्यापार कर सकता है। तो

13:20

नेपोलियन ने इस तरीके से गिल्ड

13:21

रेस्ट्रिकशंस को रिमूव करके रख दिया था।

13:24

इसके अलावा आप बोलोगे सर नेपोलियन ने तो

13:26

ये भी काम अच्छा किया। क्यों? मैं आपसे

13:29

पूछूंगा क्यों नापोलियन ने ये काम अच्छा

13:30

किया? तो इसका सिंपल सा आप जवाब दोगे कि

13:33

जब ये पूरा मार्केट खुल जाएगा तो आप यहां

13:36

पे रह रहे आदमी को अपना माल बेचने के लिए

13:38

ये आदमी भी कोशिश करेगा। ये आदमी भी कोशिश

13:40

करेगा। ये आदमी भी कोशिश करेगा और ये आदमी

13:42

भी कोशिश करेगा। तो जब ये आपस में सब लोग

13:46

कमपीट करेंगे इसको इंप्रेस करने के लिए,

13:48

इसको अपना गुड बेचने के लिए तो ना केवल

13:51

उनको अपने प्राइसेस कम करने पड़ेंगे। उनको

13:53

अपनी क्वालिटी भी सुधारनी पड़ेगी। इससे

13:56

फायदा होता है कंज्यूमर का। लेकिन जब

13:59

गिल्ड रेस्ट्रिकशंस लगे हुए थे तब सबको यह

14:01

बात पता थी कि हम कितना ही महंगा बेचे,

14:04

कितना ही घटिया माल बेचे इस फाइव नंबर के

14:06

आदमी के पास और कोई ऑप्शन ही नहीं है।

14:08

इसको हमारा माल खरीदना ही पड़ेगा।

14:11

नेपोलियन ने कहा कि नहीं यह गलत है।

14:13

कंज्यूमर का इसमें नुकसान हो रहा है। सर

14:16

नेपोलियों कोड का हमें तो सेकंड पॉइंट भी

14:18

अच्छा लगा। तो नेपोलियनिक कोड का सेकंड

14:19

पॉइंट भी अपन नेपोलियन को दे देते हैं।

14:21

बहुत ही अच्छी बात कर रहा है अभी तक ये।

14:24

तीसरा पॉइंट नेपोलियन ये कहता था कि मैं

14:26

पूरे देश में यूनिफॉर्म लॉस लेकर आऊंगा।

14:28

स्टैंडर्डाइज वेट करूंगा और मेजरमेंट और

14:30

कॉमन करेंसी लेकर आऊंगा।

14:33

इमेजिन करो इंडिया में आज 28 स्टेट्स हैं।

14:37

और हर स्टेट का अपना लॉ हो।

14:40

मध्य प्रदेश वाले बोले हम अपने हिसाब से

14:42

चलाएंगे। हमें जो करना है हम वो करेंगे।

14:44

उत्तर प्रदेश वाले बोले हमारे लॉज़ अलग

14:46

होंगे। आंध्र प्रदेश वाले बोले हमारे लॉज़

14:48

अलग होंगे। जम्मू कश्मीर वाले बोले हमारे

14:49

लॉज़ अलग होंगे। क्या ऐसे देश चल सकता है?

14:52

सेम यही हाल फ्रांस के थे। सबके अपने-अपने

14:55

लॉज़ चलते थे। नेपोलियन ने कहा ये नहीं हो

14:57

पाएगा। और नेपोलियन ने पूरे देश के अंदर

15:00

यूनिफॉर्म लॉज़ लेकर आ गया। इसके अलावा

15:03

पूरे देश में अलग-अलग वेट और मेज़मेंट हुआ

15:06

करता था। अब मैं आज से कुछ साल पहले तक

15:09

भोपाल में रहता था। मैं भोपाल से कुछ टाइम

15:11

पहले बोर गया। अब भोपाल में मैं किराने की

15:14

दुकान में जाता था। कहता था भैया 1 किलो

15:15

शक्कर दे दो वो दे देता था। बेंगलुरु में

15:18

जाके भी जब मैंने उससे कहा 1 किलो शक्कर

15:19

दे दो वो दे देता है। आज मैं उत्तर प्रदेश

15:21

में हूं। मैं उनसे कहता हूं भैया 1 किलो

15:23

शक्कर दे दो। भाई साहब यह भी दे देता है

15:25

क्योंकि पूरे देश के अंदर यूनिफॉर्म वेट

15:27

और मेज़रमेंट इस्तेमाल हो रहा है। मांस

15:30

मध्य प्रदेश में भी किलो में नापा जा रहा

15:32

है। कर्नाटका में भी किलो में नापा जा रहा

15:34

है और उत्तर प्रदेश में भी किलो में नापा

15:36

जा रहा है। पूरे देश में ऐसा नहीं कि कहीं

15:38

किलो में हो रहा है तो कहीं पाउंड में हो

15:40

रहा है। नहीं पूरे देश में यूनिफॉर्म वेट

15:41

और मेजरमेंट है। आज हमारे पूरे देश के

15:44

अंदर एक करेंसी चलती है इंडियन रूपी। सोचो

15:47

कर्नाटक में कुछ और चलती होती है। मध्य

15:49

प्रदेश में कुछ और चलती होती और उत्तर

15:50

प्रदेश में कुछ और चलती होती। तो नेपोलियन

15:54

ने कहा पूरे देश के अंदर यूनिफॉर्म लॉस

15:56

होंगे जो पूरे देश के अंदर होंगे।

15:58

यूनिफॉर्म वेट और मेजरमेंट होगा और कॉमन

16:00

करेंसी होगी जो सबको माननी पड़ेगी। सर ये

16:03

पॉइंट भी नेपोलियन का अच्छा है। तीन पॉइंट

16:05

जाते हैं सर नेपोलियन को टिंगडिंग।

16:08

चौथा पॉइंट नेपोलियन ने ये कहा कि मैं

16:10

फ्यूडल सिस्टम को हमारे देश से हटा रहा

16:13

हूं।

16:15

अब फ्यूडल सिस्टम का मतलब क्या होता है?

16:18

पूरे के पूरे फ्रांस की जो जमीन होती थी

16:21

जमीन क्या करते थे? जमीन सारी के सारे

16:24

नोबल्स के पास हुआ करती थी। ठीक है?

16:26

नोबल्स क्या करते थे? वो सारी की सारी

16:29

जमीन जो होती थी वो नाइट्स को बांट देते

16:31

थे। यानी कि योद्धाओं को बांट देते थे। और

16:34

योद्धा क्या करते थे? वो सारी की सारी

16:36

जमीन पीजेंट्स को बांट देते थे। यानी कि

16:38

किसानों को बांट देते थे। अब किसान जिसका

16:42

मेन काम है जमीन पर खेती करना। उसकी खुद

16:44

की वह जमीन नहीं हुआ करती थी। वह जमीन

16:48

उसको नाइट्स देते थे और नाइट्स को वह जमीन

16:50

नोबल देते थे। अब यह जो सिस्टम हुआ करता

16:53

था इसमें क्या होता था कि नोबल नाइट को का

16:55

जमीन देता था। नाइट पीज़ेंट को जमीन देता

16:57

था और ये जमीन का आदान-प्रदान होता था दो

16:59

चीजों के लिए। एक होती थी लॉयल्टी

17:05

और एक होता था रेवेन्यू।

17:10

लॉयल्टी और रेवेन्यू। इन दो चीजों के बदले

17:13

जमीन का आदानप्रदान होता था।

17:15

यानी कि नोबल अगर नाइट को जमीन देता था।

17:18

वह कहता था मैं आपसे दो चीजें डिमांड करता

17:19

हूं। लॉयल्टी और रेवेन्यू। यानी कल को अगर

17:22

जरूरत आ पड़ी तो आपको लॉयल्टी मुझे

17:24

प्रॉमिस करनी पड़ेगी। आप मेरे लिए लड़ोगे।

17:27

और साथ ही साथ जो ये जमीन मैं आपको दे रहा

17:29

हूं इससे जो भी आप पैसा कमाओगे उसका

17:31

रेवेन्यू में आप मुझे शेयर दोगे। और सेम

17:33

चीज इस नाइट पीज़ से डिमांड करता था

17:35

रॉयल्टी और रेवेन्यू। तो इस तरीके का फुडल

17:39

सिस्टम चला करता था पूरे के पूरे फ्रांस

17:41

में। नेपोलियन कहता था मैं इसके भी खिलाफ

17:43

हूं। साथ ही साथ पूरे के पूरे फ्रांस में

17:46

सर्फडोम का सिस्टम चला करता था। सरफडोम का

17:49

मतलब होता है बॉन्डेड लेबर। बॉनडेड लेबर।

17:55

दरअसल यूरोपियंस क्या करते थे? अफ्रीका

17:57

जाते थे। और अफ्रीका जाने के बाद ये क्या

18:00

करते थे? वहां जाते थे। और एक आदमी से

18:02

बोलते थे अरे यार तुम्हारे तो बहुत सारे

18:04

बच्चे हैं। तो वो अफ्रीका का आदमी जो जंगल

18:06

में रहता था वो कहता था हां मेरे तो बहुत

18:08

सारे बच्चे हैं यार। तो वो उससे कहते थे

18:10

कि एक काम करो आप यहां जंगल में रहते हो।

18:13

अब कुछ जंगली जानवर आ जाता है तो आप क्या

18:15

करते हो? तो बोले हुलाला हूं मैं यहां से

18:17

ऐसे निकालता हूं तीर कमान और चला देता

18:19

हूं। बोले अगर शेर आ जाएगा तो तीर कमान से

18:22

कैसे मरेगा? उन्होंने कहा हुला लाला हूं

18:24

बात तो तू सही कह रहा है। तो ये लोग क्या

18:27

करते थे? अपनी सड़ी गली पुरानी कबाड़ वाली

18:29

जो बंदूक होती थी वो उनको पकड़ा देते थे।

18:32

इतने तो ये बंदूक है। अब आपको कुछ नहीं

18:34

करना है। जैसे ही आपके सामने कोई वाइल्ड

18:36

एनिमल आया आपको बस ट्रिगर दबाना है और वो

18:38

फट के चार हो जाएगा। उन्होंने कहा उला

18:40

लाला यह तो बढ़िया चीज है। बोले बस इसके

18:43

बदले आपके जो ये 2530 लड़के हैं उनमें से

18:46

हमें 101 लड़के आप गिफ्ट कर दो। तो एक

18:49

खटारा सी बंदूक के बदले 15-20 लड़के ले

18:52

जाया जाते थे। अब इन लड़कों को अफ्रीका से

18:55

यूरोप ले जाया जाता था। और फिर इनसे

18:57

जबरदस्ती काम करवाया जाता था खेतों में,

19:00

घरों में, फैक्ट्रीज में, इंडस्ट्रीज में।

19:02

इनको सैलरी नहीं दी जाती थी। इनको वापस

19:04

जाने नहीं दिया जाता था। इनसे कहा जाता था

19:06

तुम्हारी कीमत हम तुम्हारे पिताजी को देकर

19:08

आए। अब जिंदगी भर के लिए तुम हमारे गुलाम

19:10

हो। दिस इज सर्फडोम।

19:12

नेपोलियन इसके भी खिलाफ था। तो नेपोलियन

19:15

ने यह सारी की सारी चीजें करी थी जिसे

19:17

नेपोलियोंनीिक कोड कहते थे। लेकिन एक चीज

19:19

और नेपोलियन ने करी थी जो आपको पांचवा

19:21

पॉइंट याद रखना है। नेपोलियन ने पूरे के

19:25

पूरे फ्रांस का एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम को

19:28

ठीक कर दिया था। वो कैसे? नेपोलियन ने

19:31

क्या करा? पूरे के पूरे फ्रांस को 130

19:35

डिपार्टमेंट्स में बांटा।

19:38

130 डिपार्टमेंट्स में बांटा। आप यहां पर

19:41

देख सकते हो। डिपार्टमेंट नंबर एक,

19:43

डिपार्टमेंट नंबर दो, डिपार्टमेंट नंबर

19:45

तीन, डिपार्टमेंट नंबर चार, डिपार्टमेंट

19:46

नंबर पांच। ऐसे करके पूरे के पूरे फ्रांस

19:50

को 130 डिपार्टमेंट में बांटा। और हर

19:53

डिपार्टमेंट के ऊपर एक मेयर बिठा दिया। तो

19:57

130 डिपार्टमेंट के 130 मेयर हो गए। इसके

20:00

बाद नेपोलियन ने क्या करा? डिपार्टमेंट्स

20:02

का ग्रुप बनाया। जैसे कि आप देख सकते हैं

20:04

ये दो डिपार्टमेंट का एक ग्रुप है। ये तीन

20:06

डिपार्टमेंट का एक ग्रुप है। ये चार

20:08

डिपार्टमेंट का एक ग्रुप है। और

20:10

डिपार्टमेंट का जो ग्रुप होता था उसके ऊपर

20:12

एक आदमी बिठाया जाता था जिसे कहा जाता था

20:14

सब प्रीफेट।

20:16

ऐसे करके देश में कई सारे सब प्रीफेक्ट हो

20:19

गए। और सारे सब प्रीफेट के ऊपर एक आदमी

20:22

बिठाया जाता था जिसे प्रीफेट कहा जाते थे

20:24

और प्रीफेट डायरेक्ट नेपोलियन को रिपोर्ट

20:27

किया करता था।

20:30

तो इस तरीके से फ्रांस को रूल करने के लिए

20:32

नेपोलियो ने इस तरीके से फ्रांस का

20:34

एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम बनाया जो कि बहुत

20:36

तगड़ा था। अब आप बोलोगे कि सर नेपोलियन ने

20:40

तो कितना तगड़ा काम किया। पांचों के

20:42

पांचों पॉइंट बहुत अच्छे थे। ये सब पढ़ के

20:45

आपके दिमाग में तो ये आएगा कि नेपोलियन तू

20:47

तो जेम मालूस निकला रे। क्या तेरे नाम का

20:49

मैं छाती पे टैटू बनवा लूं क्या? लेकिन

20:52

इतनी जल्दी नहीं।

20:54

नेपोलियन ने बहुत सारे अच्छे काम किए और

20:56

इस कारण लोगों नेपोलियन का स्वागत भी

20:58

किया, उसका सपोर्ट भी किया। लेकिन देखते

21:01

ही देखते जिन लोगों ने शुरुआत में

21:03

नेपोलियन का स्वागत किया था बाद में वही

21:05

नेपोलियन के अगेंस्ट हो गए। जिन लोगों ने

21:09

के आने पर बहारों फूल बरसाओ गाया था वही

21:11

नेपोलियन के ऊपर पत्थर बरसाने लगे। और ऐसा

21:13

क्या हुआ? यही हमें अब समझना है और ये

21:16

क्वेश्चन सीबीएसई आजकल पूछने लगी है। अगला

21:19

टॉपिक है कि व्हाट वर द लिमिटेशंस ऑफ

21:22

नेपोलियनिक कोड? तो सबसे पहला लिमिटेशंस

21:25

ये बनाया गया है कि नेपोलियन ने अपने

21:27

सिटीजंस को हैवली टैक्स करना शुरू कर दिया

21:29

था।

21:31

नेपोलियन कहता था कि मैं कॉन्स्टेंट वॉर

21:34

में हूं। मैं जंग लड़ रहा हूं। मैं फ्रांस

21:37

को और बड़ा करना चाहता हूं। मैं जर्म

21:38

क्रूशिया पे कब्जा करना चाहता हूं।

21:40

स्विट्जरलैंड पे कब्जा करना चाहता हूं।

21:41

ऑस्ट्रंगेरियन एंपायर पे कब्जा करना चाहता

21:43

हूं। वो चाहता था और फ्रांस और बड़ा हो

21:45

जाए जिसके लिए वो कास्टेंटली मिलिट्री

21:47

कैंपेनेंस किया किया करता था और नेपोलियन

21:51

अपने लोगों से कहता था कि मैं जो ये

21:53

मिलिट्री कैंपेन कर रहा हूं इसके लिए मुझे

21:55

पैसा चाहिए। उस पैसे से मैं गोला बारूद

21:58

हथियार खरीदूंगा और यह पैसा मैं आपके ऊपर

22:00

टैक्स लगा के वसूलूंगा। तो नेपोलियन ने

22:03

अपने लोगों के ऊपर हैवी टैक्स लगा दिए थे

22:05

जो लोगों को पसंद नहीं आ रहे थे। तीसरी

22:08

बात बताई गई है कि नेपोलियन स्ट्रिक्ट

22:10

सेंसरशिप रखता था।

22:12

कौन क्या बोल रहा है, क्या छप रहा है,

22:15

क्या सुना जा रहा है। नेपोलियन इस पर कड़ी

22:17

निगरानी रखता था। नेपोलियन ने ऐसे बहुत

22:20

सारे आर्मी के लोग सिविल में छोड़ रखे थे

22:22

ताकि अगर कोई नेपोलियन के खिलाफ कोई

22:24

षड्यंत्र भी रास्ता पाया जाता था या उसके

22:26

खिलाफ कोई बोलता भी पाया जाता था तो उसको

22:28

उठा के जेल में डाल दिया जाता था और कुछ

22:29

केस में तो मरवा भी दिया जाता था।

22:32

तीसरा पॉइंट बताया गया कि नेपोलियन यंग

22:34

मैन को जबरदस्ती कंपलसरी मिलिट्री सर्विस

22:38

के लिए फोर्स करता था।

22:41

वो कहता था मैं मिलिट्री कैंपेन कर रहा

22:43

हूं। अगर आपके घर में कोई लड़का है तो

22:45

उसको मेरी मिलिट्री के अंदर सर्व करना ही

22:47

पड़ेगा। चाहे कुछ भी हो जाए।

22:50

अब आप खुद बताइए कि ये सपना नेपोलियन का

22:52

था कि वो पूरी दुनिया पे कब्जा करना चाहता

22:54

था। लेकिन उसके सपने को साकार करने के लिए

22:56

मैं अपना इकलौता बेटा क्यों कुर्बान कर

22:58

दूं। लोग इस बात से परेशान थे। और लास्ट

23:02

बात बताई गई है कि किस तरीके से नेपोलियन

23:04

जो था वो धीमे-धीमे करके एक डिक्टेटर की

23:07

तरह बिहेव करने लगा था।

23:10

मैं आपको एक बहुत ही तगड़ा एग्जांपल देता

23:12

हूं नेपोलियन की चीज को समझाने के लिए।

23:14

मैंने आपसे पहले ही कहा था किताब में

23:16

मौजूद हर इंपॉर्टेंट चीज मैं आपको

23:17

बताऊंगा। आपकी एनसीआरटी के अंदर ये पिक्चर

23:20

दे रखी है। इस पिक्चर का टाइटल है द ट्री

23:23

ऑफ लिबर्टी।

23:26

नेपोलियन। आप यहां पर देख सकते हैं जितने

23:28

भी दिख रहे हैं आपको तीन कलर की यूनिफार्म

23:30

पहने हुए ब्लू, वाइट और रेड कलर की ये

23:33

फ्रेंच सोल्जर्स हैं। नेपोलियन अपने

23:37

सोल्जर्स के साथ पड़ोस के इलाकों पे कब्जा

23:39

करता था। जब ये वहां जाते थे तो वहां के

23:43

लोग इनका खूब स्वागत करते थे। इनके ऊपर

23:45

फूल बरसाया जाता था। इनको अपने घरों में

23:46

बुलाया जाता था। इनको खाना खिलाया जाता

23:48

था। नेपोलियन भी जब वहां जाते थे तो वहां

23:51

पे वो ट्री ऑफ लिबर्टी की तरह अपने आप लगा

23:54

दिया जाता था। का कहते थे हम आपके

23:56

लिबरेटर्स हैं। हम आपको आजादी दिलाने आए

23:58

हैं। आपके राजा आपके तानाशाह के खिलाफ हम

24:00

आपको निकाल के ले जाएंगे। लेकिन बहुत

24:04

जल्दी नेपोलियन के जो सोल्जर्स थे वो अपना

24:07

डिसिप्लिन खो जाते थे। जैसे ही अपने कुछ

24:10

सोल्जर्स को नेपोलियन छोड़ के आगे बढ़

24:12

जाता था दूसरे इलाके पे कब्जा करने के लिए

24:14

तो नेपोलियन जिन सोल्जर्स को पीछे छोड़

24:16

जाता था। कई बार वो डिसीजंस अब वो अपना

24:18

डिसिप्लिन खो देते थे। किस तरीके से इस

24:21

पिक्चर में दिखाया गया है कि किस तरीके से

24:23

किसानों के ठेलों को वो लोग सीज कर लिया

24:26

करते थे। उनके माल को कब्जे में ले लिया

24:28

करते थे। किस तरीके से जिस इलाके में वो

24:31

जाते थे वहां की यंग वूमेन को हैरेस किया

24:33

करते थे। कई केसेस में उनको बैक टच किया

24:35

करते थे और कई तो रेप के भी किस्से सामने

24:38

आए थे। किस तरीके से ये लोग क्या करते थे?

24:41

लोगों को जबरदस्ती उनके घुटनों पर टिका

24:43

देते थे और कहते थे हमें इज्जत दो। हमें

24:46

इज्जत दो। अब हम तुम्हारे माई बाप हैं। हम

24:48

जो बोलेंगे तुमको वो करना पड़ेगा।

24:52

तो जैसा कि आपने देखा कि सरकाज्म दिखाया

24:54

गया है। ये एक सरकाज्म दिखाया गया है कि

24:57

किस तरीके से कहने को अपने आप को जो

24:59

लिबरेटर्स कहा करते थे वो किस तरीके से आम

25:02

पब्लिक के ऊपर जुल्म ढाया करते थे।

25:07

इन सब चीजों के बीच में नेपोलियो ने कुछ

25:09

ऐसा किया जो उसके कॉफिन की लास्ट नील

25:12

साबित हुई। मैं बात कर रहा हूं दोस्तों

25:14

बैटल ऑफ लिप्सिक की। बैटल ऑफ लिप्सिक 1813

25:18

में लड़ा गया था। आइए इसको मैं थोड़ा सा

25:20

आप लोग को डिटेल में बताता हूं। नेपोलियन

25:23

ने क्या किया? नेपोलियन यहां पर था।

25:25

नेपोलियन का ये देश है जिसका नाम है

25:27

दोस्तों फ्रांस।

25:29

यहां पर एक देश था जिसका नाम था रशिया।

25:33

फ्रांस और रशिया के बीच में एक जगह पड़ती

25:36

थी जिसे कहा जाता था पुरुशिया।

25:38

अब आप इससे पहले बोलोगे ऐ चश्मेश पुरुषिया

25:41

कौन सी जगह है? दोस्तों आज जिसे आप जर्मनी

25:44

कहते हो वंस अपॉन अ टाइम उसे पूशिया कहा

25:47

जाता था। अब नेपोलियन चाहता था सब इलाके

25:51

पर कब्जा करना। तो नेपोलियन ने क्या किया

25:54

दोस्तों? नेपोलियन अपने फ्रांस से निकला

25:56

और फ्रांस से होता हुआ ये पुरुशिया में

25:57

गया और पुरुशिया के बाद ये रशिया में गया।

26:01

तो जब नेपोलियन ये सब कर रहा था जब

26:03

नेपोलियन आगे जाता जा रहा था तो जितने भी

26:06

आसपोस के देश थे वो नेपोलियन से चिढ़ने

26:08

लगे थे। ये क्या बात हुई? यह कैसे हमारे

26:12

इलाकों में कब्जा कर सकता है? यह कैसे

26:13

पड़ोस के देशों के ऊपर कब्जा करता जा रहा

26:15

है? तो नेपोलियन के खिलाफ चार कंट्रीज ने

26:19

मिलके एक ग्रुप बनाया और उस ग्रुप का नाम

26:21

था सिक्स्थ कोिशन।

26:23

इस सिक्स्थ कोशन के अंदर चार कंट्रीज थी।

26:26

ऑस्ट्रिया, स्वीडन, पुरुशिया, रशिया। इसको

26:28

याद रखने की ट्रिक है एएसपीआर।

26:32

कौन सा प्यार? एएसपीआर। ऑस्ट्रिया,

26:35

स्वीडन, पुरुशिया, रशिया। इन्होंने कहा कि

26:38

इससे पहले नेपोलियन हमारे इलाके पर कब्जा

26:41

करे। हमारी कंट्री पर कब्जा करे। हम सबको

26:43

एक हो जाना चाहिए। ग्रुप बना लेना चाहिए।

26:45

सिक्स्थ कोिशन और हमें नेपोलियन के खिलाफ

26:48

जंग लड़नी चाहिए।

26:50

तो इन लोगों ने क्या किया? नेपोलियन के

26:52

खिलाफ जंग लड़ी। जहां एक तरफ एएसपीआर था

26:54

वहीं दूसरी तरफ अकेला नेपोलियन था।

26:58

अब नेपोलियन इतना ज्यादा कॉन्फिडेंट था कि

27:01

नेपोलियन ने पहले पुरुषिया पे कब्जा किया

27:03

और पुरुषिया के बाद ये रशिया चला गया।

27:06

अब यही इसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई

27:09

क्योंकि रशिया बहुत बड़ा देश था। रशिया ने

27:12

कुछ ऐसी चीजें करी जिसके कारण नेपोलियन

27:15

बहुत रह गया। तो सबसे पहले तो रशिया ने

27:18

क्या किया कि जैसे-जैसे नेपोलियन और उसकी

27:21

आर्मी आगे जाती जा रही थी। रशिया वाले

27:23

पीछे होते जा रहे थे। नेपोलियन आगे आता

27:26

रशिया वाले पीछे हो जाते। नेपोलियन आगे

27:27

आता रशिया वाले पीछे हो जाते। नेपोलियन और

27:30

उसकी आर्मी को लगा अरे यह तो डरपोक निकले।

27:33

सरेंडर कर रहे हैं।

27:36

लेकिन उनको क्या पता था कि वह एक ट्रैप

27:38

में फंसते जा रहे थे। क्योंकि जब रशिया के

27:40

लोग पीछे रिट्रीट करते जा रहे थे तो वह

27:43

कुएं पानी के कुएं के अंदर जहर मिला देते

27:46

थे। फसलों को जला दिया करते थे। घरों को

27:48

तोड़ दिया करते थे। इसे कहा जाता था

27:51

स्कॉज्ड अर्थ स्ट्रेटजी।

27:54

इससे क्या होता था? जब नेपोलियन की आर्मी

27:56

आगे जाती थी तो उनके पास पीने का पानी

27:58

नहीं होता था। खाने को खाना नहीं होता था

28:00

और ठंड में बचने के लिए सर पर छत नहीं हुआ

28:02

करती थी। और वो रशिया के ट्रैप में फंसते

28:06

चले गए। साथ ही साथ एएसपीआर नाम का जो

28:09

सिक्स्थ कोशन था इनके पास 1 लाख सोल्जर्स

28:13

नेपोलियन से ज्यादा थे।

28:16

तीसरा पॉइंट आप ये भी कह सकते हो कि

28:17

जैसे-जैसे फ्रांस आगे बढ़ता जा रहा था इन

28:20

लोगों ने उसको ट्रैप करने का कोशिश किया

28:22

और आगे एक टाइम पे ऐसा आया जब उन्होंने

28:24

फ्रांस के ऊपर नेपोलियन के ऊपर उसकी आर्मी

28:26

के ऊपर चारों डायरेक्शन से हमला किया।

28:29

नॉर्थ साउथ ईस्ट वेस्ट। और लास्ट चौथा

28:32

रीजन नेपोलियन के हारने का यह था कि

28:34

नेपोलियन के जो एलई थे जो सेक्सन सोल्जर्स

28:38

हुआ करते थे उन्होंने लास्ट में नेपोलियन

28:41

को धोखा दे दिया। इन चार रीज़न के कारण

28:45

नेपोलियन बैटल ऑफ लिप्सिक हार गया। और जब

28:48

नेपोलियन बैटल ऑफ लिप्सिक हार गया तो वो

28:50

पीछे-पीछे धीमे-धीमे करके रिट्रीट कर रहा

28:52

था। उसी टाइम पे पुरुशिया में एक जगह थी

28:55

जिसका नाम था लिप्सिक। पुरुशिया में एक

28:57

जगह थी जिसका नाम था लिब्सिक।

29:00

इन चारों कंट्रीज ने यानी ऑस्ट्रिया,

29:02

स्वीडन, क्रूशिया, रशिया नेपोलियन को

29:04

लिप्सिक में घेरा और नेपोलियन को यहां पे

29:07

हरा दिया। लेकिन क्या आपको जानते हैं कि

29:10

सिक्स्थ कोशन ने यानी एएसपीआर नेपोलियन को

29:13

बैटल ऑफ लिप्सिक हरा जरूर दिया लेकिन उसको

29:16

मारा नहीं। क्यों? जानते हो? उन्होंने

29:20

नेपोलियन को उठा के एग्जाइल पे एल्बा नाम

29:22

के एक आइलैंड पे भेज दिया। इसका एक रीज़

29:26

था। दरअसल किसी भी बड़े नेता का या किसी

29:30

भी बड़े सोल्जर्स का या किसी भी बड़े

29:32

आर्मी जनरल का बहुत बड़ा फैन बेस हुआ करता

29:35

था। अगर आप उसको मार दोगे तो उसके

29:39

सपोर्टर्स आज नहीं तो कल उसकी मौत का बदला

29:42

लेने आएंगे। तो ये एक तरीका होता था कि

29:44

देखो हमने आपके नेता को हमने आपके लीडर को

29:46

हरा जरूर दिया लेकिन मारा नहीं। क्योंकि

29:49

हम यह कहना चाहते हैं कि आपने जो किया वो

29:51

गलत था। लेकिन हम आपको एक और मौका दे रहे

29:53

हैं। नेपोलियन को हराने के बाद उन्होंने

29:55

एग्जाइल पे भेज दिया एल्बा नाम के आइलैंड

29:58

पे। आपकी एनसीआरटी के अंदर एक और बहुत

30:00

प्यारी फोटो है जिसमें बताया गया है कि

30:02

किस तरीके से नेपोलियन जब बैटल ऑफ लिप्सिक

30:05

हारने के बाद वापस आ रहा था तो उसके क्या

30:07

हाल थे।

30:09

यहां पर नेपोलियन को एक पोस्टमैन की तरह

30:11

दिखाया गया है। और इस पोस्टमैन के बैक से

30:14

निकलता हुआ हर लेटर एक कंट्री को

30:16

रिप्रेजेंट कर रहा है। और यह बता रहा है

30:18

कि जैसे-जैसे नेपोलियन वापस जाता जा रहा

30:20

था वो सारी कंट्रीज जिस पे इसने कब्जा

30:23

किया था कभी ना कभी वो इसके कंट्रोल से

30:26

इसके झोले से छूटती जा रही थी। तो ये

30:29

पेंटिंग ये बताती है दोस्तों आप लोग को।

30:31

अब नेपोलियन एल्बा भेज दिया गया। लेकिन जब

30:35

नेपोलियन को एलबा भेज दिया गया तो

30:37

नेपोलियन ने क्या करा? 10 महीने के अंदर

30:39

ही एल्बा से नेपोलियन एस्केप कर गया।

30:43

जिन सोल्जर्स को उस आइलैंड पे नेपोलियन को

30:46

कैदी बनाए रखने के लिए रखा गया था।

30:48

नेपोलियन ने उनको इन्फ्लुएंस किया और उनसे

30:51

बोला क्या तुम पागल हो? मैं नेपोलियन बोना

30:53

पार्थ हूं। मैं वो हूं जिसने फ्रांस को

30:56

इतनी ग्लोरी दिलाई। मैं वो हूं जिसने

30:58

फ्रांस को इतनी जंग जिताई। तुम मुझे कैदी

31:01

बना के रखोगे। मुझे प्रिजनर बना के रखोगे।

31:05

और वह सारे लोग नेपोलियन के साथ हो गए। 10

31:09

महीने के अंदर बैटल ऑफ लिप्जी खाने के 10

31:11

महीने बाद ही नेपोलियन एल्बा से भाग खड़ा

31:14

हुआ। लेकिन नेपोलियन इधर-उधर नहीं जाने

31:17

वाला था। वो अपनी गद्दी को अपनी छीनी गई

31:20

गद्दी को वापस लेने जा रहा था। नेपोलियन

31:23

गया पेरिस। और जैसे ही नेपोलियन पेरिस गया

31:27

जो सोल्जर्स और आए थे नेपोलियन से लड़ने

31:29

के लिए नेपोलियन ने उनको भी अपने अंडर में

31:31

ले लिया। और इसने धीमे से फ्रांस पर वापस

31:33

से कब्जा कर लिया। और फिर शुरू होता है

31:36

100 डेज रूल का। क्योंकि जब नेपोलियन वापस

31:40

गया तो उसने एग्जैक्ट 100 दिन तक रूल किया

31:43

था।

31:44

अब भाई जो लोग पुराने लोग थे जिन्होंने

31:46

पहले नेपोलियन को हराया था वो चिढ़ गए।

31:48

उन्होंने कहा यार ये क्या बात हुई? अभी

31:50

बैटल ऑफ लिप्सिक में हराया था हमने।

31:52

सिक्स्थ कोशन वर्सेस नेपोलियन। ऑस्ट्रिया,

31:54

स्वीडन, पुरुशिया, रशिया वर्सेस नेपोलियन।

31:56

इतनी मुश्किल से हराया। यह वापस आ गया

31:58

ठुमकता ठुमकता। तो इन्होंने कहा ठीक है

32:01

फिर से लड़ा देंगे इस बार 1815 में बैटल

32:05

होना था बैटल का नाम था बैटल ऑफ वाटर लू

32:08

लेकिन इस बार एक चेंज था आप सभी बच्चों को

32:11

पता होगा कि जो पिछला बैटल था उसमें

32:13

एएसपीआर

32:14

था ऑस्ट्रिया स्वीडन प्रश प्रूशिया रशिया

32:18

इस बार स्वीडन ने कहा कि हमारा इस वॉर से

32:22

कोई लेना देना नहीं है हम यह वॉर नहीं

32:25

लड़ेंगे हमारा हो गया और स्वीडन इस वॉर से

32:28

हार गया हट

32:30

ब्रिटेन हट गया लेकिन ब्रिटेन आ गया उसकी

32:33

जगह ए बी पी आर ब्रिटेन ने कहा कि यार

32:37

हमें नेपोलियन से बदला लेना है आज नहीं तो

32:39

कल हमें शक है नेपोलियन हम पे हमला कर

32:41

देगा तो इस बार स्वीडन की जगह ब्रिटेन आ

32:44

गया तो जैसा कि मैंने आपको बताया एक तरफ

32:48

थे एबीपीआर ऑस्ट्रिया ब्रिटेन पुरुशिया

32:51

रशिया वहीं दूसरी तरफ था नेपोलियन अकेला

32:58

होना क्या था। इस बार भी नेपोलियन हारने

33:00

वाला था। भाई एबीपिया ने दौड़ा-दौड़ा के

33:03

नेपोलियन को मारा। नेपोलियन के ऊपर कंबल

33:05

डाल डाल के नेपोलियन को मारा गया। बैटल ऑफ

33:09

वाटर लू भी नेपोलियन हार गए। लेकिन इस बार

33:12

ये जो पोलशन था इस बार जो ये टीम थी

33:14

इन्होंने वो गलती नहीं करी जो नेपोलियन से

33:16

पिछली बार हो गई थी। इन्होंने कहा इस बार

33:19

तेरे को बेटा एग्जाइल पे तो भेजेंगे।

33:21

लेकिन इस बार एग्जाइल पे भेजने से पहले

33:24

तेरे साथ हम एक ट्रीटी साइन कराएंगे जिसका

33:26

नाम है ट्रीटी ऑफ वियना।

33:29

क्योंकि तुम बड़े बदमाश हो। इससे पहले

33:31

तेरे को ट्रीटी ऑफ तेरे को एलबा भेजा था।

33:34

वहां से तू भाग खड़ा हुआ। इस बार

33:36

एग्रीमेंट साइन करके जा तू भाई। नहीं तो

33:38

फिर तुम वापस आ गए तो। अब दरअसल जैसा कि

33:41

मैंने आपको बताया कि इस बार नेपोलियन को

33:44

बैटल ऑफ बॉटल में ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन,

33:46

पुरुशिया और रशिया ने हराया था।

33:50

इनमें से ऑस्ट्रिया नाम का जो देश है,

33:53

इसकी कैपिटल थी। इसकी कैपिटल का नाम है

33:56

वियनाम। इसकी कैपिटल का नाम है वियना।

34:01

और क्योंकि यह वाली ट्रीटी ऑस्ट्रिया की

34:04

कैपिटल वियना में साइन करी गई थी। इसका

34:06

इसलिए नाम था ट्रीटी ऑफ़ वियना।

34:09

सोचो अगर ये ट्रीटी उत्तर प्रदेश की

34:11

कैपिटल लखनऊ में साइन करी होती तो इसका

34:13

नाम हो जाता ट्रीटी ऑफ़ लखनऊ। अब ट्रीटी ऑफ़

34:16

वियना में क्या किया गया? एक राउंड टेबल

34:18

लगाई गई।

34:20

इस राउंड टेबल में सबसे पहले एक तरफ बैठे

34:22

ड्यूक मैटरनिच जो ऑस्ट्रिया के जो

34:25

ऑस्ट्रिया के चांसलर हुआ करते थे। आप

34:28

बोलोगे चांसलर क्या होता है? जैसे हमारे

34:31

देश में एक पोस्ट होती है प्रेसिडेंट की

34:33

वैसे ही ऑस्ट्रिया और जर्मनी जैसे देश में

34:36

एक पोस्ट होती है उसे कहते हैं चांसलर।

34:39

तो ऑस्ट्रिया का चांसलर था ड्यूक मैटरनिच।

34:41

और क्योंकि ये ये ट्रीटी साइन करवा रहा

34:43

था। इसके देश में इसके शहर में हो रही थी।

34:45

तो बीचों-बीच में ये बैठ गया। एक तरफ

34:49

नेपोलियन को बिठाया गया और दूसरी तरफ

34:51

ब्रिटेन, क्रूशिया और रशिया के लोगों को

34:52

बिठाया गया। अब आप इमेजिन करिए यहां पर

34:55

ड्यूक मैटरनिज बैठे हुए हैं। चांसलर ऑफ

34:58

ऑस्ट्रिया। इधर नेपोलियन बैठे हुए हैं और

35:00

इधर ब्रिटेन, पुरुष और रशिया वाले बैठे

35:02

हुए हैं। अब नेपोलियन कह रहा है हां हार

35:04

गया बैटल ऑफ़ व्हाट लू। बताओ क्या साइन

35:06

करना है? इन्होंने कहा ट्रीटी ऑफ वियना का

35:09

पहला पॉइंट यह है

35:12

कि जो बोर्बन डायनेस्टी याद करो लुईस 16

35:16

जिस डायनेस्टी से था जो बोर्बन डायनेस्टी

35:19

को फ्रांस से हटाया गया है उसी बोर्बन

35:22

डायनेस्टी को वापस से रिस्टोर किया जाएगा।

35:26

अब तुम बोलोगे रिस्टोर

35:28

क्या लुईस 16 को मारा नहीं गया था?

35:30

बिल्कुल मारा गया था। लेकिन पूरे खानदान

35:33

को थोड़ी मार दिया था। लुईस 16 को मार

35:36

दिया। उसकी वाइफ मैरी एंथोइनथ को मार

35:37

दिया। लेकिन कोई तो बचा होगा बोर्बन

35:39

डायनेस्टी का। तो ये एबीपीआर वालों ने

35:42

सबसे पहला पॉइंट ट्रीटी ऑफ़ वियना का ये

35:45

कहा कि हम बोर्बन डायनेस्टी को वापस से

35:47

पावर में ला रहे हैं। अब तुम बोलोगे

35:50

एबीपीआर वालों को बोर्बन डायनेस्टी से

35:52

क्या प्यार था? दरअसल ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन,

35:56

क्रूशिया, रशिया में भी मोनार्क्स रहा

35:58

करते थे। कोई राजा या रानी रहा करते थे।

36:01

और यह चाहते थे कि फ्रांस में भी कोई

36:03

मोनार्क यानी कोई राजा या रानी रहे। तब

36:06

लोग डेमोक्रेसी की डिमांड नहीं करेंगे।

36:09

इसलिए इन्होंने बोर्बन डायनेस्टी को

36:11

रिस्टोर कर दिया और बोरबन डायनेस्टी के

36:12

राजा लुईस 18 को फ्रांस का नया राजा बना

36:16

दिया।

36:18

सेकंड पॉइंट बताया गया है कि अंडर

36:20

नेपोलियन बोनापार्थ फ्रांस ने जितनी भी

36:22

टेरिटरी पे कब्जा किया था। चाहे वो

36:24

स्विट्जरलैंड की हो, चाहे पुरुशिया की हो,

36:26

चाहे ऑस्ट्रिया की हो, चाहे ब्रिटेन की

36:27

हो, चाहे रशिया की हो। फ्रांस को वो सारी

36:30

की सारी टेरिटरीज वापस देनी पड़ी।

36:34

तीसरा पॉइंट ये बनाया गया है कि फ्रांस के

36:36

आसपास कई सारे स्टेट सेटअप किए। यानी कि

36:40

मान लेते हैं कि ये फ्रांस है। ये फ्रांस

36:42

है।

36:45

और फ्रांस के ऊपर चले जाए तो यहां पर मान

36:47

लेते हैं नीदरलैंड्स है।

36:50

यहां पर मान लेते हैं पुरुशिया है।

36:54

तो इन्होंने क्या किया? फ्रांस के आसपास

36:56

कई सारे छोटे-छोटे स्टेट्स बना दिए।

37:00

फ्रांस के आसपास कई सारे छोटे-छोटे

37:02

स्टेट्स बना दिए

37:05

ताकि कल को वापस से फ्रांस में कोई सरफिरा

37:08

आदमी आ जाए और उसके सर पर क्रांति चढ़

37:10

जाए। तो जब वो फ्रांस से निकल के

37:13

लेदरलैंड्स कब्जा करने जाएगा तो पहले उसको

37:15

यह इलाके पे कब्जा करना पड़ेगा। ये इलाके

37:18

पे कब्जा करना पड़ेगा। तब तक नेदरलैंड्स

37:21

वाले अपनी डिफेंस को मजबूत कर लेंगे और

37:23

प्रिपयर्ड हो जाएंगे। तो फ्रांस के आसपास

37:26

कई सारे स्टेट सेटअप करे गए ताकि कल को

37:29

वापस से कोई नेपोलियन जैसा सरफिरा आ जाए

37:32

तो वो उससे बचने तक के लिए प्रिपेयर हो

37:34

सके। उनको टाइम मिल सके। इसके अलावा चौथा

37:37

पॉइंट ये बताया गया है कि किस तरीके से

37:40

चौथे पॉइंट को जरा ध्यान से समझिएगा। मैं

37:42

चौथे पॉइंट को आप लोगों को नेक्स्ट स्लाइड

37:43

में बताना चाहूंगा। तो थोड़ा सा ये डिटेल

37:45

में समझने वाला पॉइंट है। चौथे पॉइंट में

37:48

ये बताया गया कि अगर आप यहां पे देखें

37:51

यहां पर आपके सामने फ्रांस है।

37:54

ठीक है?

37:56

फ्रांस के आप ऊपर चले जाइए तो यहां पे

37:59

नॉर्थ है और फ्रांस के अगर आप नीचे आ जाइए

38:01

तो यहां पे साउथ है। ठीक है? फ्रांस के

38:04

नॉर्थ में नीदरलैंड्स को फ्रांस के नॉर्थ

38:09

में नेदरलैंड्स नाम का एक किंगडम था।

38:12

इन लोगों को बेल्जियम नाम की कंट्री

38:16

बेल्जियम नाम की कंट्री गिफ्ट कर दी गई।

38:20

ट्रीटी ऑफ वियना में फ्रांस ने से

38:23

बेल्जियम लिया और नीदरलैंड्स को गिफ्ट कर

38:26

दिया।

38:28

यही नहीं साउथ की बात करें तो साउथ में

38:31

बताया गया है कि किस तरीके से जेनेवा वाज़

38:33

एडेड टू पिडमोंट। यानी कि साउथ में पिडम

38:38

वाले इलाके में

38:40

जेनोवा गिफ्ट कर दिया।

38:45

भाई फ्रांस से कोई कंट्री से कोई फ्रांस

38:47

से कोई चीज निकाली तो उसको आजाद करने की

38:50

जगह गिफ्ट कर रहे हैं ये लोग। नीदरलैंड्स

38:52

को बेल्जियम दे दिया। पिडमंड को जेनोवा दे

38:55

दिया।

38:57

और मैं एक इतना गरीब हूं कि मेरा बर्थडे

38:59

में कोई मुझे ₹50 का लिफाफा ना दे रहा है।

39:02

और यहां पर कंट्रीियां गिफ्ट हो रही हैं।

39:05

तो यह भी ट्रीटी ऑफ वियना के अंदर देखा

39:08

गया।

39:09

यह पॉइंट बहुत इंपॉर्टेंट है। यह आगे जाके

39:12

इस्तेमाल होगा। इसलिए ये वाले पॉइंट को

39:14

याद रखिएगा कि किस तरीके से नीदरलैंड्स को

39:16

बेल्जियम गिफ्ट कर दिया गया।

39:19

इसके बाद बताया गया है कि किस तरीके से एक

39:22

चीज जो नेपोलियन ने करी थी वो नहीं छेड़ी

39:25

गई। नेपोलियन ने 39 जर्मन फेडरेशन का एक

39:28

ग्रुप बनाया था। दरअसल क्या हुआ था? ऐसे

39:32

छोटे-छोटे छोटे-छोटे 39 स्टेट्स हुआ करते

39:35

थे। लापोलियन ने ये 39 स्टेट्स को मिला के

39:38

एक जर्मन फेडरेशन बनाया। जानते हो क्यों?

39:42

अब 39 फेड स्टेट्स में 39 लोग होंगे तो

39:46

पता नहीं कल किसका दिमाग फट जाए। कल पता

39:48

नहीं किसके दिमाग में क्रांति छा जाए और

39:50

वो बाकियों पे कब्जा कर दे, फ्रांस पे

39:52

कब्जा कर दे। तो नपोलियन ने कहा 39 लोगों

39:55

को मॉनिटर करना। कंट्रोल करने से अच्छा है

39:58

इन 39 के ऊपर एक आदमी बिठा दो। उसको

40:01

कंट्रोल करो। तो जो ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन,

40:04

पुरुशिया, रशिया जिन्होंने ये बैटल जीता

40:06

था उन्होंने सब कुछ अनडू कर दिया लेकिन ये

40:08

अनडू नहीं किया क्योंकि उनको भी लगता था

40:10

ये बात तो सही है। 39 लोगों को कंट्रोल

40:13

करने से अच्छा है एक आदमी को कंट्रोल करो।

40:15

तो इसलिए उन्होंने इस चीज को कोई भी किसी

40:17

ने नहीं छेड़ा। ये थी आपकी ट्रीटी ऑफ़

40:19

वियना जो आपको अगला क्वेश्चन पांच नंबर के

40:22

लिए पूछा जाएगा।

40:24

यानी इस चैप्टर से अभी तक मैंने तुम्हें

40:26

तीन क्वेश्चन बता दिए जो एग्जाम में पूछे

40:27

जा सकते हैं। एक फ्रांस के लोगों ने सेंस

40:31

ऑफ कलेक्टिव बिलॉन्गिंग के लिए क्या-क्या

40:33

किया? दूसरा नेपोलियोनिक कोड क्या है? और

40:37

तीसरा ट्रीटी ऑफ़ वियना के पांच पॉइंट

40:39

बताइए। ये पांच तीन ये तीन क्वेश्चन जो

40:43

हैं ये चारप नंबर के एग्जाम में पूछे जाते

40:45

हैं। इसलिए आपको इनको रट के चलना है। डन

40:47

हो गई बात। लेकिन फ्रांस में जो ये हुआ था

40:50

उससे सब लोग खुश नहीं थे। फ्रांस में जो

40:53

यह हुआ था उससे सब लोग खुश नहीं थे। यह जो

40:56

रिवोल्यूशनरीज थे इनको लगता था यह क्या

40:58

बात हुई? बड़ी मुश्किल से लुईस को हटाया

41:00

रोबिस पेरी आ गया। रोबिस पेरी को हटाया

41:03

डायरेक्टरी आ गई। डायरेक्टरी को हटाया

41:04

नेपोलियन आ गया। अब नेपोलियन को हटाया तो

41:06

वापस से बोर्बन डायनेस्टी आ गई। यानी ये

41:09

तो हम घूम के स्क्वायर वन हो गए हैं। जहां

41:12

से निकले थे वापस से वहीं आ गए हैं। तो

41:14

इतने आंदोलन का इतने लोगों की मौत का इतने

41:17

लोगों की शहादत का क्या मतलब रहा? तो ये

41:20

जो बहुत सारे रिवोल्यूशनरीज थे वो इस बात

41:22

से चिड़े हुए थे। लेकिन उनको यह बात भी पता

41:25

थी कि जो यह नई नवेली सरकार बनी है ये

41:28

लुईस 18 की नई नवेली जो सरकार बनी है वापस

41:31

से बोर्बन डायनेस्टी की वो इन

41:33

कंजर्वेटिव्स को बिल्कुल पसंद नहीं करती

41:35

है। वो इन रिवोल्यूशनरीज को बिल्कुल पसंद

41:38

नहीं करती। क्योंकि इन्हीं रिवोल्यूशनरीज

41:40

के कारण ही सबसे पहले बोर्बन डायनेस्टी को

41:43

हटाया गया था। लुईस 16 को हटाया गया था।

41:47

तो यहां पर यही बताया गया है कि सबसे पहले

41:49

तो इन लोगों को यह डर था कि हमें कोई

41:51

सप्रेस ना कर दे। यह लुईस 18 यह जो

41:54

नया-नया राजा बना है ये वारन डायनेस्टी जो

41:56

नई-नई पावर में आई है ये सबसे पहले हमें

41:58

उठा के जेल में डालेगी तो ये सब के सब

42:00

अंडर ग्राउंड हो गए। इन्होंने अंडरग्राउंड

42:03

होने के बाद कई सारे सीक्रेट ग्रुप्स

42:05

बनाए। जिसमें ये अपने जैसे लोगों को

42:08

ट्रेनिंग देते थे। लोगों को भड़काते थे।

42:12

चलो फिर एक हो जाओ। फिर एक बार क्रांति

42:14

करते हैं। पहले हरा चुके हैं। एक बार फिर

42:16

हराएंगे इन लोगों को। तो इन लोगों ने कई

42:19

सारे लोगों को ट्रेन किया। कई सारे लोगों

42:21

के साथ अपने आइडिया शेयर किए।

42:25

लिबरल नेशनलिस्ट अपोज मोनार्की फॉर्म। और

42:27

ये सब के सब जो थे इनका सिर्फ एक टारगेट

42:29

था कि हमें राजा रानी नहीं चाहिए। हमें

42:32

हटाना पड़ेगा। लुईस एटीन को हमें हटाना

42:34

पड़ेगा। ये लोग लिबर्टी ऑफ़ फ्रीडम के लिए

42:36

लड़ते थे। इनको आजादी चाहिए थी।

42:40

तो ऑब्वियस सी बात है जो एक रिवोल्यूशनरी

42:42

जब इकट्ठा होंगे तो आज नहीं तो कल कोई

42:46

क्रांति तो आएगी। आज नहीं तो कल कोई ना

42:49

कोई लड़ाई तो होगी। और आपको ये

42:52

रिवॉल्यूशनरीज के आने के बाद तीन रिवॉलशंस

42:54

को याद रखना है। सबसे पहला रिवॉल्यूशन

42:57

जुलाई में हुआ था। जुलाई 1830 फ्रांस में।

43:01

इसमें क्या हुआ? इसमें यह हुआ कि लुई

43:04

फिलिप नाम का एक आदमी था जो खुद बोर्बन

43:08

डायनेस्टी से बिलोंग करता था। यह लुई

43:10

फिलिप गया रिवोल्यूशनरीज के पास और इसने

43:13

जाके बोला हेलो मुझे आप लोगों से बात करनी

43:16

है। रिवोल्यूशनरी ने कहा अरे ये तो बोरन

43:18

डायनेस्टी का आदमी है। अरे ये तो लुई

43:20

फिलिप है। अरे इसका भाई तो राजा बना हुआ

43:22

है। इसको मारो। ये अपनी कंप्लेंट कर देगा।

43:24

हम लोग अंडरग्राउंड छुपे हुए थे। इसको

43:25

हमारे बारे में कैसे पता चला? तो लुई

43:28

फिलिप ने कहा कि आई केम इन गुड फेथ।

43:32

मैं आपके साथ कॉम्प्रो करना चाहता हूं।

43:34

मेरे आईडिया तो सुनो। रिवोल्यूशनरी ने कहा

43:37

बताओ क्या दिक्कत है? डरा ही दिया हमको तो

43:39

एकदम। तो लुई फिलिप कहता है मैं मानता हूं

43:42

कि जो इस समय राजा बना हुआ है लुईस 18

43:45

मेरा रिश्तेदार है। लेकिन मुझे वो आदमी

43:48

पसंद नहीं है। उसकी जगह तुम मुझे राजा बना

43:53

दो। तुम लोग रिवॉल्यूशन की तैयारी तो कर

43:55

ही रहे हो चुप-चुप के। मैं तुम्हारा साथ

43:58

दूंगा। चलो एक हो जाते हैं और अपन मिलके

44:00

लड़ाई झगड़ा करेंगे। तुम लुईस 18 को हटा

44:04

के मुझे राजा बना दो। लुईस फिलिप को राजा

44:06

बना दो और मैं पावर 50-50 करने को तैयार

44:09

हूं। यानी कि मैं फ्रांस को

44:10

कॉन्स्टिट्यूशन मोनार्क बनाने को तैयार

44:13

हूं। यानी अगर तुमने मुझे राजा बना दिया

44:16

तो 50% पावर मैं अपने पास रखूंगा और 50%

44:19

पावर मैं तुम लोगों को दे दूंगा।

44:22

और इस तरीके से जुलाई रिवॉल्यूशन हुआ और

44:25

जुलाई रिवॉल्यूशन के अंदर नई नवेला अभी जो

44:28

लुईस 18 राजा बना था बैटल ऑफ वाटर लू

44:31

हारने के बाद ट्रीटी ऑफ वियनस साइन करने

44:33

के बाद इसको राजा बनाया गया था उसको हटा

44:36

दिया गया और लुई फिलिप को वापस राजा बना

44:38

दिया गया। तो ये तो पहला आंदोलन हुआ था जो

44:41

फ्रांस में हुआ था। अब बात करते हैं सेकंड

44:44

आंदोलन की जो कि बेल्जियम में हुआ था। आप

44:47

लोगों को थोड़ी देर पहले मैंने आपको एक

44:48

चीज बताई थी। और मैंने आप लोगों को बताया

44:51

था कि किस तरीके से ट्रीटी ऑफ वियना में

44:54

नीदरलैंड्स को बेल्जियम गिफ्ट कर दिया गया

44:57

था। नेदरलैंड्स को बेल्जियम गिफ्ट कर दिया

45:00

गया था।

45:02

बेल्जियम ने कहा हम कोई खिलौना है जो

45:04

तुमने गिफ्ट कर दिया। हमसे पूछा

45:07

और जुलाई के रिवॉल्यूशन के तुरंत अगले

45:10

महीने यानी अगस्त 1830 में बेल्जियम के

45:13

लोगों ने किंगडम ऑफ नेदरलैंड्स के खिलाफ

45:16

लड़ाई लड़ी और अपने आप को इंडिपेंडेंट

45:19

घोषित कर दिया जो कि दूसरा रिवॉल्यूशन था

45:21

दोस्तों।

45:23

तीसरा रिवॉल्यूशन ग्रीस में हुआ और ये

45:26

रिवॉल्यूशन 1831 से 1832 में हुआ था।

45:31

जानते हैं ग्रीस की क्या कहानी थी। दरअसल

45:34

ग्रीस के बाजू में एक कंट्री है जिसका नाम

45:36

है टर्की। उस टाइम पर टर्की में ऑटोमन

45:40

एंपायर का कब्जा था जो कि एक इस्लामिक

45:42

एंपायर था और ऑटोमन एंपायर चाहता था कि

45:45

पूरी दुनिया पे इस्लामिक रूल हो जाए। तो

45:48

ऑटोमन एंपायर ने इसके लिए ग्रीस पे भी

45:50

कब्जा कर रखा था। अब जो ग्रीस के लोग थे

45:53

वो क्रिश्चियन हुआ करते थे। ग्रीक

45:55

ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन। और ग्रीस के लोग

45:57

क्रिश्चियन। ऑटोमैन एंपायर के लोग मुस्लिम

46:00

तो क्रिश्चियन और मुस्लिम यानी कि रिलीजन

46:01

की लड़ाई थी यहां पे। बड़ी मुश्किल से

46:04

ग्रीस के लोगों ने कहा कि नहीं ये बहुत

46:06

गलत है। हमें मारा जा रहा है। उन्होंने

46:08

पूरी दुनिया के क्रिश्चियन से अपील करी कि

46:10

देखो किस तरीके से हमें मार रहे हैं। हमें

46:12

कन्वर्ट कर रहे हैं। हमें बचाओ। तो ग्रीस

46:16

के लोगों की बहुत सारे लोगों ने मदद करी।

46:18

और आखिरकार ग्रीस के लोगों ने ऑटोमन

46:21

एंपायर को हराया और उनसे साइन करवाई

46:24

ट्रीटी ऑफ़ कॉन्स्टेंटो पोल। और इस तरीके

46:26

से ग्रीस भी ऑटोमैन एंपायर के कब्जे से

46:28

छूट गया।

46:31

आपकी एनसीईआरटी के अंदर इसी इसी लड़ाई से

46:35

एक पिक्चर दे रखी है। ये पिक्चर ये वाली

46:38

पिक्चर मैं आप लोगों को बताता हूं कि इसी

46:39

इसी से एक पिक्चर दे रखी है। चलिए थोड़ी

46:41

देर बाद मैं आपको बताऊंगा। लेकिन किस

46:44

तरीके से हमने देखा कि रिवॉल्यूशनरीज के

46:47

कारण तीन रिवॉल्यूशन हुए। 1 जुलाई 1830

46:49

में फ्रांस में हुआ।

46:52

बोर्बन डायनेस्टी के लुईस 18 को हटाकर लुई

46:54

फिलिप को पावर में लाया गया ताकि पावर

46:56

50-50 हो सके। दूसरा बताया गया कि किस

47:00

तरीके से बेल्जियम के लोगों ने नी

47:02

नेदरलैंड से आजादी पाई अगस्त 1830 में और

47:06

तीसरा बताया किस तरीके से ग्रीस के लोगों

47:08

ने ऑटोमन एंपायर से आजादी पाई। अब सब कुछ

47:11

ठीक चल रहा था कुछ टाइम तक। कुछ टाइम तक

47:15

लेकिन तभी यूरोप में कुछ ऐसा हुआ जो वापस

47:18

से एक आंदोलन को जन्म दे गया। दरअसल हुआ

47:21

यह कि यूरोप में पपुलेशन बहुत रैपिड लेवल

47:24

पर ग्रो करने लग गई।

47:26

लोगों के चार-चार बच्चे होने लगे। पांच-प

47:28

बच्चे होने लगे। 10-10 बच्चे होने लगे। अब

47:31

आप बोलोगे सर आपको इसमें भी दिक्कत है।

47:33

पापुलेशन बढ़ रही है तो दिक्कत है। अरे

47:35

क्या दिक्कत है? हो जाने दो ना बच्चे।

47:36

बढ़िया। बच्चे की प्रॉब्लम ये थी कि जहां

47:40

एक तरफ पॉपुलेशन बढ़ रही थी, वहीं दूसरी

47:42

तरफ लगातार क्रॉप फेल होती जा रही थी। कभी

47:46

सूखा पड़ जाता था तो कभी बाढ़ आ जाती थी।

47:48

कभी किसी क्रॉप में कोई बीमारी पड़ जाती

47:50

थी जिसके कारण क्रॉप फेल होती जा रही थी।

47:53

अगर पापुलेशन बढ़ेगी तो उस पॉपुलेशन को

47:56

खाना भी तो खिलाओगे। पापुलेशन बढ़ रही थी।

47:59

एग्रीकल्चर बढ़ नहीं रहा था जिसके कारण

48:01

लोग भुखमरी से परेशान होने लगे थे। वहीं

48:05

यहां पे ये बताया गया कि किस तरीके से उस

48:07

टाइम पर इंग्लैंड के बड़े-बड़े शहर लिवर

48:11

पूल और मैनचेस्टर में इंडस्ट्रीज सेटअप

48:14

होना शुरू हो गई थी। और उस इंडस्ट्रीज में

48:17

जो सस्ती चीजें बनती थी वह फ्रांस में आकर

48:20

बिकने लगी थी। तो जो फ्रांस के लोकल लोग

48:23

थे जो पहले हाथों से चीजें बनाते थे और

48:26

फिर उसको बेचते थे और पैसा कमाते थे। अब

48:28

उनका धंधा बंद हो गया था क्योंकि फ्रांस

48:31

के लोग अब इंग्लैंड की चीजें खरीदना पसंद

48:33

कर रहे थे क्योंकि ना केवल वो सस्ते थे और

48:35

वो अच्छे भी थे।

48:37

तो अब आप यह समझिए कि फ्रांस के लोगों के

48:40

पास कुछ बिक भी नहीं रहा है क्योंकि सब के

48:42

सब अब इंग्लैंड का माल खरीद रहे हैं।

48:44

लोगों की जेब में पैसा नहीं था और लास्ट

48:47

बट नॉट द लीस्ट कि पैसा था नहीं लेकिन

48:49

टैक्स वगैरह बढ़ते जा रहे थे। ये सब के सब

48:53

आप देख सकते हैं एक परफेक्ट रेसिपी है एक

48:55

और आंदोलन की और जो कि हुआ भी। इस बात से

48:59

हैरान परेशान हो के फ्रांस के लोगों ने

49:02

लुईस 16 का घर घेर लिया।

49:06

वो सिर्फ एक जवाब चाहते थे कि हमारे पास

49:09

खाने को नहीं है। हमारा सामान बिक नहीं

49:12

रहा है क्योंकि सब लोग इंग्लैंड की

49:13

इंडस्ट्री से बना हुआ सामान खरीद रहे हैं।

49:15

क्रॉप फेल हो रही है। सब कुछ होता जा रहा

49:17

है। आप कुछ कर क्यों नहीं रहे हो हमारे

49:19

लिए? लेकिन लुई फिलिप जो था वो इस बात से

49:23

इतना डर गया कि वो वहां से भाग खड़ा हुआ।

49:27

अपना ही देश छोड़ के लुई फिलिप भाग खड़ा

49:30

हुआ। अभी-अभी राजा बना था ये। और यह भाग

49:32

गया भाई साहब। अब अगेन जब राजा ही भाग गया

49:35

तो फिर देश कैसे चलाया जाएगा? तो फिर बनाई

49:38

गई नेशनल असेंबली

49:40

और नेशनल असेंबली ने यह डिसाइड किया कि अब

49:43

हम वोट देंगे और वोट देके अपने पसंद के

49:47

आदमी को सेलेक्ट करेंगे। वो आने वाले कुछ

49:50

साल के लिए हमारे देश को चलाएगा हमारे

49:51

बिहाफ पे। लेकिन यहां पे एक बात मैं आपको

49:54

बता दूं कि जो ये नेशनल असेंबली थी इसमें

49:58

यूनिवर्सल एडल्ट फ्रेंचाइजी नहीं थी।

49:59

इसमें सिलेक्टेड फ्रेंचाइजी

50:02

क्योंकि इस नेशनल असेंबली के अंदर केवल

50:05

एडल्ट मेल्स को वोट देने का अधिकार था

50:07

जिसकी उम्र 21 साल से ज्यादा थी।

50:11

यानी कि इस नेशनल असेंबली में भी वोट देने

50:14

के अधिकार की ऐज जो रखी गई थी वो 21 साल

50:16

रखी गई थी। हमारे देश में 18 है। और इस

50:20

नेशनल असेंबली में भी वोट देने का अधिकार

50:23

सिर्फ मेल्स के पास था। फीमेल्स के पास

50:26

नहीं था। अब आप देख सकते हो किस तरीके से

50:29

नेशनल असेंबली आ गई। आप बोलोगे सर बहुत

50:32

कंफ्यूजिंग है। कोई आया, कोई गया, कोई

50:34

आया, कोई गया। एक छोटा सा रिककैप हो जाता

50:37

तो मजा सा आ जाता। आइए फटाफट एक रिककैप

50:40

करा लेते हैं। मैंने आपको बताया किस तरीके

50:43

से लुईस 16 बॉर्बन डायनेस्टी के थे। और

50:46

इन्होंने देखा था कि यूएसए के ऊपर

50:49

यूनाइटेड किंगडम यानी ब्रिटिशर्स ने कब्जा

50:51

कर रखा था। तो यह इन्होंने लोन लेकर यूएसए

50:55

को पैसा दिया और यह पैसे से यूएसए से कहा

50:58

कि तुम अपने आप को आजादी दिला दो यूके से

51:01

और इस लोन को चुकाने के लिए अपने ही देश

51:03

के थर्ड एस्टेट के लोगों के ऊपर टैक्स लगा

51:05

दिया। ये इसकी सबसे बड़ी गलती थी क्योंकि

51:08

उसके बाद जो आंदोलन हुए उसने इसकी गद्दी

51:10

नहीं इसकी जान तक ले ली। लुईस स्टीन के

51:14

बाद पावर आई थी मैगजी मिलियन रूबीस पेरी

51:16

के पास जो 1793 से 94 तक पावर में यानी कि

51:20

डेढ़ दो साल पावर में रहा था। जिस दौरान

51:22

यह पावर में रहा था, लोगों को शुरुआत में

51:24

लगता था कि बहुत अच्छा आदमी है। जैकोबिन

51:26

क्लब इसी ने फॉर्म किया था। लेकिन देखते

51:29

ही देखते पता चला कि बहुत शकी आदमी है।

51:31

इसने अपने कार्यकाल में 16,000 लोगों को

51:34

गुलेट करवाया। लोग समझ गए थे कि अब एक

51:37

आदमी के पास पावर नहीं देनी है। तो पावर

51:39

पांच लोगों में बांटी गई। डायरेक्टरी आई।

51:42

लेकिन ये पांच लोग कभी भी किसी डिसीजन तक

51:45

पहुंच ही नहीं पाते थे। तो उसके बाद पावर

51:48

फ्रांस की आर्मी के जनरल नेपोलियन

51:50

बोनापार्थी को दी गई। लेकिन नेपोलियन

51:53

बोनापार्थी भी बहुत जल्दी डिक्टेटर की तरह

51:55

बिहेव करने लगा। लोगों से टैक्स लेने लगा।

51:58

उनके लड़कों को जबरदस्ती आर्मी में फोर्स

52:00

करने लगा भरने के लिए। तो नेपोलियन को

52:03

बैटल ऑफ वाटर लू में हराया गया और उससे

52:06

ट्रीटी ऑफ़ वियना साइन करवाई गई। और उसके

52:09

बाद कंजर्वेटिव्स की सरकार आई। ये वो लोग

52:12

थे जो चाहते थे कि राजा रानी का ही रूल

52:15

होना चाहिए। इसलिए इन्होंने बोर्बन

52:16

डायनेस्टी को पावर में लेकर आए। लुईस 18

52:18

को पावर में लेकर आए। लेकिन रिवोल्यूशनरीज

52:21

के साथ मिलके लुई फिलिप ने अपना षड्यंत्र

52:24

रचा और अपने ही परिवार के आदमी को हटा के

52:27

खुद राजा बन गया और 50-50 पावर शेयर कर

52:30

ली। लेकिन फ्रांस में जो क्रॉप फेलियर हो

52:33

रहा था, पॉपुलेशन बढ़ रही थी और

52:35

इंडस्ट्रियलाइजेशन इंग्लैंड के होने के

52:37

कारण लोगों का माल नहीं बिक रहा था। तो

52:39

लोग जब इससे सवाल पूछने गए तो लुई फिलिप

52:42

भाग गया। तो इसके बाद नेशनल असेंबली की

52:44

स्थापना हुई थी। 1848 में। लेकिन यह बात

52:47

ध्यान रखिएगा कि नेशनल असेंबली भी अभी

52:50

परफेक्ट नहीं है क्योंकि इसमें 21 साल से

52:52

ज्यादा वालों के पास वोट देने का अधिकार

52:54

है और केवल मेल्स के पास वोट देने का

52:56

अधिकार है। यहां पर आपके सामने फ्रांस की

52:59

पूरी कहानी समाप्त होती है। अगर आपने यह

53:02

पढ़ लिया तो आप यकीन माने फ्रांस के लोगों

53:05

से ज्यादा आपको फ्रांस की कहानी से पता चल

53:07

गई है। अब आइए अब हम उस इमेज को पढ़ लेते

53:10

हैं जो इमेज इस चैप्टर के पहले पेज पर थी।

53:12

दोस्तों मैंने आपसे कहा था फोडूंगा कुछ

53:15

नहीं। इस इमेज में सबसे पहले आप यहां पे

53:18

देख सकते हो यहां पे एक स्टैचू ऑफ लिबर्टी

53:20

बना रखा है। जिनके एक हाथ में टॉर्च ऑफ

53:23

इनलाइटमेंट है तो दूसरे हाथ में चार्टर ऑफ

53:25

राइट ऑफ मैन है।

53:28

एक हाथ में टॉर्च ऑफ एनलाइटमेंट है। यानी

53:31

कि ये लोगों को बोल रही है कि मैं इस मेरी

53:33

इस टॉर्च की रोशनी से तुम आगे बढ़ो। मैं

53:36

तुम्हें ज्ञान दे रही हूं। मैं तुम्हें

53:37

रास्ता दिखा रही हूं। बड़े चलो तुम। व

53:40

दूसरे हाथ में राइट्स ऑफ मैन है। यानी अब

53:44

पहली बार लोगों को राइट्स मिलने वाले थे।

53:47

चाहे वो किसी भी तरीके का राइट हो। लेकिन

53:49

पहली बार राइट्स की बात हो रही थी। इसके

53:52

बाद बताया गया है कि किस तरीके से इस

53:54

स्टैचू को ऑलरेडी यूएसए और स्विट्जरलैंड

53:57

क्रॉस कर चुके हैं। जो ये बता रहे हैं कि

53:59

ये दोनों देश ऑलरेडी एक नेशन स्टेट बन

54:02

चुके हैं। वहीं अभी-अभी स्टैचू के पास

54:05

पहुंचा है फ्रांस। जो इस बात का सबूत है

54:08

कि अब फ्रांस भी एक देश बनने वाला है और

54:11

फ्रांस के जस्ट पीछे जर्मनी है जो यह बता

54:13

रहा है कि तुरंत फ्रांस के बाद अब जर्मनी

54:15

एक देश बनेगा।

54:18

इस लंबी सी लाइन को ऊपर से जीसस क्राइस्ट

54:21

और बाकी एंज्स जो हैं वो अपना आशीर्वाद दे

54:23

रहे हैं और लोगों से बोल रहे हैं जो कर

54:25

रहे हो सही कर रहे हो बढ़े चलो आगे करे

54:27

चलो।

54:29

यहां पर आप देख सकते हो किस तरीके से

54:31

ग्राउंड पर कई सारे एब्सोल्यूटिस्ट

54:34

इंस्टट्यूट्स के सिंबल्स पड़े हुए हैं।

54:37

बेड़ियां पड़ी हुई है। चैन पड़ी हुई है।

54:39

क्राउन पड़ा हुआ है। जो जो स्टैचू ऑफ

54:41

स्टैचू के पास से निकलता जा रहा है वो

54:43

अपने जिनसे आजादी ले रहा है उनके सिंबल्स

54:46

को तोड़ के यहीं फेंकता हुआ जा रहा है। और

54:49

लास्ट यहां बताई गई है कि इस लाइन में

54:50

पीछे अगर आप चले जाएं तो यहां पे आपको

54:52

आदमी, औरत हर क्लास का अमीर, गरीब,

54:55

क्लर्जी, नोबिलिटी, पीज़ेंट सब आपको देखने

54:58

को मिलेगा। तो इस तरीके की इमेज आपसे

55:01

एग्जाम में पिक्चर स्टडी में पूछ ली जाती

55:03

है। आइए कुछ वर्ड्स हैं जिनके बारे में

55:07

मैं आप लोग को बता दूं। ये दो नंबर की इन

55:09

लोगों की डेफिनेशन। इन सब की डेफिनेशन आप

55:12

लोगों को दो नंबर के लिए एग्जाम में पूछी

55:15

जा सकती है। इसलिए इसको अच्छे से याद करना

55:18

हमारे लिए जरूरी है। सबसे पहला वर्ड आ

55:21

जाता है एब्सोल्यूटेस्ट।

55:24

एब्सोल्यूटिस्ट कौन होते हैं?

55:26

एब्सोल्यूटिस्ट वो होते हैं जिनके पास

55:28

एब्सोल्यूट पावर होती है। जो कहते हैं जो

55:32

हम कह रहे हैं वही होगा। हम कहे दिन तो

55:35

दिन, हम कहे रातों रात। जो हम कहेंगे वही

55:37

होगा। उन्हें एब्सोल्यूटिस्ट कहा जाता है।

55:40

चाहे वो कोई राजा हो या वो कोई डिक्टेटर

55:42

हो। दूसरा वर्ड आ जाता है यूटोपियन।

55:46

यूटोपियन का मतलब एक ऐसी सोसाइटी जिसमें

55:49

सब कुछ अच्छा हो। जिसमें कुछ गलत नहीं हो

55:52

रहा है। सब कुछ बढ़िया है। कोई बीमार नहीं

55:54

है। कोई गरीब नहीं है। किसी के साथ कोई

55:56

अन्याय नहीं हो रहा है। यानी कि इन श बोले

55:58

राम राज्य आ चुका है। लेकिन आपको भी पता

56:01

है एक इस तरीके की आइडियल सोसाइटी

56:03

नामुमकिन है होना।

56:06

इसके अलावा आपको यहां पर बताया गया कि किस

56:08

तरीके से एक पिक्चर दे रखी है यह वाली। यह

56:12

पिक्चर है क्लब ऑफ थिंकर्स की। आइए इस

56:15

पिक्चर को थोड़ा सा समझते हैं। बहुत ही

56:16

इंटरेस्टिंग पिक्चर है दोस्तों। इस पिक्चर

56:19

में अगर आप देखें तो सबसे पहले आपको इस

56:21

पिक्चर के अंदर आपको दो रूल्स देखने को

56:24

मिलेंगे। और वो दो रूल क्या है? आइए बताता

56:26

हूं। राइट साइड के ऊपर वो दो रूल है। आप

56:29

देख सकते हो ये पिक्चर है। ये राइट साइड

56:31

वाला बोर्ड आपको पढ़ना है। राइट साइड

56:32

वाला। राइट साइड वाला रोड बोर्ड में इस

56:36

क्लब में अगर आप शामिल होना चाहते हो तो

56:38

आपको यह दो रूल फॉलो करने पड़ेंगे।

56:42

पहला रूल ये कह रहा है कि साइलेंस इज द

56:44

फर्स्ट कमांडमेंट ऑफ दिस लर्नर सोसाइटी।

56:47

कि अगर आप क्लब ऑफ थिंकर्स का पार्ट बनना

56:50

चाहते हो तो चुप रहना पड़ेगा।

56:54

चुप रहना पड़ेगा। बोल नहीं सकते हो। है ये

56:57

क्लब ऑफ थिंकर्स।

56:59

लेकिन बोलना अलाउड नहीं है। दूसरा पॉइंट

57:02

यह बताया गया है कि किस तरीके से सबको

57:05

एक-एक मजल डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा। मज़ल

57:07

डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा। वो मज़ल इसलिए

57:10

कि कल को तुम्हें बहुत ही तलब मच जाए सच

57:12

बोलने की कि नहीं अब तो मैं सच बोल के ही

57:14

रहूंगा। तो मज़ल को अपने मुंह में ठूस लेना

57:16

और चुपचाप बैठ जाना। ये दो रूल बताए गए

57:19

हैं इस लर्नड सोसाइटी के।

57:21

अगर आप लेफ्ट में चले जाए तो यहां पर

57:24

लेफ्ट में एक और बोर्ड लगा हुआ है और उस

57:27

बोर्ड में लिखा हुआ है कि द मोस्टेंट

57:30

क्वेश्चन ऑफ टुडे यानी कि आज का

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इंपॉर्टेंट क्वेश्चन ये है कि कब तक हमारे

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को सोचना अलाउड है? सोचो किस लेवल पर

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सोसाइटी को सप्रेस करके रखा गया था। बोलना

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तो छोड़ो सोचना तक कब तक अलाउड है? लोग यह

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सब सोच रहे थे कि कभी ऐसा ना हो कि कोई

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ऐसा है जो हमारे सोचने तक पे बैन लगा दे।

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जब फ्रांस में यह सब हो रहा था तो यहां पे

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बताया गया है कि किस तरीके से दो ग्रुप

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बनके तैयार हुए थे। पहला ग्रुप है

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एरिस्टोक्रेट लोगों का। एरिस्टोक्रेट लोग

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वो होते थे जो सोशली और पॉलिटिकली

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डोमिनेंट हुआ करते थे। इनके पास पावर हुआ

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करती थी। ये बड़ी-बड़ी पोस्ट पे हुआ करते

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थे। ये थोड़े अमीर हुआ करते थे। यह वह हुआ

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करते थे जिनका सबसे बड़ा काम होता था लैंड

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ओनरशिप। इनके पास बड़ी-बड़ी जमीनें होती

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थी। यह वह जमीनों को किरायों पर चढ़ाते थे

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और उस किराए से ये पलते थे। ये वो होते थे

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जो लैंग्वेज भी फ्रेंच बोला करते थे। कहते

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थे हम इलीट क्लास हैं। हमारा रॉयल फैमिली

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से बिलोंगिंग है। हम सिर्फ फ्रेंच

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बोलेंगे।

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ये वो होते थे जो एक दूसरे से शादी के

58:34

बंधन में बटे हुए रहते थे। यानी मेरी बेटी

58:36

की शादी उसके बेटे से, उसके बेटी की शादी

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इसकी बेटी से, इसकी बेटी की शादी उसके

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बेटे से।

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तो आपस में शादी करके क्लोज ग्रुप बना रखा

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था। हमारे ग्रुप में कोई ना अंदर आएगा ना

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हमारे ग्रुप से कोई बाहर जाएगा। व दूसरी

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तरफ थी आपके सामने एक न्यू मिडिल क्लास।

58:50

इससे पहले क्या होता था? अमीर होते थे और

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गरीब होते थे। लेकिन अब एक मिडिल क्लास

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निकल के आया। ये मिडिल क्लास कौन थे और

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कहां से बने? तो पहली बात यहां पे बताई गई

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कि ये मिडिल क्लास वो थे जब फ्रांस में और

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यूरोप में इंडस्ट्रियलाइजेशन शुरू हुआ। तब

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उस इंडस्ट्री में काम करने। यह तो आएंगे

59:08

नहीं अपना सोफे के कवर वाला कपड़ा पहन के।

59:10

उस काम करने के लिए तो लोग लगेंगे ना

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मेहनती लोग लगेंगे। तो जो लोग इंडस्ट्रियल

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रिवोल्यूशन आने के बाद फैक्ट्रीज में

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इंडस्ट्रीज में नौकरी करने गए उससे बन के

59:20

आई मिडिल क्लास।

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ये जो मिडिल क्लास के लोग थे ये लोग जो थे

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ये चाहते थे कि पावर्स जो है इनसे छीन के

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बाहर निकलनी चाहिए। सारी पावर जो इनके पास

59:30

है ये गलत है। ये जो न्यू मिडिल क्लास था

59:34

इसके अंदर इंडस्ट्रियलिस्ट थे, बिजनेसमैन

59:36

थे, लॉयर थे, डॉक्टर थे, एजुकेटर थे। यानी

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इसके अंदर आपको सब देखने को मिलेंगे।

59:41

साथ ही साथ क्या आपको पता है कि यह लोग

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क्या करते थे कि यह लोग ने शिप पे बैठ के

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इंडिया आए। इंडिया से मसाले उठा लिए।

59:49

चाइना गए वहां से सिल्क उठा लिया।

59:52

इसके अलावा सेंट्रल एशिया गए वहां से

59:55

ग्लास उठा लिया। ऐसे करके सारी की सारी

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चीजें ये लोग यहां से लेकर आते थे और ये

1:00:00

अमीर लोगों को बेचते थे। अमीर लोग बावले

1:00:03

हुआ करते थे। अरे ये क्या मोटा-मोटा कपड़ा

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पहना हुआ। ये देखो सिल्क चाइना से लाए।

1:00:08

दुनिया में किसी को नहीं पता कैसे बनता

1:00:10

है। अब इन लोग को तो शो ऑफ करना रहता था।

1:00:12

हां हां दे दो दे दो। कितने रुपए? इतने

1:00:14

रुपए। ये लो मुंह पे मार दी पैसे। ये

1:00:17

देखिए चाय इंडिया में उगती है। आपको पता

1:00:21

भी नहीं है चाय पियोगे तो कितना मजा आएगा।

1:00:22

अच्छा केटी पार्टी में अब की सहेलियों को

1:00:24

यही पिलाऊंगी। लाओ लो दे दो दे दो। तो ये

1:00:27

लोगों ने इन्हीं से पैसा कमा कमा के ये

1:00:30

लोग लोअर क्लास से मिडिल क्लास की तरह का

1:00:32

गए थे। तो आपने देखा किस तरीके से दो

1:00:35

ग्रुप बन गए थे दोस्तों। अब यहां पर एक और

1:00:38

वर्ड जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए

1:00:40

वो है लिबरलिज्म।

1:00:42

लिबरलिज्म एक लैटिन वर्ड से निकाला गया है

1:00:45

जिसका मतलब है लिबर जिसका मतलब है लिबर और

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लिबर का मतलब होता है फ्री।

1:00:50

फ्री आजादी। किस चीज से आजादी? और इसी के

1:00:54

बिहाफ पे तीन तरीके के लिबरलिज्म बताएं।

1:00:57

सबसे पहला आता है पॉलिटिकल लिबरलिज्म।

1:01:00

आजादी होनी चाहिए अपने लीडर को सेलेक्ट

1:01:02

करने की। कौन तुम्हारी कंट्री को रूल

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करेगा यह चूज करने की आजादी होनी चाहिए।

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सेकंड नंबर पर आता है इकोनमिक लिबरलिज्म।

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आजादी होनी चाहिए अपनी पसंद का बिजनेस

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करने की, अपनी पसंद का काम करने की। जहां

1:01:14

चाहे वहां जाके बिजनेस करने की और तीसरा आ

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जाता है सोशल लिबरलिज्म। आजादी होनी चाहिए

1:01:19

अपनी एक इक्वलिटी की, इक्वल ट्रीटमेंट की,

1:01:23

इक्वल अपॉर्चुनिटीज की आजादी होनी चाहिए।

1:01:26

इसके अलावा एक कांसेप्ट और आता है जिसको

1:01:29

कहते हैं ज़ोल्वेरिन।

1:01:31

ज़ोल्वेरिन दरअसल एक प्रूसियन इनिशिएटिव पर

1:01:34

बनाया गया था। मैंने आपको बताया था

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प्रूशिया जो आज जिसे तुम जर्मनी कहते हो

1:01:38

वंस अपॉन अ टाइम वो प्रू थी।

1:01:41

तो पुरुषिया ने डिसाइड किया कि भाई हम

1:01:43

यूरोप में इतनी सारे देश हैं। इतने सारे

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देश हैं हम यूरोप में। हमने सबने

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अपनी-अपनी बॉर्डर बंद कर रखी है। सबकी

1:01:50

अपनी करेंसी है। सबके अपने नियम है। सबका

1:01:52

अपना-अपने लोग हैं। क्यों ना हम अपने पूरे

1:01:55

देश की बॉर्डर खोल दें। जिसको जहां बिजनेस

1:01:59

करना है करो। जिसको जहां जाके रहना है

1:02:02

रहो। सब कुछ अपन ओपन कर देते हैं। करेंसी

1:02:04

तक कॉमन कर देते हैं। इवन ज़ोल्वेरिन का एक

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कांसेप्ट आज भी चलता है। आज भी यूरोपियन

1:02:11

यूनियन जो है वो जोवेरिन का ही एक मॉडर्न

1:02:13

फॉर्म है। मेरा एक दोस्त है वो जर्मनी में

1:02:16

रहता है। तो उसकी तीन दिन का कॉलेज रहता

1:02:18

है। चार दिन उसकी छुट्टी रहती है। तो अपनी

1:02:21

जर्मन गाड़ी को उठा के कभी फ्रांस चला

1:02:23

जाए, कभी स्विट्जरलैंड चला जाए, कभी इटली

1:02:26

चला जाए तो कभी कहीं चला जाए। क्योंकि

1:02:29

बॉर्डर ओपन है। आपको वीजा वीजा नहीं लेना

1:02:32

पड़ता है। आप अपनी गाड़ी से वहां जा सकते

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हो। तो आपको ड्राइविंग लाइसेंस अलग-अलग

1:02:37

नहीं देना पड़ता है। सेम करेंसी सब जगह

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चली जाती है। आपको बार-बार करेंसी

1:02:40

ट्रांसफर कन्वर्ट नहीं करानी पड़ती है। तो

1:02:43

ये है zबेरिन जो कि क्रूशियन इनिशिएटिव पे

1:02:46

था। सारी बाउंड्रीज खोल दी गई थी और

1:02:48

करेंसी को 30 से कम करके दो कर दिया गया

1:02:51

था ताकि बिजनेस आसान हो सके। लोगों का और

1:02:54

ट्रेड गुड्स का ट्रांसपोर्टेशन हो सके।

1:02:57

लास्ट बट नॉट द लीस्ट वो है

1:02:59

कंजर्वेटिवज्म। कंजर्वेटिव्स कौन होते

1:03:01

हैं? कंजर्व का मतलब होता है बचा के चलना।

1:03:05

प्रोटेक्ट करके चलना। कंजर्वेटिव्स वो

1:03:08

होते थे जो कहते थे कि हमें प्रोटेक्ट

1:03:10

करके चलना है। हां हमारे कुछ राजा महाराजा

1:03:14

थे जिन्होंने बहुत गलत किया। लोगों को

1:03:16

मारा, चीजें तोड़ी, लोगों को पनिशमेंट की।

1:03:20

लेकिन जो हुआ सो हुआ उसे भूल जाओ। अब हमें

1:03:23

आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन अपने पास को

1:03:25

प्रोटेक्ट करके, अपने पास की हिस्ट्री पे

1:03:27

करके। मैं तुमसे कहता हूं ब्रिटिशर्स बहुत

1:03:30

बुरे तुमने कहा सही बात है। बहुत बुरे थे।

1:03:32

बहुत बुरे थे। मैं कहता हूं ये ले पत्थर।

1:03:34

मैं लेता हूं डंडा। चल तू जाके सुप्रीम

1:03:36

कोर्ट तोड़ दे। मैं जाके इंडिया गेट तोड़

1:03:37

देता हूं। तू जाके गेटवे ऑफ इंडिया तोड़

1:03:39

दे। ब्रिटिशर्स बहुत बुरे थे। लेकिन अगर

1:03:43

उनके द्वारा बनाई गई अगर उनके हेट में

1:03:45

उनके द्वारा बनाई गई अगर मैं सारी चीजें

1:03:47

तोड़ दूंगा तो हमारा ही नुकसान होगा। और

1:03:51

यही कहते थे कंजर्वेटिव्स कि पास्ट में

1:03:53

हुआ हुआ भूल जाओ। आगे बढ़ो। ऐसा नहीं कि

1:03:57

हेट्रेट के चक्कर में उनसे चिढ़ के चक्कर

1:03:59

में अब तुम उनके लोग मार दो। उनकी चीजें

1:04:01

तोड़ दो। ऐसा मत करो। तो यह कुछ वर्ड्स

1:04:04

हैं जो आप लोगों से एग्जाम में पूछे जाते

1:04:06

हैं। कुछ और वर्ड्स भी हैं जैसे कि एक है

1:04:08

सफरे। सफरेज का मतलब होता है राइट टू वोट।

1:04:12

भाई मैंने आपको थोड़ी देर पहले बताया कि

1:04:13

नेशनल

1:04:16

असेंबली बनाई गई फ्रांस में।

1:04:18

और नेशनल असेंबली ने कहा 21 साल से ज्यादा

1:04:21

के सभी लोगों के पास वोट है। अब आप देख

1:04:25

सकते हो 18 से 21 साल वालों के पास वोट

1:04:27

देने का अधिकार नहीं है। और आप देख सकते

1:04:29

हो फीमेल्स के पास भी वोट देने का अधिकार

1:04:31

नहीं है। तो अगर ये लोग और ये लोग वोट

1:04:34

देने के अधिकार की लड़ाई लड़ेंगे तो उसी

1:04:36

को सप्रेच कहा जाता है। और लास्ट वर्ड जो

1:04:40

आपसे पूछा जाता है वो है फेमिनिस्ट।

1:04:43

जब आप औरतों के अधिकार की लड़ाई लड़ते हो।

1:04:46

औरतों के अधिकार। अब किस तरीके का अधिकार?

1:04:49

मैं चाहता हूं औरतों को वोट देने का

1:04:51

अधिकार मिले। औरतों को प्रॉपर्टी में

1:04:54

इक्वलिटी इक्वल अधिक वो मिले, शेयर मिले।

1:04:57

औरतों को बाहर जाके नौकरी करने का अधिकार

1:05:00

मिले। और औरतों को इक्वल सैलरी का अधिकार

1:05:02

मिले तो आप औरतों के किसी भी अधिकार के

1:05:04

लिए अगर लड़ाई लड़ते हो तो उसे फेमिनिस्ट

1:05:06

कहा जाता है। उस आदमी को फेमिनिस्ट कहा

1:05:09

जाता है जो औरतों के अधिकार के लिए लड़ाई

1:05:10

लड़ता है। क्लियर हो गया? अब आइए कुछ

1:05:14

क्वेश्चंस को अपन प्रैक्टिस करते हैं। कुछ

1:05:16

एमसीक्यूस, कुछेंट क्वेश्चन बताता हूं

1:05:18

ताकि आपको पता चले जो आधा से ज्यादा

1:05:20

चैप्टर पढ़ाया है वो आपको समझ में आया है

1:05:22

कि नहीं। पहला क्वेश्चन व्हिच टाइप ऑफ़

1:05:25

गवर्नमेंट वाज़ मेनली ड्रिवन इन यूरोप

1:05:27

आफ्टर द डिफिट ऑफ़ नेपोलियन इन 1815?

1:05:30

1815 बैटल ऑफ़ वाटर लू में नेपोलियन के

1:05:33

हारने के बाद यूरोप में किसकी सरकार आई

1:05:35

थी? आपको यह बताना है क्वेश्चन 2021 का

1:05:39

है। आपको वीडियो अभी पॉज़ करना है और इन

1:05:42

चार में से जो सही जवाब है ए, बी, सी, डी

1:05:44

आपको वह लिखना है। लिख दिया? कर दिया

1:05:46

आंसर। बच्चों, इसका सही जवाब है

1:05:48

कंजर्वेटिव्स। याद करिए वर्बन डायनेस्टी

1:05:51

वापस रिस्टोर कर दी गई थी। लुईस 18 को

1:05:53

राजा बना दिया गया था। और ये वही लोग थे

1:05:56

जो चाहते थे कि ठीक है जो गलती हुई सो हुई

1:05:59

है। लेकिन पास को इज्जत करो। राजा रानी की

1:06:01

इज्जत करो। तो सही जवाब है कंजर्वेटिव।

1:06:03

आइए दूसरे क्वेश्चन पे जाते हैं। व्हिच ऑफ़

1:06:05

द फॉलोइंग कंट्री डिड द फर्स्ट लिबरलिस्ट

1:06:07

नेशनलिस्ट अपील टेक प्लेस इन जुलाई 1830?

1:06:10

बहुत ईजी क्वेश्चन है। पॉज द वीडियो एंड

1:06:13

आंसर इन कमेंट सेक्शन। कर दिया। अब मैं

1:06:17

आपको पहले भी बता चुका हूं कि एक

1:06:19

रिवॉल्यूशन हुआ था जुलाई 1830 में। एक हुआ

1:06:23

था अगस्त 1830 में। और एक हुआ था 1831 और

1:06:28

1832 में। पहला रिवॉल्यूशन फ्रांस में हुआ

1:06:31

था। दूसरा रिवॉल्यूशन बेल्जियम में हुआ था

1:06:35

और तीसरा रिवॉल्यूशन ग्रीस के अंदर हुआ

1:06:38

था। उसने जुलाई बोला है। जुलाई का

1:06:40

रिवॉल्यूशन फ्रांस में हुआ था। ए इज द

1:06:42

राइट आंसर। जितने बच्चों ने ए करा था उनका

1:06:45

जवाब बिल्कुल सही है। अब जितना मैंने

1:06:48

पढ़ाया है उसमें से कुछ इंपॉर्टेंट

1:06:50

क्वेश्चन जो बार-बार रिपीट होते हैं वो भी

1:06:52

सुन लो। पहला आपको नपोलियोनिक कोड के पांच

1:06:56

पॉइंट लिखने हैं। मैंने शुरुआत में आपको

1:06:59

नेपोलियोनिक कोड पढ़ाया था। 2010 2017 का

1:07:01

क्वेश्चन।

1:07:03

अगला चार रीज़न बताइए। जो लोगों ने शुरुआत

1:07:06

में नेपोलियन का स्वागत किया था वो

1:07:08

नेपोलियन के अगेंस्ट हो गए। क्यों?

1:07:10

2012-13 का क्वेश्चन है। मैंने आपको बताया

1:07:14

था कि नेपोलियन

1:07:15

बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट सेंसरशिप रखने लगा

1:07:17

था। लोग क्या बोल रहे हैं, क्या सुन रहे

1:07:19

हैं, क्या लिख रहे हैं उस पे। नेपोलियन

1:07:22

लोगों से हैवी टैक्स वसूल रहा था अपने

1:07:24

मिलिट्री कैंपियंस के लिए। नेपोलियन

1:07:26

लड़कों को जबरदस्ती अपनी आर्मी में भर्ती

1:07:28

करता जा रहा था और नेपोलियन जो था वह

1:07:31

डिक्टेटर बनता जा रहा था। यह चार पॉइंट आप

1:07:33

यहां लिखेंगे। तीसरा क्वेश्चन आपको बताना

1:07:37

है कि सेंस ऑफ कलेक्टिव बिलोंगिंग करने के

1:07:40

लिए यानी कि एक होने के लिए यूनिटी बनाने

1:07:42

के लिए फ्रांस के लोगों ने क्या-क्या

1:07:44

किया? अच्छा क्वेश्चन है। 15, 16, 17 और

1:07:47

25 में पूछा गया था। तो मैंने आपको बताया

1:07:50

था किस तरीके से रॉयल फ्लैग को फ्रेंच

1:07:52

फ्लैग में कन्वर्ट किया गया। हाइम्स और

1:07:54

कंपोजिशंस बनाई गई जैसे ला मर्स लेस

1:07:57

लापात्री लेस टिटोयन का कासेप्ट बनाया गया

1:07:59

सीक्रेट क्लब्स बनाए गए जैसे कि जैकोबिन

1:08:02

क्लब्स ये सारी चीजें आप लोग को यहां पे

1:08:05

लिख के आनी है अब ठीक है सर आपने खूब सारे

1:08:09

हमें वॉर्स के बारे में बताया खूब सारे

1:08:11

हमें रिवॉलशंस के बारे में बताया यार

1:08:14

वॉर्स और रिवॉल्यूशन के अलावा भी कोई चीज

1:08:16

काम आती है बिल्कुल और यही मुझे आपको अगला

1:08:19

बताना है यहां पे बताया गया है कि

1:08:21

नेशनलिज्म सिर्फ वॉर के साथ नहीं होता है।

1:08:24

नेशनलिज्म के लिए आर्ट भी बहुत इंपॉर्टेंट

1:08:26

होता है। जैसे भारत में किस तरीके से भारत

1:08:30

माता की इमेज बनाई गई। वो भारत माता की

1:08:33

इमेज से एक-एक भारतीय उससे कनेक्टेड फील

1:08:35

हुआ। उसी तरीके से फ्रांस में यूरोप में

1:08:38

भी ऐसा बहुत कुछ आर्ट बनाई गई। इसके अलावा

1:08:41

पोएट्रीज लिखी गई जिससे लोगों की भावनाएं

1:08:44

जगे। उनको पता चले कि उनके लोगों को कितने

1:08:47

सारे लोग शहीद हुए। क्या-क्या उनके साथ

1:08:49

बलिदान लिए गए उनके।

1:08:52

इसके अलावा स्टोरीज लिखी गई, म्यूजिक बनाए

1:08:54

गए ताकि नेशनलिज्म के सेंटीमेंट्स को

1:08:57

नेशनलिज्म के आईडिया को बनाया जा सके।

1:09:00

इसके अलावा जो लोग थे उस टाइम पे जो

1:09:03

रोमांटिक आर्टिस्ट हुआ करते थे वो लोगों

1:09:05

से कहते थे हर चीज के पीछे ना साइंस और

1:09:07

रीज़ मत ढूंढा करो। कुछ चीजों को इमोशन से

1:09:11

भी देखा करो। इंट्यूशन से भी देखा करो।

1:09:13

मिस्टिकल फीलिंग से भी देखा करो। ऐसा नहीं

1:09:16

है कि मैं अगर कुछ कह रहा हूं कि ऐसा करना

1:09:18

है तो तुम पूछो। अच्छा इसके पीछे की साइंस

1:09:20

क्या है? कुछ चीजें इमोशंस पर चलती हैं।

1:09:23

कुछ चीजें फीलिंग्स पर चलती हैं। तो ये

1:09:26

लोग वो प्रमोट किया करते थे। इसका एक

1:09:28

बेहतरीन एग्जांपल है जोहंड गॉडफिड हर्डर।

1:09:32

अब जोहें गॉडफड हर्डर जो थे ये फ्रांस ये

1:09:35

जर्मनी में जर्मन कल्चर को ये ढूंढने के

1:09:38

निकले थे। मैंने आपको बताया जर्मनी नाम का

1:09:41

कोई देश तो था नहीं। पुरुशियन एंपायर हुआ

1:09:44

करता था। पुरुषियन एंपायर

1:09:47

क्रूशियन एंपायर

1:09:52

अब हुआ यह कि जब फ्रांस आजाद हो गया तो

1:09:54

आसपोस के जो देश थे उन्होंने कहा नहीं

1:09:56

नहीं हमें भी अब आजाद होना है। अगर फ्रांस

1:09:57

कर सकता है तो हम क्यों नहीं कर सकते हैं?

1:10:00

तो क्रूशियन एंपायर में जोहान गॉडफिट

1:10:04

हर्डर लोगों को कहते थे कि अरे जर्मन

1:10:06

कल्चर रिवाइव करो। हम सब जर्मन हैं। हमारा

1:10:09

भी एक देश होना चाहिए जर्मनी नाम का।

1:10:12

और जोहंड गॉडफिट हर्डर ने जर्मन कल्चर को

1:10:15

रिवाइव करने के लिए लोगों से कहा कि कॉमन

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लोगों के पास जाओ दासक के पास जाओ गांव

1:10:22

जाओ गांव के लोगों से मिलो नो को उन लोगों

1:10:25

से मिलो जो बुजुर्ग हो चुके हैं वो आपको

1:10:26

बताएंगे व्हाट इज जर्मन कल्चर क्योंकि इस

1:10:28

पुश एंपायर के अंदर तो हम अपना कल्चर तक

1:10:30

भूल गए हैं। वो कहते थे वर्नाकुलर

1:10:34

लैंग्वेज के ऊपर हमें ट्रू फोकलोर लिखनी

1:10:36

चाहिए। वर्नाकुलर लैंग्वेज का मतलब होता

1:10:38

है लोकल लैंग्वेज। अगर आप तमिलनाडु चले

1:10:40

जाओ तो वहां तमिल बोली जाती है। कर्नाटक

1:10:42

चले जाओ तो वहां कन्नडा बोली जाती है।

1:10:44

केरला चले जाओ वहां मलयालम बोली जाती है।

1:10:46

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना चले जाओ वहां

1:10:48

तेलुगु बोली जाती है। तो अगर आपको लोकल से

1:10:51

कनेक्ट करना है तो उनकी लैंग्वेज बोलनी

1:10:53

पड़ेगी। और यही बताया गया है कि वर्नाकुलर

1:10:56

लैंग्वेज में फोर क्लो लिखो।

1:10:59

अब यहां पर मैं आपको थोड़ी देर पहले बताया

1:11:01

था कि आर्ट आर्ट कितना बड़ा रोल प्ले करता

1:11:03

है। याद थोड़ी देर पहले 183132 में ग्रीस

1:11:07

का आंदोलन पढ़ाया मैंने आपको।

1:11:10

उसमें मैंने आपको बताया किस तरीके से

1:11:11

ऑटोमैन एंपायर जो कि एक इस्लामिक एंपायर

1:11:14

था वो ग्रीक ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन के

1:11:16

लोगों को मार रहे थे, कन्वर्ट कर रहे थे

1:11:18

और किस तरीके से फिर लोगों ने ग्रीस के

1:11:21

लोगों ने क्रिश्चियन से अपील करी और वो

1:11:23

लोग उनके सपोर्ट में आए। उनको आजादी

1:11:25

दिलाई। ट्रीटी ऑफ़ कॉन्स्टेटिनो पोल साइन

1:11:27

करा के इनको आजाद कराया।

1:11:29

यह पिक्चर ने बहुत बड़ा रोल प्ले किया है।

1:11:32

इस पिक्चर में आप देख सकते हो किस तरीके

1:11:34

से ऑटोमैन एंपायर के जो योद्धा थे,

1:11:36

वॉरियर्स थे वो किस तरीके से ग्रीस के

1:11:39

लोगों को हैरेस कर रहे हैं।

1:11:42

महिलाओं के कपड़े उतारे जा रहे हैं। उनको

1:11:44

बैक टच किया जा रहा है। कई बार रेप तक

1:11:46

केसेस सामने आए। ऐसी पेंटिंग्स बनाई गई कि

1:11:49

देखो किस तरीके से लोगों को मारा जा रहा

1:11:51

है। क्या किया जा रहा है? और यह पेंटिंग्स

1:11:53

जब बाकी यूरोप के लोगों ने देखी तो उनका

1:11:55

दिल कचोट सा गया। उन्होंने कहा हमारे

1:11:58

लोगों के साथ ऐसा हो रहा है। हम उनकी

1:11:59

आजादी के लिए लड़ेंगे। हम उनको सपोर्ट

1:12:01

करेंगे। तो आर्ट का एक बहुत बड़ा रोल है।

1:12:06

आर्ट से लोग कनेक्ट होते हैं। और ये

1:12:08

कनेक्शन बताया गया है। अब मैं आपको एक केस

1:12:11

बताता हूं पोलैंड का। सिर्फ 20 मिनट और ये

1:12:14

लेक्चर चलेगा और 20 मिनट के बाद द राइज ऑफ

1:12:16

नेशनलिज्म इन यूरोप जैसा बड़ा सा लेक्चर

1:12:19

मैं आपका खत्म कर दूंगा। कोई जरूरत नहीं

1:12:22

है आपको। बड़े-बड़े लें्थी-ीदी लेक्चर्स

1:12:24

देखने की, वन शॉट्स देखने की, कुछ नहीं।

1:12:26

यह एक वन शॉर्ट इज मोर दन सफिशिएंट ना

1:12:29

केवल पूरी थ्योरी बता रहा हूं। एमसीक्यूस

1:12:31

जो जो आ सकते हैं, शॉर्ट आंसर, लॉन्ग आंसर

1:12:34

जो जो आ सकते हैं, वो भी मैं आपको बता रहा

1:12:35

हूं। आइए पोलैंड का एक केस समझते हैं।

1:12:38

पोलैंड नाम का कोई देश हुआ नहीं करता था।

1:12:41

और पोलैंड के ऊपर पोलैंड जो आप देख रहे

1:12:43

हैं, ये जो आप पोलैंड देख रहे हैं, थोड़े

1:12:45

पोलैंड के ऊपर रशिया ने कब्जा कर रखा था।

1:12:47

थोड़े पोलैंड के ऊपर पुरुशिया ने कब्जा कर

1:12:49

रखा था। थोड़े पोलैंड के ऊपर ऑस्ट्रिया ने

1:12:51

कब्जा कर रखा था। रशिया, पुरुशिया,

1:12:53

ऑस्ट्रिया ने कब्जा कर रखा था। कब्जा इतना

1:12:56

खतरनाक हो रखा था कि पोलैंड के लोगों को

1:12:58

उनकी लैंग्वेज यानी पोरिश तक बोलने नहीं

1:13:00

दी जाती थी और उनसे कहते थे रशिया वाले

1:13:02

कहते थे रशियन बोलो पुरुषिया वाले कहते थे

1:13:04

पुरुष बोलो और ऑस्ट्रियन कहते थे कुछ मत

1:13:06

बोलो तो इनकी लैंग्वेज इस तक इंपोज कर दी

1:13:10

गई थी फिर बताया गया है कि किस तरीके से

1:13:14

इवन दो इट इज़ नो लगर एक्सिस्ट इंडिपेंडेंट

1:13:17

टेरिटरी नेशनल फीलिंग्स वर केप्ट अलाइव

1:13:20

थ्रू म्यूजिक एंड लैंग्वेज मानव पोलैंड एक

1:13:23

देश नहीं था रशिया पुरुष शिया और

1:13:25

ऑस्ट्रिया ने कब्जा कर रखा था। लेकिन उसके

1:13:28

बावजूद पोलैंड के लोगों ने राष्ट्रभक्ति

1:13:31

नेशनलिज्म को बनाए रखा अपने अंदर।

1:13:35

यहां पे बताया गया है कि किस तरीके से

1:13:37

कैरोल कुरपिंस्की जो थे वो एक पॉलिश आदमी

1:13:40

थे। पोलैंड के व्यक्ति थे और इन्होंने

1:13:42

पॉलिश लैंग्वेज के अंदर कई सारे ओपेरास और

1:13:45

म्यूजिक्स लिखे, डांस बनाई ताकि लोग जो

1:13:48

हैं वो अपने कल्चर से अपनी लैंग्वेज को

1:13:50

भूल ना जाए। किस तरीके से दो डांस फॉर्म

1:13:54

बनाए गए? जैसे कि पोलनेज़ और मजुरका।

1:13:58

यह भी डांस फॉर्म नेशनलिज्म के सेंटीमेंट

1:14:01

को बनाए रखने के लिए रखे थे। ये एमसीक्यू

1:14:03

में पूछ लेता है कि ये दोनों कहां के हैं?

1:14:04

इसलिए इसको आपको याद रखना है।

1:14:07

इसके बाद बताया गया है कि किस तरीके से एक

1:14:10

आर्म्ड रिवोल्यूशन भी हुआ। एक आर्म्ड

1:14:12

रेवेलियन भी हुआ। पोलैंड के लोगों ने कहा

1:14:14

इनफ इज इनफ। हमें आजादी चाहिए। रशिया,

1:14:17

ऑस्ट्रिया, पुरुशिया सब छोड़ के जाओ।

1:14:19

हमारा देश छोड़ के जाओ। आजाद करो हमें।

1:14:22

लेकिन रशियन आर्मी ने उसको किस तरीके से

1:14:24

क्रश कर दिया। आंदोलन जरूर क्रश हो गया।

1:14:29

पोलिश लैंग्वेज तक बैन कर दी। लेकिन उसके

1:14:32

बावजूद पोलैंड के जो चर्च में काम करने

1:14:35

वाले प्रीस्ट थे वो अपने सरमंस और अपनी

1:14:38

प्रेयर पोलिश लैंग्वेज के अंदर देते थे।

1:14:40

ताकि उनकी लैंग्वेज लोग भूल ना जाए, मर ना

1:14:42

जाए। जब रशियन सोल्जर्स को यह बात पता चली

1:14:45

तो चर्च से पीस्ट को फादर को इन सबको भी

1:14:48

निकाल निकाल के जेल में डाल दिया गया कि

1:14:50

मना किया है पोलिश बोलने को तब भी तुम

1:14:52

पोलिश बोल रहे हो। सोचो सिर्फ अपनी

1:14:54

लैंग्वेज को बचाने के लिए लोगों ने कितनी

1:14:56

बड़ी-बड़ी सैक्रिफाइस दी। कितने बड़े-बड़े

1:14:59

अपनी जिंदगी तक को दांव पे लगा दिया।

1:15:04

फिर यहां पे बताया गया है कि किस तरीके से

1:15:06

जो ये जो मैंने आपको बताया कि किस तरीके

1:15:08

से जेल तक कर दिया गया और कुछ लोगों को तो

1:15:10

साइबेरिया तक भेज दिया गया। जर्मन

1:15:13

नेशनलिज्म की बात करें तो जर्मनी के अंदर

1:15:16

दो भाई थे जिनका नाम था ग्रीन ब्रदर्स। यह

1:15:19

जर्मन सिटी हेनऊ में पैदा हुए थे और ये भी

1:15:22

चाहते थे कि जर्मन कल्चर बना रहे तो ये छ

1:15:26

साल तक जर्मनी के गांवगांव गए। गांव वालों

1:15:30

से बुजुर्गों से जर्मन कल्चर से रिलेटेड

1:15:33

जितनी भी लैंग्व स्टोरीज थी उन सबको

1:15:36

इकट्ठा किया, कंपाइल किया, पब्लिश किया।

1:15:40

क्योंकि यह भी चाहते थे कि देश उनका आजाद

1:15:42

हो। लोग जर्मन कल्चर को समझे। उनके अंदर

1:15:45

की देशभक्ति जागे और जर्मनी को आजादी

1:15:48

दिलाए।

1:15:50

यहां पे बताया गया है कि ग्रीम ब्रदर्स ये

1:15:52

बात जानती थी कि उनका देश तब तक आजाद नहीं

1:15:54

होगा। क्रूशिया से जर्मनी तब तक नहीं बदगा

1:15:57

जब तक फ्रेंच डोमिनेशन उनके देश से नहीं

1:15:59

हट जाएगा। और उसके लिए फ्रेंच डोमिनेशन को

1:16:02

हटाने के लिए उन्होंने हर संभव चीज करी

1:16:04

ग्रीम ब्रदर्स ने जो वो कर सकते थे।

1:16:07

बताया गया है ग्रीम ब्रदर वर्क हेल्प

1:16:09

प्रिजर्व जर्मन लैंग्वेज एंड हेरिटेज

1:16:11

मेकिंग देम पाइयर्स ऑफ जर्मन कल्चर एंड

1:16:13

नेशनलिज्म। इन्होंने इतना कंट्रीब्यूशन

1:16:16

किया ग्रीम ब्रदर्स ने कि इनको पाइनियर्स

1:16:19

ऑफ जर्मन कल्चर एंड नेशनलिज्म कहा गया है।

1:16:23

अब ठीक है सर। ग्रीम ब्रदर्स के कहने पे

1:16:26

ये सब हुआ। ये सब हो रहा था। तो जैसा कि

1:16:29

आपने देखा कि फ्रांस में किस तरीके से

1:16:32

राजा को हटा के पावर लोगों के पास आई।

1:16:36

डेमोक्रेसी के पास आई। इस चीज से इंप्रेस

1:16:39

होके अब बाकी अड़ोस पड़ोस के देश जो थे जैसे

1:16:42

कि जर्मनी हो गया, जैसे कि पोलैंड हो गया,

1:16:45

जैसे कि इटली हो गया। जैसे कि

1:16:46

ऑस्टोहंगेरियन एंपायर हो गया। अब ये लोग

1:16:49

भी चाहते थे कि इनके देश से भी राजा को

1:16:51

हटाया जाए, एडीकेट किया जाए और इनके देश

1:16:55

के अंदर भी लोगों के पास पावर आए।

1:16:58

इसके लिए एक सबसे इंपॉर्टेंट चीज बताई गई

1:17:01

है कि किस तरीके से इन अदर रीजंस ऑफ यूरोप

1:17:03

लिबरल मिडिल क्लास मैन एंड वुमेन डिमांडेड

1:17:05

कॉन्स्टिट्यूशनलिज्म एंड नेशनल

1:17:07

यूनिफिकेशन। अब सब लोग यूरोप के लोग जो थे

1:17:11

वो चाहते थे उनके देश में भी

1:17:12

कॉन्स्टिट्यूशन बने। जैसे फ्रांस में बना।

1:17:15

अब बाकी यूरोप के कंट्रीज भी चाहते थे कि

1:17:17

उनका देश भी यूनिफाई हो सके। जर्मनी,

1:17:20

पुरुशिया से जर्मनी बन सके। पोलैंड को

1:17:22

पोलैंड बनाया जा सके। रशिया, ऑस्ट्रिया,

1:17:23

पुरुशिया को हटाया जा सके। इटली को देश

1:17:26

बनाया जा सके। यूनाइटेड किंगडम को देश

1:17:27

बनाया जा सके।

1:17:30

इन द जर्मन रीजन मेनी पॉलिटिकल एसोसिएशन

1:17:32

ऑफ़ मिडिल क्लास प्रोफेशनल बिज़नेस एंड

1:17:34

प्रोस्परस आर्टिसन गैदर्ड इन फ्रैंकफर्ट

1:17:36

टू वोट फॉर ऑल जर्मन नेशनल असेंबली। और

1:17:40

जर्मन में जर्मनी में अब ये आंदोलन पीक

1:17:43

पकड़ने लगा।

1:17:45

दरअसल हुआ यह कि बहुत सारे मिडिल क्लास

1:17:47

लोग जर्मनी के इकट्ठा हुए और उन्होंने

1:17:50

बनाई ऑल जर्मन नेशनल असेंबली। और यह ऑल

1:17:54

जर्मन नेशनल असेंबली फ्रैंकफोर्ड

1:17:57

पार्लियामेंट ऑफ चर्च ऑफ सेंट पॉल पहुंचे।

1:18:00

और इन्होंने क्या करा? जर्मनी का जो राजा

1:18:02

था जिसका नाम था जिसका नाम था फ्रेडरिक

1:18:04

विलम द फोर्स। इसको बुलाया और फ्रेडरिक

1:18:08

विलम द फोर्स से बोला कि देखो जैसे फ्रांस

1:18:10

में पावर 50-50 हुई थी। हम भी चाहते हैं

1:18:13

कि हमारा देश बने। पुरुशिया से हटा के

1:18:16

जर्मनी नाम का हम देश बनाना चाहते हैं। हम

1:18:19

आपको पूरी तरीके से नहीं हटाएंगे। चलो

1:18:21

पावर 50-50 कर लेते हैं। डेमोक्रेटिक

1:18:23

मोनार्की बना लेते हैं। लेकिन एटलीस्ट

1:18:26

अपना देश बना लेते हैं। तो फ्रैंकफोर्ड

1:18:29

पार्लियामेंट में यह प्रस्ताव रखा गया

1:18:31

फ्रेडरिक विलियम द फोर्थ के सामने। अब

1:18:33

फ्रेडरिक विलियम द फोर्थ जो थे उनके लिए

1:18:36

ये लोग कॉन्स्टिट्यूशन वगैरह सब बना के

1:18:38

लाए थे। तो जब फ्रेडरिक विलियम द फोर्थ जा

1:18:40

रहे थे तो आसपोस के देश वालों ने उनको फोन

1:18:42

लगाया। बोले विलियम क्या कर रहे हो? बोले

1:18:46

यार अगर मैंने अबकी बार इनकी बात नहीं

1:18:48

मानी और कॉन्स्टिट्यूशन नहीं बनाया तो यह

1:18:50

लोग मुझे बहुत मारेंगे। तो पड़ोस के देश

1:18:53

वालों ने कहा मत कर लाला मत कर। क्योंकि

1:18:56

अगर तुमने यह साइन कर लिया तो हमारे देश

1:18:58

के लोग भी ये डिमांड करने लगेंगे और हमारे

1:19:01

देश के लोग भी हमसे बोलने लगेंगे कि अब

1:19:03

हमारे देश को भी आजादी दिलाओ।

1:19:05

तो उसने कहा क्या करूं? बोले जाकर मना कर

1:19:08

दो। और फ्रेडरिक विलियम द फोर्थ ने एंड

1:19:10

मूवमेंट पर जाकर डेमोक्रेटिक मोनार्की को

1:19:12

मना कर दिया और केवल मोनार्की को हां बोल

1:19:15

दिया। तो आपने देखा किस तरीके से फ्रेडरिक

1:19:19

विलियम द फोर्थ ने लास्ट मोमेंट पे

1:19:21

रिजेक्ट कर दिया और जितने लोग

1:19:23

कॉन्स्टिट्यूशन की डिमांड कर रहे थे उनको

1:19:25

उठा के जेल में डाला और पनिशमेंट दे दी।

1:19:29

कुछ साल बाद फ्रेडरिक विलियम द फोर जो थे

1:19:31

वो बूढ़े हो गए। और जब वो बूढ़े हो गए तो

1:19:33

इनका जो छोटा भाई था ऑलदो ये छोटा देखने

1:19:36

में दिख नहीं रहा। ये खुद मुझे दिख रहे

1:19:37

हैं इनके एक पैर कब्र पे है। तो इनका जो

1:19:39

छोटा भाई था ये राजा बन गया जिसका नाम था

1:19:42

प्रिंस विलहम। और इसका एक और नाम आप पढ़

1:19:44

सकते हो केजर विलियम वन। कुछ-कुछ किताब

1:19:47

में केजर विलियम वन लिखा है। कहीं-कहीं

1:19:48

लिखा हुआ है प्रिंस विलहम। दोनों एक ही

1:19:50

आदमी के नाम है। अब इसके भाई को पता था कि

1:19:54

पिछली बार जब आंदोलन हुआ था तो मेरे भाई

1:19:56

ने क्रश कर दिया था। लेकिन अबकी बार अगर

1:19:58

आंदोलन होगा तो मैं नहीं संभाल पाऊंगा। तो

1:20:01

इसने सोचा कि इससे पहले लोग आके मेरी कॉलर

1:20:04

पकड़े। क्यों ना मैं लोगों को वो दे दूं

1:20:06

वो चाहते हैं। तो इसने क्या करा? इसने

1:20:09

अपना एक चीफ मिनिस्टर अपॉइंट किया जिसका

1:20:11

नाम था ऑटोवन बिस्मार्क। उसको बुलाया इधर

1:20:15

आओ। ऑटोवन बिस्मार्क गया। बोले जी सर क्या

1:20:17

हो गया? बोले मैं तेरे को अपना चीफ

1:20:20

मिनिस्टर बना रहा हूं। हम अपना एक देश

1:20:22

बनाएंगे जर्मनी नाम का देश। ऑटोमन

1:20:25

बिस्मार्क ने कहा मुश्किल वक्त कमांडो

1:20:27

सख्त। बताओ मैं क्या करूं? बोले यार

1:20:29

प्रॉब्लम यह है कि हमारी कंट्री का बहुत

1:20:32

सारा इलाका दूसरी कंट्रीियों ने कब्जा कर

1:20:34

रखा है। फॉर एग्जांपल बहुत सारे इलाके पे

1:20:38

हमारे देश के बहुत सारे इलाके पे फ्रांस

1:20:40

ने कब्जा कर रखा है। बहुत सारे इलाके पे

1:20:42

ऑस्ट्रिया ने कब्जा कर रखा है। बहुत सारे

1:20:44

इलाके पे डेनमार्क ने कब्जा कर रखा है। तो

1:20:46

तुम्हें क्या करना है? हमारा जो इलाका है

1:20:49

जिस पे दुश्मन ने कब्जा कर रखा है उसको

1:20:51

छुड़वाओ और हमारा एक नया देश बनाओ जर्मनी

1:20:54

नाम का। उस देश का मैं बनूंगा राजा। तुम

1:20:57

बनोगे चीफ मिनिस्टर। ओटोमन बिस्मार्क ने

1:20:59

कहा ठीक है। और ओटोमन बिस्मार्क ने 7 साल

1:21:02

के अंदर तीन वॉर्स लड़े फ्रांस, ऑस्ट्रिया

1:21:06

और डेन पुरुष फ्राउस, ऑस्ट्रिया और

1:21:08

ऑस्ट्रिया, डेनमार्क से। आप इसको ऐसे याद

1:21:10

रख सकते हैं कि इसने तीन तीन वॉर लड़े और

1:21:13

इसने फाड़ के रख दिया। फाड़ फ्रांस,

1:21:16

ऑस्ट्रिया, डेनमार्क। फ्रांस, ऑस्ट्रिया,

1:21:18

डेनमार्क। फ्रांस, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क।

1:21:20

इसने फाड़ कर रख दिया। क्लियर हो गया? तो

1:21:24

इस तरीके से आखिरकार

1:21:27

7 साल बाद इन लोगों ने फ्रांस, ऑस्ट्रिया

1:21:30

और डरमार से अपनीप इलाके का कब्जा छुटवाया

1:21:33

और इन्होंने अपना एक नया देश बनाया जिसका

1:21:37

कैदर विलियम बन जो थे जो उसका राजा बने

1:21:40

ठीक है सर जर्मनी तो बना दिया आपने और

1:21:43

जर्मनी को बनाने में चीफ आर्किटेक्ट का

1:21:45

काम किया है एक ऑटो वन बिस्मार्क में उसके

1:21:47

चीफ मिनिस्टर ने। मैंने कहा बिल्कुल अब

1:21:49

इटली का क्या यह जो तुम लड़कियों के बूट

1:21:52

के बराबर का जो मैप देख रहे हो यह इटली सर

1:21:56

आपको कैसे पता लड़कियों के बूट ऐसे होते

1:21:58

हैं? न्यूज़ में देखा था यार। तुम है ना

1:22:00

मेरी बातें पकड़ा मत करो। पर्सनल हो जाते

1:22:01

हो तुम लोग। यह देखो यह देखिए हील वाला

1:22:04

जूता। चलो वापस आ जाओ। तो ये आपके सामने

1:22:07

इटली का मैप है। पूरा की पूरा जो इटली था

1:22:11

वो सात स्टेट्स में बटा हुआ था। सेवन

1:22:15

स्टेट्स में इटली बटा हुआ था। इन सेवन

1:22:18

स्टेट में से केवल एक इलाका जिसका नाम था

1:22:21

सरदीनिया पिदमोनद। केवल सर्जिनिया पिदमोन

1:22:25

जो था वह इटली के राजा के पास था। बाकियों

1:22:27

पर दुश्मन का कब्जा था। फॉर एग्जांपल अगर

1:22:30

आप नॉर्थ में चले जाएं तो वहां पे

1:22:32

ऑस्ट्रोह हैब्सबर्ग एंपायर का कब्जा था।

1:22:36

अगर आप साउथ में चले जाएं तो वहां पे

1:22:38

बोर्बन डायनेस्टी ऑफ़ स्पेन का कब्जा था।

1:22:40

जी हां, ये दूसरी बोर्बन डायनेस्टी है।

1:22:42

बोर्बन डायनेस्टी ऑफ़ स्पेन।

1:22:45

और बीचोंबीच में पोप का कब्जा था।

1:22:51

यानी कि इटली में केवल सारदीनिया और

1:22:54

पिडमंड जो था यह वाला जो इलाका था वो इटली

1:22:57

के राजा के पास था। नॉर्थ वाला ऑस्ट्रियन

1:22:59

हैब्स के पास था। साउथ वाला स्पेन की

1:23:02

बोर्मेंट डायनेस्टी के पास था और बीच वाला

1:23:04

पोप के पास था।

1:23:06

तो इन्होंने कहा अब हम भी अपना देश

1:23:08

बनाएंगे। तो इन्होंने क्या किया? सबसे

1:23:11

पहले अपना देश बनाने के लिए ये लोगों ने

1:23:13

कई सारे आंदोलन किए। कई बार कोशिश करी। और

1:23:17

उनमें से एक आदमी जो बार-बार कोशिश करता

1:23:19

था उनका नाम था गुजिप मजीनी। गुजिब मजीनी

1:23:23

1807 में पैदा हुए थे जनोवा में। और पैदा

1:23:27

होने के बाद ये चाहते थे कि इनका देश एक

1:23:29

देश बन सके। क्योंकि इनके देश पे जब

1:23:31

दुश्मनों का कब्जा था ये बात इनको बहुत

1:23:33

कचोट के रख देती थी। तो गुजिब मसीनी ने एक

1:23:37

सोसाइटी बनाई यंग इटली नाम की और एक

1:23:40

सोसाइटी बनाई यंग यूरोप नाम की। यहां से

1:23:42

आपको एमसीक्यू बन जाता है कि बताइए यह

1:23:45

दोनों सीक्रेट सोसाइटी किसने बनाई? चाहे

1:23:48

यंग इटली हो, चाहे यंग यूरोप हो, दोनों की

1:23:51

दोनों सीक्रेट सोसाइटी मजीनी ने बनाई थी

1:23:53

क्योंकि इसको मजा आता था सोसाइटी बनाने

1:23:55

में। ऐसे याद कर लेना तुम। मजीनी कहता था

1:23:59

गॉड हैड इंटेंडेड नेशंस टू बी अ नेचुरल

1:24:02

यूनिट ऑफ़ मैनकाइंड। यानी मज़नी कहता था कि

1:24:04

भगवान नेशंस को ऐसा बनाया ताकि वो एक रह

1:24:08

सके।

1:24:09

भगवान नहीं चाहता है कि नेशंस अलग-अलग

1:24:12

रहे। एक नेशन में रहने वाले एक सेम

1:24:14

लैंग्वेज बोलने वाले लोगों को साथ रहना

1:24:16

चाहिए। उसके ऊपर किसी का कब्जा नहीं होना

1:24:18

चाहिए। मजीनी इतना खतरनाक था कि एक बार

1:24:21

इसने लुग्वारिया नाम की एक जगह थी इटली

1:24:24

में। इसने वहां पे कोशिश करी भी थी आंदोलन

1:24:28

करने की। लेकिन बेचारे को पकड़ दिया के

1:24:30

इसको एग्जाइल में भेज दिया गया था

1:24:32

स्विट्जरलैंड 1831 में। लेकिन जब इसको

1:24:36

एग्जाइल पे भेजा गया तो ये वहां पे चुप

1:24:38

नहीं रहे। इन्होंने वहां जाकर अपनी दूसरी

1:24:40

सीक्रेट सोसाइटी बना ली थी जो मैंने अभी

1:24:42

आपको थोड़ी देर पहले बताई थी। यंग यूरोप

1:24:43

यह जब यह एग्जाइल में थे ना स्विट्जरलैंड

1:24:46

यूरोप की कैपिटल बर्न में इन्होंने ये

1:24:48

वाली सीक्रेट सोसाइटी बनाई थी यंग यूरोप

1:24:52

इन्होंने कई सारी सीक्रेट सोसाइटी बनाई।

1:24:54

ये इतना खतरनाक आदमी था कि मैटरनेज अब तुम

1:24:57

बोलोगे सर यह नाम कहीं सुनाना लग रहा है।

1:24:59

अरे थोड़ी देर पहले बताया था कि बैटल

1:25:05

ऑफ वाटर लू जो हुआ था।

1:25:09

1815 में उस बैटल ऑफ वाटर लू में एक तरफ

1:25:13

एबीपीआर ऑस्ट्रिया ब्रिटेन पुरुषिया रशिया

1:25:16

थे वहीं दूसरी दूसरी तरफ हमारा नेपोलियन

1:25:19

था।

1:25:22

मैंने आपको इसमें बताया था कि ऑस्ट्रिया

1:25:24

का जैसे हमारे वहां प्रेसिडेंट होता है।

1:25:26

ऑस्ट्रिया में चांसलर होता था और

1:25:28

ऑस्ट्रिया के चांसलर का नाम था ड्यूक

1:25:30

मैटरनिच। यह वही था जिसने टीटी ऑफ़ वियना

1:25:33

साइन करवाई थी। ड्यूक मैटरनिच ने मज़िनी को

1:25:37

मोस्ट डेंजरस एनिमी ऑफ़ सोशल ऑर्डर कहा था।

1:25:39

यानी कि समाज के लिए सबसे खतरनाक आदमी।

1:25:44

यहां पे आपका एमसीक्यू बन जाता है कि

1:25:45

मजीनी को ये किसने कहा था? आपको याद रखना

1:25:47

है मैटरनिस्ट ने कहा था। तो जब मजीनी कई

1:25:51

बार कोशिश करता था लेकिन ये सक्सेस नहीं

1:25:53

हो पाता था। तो मजीनी से एक आदमी मिलने

1:25:56

गया जिसका नाम था गरीबा।

1:25:58

गरीबा ने कहा मैं आपकी यंग इटली नाम की जो

1:26:01

सीक्रेट सोसाइटी है उसका पार्ट बनना चाहता

1:26:03

हूं। और हम दोनों मिलके इटली को आजाद

1:26:06

कराएंगे। इन्हने कहा ठीक है क्या करोगे?

1:26:09

तो गरीबा ने कहा मैं अपनी आर्मी बनाऊंगा

1:26:11

जिसका नाम है रेड शर्ट आर्मी और इस रेड

1:26:14

शर्ट आर्मी की मदद से हम इटली को आजाद

1:26:17

कराएंगे। तो सबसे पहले ये गए साउथ में और

1:26:21

जब ये साउथ में गए तो इन्होंने क्या करा?

1:26:23

पूरे के पूरे साउथ को घेर लिया और

1:26:25

इन्होंने साउथ इटली में सबसे पहले कब्जा

1:26:28

किया क्योंकि बोर्मन डायनेस्टी जो थी

1:26:30

स्पेन की वो इनसे लड़ नहीं पाई।

1:26:32

इसके बाद इन्होंने क्या किया? यह गए पोप

1:26:35

के पास। अब पोप कौन होता है?

1:26:38

क्रिश्चियनिटी के अंदर दो सेक्ट होते हैं।

1:26:40

एक होते हैं कैथोलिक क्रिश्चियन और एक

1:26:42

होते हैं प्रोटेस्टेंट क्रिश्चियन। जो

1:26:44

कैथोलिक क्रिश्चियंस होते हैं उनका पूरी

1:26:46

दुनिया में एक लीडर होता है जिसे पोप कहते

1:26:49

हैं। और वो जो पोप होते हैं वो इटली के

1:26:52

बीचोंबीच एक कंट्री है जिसका नाम है

1:26:54

वेटिकन सिटी। आज भी ये वहां रहते हैं

1:26:57

वेटिकन सिटी के अंदर।

1:26:59

वैसे तो वेटिकन सिटी एक अलग देश है।

1:27:01

दुनिया का सबसे छोटा देश है। आज से कुछ

1:27:03

साल पहले मैं बता रहा हूं इसमें टोटल इस

1:27:05

पूरे देश के अंदर 1000 लोग थे। मेरी

1:27:07

बिल्डिंग के अंदर हजार लोग काम करते हैं।

1:27:11

तो पोप जो थे वो वेटिकन सिटी में रहते थे

1:27:14

और इन्होंने क्या कर रखा था? वेटिकन सिटी

1:27:15

के साथ-साथ सेंटर इटली के ऊपर कब्जा कर

1:27:18

रखा था। और इनको सपोर्ट करती थी फ्रांस की

1:27:22

आर्मी। क्योंकि फ्रांस वाले भी कैथोलिक

1:27:23

क्रिश्चियन थे। तो अपने पोप को सपोर्ट

1:27:25

करने के लिए फ्रांस ने आर्मी भेज रखी थी।

1:27:27

गरीबाडी ने साउथ इटली को आजाद कराने के

1:27:30

बाद सेंट्रल हिटरी को कवर कर लिया और

1:27:32

फ्रांस के ट्रूप से कहा कि देखो यह तो अब

1:27:34

हम कब्जा करके रहेंगे। पोप हमारे भी प्रिय

1:27:37

हैं। हम उनके साथ लड़ना नहीं चाहते। हम

1:27:39

आपसे कह रहे हैं आप तुरंत छोड़ के चले

1:27:40

जाइए। पोप को छोड़ दीजिए। हम संभाल लेंगे।

1:27:43

हम उनको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस तरीके

1:27:46

से फ्रांस के ट्रूप्स ने यहां से रिट्रीट

1:27:48

कर लिया लड़े बगैर और साउथ फ्रांस का सॉरी

1:27:51

सेंट्रल इटली भी जो था वो अब इटली का

1:27:53

पार्ट बन गया।

1:27:55

अब जब यह सब हो रहा था तो इटली का भी एक

1:27:58

चीफ मिनिस्टर था जिसका नाम था काउंट

1:28:00

केमिलियो केवोर।

1:28:02

इटली के राजा विक्टर इमैनुअल द सेकंड ने

1:28:05

अपने चीफ मिनिस्टर से कहा काउंट केमिलियो

1:28:07

केवोर से तेरा खून कब खोलेगा? अगर सारा ही

1:28:09

काम गरीब्डी को करना है तो तू काहे का चीफ

1:28:12

मिनिस्टर बना बैठा है बे? काउंट कैमिल्यू

1:28:14

केवोर जो था वो बहुत ही क्षतिर डिप्लोमेट

1:28:17

था। उसको पता था बातें कैसे मनवाई जाती

1:28:20

हैं। और काउंट कैमिलियो केवोर नॉर्थ नॉर्थ

1:28:24

इटली के पास गया और वहां पर जाकर

1:28:26

ऑस्ट्रियन हेब्सबर्ग एंपायर से बोला कि

1:28:28

भाई आप यह देश छोड़ के चले जाइए नहीं तो

1:28:30

आपके साथ बहुत बुरा होगा। और इसकी शाति

1:28:34

डिप्लोमेसी के कारण नॉर्थ इटली भी बिना

1:28:36

लड़ाई झगड़े करे इटली का पार्ट बन गया। यह

1:28:40

पूरे इटली के यूनिफिकेशन को होने के लिए

1:28:42

11 साल लगे। लेकिन आखिरकार इटली नाम का

1:28:45

देश बनके तैयार हो गया। फिर इटली भी बन

1:28:49

गया। अब तो और किसकी बात करोगे? अब बात

1:28:52

करते हैं ब्रिटेन की जो कि हमारा लास्ट

1:28:54

है। 18th सेंचुरी यानी कि 1700 से लेकर

1:28:59

1799 का वक्त था।

1:29:03

18th सेंचुरी की अगर हम बात करें तो

1:29:05

इंग्लैंड नाम का ब्रिटेन नाम का कोई देश

1:29:08

नहीं था। यहां पे चार अलग-अलग एथनिसिटी के

1:29:11

लोग रहते थे। अगर आप वेल्स चले जाए तो

1:29:14

यहां वेल्चश लोग रहते थे। इंग्लैंड के

1:29:17

अंदर इंग्लिश लोग रहते थे। स्कॉटलैंड के

1:29:19

अंदर स्कॉट लोग रहते थे। यहां स्कॉटिश लोग

1:29:22

रहते थे और आयरलैंड के अंदर आयरिश लोग

1:29:24

रहते थे। तो इन चारों अलग-अलग इलाकों में

1:29:28

चार अलग-अलग एथेनिसिटी के लोग रहते थे। तो

1:29:31

हुआ क्या? सबसे पहले यह हुआ कि 16th

1:29:34

सेंचुरी में यानी कि लगभग लगभग 1500 से

1:29:37

1599 की बात करी जा रही है। इस टाइम पे एक

1:29:41

राजा थे जिनका नाम था किंग हेनरी द एट। यह

1:29:44

नाम नहीं भी याद रखोगे तो भी चल जाएगा।

1:29:46

लेकिन अगर लिख के आ जाओगे तो एग्जामिनर का

1:29:48

दिमाग फट जाएगा। तो किंग हेनरी द एट जो थे

1:29:52

उन्होंने इंग्लैंड के साथ वेल्स को मिला

1:29:55

दिया। तो सबसे पहले इन्होंने वेल्स के साथ

1:29:58

इंग्लैंड को मिला दिया। किंग हेनरी द ए।

1:30:01

ठीक है?

1:30:02

इसके 100 साल बाद यानी कि 1600 के बाद

1:30:06

सीधा चले जाओ 1700 में एक एक्ट असा साइन

1:30:08

किया गया जिसका नाम था एक्ट ऑफ यूनियन ऑफ

1:30:11

177

1:30:13

और इसके साथ इंग्लैंड और वेल्स के साथ-साथ

1:30:15

स्कॉटलैंड को भी मिला दिया गया। ठीक है

1:30:18

सर। तो पहले इंग्लैंड को वेल्स से मिलाया

1:30:20

गया और फिर इंग्लैंड और वेल्स के साथ

1:30:22

स्कॉटलैंड को मिला दिया गया। फिर इसके 100

1:30:25

साल बाद ये पूरा जो आप टापू देख रहे हो

1:30:28

इसका नाम था आयरलैंड। इस आइलैंड में नॉर्थ

1:30:31

वाले आइलैंड का जो पार्ट है यहां पर

1:30:33

प्रोटेस्टेंट क्रिश्चियंस रहते थे।

1:30:37

प्रोटेस्टेंट क्रिश्चियंस

1:30:40

यहां पे भी प्रोटेस्टेंट क्रिश्चियंस रहते

1:30:42

थे और यहां पे भी पूरे इलाके में भी

1:30:43

प्रोटेस्टेंट क्रिश्चियंस रहते थे और बाकी

1:30:46

के आइलैंड में कैथोलिक क्रिश्चियंस रहते

1:30:48

थे। तो ये ब्रिटेन वालों ने ग्रेट ब्रिटेन

1:30:51

वाले यानी जो अब तक स्कॉटलैंड, इंग्लैंड

1:30:53

और वेल्स हो रखे थे। क्योंकि यह भी

1:30:55

प्रोटेस्टेंट थे और यहां के भी

1:30:56

प्रोटेस्टेंट तो इन्होंने प्रोटेस्ट

1:30:58

क्रिश्चियन से बोला कि हम आपको गोला बारूद

1:31:00

हथियार देंगे। आप अपने देश के लोगों से

1:31:02

लड़ो और आप हमारे साथ जुड़ जाओ। तो

1:31:05

इन्होंने क्या किया? प्रोटेस्टेंट

1:31:06

क्रिश्चियन जो नॉर्थ आयरलैंड वाले थे उनको

1:31:09

रिपब्लिक ऑफ आइलैंड यानी बाकी के लोगों के

1:31:11

साथ दिया। तो प्रोटेस्टेंट

1:31:13

क्रिश्चियन वालों को कैथोलिक क्रिश्चियन

1:31:14

वालों से दिया। और इस तरीके से एक

1:31:17

ये चारों मिलके आखिरकार 1801 में यह भी

1:31:21

इनके साथ जुड़ गए। और इन चारों ने मिलके

1:31:23

एक देश बना लिया जिसका नाम है यूनाइटेड

1:31:25

किंगडम।

1:31:27

यूनाइटेड किंगडम। यूनाइटेड किंगडम कोई एक

1:31:29

देश नहीं है। चार कंट्री को मिला के बनाया

1:31:31

है। इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और नॉर्दन

1:31:33

आयरलैंड। केवल नॉर्दन आयरलैंड। क्योंकि

1:31:36

नॉर्दन आयरलैंड के नीचे जो कंट्री है उसका

1:31:38

नाम है रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड। वो अलग

1:31:40

कंट्री है। आपने कॉर्नर मैग्रोगोर के बारे

1:31:43

में सुना होगा। यूएफसी का यूएफसी का फाइटर

1:31:45

है वो। वो यहां से आता है। रिपब्लिक ऑफ

1:31:48

आयरलैंड्स जो कि यूके का पार्ट नहीं है।

1:31:52

इस तरीके से ब्रिटेन नाम का एक देश बनके

1:31:54

तैयार हुआ। आइए कुछ क्वेश्चन से अपन

1:31:57

प्रैक्टिस करते हैं कि आपको यह समझ में

1:31:58

आया कि नहीं आया। पहला क्वेश्चन आप बताइए

1:32:01

यंग यूरोप नाम की सीक्रेट सोसाइटी किसने

1:32:03

बनाई थी? इस क्वेश्चन का आंसर मैं नहीं

1:32:05

दूंगा क्योंकि ये होमवर्क क्वेश्चन है। आप

1:32:08

अभी इसी वक्त वीडियो को पॉज करिए और आंसर

1:32:10

कमेंट सेक्शन में लिखिए। इंपॉर्टेंट

1:32:12

क्वेश्चन है। अब जहां एक तरफ हमने पढ़

1:32:16

लिया फ्रांस को आजादी दिला दी। जर्मनी को

1:32:19

देश बना दिया, इटली को देश बना दिया, यूके

1:32:21

को देश बना दिया। अब क्या?

1:32:24

अब हम पढ़ते हैं एलगोरी क्या होता है?

1:32:27

एलिगोरी का मतलब होता है जब आप अपनी

1:32:30

कंट्री को परसोनिफाई कर देते हो। भारत

1:32:33

माता क्या है भारत माता? क्या भारत माता

1:32:36

का कोई एड्रेस है? कोई आधार कार्ड है?

1:32:38

क्या आपको पता है कैसे दिखती हैं? कहां

1:32:40

मिलेंगी मुझे भारत माता? भारत माता एक

1:32:43

इमेजिनरी फिगर है। हमने उनमें जान फूंकी

1:32:47

है। ऐसा असली में कोई होता नहीं है। तो जब

1:32:51

आप किसी चीज को ह्यूमैनिफाई कर देते हो,

1:32:53

जब आप किसी चीज को सिंबल्स की मदद से

1:32:57

ह्यूमैनिफाई कर देते हो तो उसे एलिगोरी

1:32:59

कहा जाता है। यहां पे आपके सामने जर्मनी

1:33:02

की एलिगोरी है और जर्मनी की एलिगोरी का

1:33:05

नाम है। मैं आपको कोई और कलर के पेन से

1:33:07

लिख के दिखाता हूं कि जर्मनी

1:33:10

की एलिगोरी का नाम है जर्मेनिया

1:33:14

और ये जर्मेनिया के बारे में आपसे एग्जाम

1:33:16

में पूछा जाता है। एक-एक चीज का एक-एक

1:33:18

मतलब है। फॉर एग्जांपल इनके हाथ में आपको

1:33:21

एक स्वॉर्ड देखने को मिलेगी। यह तीसरे

1:33:24

नंबर पे आप देख सकते हो। यहां पे आपको एक

1:33:26

स्वॉर्ड देखने को पड़ेगी। यह स्वर्ड बता

1:33:29

रही है कि जर्मेनिया कह रही है कि मैं

1:33:30

अपनी कंट्री को डिफेंड करने के लिए तैयार

1:33:32

हूं। भले इसके लिए मुझे तुम्हें चीनना ना

1:33:34

पड़ जाए।

1:33:35

इस स्वर्ड के ऊपर तुम्हें ऑलिव ब्रांच

1:33:37

देखने को मिलेगी और वो ऑलिव ब्रांच यह कह

1:33:39

रही है कि जर्मेनिया कह रही है माना मेरे

1:33:41

हाथ में तलवार है लेकिन मैं इसका इस्तेमाल

1:33:43

नहीं करना चाहती हूं। मैं चाहती हूं पीस

1:33:45

लेकिन अगर तुमने मेरे देश पर हमला किया तो

1:33:46

मैं अपने देश को डिफेंड करने से भी ना

1:33:48

चूकंगी। इसके बाद अगर आप चले जाए तो यहां

1:33:51

पर आपको क्राउन ऑफ ओक देखने को मिलेगा जो

1:33:53

यह हीरोइज्म को दर्शाता है। इसके अलावा

1:33:56

अगर आप बीच में चले जाए तो आपको शील्ड

1:33:58

देखने को मिलेगी जो कि ये बता रहा है कि

1:34:00

पावर और प्रोटेक्शन ये दोनों ही चीजें ये

1:34:02

रिप्रेजेंट करती है और लास्ट में अगर आप

1:34:04

सबसे नीचे चले जाएं तो पांचवें नंबर पे

1:34:06

आपको ब्रोकन चेस देखने को मिलेगी। जो यह

1:34:09

जर्मनी बता रही है, यह ऐलान कर रही है कि

1:34:13

अब हम गुलामी से बाहर निकल चुके हैं।

1:34:17

लास्ट टॉपिक इस चैप्टर से आ जाता है वो है

1:34:19

नेशनलिज्म।

1:34:21

नेशनलिज्म का मतलब होता है देशभक्ति। अपने

1:34:24

देश से प्यार करना। लेकिन कई बार जब

1:34:27

नेशनलिज्म एक लेवल ऊपर चली जाती है तो

1:34:30

निकल के आता है इंपेरलिज्म।

1:34:32

इंपेरलिज्म में आप अपने देश से इतना प्यार

1:34:35

करते हो कि आप दूसरे के देश से हेट करने

1:34:37

लगते हो। आप छोटे देशों के ऊपर, गरीब

1:34:40

देशों के ऊपर, वीक देशों के ऊपर हमला करने

1:34:43

के बारे में सोचते हो। उनके रिसोर्सेज को

1:34:45

लूटने के बारे में सोचते हो। उनको अपनी

1:34:47

कॉलोनी बनाने के बारे में सोचते हो।

1:34:50

यूनाइटेड किंगडम एक इंपेरलिस्ट कंट्री थी।

1:34:53

जो दूसरे देशों पर कब्जा कर लेती थी।

1:34:56

यूएसए ने अभी वेनेजुएला पे कब्जा करके एक

1:34:58

इंपेरलिज्म का शो किया है। एक दूसरे देश

1:35:02

पे हमला कर देना उसके रिसोर्सेज के लिए।

1:35:04

जस्ट बिकॉज़ वो वीक है। इसे इंपेरियलिज्म

1:35:07

कहा जाता है। तो इन दोनों की डेफिनेशन आप

1:35:11

लोगों को याद रखनी है। छोटे-छोटे दो-दो

1:35:12

नंबर के लिए आती है। इंपेरलिज्म हम क्यों

1:35:15

पढ़ रहे हैं? दरअसल ये यूरोप का एक हिस्सा

1:35:17

है। यहां पे आप देख सकते हैं यहां पे आपको

1:35:20

टर्की देखने को मिलेगा।

1:35:22

इधर आ जाएंगे तो आपको यहां पे इटली देखने

1:35:24

को मिलेगा।

1:35:26

टर्की और इटली के बीचोंबीच में जो यह वाला

1:35:28

इलाका है जिसके अंदर आपको स्लोवेनिया,

1:35:30

क्रोशिया, बोसिया, सर्बिया, रोमानिया,

1:35:32

बुल्रिया, मर्सडोनिया, लेबानिया, ग्रीस,

1:35:34

मॉन्टेनियन ग्रो ये वाले देश देखने को

1:35:36

मिलेंगे। इस इलाके को बालकन रीजन कहा जाता

1:35:38

है। इस इलाके में कई सारे छोटे-छोटे देश

1:35:42

हैं। ये एक देश जानते हो क्यों नहीं है?

1:35:44

क्योंकि इन सबकी अलग-अलग कल्चर है,

1:35:45

अलग-अलग ट्रेडिशन है। ये सब अलग-अलग

1:35:47

एथनिसिटी के लोग हैं। तो इन सब ने

1:35:50

अपना-अपना देश बना के रखा हुआ था। लेकिन

1:35:52

ये इतने छोटे-छोटे देश थे कि इनके आसपोस

1:35:55

के जितने भी बड़े देश थे वो इनके ऊपर हमला

1:35:58

करना चाहते थे। इनको अपने साथ मिक्स करना

1:36:00

चाहते थे। इनके रिसोर्सेज लूटना चाहते थे।

1:36:03

चाहे वो कोई भी देश हो सबकी नजर इनके

1:36:05

रिसोर्सेज पे इनकी जमीन पे हुआ करती थी।

1:36:08

तो बालकन रीजन वाला जो इलाका है हर कोई

1:36:10

बालकन रीजन वाले इलाके पे हमला करना चाहता

1:36:13

था। और फिर कुछ ऐसा हुआ जिसने बात को बहुत

1:36:17

ही ज्यादा बिगाड़ दिया। दरअसल

1:36:20

ऑस्ट्रोहंगेरियन एंपायर के एक प्रिंस थे

1:36:23

जिनका नाम था आर्क ड्यूक फ्रांस फर्दनंद।

1:36:27

इनको एक इलाके में जाना था जिसका नाम था

1:36:30

सारा जेवो।

1:36:32

अब सारा जेवो पे ऑस्ट्रोहंगेरियन क्योंकि

1:36:34

ऑस्ट्रोहंगेरियन भी एक इंपेरलिस्ट कंट्री

1:36:36

थी। छोटी गरीब वीक कंट्रीज के ऊपर हमला कर

1:36:39

दिया करती थी। तो ऑस्ट्रोहंगेरियन ने सारा

1:36:42

जेवो पे कब्जा कर रखा था।

1:36:45

और आर्क ड्यूक फ्रांस परंत जो

1:36:47

ऑस्ट्रोहंगेरियन एंपायर के प्रिंस थे उनकी

1:36:49

जिद थी कि नहीं मैं तो जाकर रहूंगा मुझे

1:36:52

जाना है सारा जेवो

1:36:55

अब साराजे में बहुत सारे सर्बियन

1:36:58

नेशनलिज्म के लोग थे जो सर्बिया के थे और

1:37:01

इनको ये बात बिल्कुल पसंद नहीं थी कि

1:37:02

ऑस्ट्रो अंगेरियन एंपायर ने इनके इलाके पे

1:37:04

कब्जा कर रखा है। बहुत सारे लोगों ने

1:37:07

प्रिंस को सजेस्ट किया मत जाओ। वहां के

1:37:10

लोग हमसे खुश नहीं है। वहां के लोगों को

1:37:11

आजादी चाहिए। वहां पे तुम्हारी जान को

1:37:13

खतरा हो सकता है। तुम्हें वहां मार दिया

1:37:15

जा सकता है। लेकिन वो मानने को तैयार

1:37:16

नहीं। वो गया ना केवल गया। वो खुली कार

1:37:20

में गया और अपनी वाइफ को साथ लेकर गया।

1:37:22

कहता मैं काफिला ले निकलूूंगा। तो जब वो

1:37:25

वहां पे जा रहा था अपने काफिले के साथ।

1:37:27

आगे एक गाड़ी पीछे एक गाड़ी और ये बीच में

1:37:29

खुली कार से जा रहे थे। तभी 19 साल का एक

1:37:32

लड़का था जिसका नाम था जेम्स प्रिंसेप और

1:37:34

उसने सॉरी गैब्रिलो प्रिंसेप। यह ब्लैक

1:37:38

हैंड नाम की सोसाइटी से बिलोंग करता था जो

1:37:41

चाहता था सारा जीवों को ऑस्ट्रोहंगेरियन

1:37:44

एंपायर से आजादी दिलाना।

1:37:47

जैसे ही प्रिंस की गाड़ी निकली इसने बम

1:37:50

उठाया और बम उनकी गाड़ी के ऊपर फेंक दिया।

1:37:53

लेकिन किस्मत से प्रिंस जो थे इस हमले में

1:37:57

बच गए। और प्रिंस की गाड़ी आगे निकल गई और

1:38:00

पीछे वाली गाड़ी पे वो बम गिर गया। प्रिंस

1:38:03

जब आगे भगाते हुए उसका ड्राइवर ले गया।

1:38:04

उसके ड्राइवर ने कहा कि मानव बोला था आपसे

1:38:06

मत चलो। आपकी जान को खतरा है। अभी अपन

1:38:08

मरते मरते बचे। आ प्रिंस कहता है अरे ठीक

1:38:12

है ठीक है। गलती हो गई। लेकिन मैंने सुना

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पीछे वाली गाड़ी पे बम पड़ गया। बोले हां

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पड़ गया आपके चक्कर में। बोले गाड़ी

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घुमाओ। हॉस्पिटल लेके चलो। मुझे उसको

1:38:19

देखना है। ड्राइवर ने कहा क्या बोल रहे

1:38:21

हैं आप? हमें सीधा निकलना चाहिए। लेकिन

1:38:23

प्रिंस ठहरा प्रिंस। उसने कहा तुरंत गाड़ी

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घुमाओ। ड्राइवर ने गाड़ी घुमाई। हॉस्पिटल

1:38:28

के लिए जा रहे थे। लेकिन जिस टर्न से उनको

1:38:30

जाना था उस टर्न को मिस करके वो गलत टर्न

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ले लेते हैं और जिस टर्न में वो जा रहे

1:38:34

होते हैं उसी टर्न पर प्रिंसेस मुटकी

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मुंडी लटका के जा रहा होता है वो कहता है

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शिट मुझसे कैसी गलती हो गई मुझसे कैसे मिस

1:38:42

हो गया यार और जब वो अपने आप को कोस रहा

1:38:45

होता है उसी टाइम पे साइड से प्रिंस

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निकलता है वो कहता है इस बार मैं नहीं

1:38:49

छोडूंगा और वो उठाता है बम और तुरंत फेंक

1:38:51

के मार देता है और इस हमले के अंदर आर्क

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ड्यूक फ्रांस परनंद जो थे जो कि

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ऑस्ट्रोहंगेरियन एंपायर के प्रिंस उनका

1:38:58

अससिनेशन हो जाता है। वो मर जाते हैं।

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ऑस्ट्रोहंगेरियन एंपायर जो था वो इस चीज

1:39:05

की पूरा का पूरा ब्लेम सर्बिया पे ठोक

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देता है। और कहता है ये ब्लैक हैंड नाम का

1:39:10

जो सीक्रेट सोसाइटी ग्रुप है ये सर्बिया

1:39:13

के लोग चलाते थे। इनको बिल्कुल पसंद नहीं

1:39:15

था। सारा जेबों पे हमने हमला कर रखा कब्जा

1:39:17

कर रखा था और ये चाहते थे कि इसको आजादी

1:39:20

दिलाना।

1:39:21

और इनके कारण हमारा प्रिंस मरा है। तो

1:39:24

इसकी जिम्मेदारी आपकी है। और इन लोगों ने

1:39:27

सर्बिया के ऊपर हमला करने के बारे में

1:39:29

सोचा। लेकिन क्योंकि सर्बिया छोटा देश था।

1:39:32

रशिया आया उनके सपोर्ट में और रशिया ने

1:39:34

कहा कि नहीं ऑस्ट्रोंगेरियन एंपायर तुम

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सर्बिया को नहीं मार सकते हो। जब रशिया

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सर्बिया के सपोर्ट में आया तो

1:39:41

ऑस्ट्रोंगेरियन एंपायर के सपोर्ट में

1:39:43

जर्मनी आ गया। और जब जर्मनी ऑस्ट्रंगेरियन

1:39:46

एंपायर के सपोर्ट में आ गया तो रशिया और

1:39:48

सर्बिया के सपोर्ट में फ्रांस और ब्रिटेन

1:39:50

आ गए। और इस तरीके से दो ग्रुप बन गए

1:39:53

जिसके बाद वर्ल्ड वॉर वन की शुरुआत हुई।

1:39:58

इस चैप्टर से जो भी इंपॉर्टेंट डेट्स हैं

1:40:00

ये सारी की सारी इंपॉर्टेंट डेट्स मैंने

1:40:02

यहां लिख दी है। मुझे कई बार बच्चे

1:40:04

Instagram पे मैसेज करते हैं कि सर

1:40:05

इंपॉर्टेंट डेट्स बता दो। कौन-कौन सी डेट

1:40:07

याद करनी है? कोई दिक्कत नहीं है।

1:40:10

लेक्चर से जो जो आ सकता है, चैप्टर से जो

1:40:13

जो आ सकता है, सब इस वन शॉट में लेकर आया

1:40:17

हूं मैं। तुम्हें बस एक वनशॉट देखना है और

1:40:20

तुम्हें याद करना है। इसके अलावा तुम्हें

1:40:22

कुछ नहीं करना है।

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कुछ क्वेश्चंस हैं। जैसे कि पहला क्वेश्चन

1:40:27

है कि किसे आर्किटेक्ट ऑफ यूनिफिकेशन ऑफ़

1:40:29

जर्मनी कहा जाता है? वीडियो को पॉज करिए।

1:40:32

कमेंट सेक्शन में आंसर करिए। किया आपने

1:40:34

आंसर कि नहीं किया? अरे करो भाई। क्या कर

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रहे हो? बैठ के देख रहे हो। भाई

1:40:38

यूनिफिकेशन ऑफ जर्मनी का आर्किटेक्ट ऑटोवन

1:40:41

बिस्मार्क को कहा जाता है जो उनके चीफ

1:40:42

मिनिस्टर थे। अगला क्वेश्चन फीमेल एलिगोरी

1:40:46

ऑफ़ फ्रांस के बारे में क्या चीज सही नहीं

1:40:49

है? मैंने आपको जर्मनी के एलिगोरी के बारे

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में बताया था। फ्रांस की एलिगोरी का नाम

1:40:54

है मैरिएन।

1:40:57

मैरिएन।

1:40:59

तो फ्रांस की एलिगोरी के बारे में क्या

1:41:01

चीज सही नहीं है? आपके सामने चार ऑप्शन

1:41:03

है। पॉज द वीडियो एंड आंसर इन द कमेंट

1:41:05

सेक्शन। किया आपने सच्ची बात बोल रहे हो

1:41:08

ना करा कि नहीं करा दोस्तों इसका सही जवाब

1:41:10

है इसका सही जवाब है बी शी टूक पार्ट इन

1:41:14

फ्रेंच रिवोल्यूशन मैं आपको पहले भी बता

1:41:16

चुका हूं कि एलिगोरी जो होता है वो कभी भी

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रियल नहीं होता है तो जब वो रियल हो ही

1:41:21

नहीं सकता तो वो फ्रेंच रिवोल्यूशन में

1:41:23

पार्टिसिपेट कैसे कर सकती थी चार क्वेश्चन

1:41:27

जो और इंपॉर्टेंट आ जाते हैं। आपको टीचर्स

1:41:29

के पीछे भागने की जरूरत नहीं है।

1:41:31

इंपॉर्टेंट क्वेश्चन भी मैं ही बताता हुआ

1:41:32

जा रहा हूं आपको। पहला क्वेश्चन ऑटो वन

1:41:35

बिस्मार्क ने यूनिफिकेशन ऑफ जर्मनी कैसे

1:41:37

करी? दूसरा क्वेश्चन ब्रिटेन का

1:41:40

यूनिफिकेशन कैसा हुआ? तीसरा क्वेश्चन

1:41:43

इटालियन यूनिफिकेशन कैसे हुआ? यह सारी

1:41:45

चीज़ें हमने डिटेल में पढ़ी है। किस तरीके

1:41:48

से लिबरलिज्म हुआ था ऑफ़ यूरोप में। उसने

1:41:50

क्या असर डाला आपको यह बताना है। इसी के

1:41:53

साथ दोस्तों हमारा ये वाला लेक्चर समाप्त

1:41:56

होता है। जैसा कि मैंने आप लोग को बताया

1:41:58

कि क्लास 10थ के बच्चों के लिए वॉरियर में

1:42:02

हम उन लोगों को एक दिन में एक चैप्टर वो

1:42:05

भी रिकॉर्डेड फॉर्मेट में दे रहे हैं।

1:42:07

इसका कुछ रीज़न है। पहला रीज़न ये है कि हम

1:42:10

चाहते हैं कि आपको ओवरलोड ना किया जाए। अब

1:42:14

अगर मैं यही लेक्चर आपको लाइव पढ़ाने जाता

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तो यह लेक्चर मुझे पढ़ाने में 3 घंटा लग

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सकता था और अभी आपके पास टाइम नहीं है।

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टाइम इज मनी फॉर यू राइट नाउ। आपकी लाइव

1:42:23

क्लासेस चल रही हैं साइंस की। आपकी लाइव

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क्लासेस चलेंगी आगे जाके और भी। मैं चाहता

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हूं कि YouTube पे मैं आप लोग को

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रिकॉर्डेड फॉर्मेट में क्लासेस देता रहूं

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ताकि जब आपको वक्त लगे जितने पेज में आप

1:42:34

देखना चाहे 15x 1.5x 2x आप उस पेज में

1:42:37

देखिए। कोई टॉपिक ऐसा हुआ है जो आपको आता

1:42:39

है आप उसको फास्ट फॉरवर्ड करके बढ़ा के

1:42:41

स्किप करके देख लीजिए। और इसमें वॉरियर की

1:42:45

सीरीज में मैं आपको चार डे का चैलेंज लेकर

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आया हूं। हर दिन एक चैप्टर कराऊंगा। चार

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दिन के अंदर हिस्ट्री खत्म कर दूंगा। तेरे

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अंदर इतना कॉन्फिडेंस होगा तू बोलेगा यार

1:42:54

सर ने हिस्ट्री खत्म करा दिया। और इस चार

1:42:57

दिन के चैप्टर चैलेंज के अंदर आज पहला डे

1:43:00

खत्म हो गया है। यानी कि हमने राइज़ ऑफ

1:43:01

नेशनलिज्म इन यूरोप कर दिया। अगर तुम यहां

1:43:05

तक आ गए हो और अगर तुम डे वन का चैलेंज

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कंप्लीट कर गए हो तो अभी इसी वक्त वीडियो

1:43:10

को पॉज करो और कमेंट सेक्शन में लिख के

1:43:12

जाओ डे वन कंप्लीटेड। कल मैं तेरे लिए डे

1:43:15

टू चैलेंज लेकर आऊंगा और तू लिख के जाएगा

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डे टू कंप्लीटेड और हर दिन जब तू ये जो

1:43:19

चैलेंज लिखता जाएगा कमेंट करता जाएगा तेरा

1:43:21

अलग ही कॉन्फिडेंस होता जाएगा। कल आने

1:43:24

वाला हूं मैं तुम्हारे लिए नेशनलिज्म इन

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इंडिया का लेक्चर लेकर। तो भैया अब इसका

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बैकलग मत होने देना। प्लीज अपने दोस्तों

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को भी साथ लेके चलो। यहां पे हमारा लेक्चर

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समाप्त होता है। अगर लेक्चर अच्छा लगा हो

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तो एक छोटा सा कमेंट छोड़ के जरूर जाइएगा।

1:43:40

और हिस्ट्री के बाद आप क्या पढ़ना चाहते

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हैं वो भी बताइएगा। चार दिन के हिस्ट्री

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के चैलेंज के बाद आप कौन सा चैलेंज लेना

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चाहते हैं? आज के लिए दोस्तों केवल इतना

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ही। मिलते हैं अगली क्लास में एक नए

1:43:51

लेक्चर के साथ। टिल नेक्स्ट टाइम बच्चों

1:43:53

बाय-बाय। टेक केयर। ऑल द बेस्ट। डे, वन

1:43:56

कंप्लीटेड जरूर लिख के जाइएगा।

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