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Yakshini ki kahani Episode no 4

14:19EnglishTranscribed Jul 25, 2026
0:01

[संगीत]

0:09

अभिमन्यु के हाथ में जो

0:11

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर था वो

0:13

लगातार बजते जा रहा था। उसकी आवाज

0:16

धीरे-धीरे तेज होती जा रही थी। युग

0:19

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर को देखते

0:21

हुए कहता है यार यह इतना आवाज क्यों कर

0:24

रहा है? तू इसे बंद क्यों नहीं करता? वरना

0:25

जंगली जानवर जाग जाएंगे। और यदि वह जाग गए

0:28

तो भूत प्रेत हमें मारे या ना मारे लेकिन

0:31

वह हमें जरूर मार डालेंगे। अभिमन्यु

0:33

चिढ़ते हुए युग से कहता है युग तू तो ऐसे

0:36

बोल रहा है जैसे मैं यह सब जानबूझकर कर

0:38

रहा हूं। यह डिवाइस अपने आप ही बचता है और

0:41

वह भी तब जब आपके आसपास कोई पैरानॉर्मल

0:44

एक्टिविटी हो रही हो। मतलब यह है कि हमारे

0:47

आसपास जरूर कोई ना कोई अदृश्य शक्ति है।

0:49

अभिमन्यु उस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड

0:52

मीटर को चारों तरफ घुमाने लग जाता है और

0:54

जिस डायरेक्शन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

0:56

फील्ड मीटर से ज्यादा आवाज आ रही थी उस ओर

0:59

जाने लग जाता है। युग अभिमन्यु को रोकते

1:01

हुए कहता है कहां जा रहा है तू? अभिमन्यु

1:04

बांस के पेड़ से निकलते हुए कहता है भूत

1:07

को पकड़ने। चल जल्दी से मेरे पीछे आजा।

1:10

बहुत हंस रहा था ना तू मुझ पर। चल आजा आज

1:13

तुझे भूत दिखाता हूं। अरे मैं तो युग अपनी

1:17

बात पूरी कर पाता उससे पहले ही अभिमन्यु

1:19

वहां से चला जाता है। युग भी अपना सामान

1:21

उठाता है और अभिमन्यु के पीछे-पीछे जाने

1:24

लगता है।

1:26

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर से आ रही

1:28

आवाज का पीछा करते-करते युग और अभिमन्यु

1:31

दोनों ने काला झाड़ी जंगल पार कर लिया था

1:33

और वह किश्नोई नदी के पास पहुंच गए थे।

1:36

अभिमन्यु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर

1:39

को हवा में लेफ्ट राइट करते हुए कहता है

1:41

आवाज तो यहीं से आ रही है। मतलब भूत यहीं

1:44

कहीं है हमारे आसपास। युग चिढ़ते हुए कहता

1:47

है यह क्या बोल रहा है अभिमन्यु तू? यह

1:49

भूत-वूत कुछ नहीं होते। छोड़िए तेरी मशीन।

1:52

युग तू 2 मिनट चुप रहेगा। मुझे अपना काम

1:55

करने दे समझा? डिस्टर्ब मत कर। हम लोग भूत

1:57

के बहुत करीब हैं। देखना आज मैं उसे पकड़

2:00

ही लूंगा। अभिमन्यु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

2:02

फील्ड मीटर को लेकर किश्नोई नदी के

2:04

शुरुआती किनारे तक पहुंच गया था। नदी शांत

2:07

लहरों के साथ बह रही थी जिसमें घुटनों तक

2:09

पानी था। चांद की चांदनी नदी के पानी पर

2:12

छाई हुई थी। जैसे ही अभिमन्यु

2:14

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर लेकर नदी

2:17

में अपना पहला कदम रखता है।

2:19

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर बजना अपने

2:21

आप बंद हो जाता है। अभिमन्यु और युग दोनों

2:24

शॉक्ड हो जाते हैं और सोचने लग जाते हैं

2:26

कि अचानक से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बंद

2:29

कैसे हो गया? वातावरण में अचानक से शांति

2:32

छा गई थी। अभिमन्यु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

2:35

फील्ड मीटर को अपने हाथ से ठोकते हुए कहता

2:37

है, अरे यह क्या इसमें से आवाज क्यों नहीं

2:39

आ रही है? हम कहीं यह खराब तो नहीं हो

2:42

गया? युग नदी के बाहर ही खड़ा हुआ था। वो

2:45

वहीं से अभिमन्यु को ताना मारते हुए कहता

2:47

है, खराब तो तब होगा ना जब यह सही होगा।

2:50

इतना घटिया तो है तेरा यह डिवाइस? क्या

2:52

नाम बताया था तूने? हां,

2:54

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर। तुझे पता

2:56

है इसने आवाज करना बंद क्यों कर दिया?

2:58

अभिमन्यु उदासी के साथ पूछता है, क्यों?

3:01

क्योंकि शायद तुझे पता नहीं है

3:03

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का एटमॉस्फयर पर

3:06

फर्क पड़ता है। मतलब यह कि जब वातावरण

3:08

चेंज होता है तो मैग्नेटिक फील्ड भी चेंज

3:10

होता है। जिस कारण जब हम जंगल से यहां तक

3:13

आए तो इसने यहां पर आकर आवाज करना बंद कर

3:16

दिया क्योंकि जंगल के अंदर के एटमॉस्फेयर

3:18

में और नदी के पास के एटमॉस्फेयर में बहुत

3:20

डिफरेंस है। तुझे कैसे पता यह सब?

3:23

इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

3:25

हूं बेटा। इतना तो पता ही होगा। तेरी तरह

3:28

झोलाछाप पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट

3:30

नहीं हूं। मैं नहीं मानता। मुझे तो लगता

3:33

है कि मेरा यह डिवाइस हमें बिल्कुल सही

3:34

जगह पर लाया है। युग अभिमन्यु को घूरते

3:37

हुए कहता है और तुझे ऐसा क्यों लगता है?

3:40

इसके दो कारण हैं। पहला कारण यह कि जब हम

3:42

जंगल से यहां नदी तक आए तो उस बीच भी

3:45

एटमॉस्फेयर चेंज हुआ होगा। तब यह बंद

3:47

क्यों नहीं हुआ? यहां नदी पर आकर ही बंद

3:50

क्यों हुआ? युग हैरानी के साथ पूछता है।

3:52

और दूसरा कारण दूसरा कारण यह है कि आज से

3:55

13 साल पहले यक्षिणी हर पूर्णिमा और

3:58

अमावस्या की रात किश्नोई नदी पार करने

4:01

वाले मर्दों के साथ संभोग करके उनके दिल

4:04

का खून पीकर उन्हें मार देती थी। युग

4:07

शॉक्ड होते हुए कहता है, तो यह कहानी तुझे

4:09

भी पता है? यह कहानी नहीं हकीकत है। और यह

4:13

बात बंगला मुंडा और रोंका मुचा गांव के

4:16

बच्चे-बच्चे को पता है। समझा? छोड़ यह सब।

4:19

तो हां क्या बता रहा था मैं कि देख

4:21

यक्षिणी मर्दों के साथ संभोग करके उन्हें

4:24

मार देती थी यहीं पर इसी नदी के पास तो

4:28

उनकी आत्मा भी यहां भटक ही रही होगी ना

4:30

समझा इसलिए तो मेरा यह डिवाइस यहां पर आकर

4:33

बंद हो गया युग घूरते हुए अभिमन्यु से

4:36

पूछता है तू यह यक्षिणी भूत प्रेत डैन पर

4:39

भरोसा करता है हां करता हूं क्यों तू नहीं

4:43

करता नहीं अभिमन्यु युग के पास जाते हुए

4:46

कहता है तो फिर गले में यह काली मां मां

4:49

का लॉकेट क्यों पहना हुआ है? युग के गले

4:51

में काली मां का लॉकेट था जिसमें उन्होंने

4:53

रौद्र रूप धारण किया हुआ था और उनके पैरों

4:56

पर भगवान शिव थे। युग उस लॉकेट को हाथ

4:59

लगाते हुए कहता है यह लॉकेट मां ने मुझे

5:02

दिया था। उन्हीं की याद में पहनता हूं। अब

5:05

वो तो है नहीं इसलिए युग अपनी बात पूरी

5:09

करता उससे पहले ही अभिमन्यु कहता है। कुछ

5:11

भी हो पर भरोसा तो करता है ना। भले ही मां

5:14

के कारण क्यों ना तो फिर भूतों पर भी

5:16

भरोसा करना सीख जा। पर जो चीज दिखाई नहीं

5:19

देती उस पर विश्वास कैसे करूं? दिखते तो

5:22

हमें भगवान भी नहीं है। पर फिर भी हम उन

5:24

पर विश्वास करते हैं ना। तुझे पता है यह

5:27

जो भूत होते हैं यह हर वक्त हमारे साथ

5:29

रहते हैं। हमारे साथ खाते हैं, सोते हैं,

5:32

उठते हैं, बैठते हैं, सब काम करते हैं। पर

5:34

यह हमें दिखाई नहीं देते। पता है क्यों?

5:37

क्यों? क्योंकि इनके पास भी भगवानों की

5:39

तरह शक्तियां होती हैं। शैतानी शक्तियां।

5:42

भगवान और भूत दोनों एक ही सिक्के के दो

5:45

पहलू हैं। देख दोनों की हिंदी और इंग्लिश

5:48

की शुरुआत ही अक्षर भ और जी से ही स्टार्ट

5:51

होते हैं। चाहे फिर वो इंग्लिश का घोस्ट

5:53

हो और गॉड हो या फिर हिंदी का भूत और

5:57

भगवान। तू तो सही में इंटेलिजेंट वाली

5:59

बातें करने लग गया यार। तुझे यह सब बातें

6:01

कैसे पता? तेरे पापा ने बताई। युग हैरानी

6:04

के साथ पूछता है। क्या कहा? मेरे पापा ने

6:07

बताई है। पर कब? यार उनकी किताबों में

6:10

लिखा है यह सब। तूने उनकी किताबें नहीं

6:12

पढ़ी क्या? क्या तो लिखते थे यार वो

6:15

रोंगटे खड़े हो जाते थे पढ़ते-पढ़ते। युग

6:18

उदास होते हुए कहता है नहीं मैंने नहीं

6:21

पढ़ी। वैसे भी वो सब बस कहानियां है और

6:23

कुछ नहीं। वो कहानी नहीं है युग। तुझे पता

6:27

है एक लेखक वही लिखता है जो उसकी जिंदगी

6:29

में घटित होता है। हो सकता है यह सब तेरे

6:31

पापा के साथ हुआ हो।

6:35

यार देख मुझे मेरे पापा के बारे में बात

6:37

नहीं करनी। मैं बहुत थक गया हूं। मुझे अभी

6:40

आराम करना है इसलिए मैं घर ग्रेवयार्ड

6:41

कोठी जाना चाहता हूं। पर तू इतनी रात में

6:44

ग्रेवयार्ड कोठी क्यों जा रहा है? तू तेरे

6:46

रिश्तेदारों के घर रोंका मुचा गांव जा ना।

6:49

मुझे उनके पास नहीं जाना। क्यों? युग

6:52

अभिमन्यु के सवाल का कुछ जवाब नहीं देता

6:54

है। अभिमन्यु युग के कंधों पर हाथ रखते

6:57

हुए कहता है, तू अभी भी उनसे नाराज है

6:59

क्या? नाराजगी किस बात की? नाराज तो हम

7:02

उनसे होते हैं जो हमारे अपने होते हैं और

7:04

वह मेरे अपने थोड़ी हैं। यार ऐसा मत बोल

7:07

यार अभिमन्यु छोड़ ना तू यह सब और जाने दे

7:10

मुझे। अरे ऐसे कैसे? एक काम [संगीत] करता

7:13

हूं। मैं भी तेरे साथ चलता हूं। सुना है

7:16

यक्षिणी के दो ठिकाने थे। पहला किश्नोई

7:18

नदी और दूसरा ग्रेवयार्ड कोठी। तुझे कैसे

7:22

पता यह बात? मुझे तो बहुत कुछ पता है

7:24

यक्षिणी के बारे में। आखिर ऐसे ही थोड़ी

7:26

सर्टिफाइड पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट

7:28

बना हूं मैं। यार बातें करना छोड़ और चल

7:31

जल्दी। अब जाकर सीधे सोना है मुझे। वैसे

7:34

अच्छा हुआ तू मिल गया मुझे। मैं तो रास्ता

7:36

ही भूल गया था। रास्ता ही तो दिखाने आया

7:38

हूं मैं तुझे। क्या बोला? कुछ नहीं। वो

7:41

देख वो रही तेरी ग्रेवयार्ड कोठी।

7:43

अभिमन्यु ने अपने हाथ से राइट साइड की ओर

7:45

इशारा करते हुए कहा। जिस ओर अभिमन्यु ने

7:48

इशारा किया था जब युग उस तरफ देखता है तो

7:50

वह देखता है कि ग्रेवयार्ड कोठी का ऊपरी

7:52

सिरा नदी से साफ-साफ दिख रहा था।

7:54

ग्रेवयार्ड कोठी ऊपरी सतह पर बनी थी जिस

7:57

कारण उसका गुंबद देखा जा सकता था।

7:59

ग्रेवयार्ड कोठी नदी से करीब 600 700 मीटर

8:03

दूर थी। ग्रेवयार्ड कोठी के ऊपर काले-काले

8:06

बादल मंडरा रहे थे जिन्हें देखकर ऐसा लग

8:08

रहा था कि वह काली शक्तियां थी जो युग के

8:11

आने का वहां पर इंतजार कर रही थी। युग और

8:14

अभिमन्यु पैदलपदल ग्रेवयार्ड कोठी की तरफ

8:17

जाने लगते हैं। कुछ ही देर चलने के बाद वह

8:20

दोनों ग्रेवयार्ड कोठी के पास पहुंच

8:21

[संगीत] जाते हैं। ग्रेवयार्ड कोठी खेतों

8:24

के एकदम बीच में बनी हुई थी। आसपास

8:26

दूर-दूर तक कोई घर नहीं था। ग्रेवयार्ड

8:29

कोठी के पास करीब दो हेक्टेयर जमीन थी जो

8:32

खाली पड़ी हुई थी। ग्रेवयार्ड कोठी दो

8:34

मंजिला थी जिसमें बाहर से खिड़कियां देखने

8:37

से लग रहा था कि करीब 50 से 60 कमरे

8:40

होंगे। कोठी में ग्रे कलर किया [संगीत]

8:42

गया था। अभिमन्यु ग्रेवयार्ड कोठी को

8:45

देखते हुए कहता है, यार, यह तो किसी फिल्म

8:48

की हॉरर कोठी जैसी लग रही है। देख कोठी के

8:50

ऊपर काले बादल भी कैसे मंडरा रहे हैं। युग

8:53

चिढ़ते हुए कहता है, यार, यह फिल्मों की

8:56

नहीं मेरे पूर्वजों की कोठी है जो

8:57

उन्होंने अंग्रेजों से खरीदी थी। हां, पता

9:00

है मुझे। मैंने डिटेल्स निकाली थी इस कोठी

9:02

की। यह अंग्रेज लोग भी ना बड़े कमाल के

9:06

थे। कैसे? तुझे पता है यह कोठी कब और

9:08

क्यों बनाई गई थी? नहीं। आज से 200 साल

9:11

पहले 24 अगस्त 1608 में अंग्रेज अपने

9:15

इंडिया में आए थे। उस वक्त उनका भारत में

9:17

शासन नहीं था और ना ही उनके रहने के लिए

9:20

कोई ठिकाना था। जब वो मेघालय में आए तो

9:22

उन्हें अपने बंगलामुंडा गांव में भी रहने

9:24

नहीं दिया क्योंकि अंग्रेज गाय सूअर सब

9:27

खाते थे और हमारे हिंदू धर्म में गाय को

9:30

देवी मां की तरह पूजा जाता है। उस वक्त

9:32

अंग्रेजों के एक जर्नल ने मोटी रकम देकर

9:35

जमीन खरीदनी चाही पर गांव वालों ने मना कर

9:38

दिया। फिर क्या हुआ? होना क्या था? हम

9:41

सबको पता है कि इंडिया में लालची लोग भरे

9:43

हुए हैं। उस वक्त बंगलामुडा के राजा

9:45

अंग्रेजों से मोटी रकम भी हथियाना चाहते

9:47

थे और प्रजा को निराश भी नहीं करना चाहते

9:50

थे। इसलिए उन्होंने बंगलामुंडा गांव के

9:52

बाहर जो कब्रिस्तान वाली जमीन थी वह

9:54

उन्हें बेच दी। गांव वाले तो दिन में भी

9:56

वहां पर जाने से डरते थे। पर यह अंग्रेज

9:59

कहां किसी से डरने वाले थे? उन्हें भारत

10:01

का खजाना जो लूटना था। उन्होंने

10:03

कब्रिस्तान के ऊपर ही कोठी बना दी। गांव

10:05

वाले शुरू-शुर में इसे लाशों वाली कोठी

10:08

कहते थे। फिर अंग्रेजों ने ही इसे

10:10

ग्रेवयार्ड कोठी नाम दे दिया। अच्छा जब भी

10:13

दूसरे गांव से अंग्रेज सैनिक आते थे तो

10:15

उन्हें यहीं पर ठहराया जाता था। यहीं पर

10:17

खातिरदारी की जाती थी। उनके अय्याशियों का

10:20

सारा सामान था। यहां पर रात-रात भर मुजरा

10:23

चलता था। तवाइफें नाचा करती थी और तू कह

10:26

रहा था ना कि यह यक्षिणी नहीं होती। तुझे

10:28

पता है यहां के अंग्रेज अफसरों ने अपनी

10:31

डायरी में यक्षिणी का जिक्र किया है।

10:33

यक्षिणी का नाम सुनकर युग चिढ़ जाता है और

10:35

चिढ़ते हुए कहता है, तेरी यह कहानी खत्म

10:38

हो गई हो तो क्या अब हम कोठी के अंदर चलें

10:40

या रात भर यहीं पर बैठकर कहानी सुनाने

10:42

वाला है? हां चल मैंने रोका है? तुझे यह

10:46

कहानी सुनने में मजा आ रहा था। इसीलिए मैं

10:48

सुना रहा था। ग्रेवयार्ड कोठी का दरवाजा

10:50

करीब 10 फुट ऊंचा था। जब युग और अभिमन्यु

10:53

दरवाजे के पास पहुंचते हैं तो अभिमन्यु

10:55

देखता है कि दरवाजे पर एक बड़ा सा ताला

10:57

लगा हुआ था जिस पर जंग लग गया था।

10:59

अभिमन्यु ताले को हाथ लगाते हुए कहता है

11:02

अरे इस पर तो ताला लगा हुआ है। तेरे पास

11:05

ताले की चाबी है क्या? युग अपना बैग

11:08

टटोलने लग जाता है और कहता है, रखी तो थी

11:11

इसकी चाबी मेरे पास। कहां गई? दिख क्यों

11:13

नहीं रही? हां, यह रही। युग अपने बैग से

11:16

ताले की बड़ी सी चाबी निकाल लेता है।

11:18

[संगीत] एक औरत की आवाज सुनाई देती है।

11:20

खोल जल्दी खोल जल्दी दरवाजा। युग हैरानी

11:24

के साथ कहता है यार तूने आवाज सुनी?

11:26

अभिमन्यु पूछता है कैसी आवाज? औरत की आवाज

11:30

यार वो कह रही थी खोल जल्दी दरवाजा।

11:33

[संगीत]

11:36

क्या कहा औरत की आवाज? लगता है तेरे कान

11:39

बज रहे हैं। अभी तू मुझे कह रहा था कि मैं

11:41

कहानी सुना रहा हूं। अब तू क्या कर रहा

11:43

है? चल जल्दी ओपन कर कोठी। मैं भी तो

11:46

देखूं इसमें क्या-क्या राज बंद है। युग

11:48

चाबी को ताले के अंदर डाल देता है। जैसे

11:50

ही चाबी ताले के अंदर जाती है आसमान में

11:53

तेज बिजली चमकती है। बिजली इतनी तेज चमकी

11:56

थी कि ऐसा लग रहा था आधी रात में उजाला हो

11:59

गया हो। युग चाबी को ताले के अंदर घुमाने

12:02

लग जाता है। पर जंग लगा होने के कारण चाबी

12:04

घूम नहीं रही थी। युग चाबी घुमाते हुए

12:07

कहता है, अरे यह क्या? यह घूम क्यों नहीं

12:10

रही? घूम जा, घूम जा अब खुल भी जा। शिट

12:13

अभिमन्यु हैरानी के साथ पूछता है क्या हुआ

12:16

यार चाबी अंदर ही टूट गई क्या कहा चाबी

12:19

टूट गई पर कैसे यार इतनी पुरानी चाबी है

12:23

ऊपर से जंग लगी हुई थी तो टूटेगी ही ना

12:25

अभिमन्यु अपने सिर पर हाथ रखते हुए कहता

12:28

है तो फिर अब क्या करें युग कुछ कहता उससे

12:31

पहले एक औरत की आवाज सुनाई देती है पत्थर

12:34

उठा और तोड़ दे ताला युग कहता है अच्छा

12:38

आईडिया है पर तू लड़की की आवाज में क्यों

12:40

बोल रहा है अभिमन्यु हैरानी के साथ कहता

12:42

है। मैंने क्या कुछ बोला? मैं तो जब से

12:45

चुप हूं। युग अभिमन्यु की बात पर ध्यान

12:47

नहीं देता है। वो पास में ही जमीन पर रखा

12:50

बड़ा सा पत्थर उठाता है और उसकी मदद से

12:52

दरवाजे पर लगा ताला तोड़ने लग जाता है।

12:55

तीन बार पत्थर से ताले पर वार करने पर ही

12:57

खट से ताला टूट जाता है। जैसे ही ताला

13:00

टूटता है औरत के चीखने की आवाज सुनाई देती

13:03

है।

13:05

युग कुंडी खोलकर दरवाजे को अपने हाथों से

13:08

धक्का देने लग जाता है। पर दरवाजा इतना

13:10

भारी था कि उस अकेले से धक्का नहीं दिया

13:12

जा रहा था। इसलिए अभिमन्यु भी उसकी मदद

13:14

करने लग जाता है। अभिमन्यु और युग अपनी

13:17

पूरी ताकत लगाकर दरवाजा खोल देते हैं।

13:20

जैसे ही दरवाजा खुलता है, धड़ाते हुए

13:22

जोरों से बारिश होने लग जाती है। दरवाजा

13:25

खुलते ही एक औरत की फिर चीखने की आवाज

13:28

सुनाई देती है।

13:31

युग डरते हुए कहता है, कौन है? कोठी के

13:35

अंदर से औरत की आवाज सुनाई देती है।

13:38

मैं यक्षिणी तेरी मौत [संगीत]

13:42

सदियों से है पुरानी

13:46

ये है यक्षिणी की कहानी।

13:50

[संगीत] यक्षिणी एक आग है। यक्षिणी तेरा

13:56

ख्वाब है।

14:00

[संगीत]

14:08

जिस तरह इस कहानी ने आपके दिल में जगह

14:11

बनाई है, ऐसे ही और कहानियों को सुनने

14:13

[संगीत] के लिए डाउनलोड द पॉकेट FM ऐप

14:16

नाउ।

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