Yakshini ki kahani,Episode no 5
[संगीत]
युग डरते हुए अभिमन्यु से कहता है यार
तूने आवाज सुनी अभिमन्यु हैरानी के साथ
पूछता है कैसी आवाज यार लड़की की आवाज
अभिमन्यु चिढ़ते हुए कहता है यार ये तूने
क्या जब से लड़की की आवाज लगा रखा है जब
से यहां पर आया है कह रहा है लड़की की
आवाज लड़की की आवाज किस लड़की की आवाज की
बात कर रहा है तू यार। पता नहीं पर सच में
मैंने दो-तीन बार किसी लड़की की आवाज
सुनी। लगता है तेरे कान कुछ ज्यादा ही बज
रहे हैं। यह बता तू रास्ते भर कान में
हेडफोन डालकर गाने सुनते हुए आया है ना?
हां। पर यह बात तुझे कैसे पता? यार तभी तो
तुझे आवाज सुनाई दे रही है। होता क्या है
ना जब भी हम 3-4 घंटे तक लगातार गाने
सुनते [संगीत] हैं तो उनके बोल हमें याद
रह जाते हैं और वही बोल हमारे कानों में
गूंजने लग जाते हैं। यार पर
युग कुछ बोल पाता उससे पहले ही अभिमन्यु
कहता है परवर छोड़ जब से कह रहा था
ग्रेवयार्ड कोठी जाना है और जब ताला खुल
गया तो बाहर खड़ा हुआ है। कोई शुभ मुहूर्त
का इंतजार कर रहा है क्या या फिर किसी का
इंतजार कर रहा है कि कोई आएगा और तेरा
ग्रेव प्रवेश करवाएगा। युग अभिमन्यु की
बात का कुछ जवाब नहीं देता है और कोठी के
अंदर घुस जाता है। कोठी के अंदर लाइट नहीं
थी। हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा था। इतना
अंधेरा कि कहीं कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
अभिमन्यु कोठी के अंदर घुसते हुए कहता है,
यार यहां पर तो बहुत अंधेरा है। [संगीत]
ऐसा लग रहा है जैसे किसी अंधेर नगरी में आ
गए हो। युग अपने मोबाइल का टॉर्च ऑन कर
लेता है। अपना बचपन कोठी में ही गुजारने
के कारण युग को पता था कि लाइट का स्विच
कहां पर है। कुछ ही देर में युग को लाइट
का स्विच मिल जाता है और वो जैसे ही स्विच
दबाता है कोठी के अंदर चारों तरफ उजाला हो
जाता है। कोठी रोशनी से जगमगा उठती है।
अभिमन्यु हैलोजन के बल्ब को देखते हुए
कहता है यार तूने एक चीज नोटिस की? युग
हैरानी के साथ पूछता है। कौन सी चीज? यही
यार कि यह कोठी 13 सालों से बंद थी। पर तू
खुद देख लाइट का कनेक्शन अभी तक काम कर
रहा है। ऐसा कैसे हो सकता है? यू कुछ
सोचते हुए कहता है हो सकता है लाइट का
कनेक्शन बिजली विभाग वालों ने काटा ही ना
हो। अभिमन्यु फटाक से पूछता है और वो
क्यों? क्योंकि उनके मन में भी यक्षिणी का
खौफ होगा और वह यहां पर आने से डरते
होंगे। इसीलिए उन्होंने लाइट का कनेक्शन
काटा नहीं होगा। अभिमन्यु युग की बात का
कुछ जवाब नहीं देता क्योंकि उसे युग की
बात बिल्कुल ठीक लगी थी। वह कोठी को देखने
लग जाता है। 13 सालों से कोठी बंद होने के
कारण हर जगह धूल ही धूल थी। मकड़ी ने कई
सारे जाारे बनाकर रखे हुए थे। कोठी के
अंदर दो बड़े से गुंबद बने हुए थे जो कोठी
की खूबसूरती को चार चांद लगा रहे थे। कोठी
की सीढ़ियां संगमरमर से बनी हुई थी। हॉल
में बर्माटिक और बेल्जियम के बड़े-बड़े
झूमर थे। कोठी का फर्नीचर मोहगनी की लकड़ी
का था। दीवारों पर कई कलाकृतियां बनी हुई
थी जिसकी सजावट के लिए तलवारें, रस्सी,
कुल्हाड़ी अलग-अलग चीजें टंगी हुई थी जो
काफी पुराने जमाने की थी। उन पुरानी चीजों
को देखकर ऐसा लगता था कि हर एक चीज के
पीछे कोई ना कोई कहानी छिपी हुई थी।
अभिमन्यु कोठी के चारों तरफ अपनी नजरें
घुमाते हुए कहता है, यार यह ग्रेवयार्ड
कोठी अंदर से तो बहुत शानदार है। इतनी
पुरानी इमारत है पर देखकर ऐसा लगता है कि
जैसे अभी एकद साल पहले ही बनाई गई हो। कुछ
भी बोलो। यह अंग्रेज लोग काम एकदम बढ़िया
करते हैं। इतना बढ़िया कि सालों साल तक
चले। मेरे तो समझ में नहीं आ रहा कि तेरे
रिश्तेदारों ने इतनी अच्छी कोठी इतने
सालों से बंद क्यों रखी थी। युग अभिमन्यु
के सवाल का कुछ जवाब नहीं देता है। वो गौर
से कोठी का कोना कोना देख रहा था। उसे
देखकर ऐसा लग रहा था कि कोठी को देखकर
उसके बचपन की यादें ताजा हो गई हो।
अभिमन्यु अपनी बात को आगे जारी रखते हुए
कहता है यार इस कोठी की भी बड़ी बेकार
किस्मत है। एकद हफ्ते बाद अपने वेकेशन
खत्म करके तू यहां से चला जाएगा और फिर से
इतनी प्यारी कोठी बंद हो जाएगी। मैं कहां
जाऊंगा? अभिमन्यु फटाक से कहता है अपने
शहर बेंगलुरु जहां पर तू रहता है और कहां
पर जाएगा तू यहां पर अपनी छुट्टियां ही
बिताने आया है ना शहर से मन भर गया होगा
तो युग उदास चेहरा बनाते हुए कहता है
मैंने बोर छोड़ दिया है और अब मैं कहीं
नहीं जाऊंगा हमेशा यहीं पर रहूंगा
अभिमन्यु अपनी आंखें फाड़ते हुए कहता है
क्या कहा तूने बोर छोड़ दिया है पर क्यों
तू तो बोर में सेटल हो गया था ना अंकल जी
के शांत हो जाने के बाद 13 सालों से वहीं
पर तो रह रहा है तू। तो अब ऐसा क्या हो
गया कि तू अपना सब कुछ छोड़कर वापस अपने
गांव आ गया? तुझे पता है ना गांव की
जिंदगी शहर की जिंदगी से बहुत अलग होती है
और यह बंगलामुंडा गांव है। यहां पर
नेसेसरी चीज भी मुश्किल से मिलती है। हां,
पता है मुझे पर मैंने फैसला कर लिया है।
चाहे कुछ भी हो जाए पर अब मैं हमेशा यहीं
पर रहूंगा। पर क्यों? आखिर शहर में तेरे
साथ ऐसा क्या हुआ कि तू अपना सब कुछ
छोड़कर गांव में रहने आ गया? [संगीत]
यार अभिमन्यु देख अभी ना मेरा तुझे कुछ भी
बताने का बिल्कुल मूड नहीं है। मेरा सिर
बहुत तेज दर्द हो रहा है। लंबा सफर करने
के कारण नींद भी बहुत आ रही है इसलिए सोने
दे मुझे। मैं तुझे सुबह सब कुछ बताता हूं
ना। अभिमन्यु युग की हालत समझ जाता है और
उदास चेहरा बनाते हुए कहता है, [संगीत]
हां, चल ठीक है। पर तू सोएगा कहां? कोठी
में तो सब जगह धूल जमी हुई है। इतनी धूल
पर सोएगा क्या?
[संगीत]
अभिमन्यु ने डाइनिंग टेबल पर फूंक मारते
हुए कहा। युग अपने आसपास देखते हुए कहता
है, लगता है कल सुबह उठकर सबसे पहले सफाई
करनी पड़ेगी। खैर, रात गुजारने के लिए
मेरे बैग में दो ब्लैंकेट रखे हुए हैं। एक
तू ले ले, एक मैं ले लेता हूं। वही बिछाकर
सो जाएंगे। फिर सुबह कुछ ना कुछ तो कर ही
लेंगे। हां, ठीक है। युग अपने बैग में से
ब्लैंकेट निकालता है और दोनों उसे बिछाकर
उस पर सो जाते हैं। [संगीत] चांदनी रात थी
और युग एक लड़की के साथ नदी के किनारे
बैठा हुआ था। छोटी-छोटी लहरें बार-बार उन
दोनों के पैरों को स्पर्श कर रही थी। युग
का चेहरा तो साफ दिख रहा था। पर लड़की का
चेहरा क्लियर नहीं दिख रहा था। उस लड़की
ने काले रंग की साड़ी पहनी हुई थी। उसने
अपना सिर युग के कंधों पर रखा हुआ था।
दोनों ही एक दूसरे से चिपक कर बैठे हुए
थे। वो लड़की आसमान में दिख रहे चांद को
देखते हुए कहती है, एक बात पूछूं आपसे?
युग प्यार से कहता है, हां, पूछो ना।
[संगीत] इसमें इतना हिचकिचाने वाली क्या
बात है? आप मुझे आप मुझे भूलोगे तो नहीं
ना? युग बड़े प्यार से बोलता है, तुम
भूलने वाली चीज थोड़ी हो जो मैं तुम्हें
भूलूंगा। तुम तो वो हो जिसे मैं जिंदगी भर
अपने पास रखना चाहता हूं। अपनी बाहों में
भरकर। इतना कहकर युग उस लड़की की कमर पर
हाथ रखता है और उसे अपने सीने से सटा लेता
है। वो लड़की युग से दूर हटते हुए कहती है
कोई बातें बनाना तो आपसे सीखे। अच्छा चलिए
यह बताइए मैं आपके लिए क्या हूं? क्या हूं
मतलब? मतलब यह कि मैं आपकी जिंदगी में
क्या अहमियत रखती हूं? युग उस लड़की से
मजाक करते हुए कहता है, तुम कुछ अहमियत
नहीं रखती मेरी जिंदगी में। मेरी जिंदगी
मुझसे है ना कि तुमसे? युग का जवाब सुनकर
वो लड़की नाराज हो जाती है और मुंह फुलाते
हुए [संगीत] कहती है, मतलब इतने दिनों से
जो कुछ आप मेरे साथ कर रहे हैं, वह सब
दिखावा है। सब लड़के ना एक जैसे होते हैं।
उन्हें लड़कियों से बस एक ही चीज चाहिए
होती है और वो है उनका जिस्म। जहां आप
लोगों का मतलब निकलता है, आप लोग हमसे
मुंह फेर लेते हैं। इतना कहकर वो लड़की
वहां से उठने लग जाती है। तभी युग उसका
हाथ पकड़ते हुए कहता है, अरे तुम तो नाराज
ही हो गई। मैं तो मजाक कर रहा था मेरी
जान। तुम जानना चाहती थी ना कि मेरी
जिंदगी में तुम्हारी क्या अहमियत है? तो
अब गौर से सुनो। इतना कहकर युग उस लड़की
को फिर से अपने पास बैठा लेता है और उसकी
आंखों में देखते हुए कहता है, तुम मेरी
जिंदगी की H2O हो। वो लड़की हैरानी के साथ
कहती है, H2O हूं मतलब? मतलब तुम मेरी
जिंदगी का पानी हो जिसे पीकर मैं अपनी
प्यास बुझाना चाहता हूं। तुम मेरी जिंदगी
की ऑक्सीजन हो जिसे मैं अपनी सांसों में
भर कर जीना चाहता हूं। इतना कहकर युग उस
लड़की के करीब चला जाता है। इतने करीब कि
अगर अब वो जरा सा भी आगे बढ़ता तो उसके
होंठ उस लड़की के होंठ से टकरा [संगीत]
जाते। वो लड़की एक लंबी आह भरते हुए कहती
है आप रुक क्यों गए? बोलते रहिए। तुम मेरी
जिंदगी का वह हसीन ख्वाब हो जिसे मैं रोज
देखता हूं। तुम मेरी जिंदगी का वो सुकून
हो जो मुझे तुम्हारी बाहों के सिवा कहीं
और नहीं मिलता। तुम मेरी जिंदगी का वो
हिस्सा हो जिसके बिना मैं कुछ नहीं। सच तो
यह है कि मेरा तुम्हारे बिना कोई वजूद
नहीं। युग को पता ही नहीं चल पाता कि कब
बातें करते-करते उसके होठ उस लड़की के
होठों से टकरा जाते हैं। दोनों के होंठ
चिपक गए थे। ठीक उसी तरह जिस तरह भंवरा
फूल से चिपकता है। जब युग और वह लड़की एक
दूसरे को स्पर्श करते हैं तो दोनों को
अपने-अपने बदन में एक कपकपी सी होती है और
दोनों एक दूसरे को अपनी बाहों में भर लेते
हैं। वो दोनों कब रेत पर लौट जाते हैं
उन्हें पता ही नहीं चलता। उस लड़की की
काली साड़ी में युग पूरी तरह गूंथ चुका
था। कोई इस बात का अंदाजा ही नहीं लगा
सकता था कि उस लड़की ने साड़ी भी पहनी हुई
थी। ऐसा लग रहा था जैसे वह साड़ी एक चादर
हो जिसमें वह दोनों समाए हुए थे। उस लड़की
के बदन का एक-एक अंग युग के अंग के साथ
स्पर्श हो रहा था। दोनों एक दूसरे में
समाहित हो गए थे। उन दोनों के रोम रोम में
आग लगने लग गई थी। युग उस लड़की के बहुत
करीब चला गया था। इतने करीब कि तेज-तेज़ चल
रही उस लड़की के दिल की धड़कनों को वो
साफ-साफ सुन पा रहा था। युग का मन ही नहीं
कर रहा था उस लड़की के बदन को छोड़ने का।
उसने अपने शरीर की पूरी ताकत लगाकर उसके
बदन को अपनी बाहों में जकड़ा हुआ था। वो
लड़की बड़ी हिम्मत से अपने हाथ छुड़ाते
हुए युग को रेत पर लेटाती है और एक-एक
करके उसके शर्ट के बटन खोलने लग जाती है।
युग अपने आप को उस लड़की को सौंप देता है
और रेत पर ही लेट कर आें भरने लग जाता है।
वो लड़की युग के शर्ट के बटन खोल देती है
और उसके माथे को चूमने लग जाती है। वो
लड़की युग के माथे को चूमते हुए कहती है,
आप मुझे भूलोगे तो नहीं ना? युग धीरे से
कहता है नहीं मैं तुम्हें नहीं भूलूंगा
कभी नहीं। वो लड़की बार-बार युग को चूमते
हुए बस यही बोले जा रही थी। आप मुझे
भूलोगे तो नहीं ना? और युग कहता नहीं कभी
नहीं। युग के अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही
थी। वो युग के माथे को चूमने के बाद नीचे
आने लग जाती [संगीत] है और उसके सीने को
चूमने लगती है। युग के अंदर की उत्तेजना
बढ़ते जा रही थी। उसका पूरा बदन पसीने से
भीग चुका था। उसके माथे और बदन पर पसीने
की बड़ी-बड़ी बूंदे थी। उसे अपने पूरे
शरीर में गर्मी का एहसास होने लग जाता है।
उसे ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी आग में तप
रहा हो। देखते ही देखते गर्मी इतनी बढ़
जाती है कि उसकी नींद टूट जाती है और वो
अपने सपने में से बाहर आ जाता है। युग
झटके के साथ उठते हुए कहता है ओह माय गॉड
फिर वही सपना। इतना कहकर युग अपने माथे का
पसीना पोछने लग जाता है। उसका पूरा बदन
पसीने से लथपथ हो गया था। युग खुद से कहता
है, हे भगवान, यह क्या है? क्यों बार-बार
आप मुझे एक ही सपना दिखाते हो? और आखिर वो
लड़की कौन है जिसके साथ मैं यह सब करता
रहता हूं? [संगीत] इतने करीब तो मैं आज तक
अपनी जिंदगी में किसी लड़की के नहीं गया।
कौन है वो लड़की? क्या संबंध है मेरा उसके
साथ?
यही सब सोचते हुए युग अपनी जगह पर खड़ा
होता है। अपने बैग में से पानी की बोतल
निकालता है और पानी पीते हुए फिर सोचने लग
जाता है। यह सपना मेरा पीछा क्यों नहीं
छोड़ता? बेंगलुरु में भी यही सपना दिखता
था और यहां पर भी। सपने में जो नदी थी वह
तो किश्नोई नदी थी। पर वो लड़की कौन थी और
उसका चेहरा मुझे क्यों नहीं दिखता कभी?
युग वापस से लेट जाता है और कोठी की छत को
देखते हुए सोचने लगता है। नदी तो मिल गई।
हो सकता है वो लड़की भी मिल जाए। बस एक
बार वो लड़की मिल जाए फिर यह सारे सपनों
के राज खुल जाएंगे। कुछ ना कुछ कनेक्शन तो
जरूर है मेरा उस लड़की के साथ। [संगीत]
ऐसे ही सपने नहीं आते वो भी सेक्स वाले।
यही सोचते हुए युग की कब नींद लग जाती है
उसे पता ही नहीं चलता। सुबह हो गई थी और
सुबह के 7:00 बज रहे थे। अभिमन्यु अभी तक
गहरी नींद में सो रहा था। [संगीत]
तभी मुर्गे के बाग देने की आवाज सुनाई
देती है और अभिमन्यु की नींद खुल जाती है।
अभिमन्यु उबासी लेते हुए अपनी आंख खोलता
है और देखता है कि युग उससे पहले ही उठकर
बैठा हुआ था और कुछ सोच रहा था। अभिमन्यु
हैरानी के साथ कहता है, अरे युग तू कब उठ
गया? और सुबह-सुबह इतनी गहराई के साथ क्या
सोचने लग गया। पहले तो युग के मन में आया
कि वह उसे अपने सपने के बारे में बताया।
[संगीत] पर फिर अगले ही पल उसने सोचा कहीं
अभिमन्यु उसे पागल ना समझ ले। [संगीत]
इसलिए उसने कहा कुछ नहीं यार बस ऐसे ही
बैठा हुआ था। अभिमन्यु बात को बदलते हुए
कहता है वैसे तूने बताया नहीं। [संगीत]
युग हैरानी के साथ पूछता है क्या नहीं
बताया? यही कि तूने बोर क्यों छोड़ दिया?
तेरे यहां पर आने का मकसद [संगीत] क्या
है? यार मैंने बोर को नहीं छोड़ा बल्कि
बोर ने मुझे छोड़ दिया है। मतलब मैं कुछ
समझा नहीं। तू साफ-साफ बताएगा क्या कहना
चाहता है? मतलब यह कि मेरी बेंगलुरु में
जो जॉब थी वह चली गई। अभिमन्यु शॉक्ड होते
हुए कहता है, क्या कहा? जॉब चली गई पर
कैसे? युग चुप रहता है। कुछ जवाब नहीं
देता है। अभिमन्यु युग पर दबाव बनाते हुए
पूछता है, अरे तू चुप क्यों है? बता ना।
आखिर तेरी जॉब कैसे चली गई? युग लंबी सांस
लेते हुए कहता है, "मुझे कंपनी जॉइ किए
हुए एक साल ही हुआ था। सब कुछ ठीक चल रहा
था। ऐसा लग रहा था कि लाइफ सेट हो गई और
इसी कंपनी में फ्यूचर सेट हो जाएगा। पर
जैसा हम सोचते हैं वैसा होता कहां है?
होता भी कैसे अगर जिंदगी में सब चीजें
हमारे मुताबिक होने लगे तो उसे जिंदगी
नहीं कोई फिल्म की कहानी कहते हैं।
[संगीत] अभिमन्यु बीच में ही युग को टोकते
हुए कहता है यार तू बातें घुमा मत।
सीधे-सीधे बता हुआ क्या था? युग अपनी बात
को आगे जारी रखते हुए कहता है सब कुछ ठीक
ही चल रहा था कि तभी हम लोगों को बताया
गया कि कंपनी लॉस में चल रही है। जिस कारण
कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन खराब हो गई
थी। फाइनेंशियल कंडीशन से उभरने के लिए
कंपनी ने 50 एंप्लाइजस को निकालने का
फैसला किया था और जब लिस्ट आई तो उस लिस्ट
में मेरा भी नाम था। पर ऐसे कैसे? तुझे
कैसे निकाल दिया? तेरा तो कैंपस सिलेक्शन
हुआ था ना और पैकेज भी अच्छा था। हां, पर
तुझे पता है मेरी फील्ड इलेक्ट्रिकल और
इलेक्ट्रॉनिक्स की थी। पर साले काम कोडिंग
का कराते थे। पूरा घिस कर रख देते थे।
इतना परेशान करते थे कि आप खुद जॉब छोड़
दें या फिर खराब परफॉर्मेंस की वजह से
आपको वह खुद निकाल दें। तुझे पता है यह
कंपनी और कॉलेज वालों के बीच एक बहुत बड़ी
सेटिंग होती है। क्या कहा? सेटिंग होती
है। कैसी सेटिंग? देख मैं बताता हूं।
कंपनियां हर साल कॉलेज में आती हैं जिससे
कॉलेज का नाम होता है और हर साल नए एडमिशन
होते हैं। पर क्या कभी तूने यह सोचा है कि
जो कंपनियां आती हैं और हर साल कभी 100 तो
कभी 200 स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करती हैं।
उनको किनकी जगह पर रखा जाता है? किनकी जगह
पर? उन एंप्लाइजस की जगह पर जिनको पिछले
साल कैंपस सिलेक्शन करके लाया गया था। यही
सिलसिला चलता जाता है और कॉलेज और
कंपनियों वालों का धंधा चलता रहता [संगीत]
है। पर साले यह नहीं सोचते कि जिनको
उन्होंने जॉब से निकाल दिया उनका तो एक
साल खराब हो गया ना। [संगीत] वो तो इसी
उम्मीद से थे कि अब पूरी जिंदगी उन्हें
कंपनी के साथ काम करना है। चल यह सब तो
ठीक है। इसमें कॉलेज और कंपनी वालों का
दोष था। तेरी बात समझ रहा हूं मैं। पर फिर
तूने दूसरी कंपनी में कोई जॉब के लिए
अप्लाई क्यों नहीं किया? ऐसा तो था नहीं
कि दुनिया में बस एक ही कंपनी है और तू
गवर्नमेंट जॉब के लिए भी तो ट्राई कर सकता
था ना। तुझे क्या लगता है मैं बेवकूफ हूं?
पिछले डेढ़ साल से दोनों जगह ट्राई ही तो
कर रहा हूं पर कुछ हो ही नहीं रहा। जॉब
हलवा थोड़ी है कि यूं मिल जाए। मिलती भी
है तो काम की नहीं मिलती। ऊपर से पेमेंट
कम। मतलब यह कि तुझे जॉब से डेढ़ साल पहले
निकाल दिया गया है। हां, पिछले डेढ़ साल
से जॉब ढूंढ रहा हूं और जॉब पाने के लिए
कोचिंग भी जॉइ की पर कुछ काम नहीं आया।
बल्कि उसी चक्कर में सारी सेविंग भी खत्म
हो गई। हालत इतनी खराब हो गई कि बेंगलुरु
छोड़कर गांव आना पड़ा। लोग जॉब करने के
लिए गांव छोड़कर शहर जाते हैं। पर तू पहला
ऐसा शख्स है जो शहर छोड़कर गांव आया है।
बता फिर क्या सोचा है यहां गांव में आकर
क्या करने वाला है तू? युग कुछ जवाब नहीं
देता। अभिमन्यु युग पर दबाव बनाते हुए
पूछता है। [संगीत] बता यार यहां गांव में
क्या करने वाला है? मैंने गांव में एक
स्टार्टअप खोलने का फैसला किया है। कैसा
स्टार्टअप?
[संगीत]
सदियों से है पुरानी।
यह है यक्षिणी की कहानी
यक्षिणी एक आग है यक्षिणी तेरा ख्वाब है
[संगीत]
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