हिंदी में कन्या के सात वचन।। Hindi me Kanya ke Sat Vachan ।।9918274027 #विवाह #सात #वचन
आप लोगों ने तो अपने शादी विवाह में सुने
होंगे ना मगर याद नहीं है ना आज ताजा कर
लीजिए उसको ठीक है और सबको ध्यान से सुनना
है और अगर भूल गए हैं तो फिर से आप याद कर
लीजिए कि कैसे आपको जो है दांपत्य जीवन
कैसे चलाना चाहिए और कैसे पालन करना चाहिए
ठीक है ना मेन तो अपर्णा और सुरेश के लिए
मैं बता रहा हूं मगर साथ ही साथ आप लोग भी
फॉलो करिए उसको सुनिए
ठीक
कन्या [गला साफ़ करने की आवाज़] के सात
वचन भैया सुरेश भैया ध्यान से सुनिए
बिल्कुल ये सात वचन जो है ये दांपत्य जीवन
को सुखमय बनाने के लिए सुनाया जाता है
बताया जाता है कि कैसे आप अपने दांपत्य
जीवन को अच्छी तरह से निर्वाह करेंगे और
कैसे करना है जब तक आपके बाएं भाग में
नहीं आएंगी तब तक सिंदूर दान होने वाला
नहीं है
और जब तक सिंदूर दान नहीं होगा
तब तक आपकी पूरी पूरी तरह से धर्पत्नी अभी
नहीं है।
अब आइए हम आपको सात वचन सुना सुना रहा
हूं। अपर्णा बिटिया कह रही हैं कि हम
हमारे कुछ वचन हैं। आप स्वीकार करेंगे तो
मैं आपके बाम भाग में आऊंगी। और भैया
अपर्णा बिटिया कह रही हैं अरे वर को पाने
से पहले कन्या के हैं ये सात वचन
अरे वर को पाने से पहले कन्या के हैं ये
सात वचन
और सातों शक्ति प्रतिज्ञा है दिल से करना
होगा पालन
कह रही
तीतोपन
यज्ञ दानम
मया सहम
यदि कांत कुरया
बामांग मायादाम
[गाना गाने की आवाज़]
जगाद वाक्यम
प्रथमम कुमारी
पहले वचन में कह रही हैं अरे करोति तीर्थ
यात्रा
मेरे संग रहकर
अरे करो तीर्थ यात्रा
मेरे संग रहकर
और करो यज्ञ व्रत दान साथी समझ कर अगर बात
मानो
प्रथम ये हमारी
तो अर्धांग ंगनी मैं बनूंगी तुम्हारी
तो बांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी
पहले वचन में कह रही हैं
होने वाले हे मेरे पति हे स्वामी आज के
बाद मैं कोई भी पूजा पाठ करना चाहूं कोई
व्रत करना चाहूं आप कभी बाधक नहीं बनेंगे
पूजा पाठ में और यदि यदि कोई आप पूजा पाठ
यज्ञ अनुष्ठान करते हैं तो हमें उसमें साथ
रखें। यदि हम
पूजा पाठ करती हूं तो उसमें आपको भाग लेना
है। हमारे साथ रहकर के पूजा पाठ में शामिल
होना है। और ग्रंथिबंधन करके मेरे साथ हवन
करना है। आरती करना है और भागमभाग नहीं
मचाना है। ये कह रही हैं जल्दी करिए जल्दी
करिए। हमें जाना है। ऐसा व्यवहार आप नहीं
करेंगे। कभी नहीं करेंगे। स्वीकार है।
स्वीकार है भैया। एक बार जोरदार ताली बता
दीजिए भैया सुरेश भैया के लिए। तो
[प्रशंसा] आइए दूसरे वचन में प्रवेश करते
हैं। हव्य प्रदान
रमरान पीक्य
प्रदान
यदि पूजथा
आमांग माया
दातम
जगाद कन्या
वचनम द्वितीयम
दूसरे वचन में कह रही है सब लोग ध्यान से
सुनिए जितने लोग यहां पर जन बैठे हैं वर
पक्ष और कन्या पक्ष के अरे करो देव अर्चन
सुरगण मनाओ [गाना गाने की आवाज़]
अरे करो देव अर्चन चन सुर गण मनाओ
करो श्राद्ध पितों की श्रद्धा बढ़ाओ
अगर अगर बात मानो
द्वितीया हमारी
तो बामांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी सुरेश भैया तो
अर्धांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी
दूसरे वचन में कह रही हैं देखिए जिनकी
शादी हो गई है वो लोग भी ध्यान से सुने आप
लोगों के दिमाग से जो बात डिलीट हो गई है
आप लोग भूल गए हैं आप लोग भी फॉलो करिए
ऐसा नहीं एक बार
सुन लिया और निकाल दिया दिमाग से सब लोग
फॉलो करें दूसरे वचन में अपर्णा बिटिया
रानी यानी कह रही हैं आज से देवताओं का
अर्चन वंदन हवन आदि कर्मों को करते रहना
और हमेशा
पूर्वजों को पितरों को याद करना है।
समय-समय समय-समय पर श्राद्ध आदि कर्मों को
करते रहना है। सुरेश भैया और अपने
पूर्वजों को याद करके ही कोई कार्य करना
है। क्योंकि जब पूर्वज प्रसन्न होंगे
तो आशीर्वाद प्रदान करेंगे। हां। आज के
युग में क्या हो रहा है कि पिता खत्म हो
जाते हैं। बेटा जो है श्मशान जाता है
स्नान नहीं करता है। हां। एक दिन में
पिंडदान करके कमाने के लिए चला जाता है।
हां तो पितर प्रसन्न नहीं होते हैं। तो ये
कह रही हैं कि पितरों को प्रसन्न करिए और
जब प्रसन्न रहेंगे पितर तो आशीर्वाद
प्रदान करेंगे और हमारे वंश की वृद्धि
होगी। अगर पित्त नाराज हैं तो वंश की
वृद्धि हो नहीं सकती है। और एक बात कह रही
हैं कि जैसे आप अपने माता-पिता का सम्मान
करते हैं।
उसी तरह हमारे भी माता-पिता का सम्मान
करना। हमेशा इस तरह का व्यवहार करना है।
दूसरा वचन स्वीकार है भैया।
हां। एक बार फिर जोरदार ताली बजा दीजिए।
भैया के लिए [प्रशंसा]
तीसरे वचन में प्रवेश कर रहे हैं
कुटुंबक्षा
भरणम यदि त्वम कुरया पशु नाम परिपालन
चा बांग मायादाम
जगाद कन्या
वचनम तृतीयम
तीसरे वचन में भैया कह रही हैं निज परिवार
रक्षा
विवर्धन करो तुम
करो तुम परिश्रम
धनार्जन करो तुम अगर बात मानो
तृतीया हमारी
तो अर्धांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी
तो बांगिनी
मैं
बनूंगी तुम्हारी
आप ध्यान दें भैया तीसरे तीसरे में कह रही
हैं भैया आप हमेशा अपने परिवार की रक्षा
करिए
अब आप अपना लड़प्पन समाप्त करिए कह रही
हैं
अब आप एक जिम्मेदार बनने जा रहे हैं आज से
आपकी एक जिम्मेदारी एक परिवार की हो गई।
हो गई कि नहीं हो गई? दूसरी बात ये कह रही
हैं ये जो हाथ आपने थामा है भैया सुरेश
भैया ये कह रही हैं ये जो हाथ आपने थामा
है ये जीवन में कभी मत छोड़ना। क्यों नहीं
छोड़ेंगे? जिस विधा में हमने अपना पतिका
पति स्वीकार किया है। सनातन पद्धति में
वैदिक विधान में वैदिक विधि में विधि के
साथ
[गला साफ़ करने की आवाज़] किया है। हमारे
सनातन वैदिक विधान में विवाह जोड़ने की
विधि तो है। तोड़ने की विधि बनी ही नहीं
है। हमेशा हाथ थाम कर रखना स्वीकार है।
जोरदार भैया ताली फिर बजा दीजिए।
[प्रशंसा]
चौथे वचन में प्रवेश कर रहे हैं।
आयम बयंम धनादिका
नाम
दृष्टानम
प्रगहम विद
[गला साफ़ करने की आवाज़]
बामांग माया
दात
[गला साफ़ करने की आवाज़] जगाद कन्या
वचनम चतुर्थम
चौथे वचन में कह रहे
धनधान्य अर्जन
विवर्धन करो तुम
गृहस्ती संभालो
समार्जन करो तुम [गाना गाने की आवाज़]
अगर बात मानो
चतुर्थी हमारी
तो बामांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी
तो अर्धांगिनी
मैं
बनूंगी तुम्हारी
चौथे में कह रही हैं कमाइए ज्यादा और
खर्चा कम करिए
आज से अंकुश लगा रही हैं।
आज से अपने दोस्तों के पीछे पैसा लुटाना
बंद करिए। धन बचा कर रखिए। जो कुछ भी
कमाते हैं
सारा का सारा हमें आप ला के दें। यह कह
रही हैं सारी सैलरी ला के मेरे हाथ में
रखना है और कल जाते ही जितने भी आपके
कार्ड है कह रही हैं डेबिट कार्ड,
एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बैंक पासबुक
सारा का सारा हमें आप दे दीजिए।
मेरे हिसाब से आप खर्च करना है। ये कह रही
हैं जो धन आप कमाएं वह धन हमें दें। देखें
कितना आप कमाते हैं। ये कह रही हैं। उस
हिसाब से खर्च करना है क्योंकि घर चलाना
स्त्रियों को ही आता है। अगर इनके पास अगर
आप ₹100 दे देंगे तो आप एक दिन जब मांगे
तो 100 में 99 नहीं होगा। आपका 100 का 100
मिलेगा। क्योंकि लक्ष्मी होती हैं इनके
पास जो आप देंगे जल्दी से खर्चा करती नहीं
है और खर्चा करना होता है तो पति से मांग
लेती हैं कि ये सामान हमें लेना मेरे पास
बचा ही नहीं है
और कह रही हैं हमेशा ऐसा व्यवहार करें
मेरे अनुसार खरीदने बेचने का प्रबंध करें
जो कुछ भी खरीदे बेचे मेरे अनुसार आप करिए
स्वीकार है एक बार फिर भैया जोरदार ताली
बजा दीजिए सुरेश भैया के लिए
और पांचवे वचन में प्रवेश
कर रहे हैं देवा [गला साफ़ करने की आवाज़]
लया राम मत डाग कुप
बापी विध्या
यदि पूजथा
बामांग माया
मित्व दीम
जगाद कन्या
वचनं चप पंचम
पांचवे वचन में कह रही हैं देवालय बनाओ
या कुप बनाओ
श्रद्धा सहित
तो पुरुषार्थ कमाओ
अगर बात मानो
पांचवी हमारी
तो अर्धांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी
तो बांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी।
पांचव वचन में कह रही हैं यदि आप भैया
सुरेश भैया यदि आप देवालय बाग कुप बावली
आद बनवाना उनके पूजा पाठ हमें आप साथ रखें
और एक विशेष बात कह रही हैं जुआ और जुए
जैसे वस्तुओं से दूरी बनाकर रखना है शराब
और शराबी मित्रों से दूरी बनाकर रखना है।
जितने भी शराबी मित्र हैं उनका साथ आज से
आप छोड़ देंगे उनके साथ उठना बैठना नहीं
करेंगे। स्वीकार है ना?
चलिए एक बार फिर भैया जोरदार ताली बजा
दीजिए जिनके हाथ में काफी ना हो। हां छठे
वचन में प्रवेश करते हैं। अरे देशरेवा
स्वपंतरेवा
यदा विद
क्रिकम
बामांग मायादाम
जगाद कन्या
वचनम चष्टम
छठवे वचन में कह रही हैं घर में रहूं या
सभा में रहूं मैं
स्त्रियों का रखो मान स्वधर्मी बनो तुम
अगर बात मानो
छठवी हमारी
तो बामांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी सुरेश भैया
अर्धांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी तुम्हारी क्या सुंदर
भाव है मेरे प्यारे छठे वचन में कह रही है
आज से अपने घर में बराबर
का अधिकार देना पड़ेगा आपको आज से आपकी
धर्मपत्नी बन रही है तो बराबर अधिकार
रहेगा ही और भी निर्णय कर करें कोई भी
गाड़ी खरीदें प्लॉट खरीदें मकान खरीदें
देश में खरीदें या विदेश में खरीदें बगैर
मेरी सलाह के बिना कोई भी कार्य नहीं करना
है कुछ भी खरीद खरीदते हैं, बेचते हैं तो
इनसे भी पूछ लेना चाहिए क्योंकि आज से
आपकी यह धर्प बन गई है। सलाह लेकर के ही
कार्य को करना चाहिए और बराबर का हक
प्रदान करिए। जो भी कार्य करने जा रहे
हैं। मेरी
मेरी सलाह बहुत जरूरी है। आप हमेशा सलाह
लेंगे। स्वीकार है। एक बार फिर जोरदार
ताली भैया बजा दीजिए सुरेश जी के लिए।
[प्रशंसा]
चलिए भैया अंतिम वचन है। सब लोग ध्यान से
सुनिए।
हां सातवां वचन में हम सातवें वचन में
प्रवेश
करते हैं।
सब लोग ध्यान से सुनिए। सातवां वचन बहुत
ही महत्वपूर्ण है और कलयुग के लिए राम बाण
है। सब लोग ध्यान से सुनिए।
अरे न सेवनिया
यदि पार किया।
न सेवनी
यदि पार किया
तो भोभानीति
बांगमाया
दातम
जगाद कन्या
वचनम च सप्तमम
कह रही है भैया सब लोग ध्यान से सुनिए
[गला साफ़ करने की आवाज़]
अपर्णा बिटिया क्या कह रही है? सातवां वचन
बहुत ध्यान से सुनिए। सब लोग सुने।
पर नारियों से ना अंखियां मिलाना।
क्या कह रही है? सुन रहे हो? पर नारियों
से ना अंखियां मिलाना।
मेरे भाव से ही सदा सुख मनाना।
अगर बात मानो
आखिरी हमारी
तो बामांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी
तो अर्धांगिनी
मैं बनूंगी तुम्हारी।
सातवां वचन बहुत ही कठिन है और कलयुग के
लिए राम बाण है भैया।
सातवें वचन में कह रही है आपकी कोई
प्रेमिका तो नहीं है भैया आपकी कोई
प्रेमिका तो नहीं है
बिटिया रानी कह रही है इसी समय उनका
मोबाइल नंबर उनकी फोटो
और मोबाइल से और अपने दिमाग से डिलीट कर
दीजिए। आज से पूरे संसार में 16 साल से
लेकर के 35 साल तक की जितनी भी माताएं हैं
बहने हैं विवाहित या अविवाहित
हमको छोड़ के कह रही हमको छोड़ के सभी
आपकी बहनें हैं। जो बड़ी हैं, कोई बुआ है,
कोई भाभी हैं, कोई मां है, सबको मां के
समान देखना है। और बुरी नजर से नहीं देखना
है। किसी के साथ हास परिहास आज से नहीं
करना है। बुरी नजर नहीं डालेंगे।
नहीं डालेंगे ना? सारे नंबर डिलीट कर
देंगे। स्वीकार है। [हंसी]
अच्छा सातवा वचन स्वीकार है।
स्वीकार ना एक बार जोरदार ताली बजाइए भैया
के लिए। [प्रशंसा]
प्रेम से बोलो लक्ष्मी नारायण भगवान की
जय।
वृंदावन बिहारी लाल की
जय।
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