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Yakshini ki kahani Episode no 4

14:19682 summary words · ~3 min readEnglishBy Mr. GoogleTranscribed Jul 25, 2026
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Summary

Abhimanyu and Yug investigate paranormal activity using an electromagnetic field meter, leading them to a haunted graveyard cottage tied to a centuries-old legend of Yakshini, a supernatural entity that lures men to their deaths.

The episode blends historical folklore with modern paranormal investigation tools, highlighting the tension between skepticism and belief in supernatural forces while revealing a dark local legend.

Section summaries

0:01-1:24

Intro / Paranormal Investigation Begins

watch

Abhimanyu and Yug use an electromagnetic field meter to detect supernatural activity in a jungle. The device malfunctions near a river, prompting Yug to dismiss paranormal claims. Abhimanyu theorizes about atmospheric changes affecting the meter, while Yug questions the device's validity. They proceed toward a graveyard cottage despite Yug's skepticism.

  • The electromagnetic field meter detects anomalies but stops working near the river.
  • Yug initially rejects paranormal explanations, favoring rational causes.

Sets up the central mystery and character dynamics.

1:26-4:19

Historical Backstory of Graveyard Cottage

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Abhimanyu reveals the cottage's dark history: British officers built it in 1608 on a graveyard after being denied housing in a village. Villagers feared the site, calling it 'laashon wali kothi.' Yug learns about Yakshini's legend of killing men during full moon nights, though he remains skeptical. The story connects the cottage's curse to colonial-era exploitation.

  • The cottage was built on a forbidden graveyard by British officers in 1608.
  • Yakshini's legend involves luring men to their deaths for 13 years.

Provides critical context linking the supernatural to historical events.

4:19-7:43

Approach to Graveyard Cottage

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Yug expresses fatigue and reluctance to enter the cottage, preferring to rest elsewhere. Abhimanyu insists on proceeding, noting the cottage's ominous appearance with dark clouds overhead. They observe the cottage's isolated location and dilapidated structure, with Yug's ancestral locket hinting at his family's connection to the site.

  • The cottage is isolated, surrounded by 2 hectares of barren land.
  • Yug wears a black thread lockets symbolizing his late mother's memory.

Builds suspense through visual and symbolic cues.

7:43-10:50

Lock and Supernatural Voice

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Yug discovers a rusted lock on the cottage door. After retrieving the key, a woman's voice urgently demands the door be opened. Yug dismisses it as imagination, but Abhimanyu insists. Lightning strikes as Yug struggles to turn the jammed key, heightening tension.

  • A supernatural voice commands the door to be opened.
  • The lock's rust prevents the key from turning despite Yug's efforts.

Introduces direct supernatural interaction and escalates suspense.

10:50-13:00

Breaking the Lock and Opening the Door

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Yug uses a stone to break the lock after multiple failed attempts. The door opens with great effort, triggering heavy rain and thunderstorms. A woman's scream echoes from inside, confirming Yakshini's presence and the cottage's haunted nature.

  • The lock is broken with a stone after persistent failure.
  • Opening the door unleashes a storm and a woman's scream.

Climactic moment validating the supernatural threat.

13:00-14:16

Yakshini's Revelation and Conclusion

watch

Yakshini's voice declares her ancient existence and connection to the cottage. The episode ends with a call to download the Pocket FM app for more stories, emphasizing the blend of folklore and modern storytelling platforms.

  • Yakshini identifies herself as an eternal flame and dream.
  • The episode concludes with a promotional message for the app.

Delivers the story's resolution and supernatural payoff.

Key points

  • Electromagnetic Field Meter as Paranormal Detector — Abhimanyu uses an electromagnetic field meter to track supernatural activity, which malfunctions when they approach the graveyard cottage, suggesting a shift in environmental energy.
  • Historical Context of Graveyard Cottage — The cottage was built by British officers in 1608 on a forbidden graveyard site, originally called 'laashon wali kothi' due to its ominous reputation.
  • Yakshini's Legend and Men's Fate — Yakshini, a supernatural being, allegedly lured men to the cottage for 13 years, killing them after intimate encounters, with their souls trapped nearby.
  • Skepticism vs. Belief Conflict — Yug dismisses paranormal claims until confronted with undeniable evidence, reflecting a common narrative arc of disbelief turning to acceptance.
  • Climactic Door Opening and Yakshini's Reveal — After breaking the rusted lock, the duo opens the cottage door amid thunderstorms, revealing Yakshini's voice declaring her ancient presence.
यक्षिणी एक आग है। यक्षिणी तेरा ख्वाब है। Yakshini
तू तो सही में इंटेलिजेंट वाली बातें करने लग गया यार। Yug

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0:01

[संगीत]

0:09

अभिमन्यु के हाथ में जो

0:11

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर था वो

0:13

लगातार बजते जा रहा था। उसकी आवाज

0:16

धीरे-धीरे तेज होती जा रही थी। युग

0:19

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर को देखते

0:21

हुए कहता है यार यह इतना आवाज क्यों कर

0:24

रहा है? तू इसे बंद क्यों नहीं करता? वरना

0:25

जंगली जानवर जाग जाएंगे। और यदि वह जाग गए

0:28

तो भूत प्रेत हमें मारे या ना मारे लेकिन

0:31

वह हमें जरूर मार डालेंगे। अभिमन्यु

0:33

चिढ़ते हुए युग से कहता है युग तू तो ऐसे

0:36

बोल रहा है जैसे मैं यह सब जानबूझकर कर

0:38

रहा हूं। यह डिवाइस अपने आप ही बचता है और

0:41

वह भी तब जब आपके आसपास कोई पैरानॉर्मल

0:44

एक्टिविटी हो रही हो। मतलब यह है कि हमारे

0:47

आसपास जरूर कोई ना कोई अदृश्य शक्ति है।

0:49

अभिमन्यु उस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड

0:52

मीटर को चारों तरफ घुमाने लग जाता है और

0:54

जिस डायरेक्शन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

0:56

फील्ड मीटर से ज्यादा आवाज आ रही थी उस ओर

0:59

जाने लग जाता है। युग अभिमन्यु को रोकते

1:01

हुए कहता है कहां जा रहा है तू? अभिमन्यु

1:04

बांस के पेड़ से निकलते हुए कहता है भूत

1:07

को पकड़ने। चल जल्दी से मेरे पीछे आजा।

1:10

बहुत हंस रहा था ना तू मुझ पर। चल आजा आज

1:13

तुझे भूत दिखाता हूं। अरे मैं तो युग अपनी

1:17

बात पूरी कर पाता उससे पहले ही अभिमन्यु

1:19

वहां से चला जाता है। युग भी अपना सामान

1:21

उठाता है और अभिमन्यु के पीछे-पीछे जाने

1:24

लगता है।

1:26

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर से आ रही

1:28

आवाज का पीछा करते-करते युग और अभिमन्यु

1:31

दोनों ने काला झाड़ी जंगल पार कर लिया था

1:33

और वह किश्नोई नदी के पास पहुंच गए थे।

1:36

अभिमन्यु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर

1:39

को हवा में लेफ्ट राइट करते हुए कहता है

1:41

आवाज तो यहीं से आ रही है। मतलब भूत यहीं

1:44

कहीं है हमारे आसपास। युग चिढ़ते हुए कहता

1:47

है यह क्या बोल रहा है अभिमन्यु तू? यह

1:49

भूत-वूत कुछ नहीं होते। छोड़िए तेरी मशीन।

1:52

युग तू 2 मिनट चुप रहेगा। मुझे अपना काम

1:55

करने दे समझा? डिस्टर्ब मत कर। हम लोग भूत

1:57

के बहुत करीब हैं। देखना आज मैं उसे पकड़

2:00

ही लूंगा। अभिमन्यु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

2:02

फील्ड मीटर को लेकर किश्नोई नदी के

2:04

शुरुआती किनारे तक पहुंच गया था। नदी शांत

2:07

लहरों के साथ बह रही थी जिसमें घुटनों तक

2:09

पानी था। चांद की चांदनी नदी के पानी पर

2:12

छाई हुई थी। जैसे ही अभिमन्यु

2:14

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर लेकर नदी

2:17

में अपना पहला कदम रखता है।

2:19

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर बजना अपने

2:21

आप बंद हो जाता है। अभिमन्यु और युग दोनों

2:24

शॉक्ड हो जाते हैं और सोचने लग जाते हैं

2:26

कि अचानक से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बंद

2:29

कैसे हो गया? वातावरण में अचानक से शांति

2:32

छा गई थी। अभिमन्यु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक

2:35

फील्ड मीटर को अपने हाथ से ठोकते हुए कहता

2:37

है, अरे यह क्या इसमें से आवाज क्यों नहीं

2:39

आ रही है? हम कहीं यह खराब तो नहीं हो

2:42

गया? युग नदी के बाहर ही खड़ा हुआ था। वो

2:45

वहीं से अभिमन्यु को ताना मारते हुए कहता

2:47

है, खराब तो तब होगा ना जब यह सही होगा।

2:50

इतना घटिया तो है तेरा यह डिवाइस? क्या

2:52

नाम बताया था तूने? हां,

2:54

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड मीटर। तुझे पता

2:56

है इसने आवाज करना बंद क्यों कर दिया?

2:58

अभिमन्यु उदासी के साथ पूछता है, क्यों?

3:01

क्योंकि शायद तुझे पता नहीं है

3:03

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का एटमॉस्फयर पर

3:06

फर्क पड़ता है। मतलब यह कि जब वातावरण

3:08

चेंज होता है तो मैग्नेटिक फील्ड भी चेंज

3:10

होता है। जिस कारण जब हम जंगल से यहां तक

3:13

आए तो इसने यहां पर आकर आवाज करना बंद कर

3:16

दिया क्योंकि जंगल के अंदर के एटमॉस्फेयर

3:18

में और नदी के पास के एटमॉस्फेयर में बहुत

3:20

डिफरेंस है। तुझे कैसे पता यह सब?

3:23

इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

3:25

हूं बेटा। इतना तो पता ही होगा। तेरी तरह

3:28

झोलाछाप पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट

3:30

नहीं हूं। मैं नहीं मानता। मुझे तो लगता

3:33

है कि मेरा यह डिवाइस हमें बिल्कुल सही

3:34

जगह पर लाया है। युग अभिमन्यु को घूरते

3:37

हुए कहता है और तुझे ऐसा क्यों लगता है?

3:40

इसके दो कारण हैं। पहला कारण यह कि जब हम

3:42

जंगल से यहां नदी तक आए तो उस बीच भी

3:45

एटमॉस्फेयर चेंज हुआ होगा। तब यह बंद

3:47

क्यों नहीं हुआ? यहां नदी पर आकर ही बंद

3:50

क्यों हुआ? युग हैरानी के साथ पूछता है।

3:52

और दूसरा कारण दूसरा कारण यह है कि आज से

3:55

13 साल पहले यक्षिणी हर पूर्णिमा और

3:58

अमावस्या की रात किश्नोई नदी पार करने

4:01

वाले मर्दों के साथ संभोग करके उनके दिल

4:04

का खून पीकर उन्हें मार देती थी। युग

4:07

शॉक्ड होते हुए कहता है, तो यह कहानी तुझे

4:09

भी पता है? यह कहानी नहीं हकीकत है। और यह

4:13

बात बंगला मुंडा और रोंका मुचा गांव के

4:16

बच्चे-बच्चे को पता है। समझा? छोड़ यह सब।

4:19

तो हां क्या बता रहा था मैं कि देख

4:21

यक्षिणी मर्दों के साथ संभोग करके उन्हें

4:24

मार देती थी यहीं पर इसी नदी के पास तो

4:28

उनकी आत्मा भी यहां भटक ही रही होगी ना

4:30

समझा इसलिए तो मेरा यह डिवाइस यहां पर आकर

4:33

बंद हो गया युग घूरते हुए अभिमन्यु से

4:36

पूछता है तू यह यक्षिणी भूत प्रेत डैन पर

4:39

भरोसा करता है हां करता हूं क्यों तू नहीं

4:43

करता नहीं अभिमन्यु युग के पास जाते हुए

4:46

कहता है तो फिर गले में यह काली मां मां

4:49

का लॉकेट क्यों पहना हुआ है? युग के गले

4:51

में काली मां का लॉकेट था जिसमें उन्होंने

4:53

रौद्र रूप धारण किया हुआ था और उनके पैरों

4:56

पर भगवान शिव थे। युग उस लॉकेट को हाथ

4:59

लगाते हुए कहता है यह लॉकेट मां ने मुझे

5:02

दिया था। उन्हीं की याद में पहनता हूं। अब

5:05

वो तो है नहीं इसलिए युग अपनी बात पूरी

5:09

करता उससे पहले ही अभिमन्यु कहता है। कुछ

5:11

भी हो पर भरोसा तो करता है ना। भले ही मां

5:14

के कारण क्यों ना तो फिर भूतों पर भी

5:16

भरोसा करना सीख जा। पर जो चीज दिखाई नहीं

5:19

देती उस पर विश्वास कैसे करूं? दिखते तो

5:22

हमें भगवान भी नहीं है। पर फिर भी हम उन

5:24

पर विश्वास करते हैं ना। तुझे पता है यह

5:27

जो भूत होते हैं यह हर वक्त हमारे साथ

5:29

रहते हैं। हमारे साथ खाते हैं, सोते हैं,

5:32

उठते हैं, बैठते हैं, सब काम करते हैं। पर

5:34

यह हमें दिखाई नहीं देते। पता है क्यों?

5:37

क्यों? क्योंकि इनके पास भी भगवानों की

5:39

तरह शक्तियां होती हैं। शैतानी शक्तियां।

5:42

भगवान और भूत दोनों एक ही सिक्के के दो

5:45

पहलू हैं। देख दोनों की हिंदी और इंग्लिश

5:48

की शुरुआत ही अक्षर भ और जी से ही स्टार्ट

5:51

होते हैं। चाहे फिर वो इंग्लिश का घोस्ट

5:53

हो और गॉड हो या फिर हिंदी का भूत और

5:57

भगवान। तू तो सही में इंटेलिजेंट वाली

5:59

बातें करने लग गया यार। तुझे यह सब बातें

6:01

कैसे पता? तेरे पापा ने बताई। युग हैरानी

6:04

के साथ पूछता है। क्या कहा? मेरे पापा ने

6:07

बताई है। पर कब? यार उनकी किताबों में

6:10

लिखा है यह सब। तूने उनकी किताबें नहीं

6:12

पढ़ी क्या? क्या तो लिखते थे यार वो

6:15

रोंगटे खड़े हो जाते थे पढ़ते-पढ़ते। युग

6:18

उदास होते हुए कहता है नहीं मैंने नहीं

6:21

पढ़ी। वैसे भी वो सब बस कहानियां है और

6:23

कुछ नहीं। वो कहानी नहीं है युग। तुझे पता

6:27

है एक लेखक वही लिखता है जो उसकी जिंदगी

6:29

में घटित होता है। हो सकता है यह सब तेरे

6:31

पापा के साथ हुआ हो।

6:35

यार देख मुझे मेरे पापा के बारे में बात

6:37

नहीं करनी। मैं बहुत थक गया हूं। मुझे अभी

6:40

आराम करना है इसलिए मैं घर ग्रेवयार्ड

6:41

कोठी जाना चाहता हूं। पर तू इतनी रात में

6:44

ग्रेवयार्ड कोठी क्यों जा रहा है? तू तेरे

6:46

रिश्तेदारों के घर रोंका मुचा गांव जा ना।

6:49

मुझे उनके पास नहीं जाना। क्यों? युग

6:52

अभिमन्यु के सवाल का कुछ जवाब नहीं देता

6:54

है। अभिमन्यु युग के कंधों पर हाथ रखते

6:57

हुए कहता है, तू अभी भी उनसे नाराज है

6:59

क्या? नाराजगी किस बात की? नाराज तो हम

7:02

उनसे होते हैं जो हमारे अपने होते हैं और

7:04

वह मेरे अपने थोड़ी हैं। यार ऐसा मत बोल

7:07

यार अभिमन्यु छोड़ ना तू यह सब और जाने दे

7:10

मुझे। अरे ऐसे कैसे? एक काम [संगीत] करता

7:13

हूं। मैं भी तेरे साथ चलता हूं। सुना है

7:16

यक्षिणी के दो ठिकाने थे। पहला किश्नोई

7:18

नदी और दूसरा ग्रेवयार्ड कोठी। तुझे कैसे

7:22

पता यह बात? मुझे तो बहुत कुछ पता है

7:24

यक्षिणी के बारे में। आखिर ऐसे ही थोड़ी

7:26

सर्टिफाइड पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट

7:28

बना हूं मैं। यार बातें करना छोड़ और चल

7:31

जल्दी। अब जाकर सीधे सोना है मुझे। वैसे

7:34

अच्छा हुआ तू मिल गया मुझे। मैं तो रास्ता

7:36

ही भूल गया था। रास्ता ही तो दिखाने आया

7:38

हूं मैं तुझे। क्या बोला? कुछ नहीं। वो

7:41

देख वो रही तेरी ग्रेवयार्ड कोठी।

7:43

अभिमन्यु ने अपने हाथ से राइट साइड की ओर

7:45

इशारा करते हुए कहा। जिस ओर अभिमन्यु ने

7:48

इशारा किया था जब युग उस तरफ देखता है तो

7:50

वह देखता है कि ग्रेवयार्ड कोठी का ऊपरी

7:52

सिरा नदी से साफ-साफ दिख रहा था।

7:54

ग्रेवयार्ड कोठी ऊपरी सतह पर बनी थी जिस

7:57

कारण उसका गुंबद देखा जा सकता था।

7:59

ग्रेवयार्ड कोठी नदी से करीब 600 700 मीटर

8:03

दूर थी। ग्रेवयार्ड कोठी के ऊपर काले-काले

8:06

बादल मंडरा रहे थे जिन्हें देखकर ऐसा लग

8:08

रहा था कि वह काली शक्तियां थी जो युग के

8:11

आने का वहां पर इंतजार कर रही थी। युग और

8:14

अभिमन्यु पैदलपदल ग्रेवयार्ड कोठी की तरफ

8:17

जाने लगते हैं। कुछ ही देर चलने के बाद वह

8:20

दोनों ग्रेवयार्ड कोठी के पास पहुंच

8:21

[संगीत] जाते हैं। ग्रेवयार्ड कोठी खेतों

8:24

के एकदम बीच में बनी हुई थी। आसपास

8:26

दूर-दूर तक कोई घर नहीं था। ग्रेवयार्ड

8:29

कोठी के पास करीब दो हेक्टेयर जमीन थी जो

8:32

खाली पड़ी हुई थी। ग्रेवयार्ड कोठी दो

8:34

मंजिला थी जिसमें बाहर से खिड़कियां देखने

8:37

से लग रहा था कि करीब 50 से 60 कमरे

8:40

होंगे। कोठी में ग्रे कलर किया [संगीत]

8:42

गया था। अभिमन्यु ग्रेवयार्ड कोठी को

8:45

देखते हुए कहता है, यार, यह तो किसी फिल्म

8:48

की हॉरर कोठी जैसी लग रही है। देख कोठी के

8:50

ऊपर काले बादल भी कैसे मंडरा रहे हैं। युग

8:53

चिढ़ते हुए कहता है, यार, यह फिल्मों की

8:56

नहीं मेरे पूर्वजों की कोठी है जो

8:57

उन्होंने अंग्रेजों से खरीदी थी। हां, पता

9:00

है मुझे। मैंने डिटेल्स निकाली थी इस कोठी

9:02

की। यह अंग्रेज लोग भी ना बड़े कमाल के

9:06

थे। कैसे? तुझे पता है यह कोठी कब और

9:08

क्यों बनाई गई थी? नहीं। आज से 200 साल

9:11

पहले 24 अगस्त 1608 में अंग्रेज अपने

9:15

इंडिया में आए थे। उस वक्त उनका भारत में

9:17

शासन नहीं था और ना ही उनके रहने के लिए

9:20

कोई ठिकाना था। जब वो मेघालय में आए तो

9:22

उन्हें अपने बंगलामुंडा गांव में भी रहने

9:24

नहीं दिया क्योंकि अंग्रेज गाय सूअर सब

9:27

खाते थे और हमारे हिंदू धर्म में गाय को

9:30

देवी मां की तरह पूजा जाता है। उस वक्त

9:32

अंग्रेजों के एक जर्नल ने मोटी रकम देकर

9:35

जमीन खरीदनी चाही पर गांव वालों ने मना कर

9:38

दिया। फिर क्या हुआ? होना क्या था? हम

9:41

सबको पता है कि इंडिया में लालची लोग भरे

9:43

हुए हैं। उस वक्त बंगलामुडा के राजा

9:45

अंग्रेजों से मोटी रकम भी हथियाना चाहते

9:47

थे और प्रजा को निराश भी नहीं करना चाहते

9:50

थे। इसलिए उन्होंने बंगलामुंडा गांव के

9:52

बाहर जो कब्रिस्तान वाली जमीन थी वह

9:54

उन्हें बेच दी। गांव वाले तो दिन में भी

9:56

वहां पर जाने से डरते थे। पर यह अंग्रेज

9:59

कहां किसी से डरने वाले थे? उन्हें भारत

10:01

का खजाना जो लूटना था। उन्होंने

10:03

कब्रिस्तान के ऊपर ही कोठी बना दी। गांव

10:05

वाले शुरू-शुर में इसे लाशों वाली कोठी

10:08

कहते थे। फिर अंग्रेजों ने ही इसे

10:10

ग्रेवयार्ड कोठी नाम दे दिया। अच्छा जब भी

10:13

दूसरे गांव से अंग्रेज सैनिक आते थे तो

10:15

उन्हें यहीं पर ठहराया जाता था। यहीं पर

10:17

खातिरदारी की जाती थी। उनके अय्याशियों का

10:20

सारा सामान था। यहां पर रात-रात भर मुजरा

10:23

चलता था। तवाइफें नाचा करती थी और तू कह

10:26

रहा था ना कि यह यक्षिणी नहीं होती। तुझे

10:28

पता है यहां के अंग्रेज अफसरों ने अपनी

10:31

डायरी में यक्षिणी का जिक्र किया है।

10:33

यक्षिणी का नाम सुनकर युग चिढ़ जाता है और

10:35

चिढ़ते हुए कहता है, तेरी यह कहानी खत्म

10:38

हो गई हो तो क्या अब हम कोठी के अंदर चलें

10:40

या रात भर यहीं पर बैठकर कहानी सुनाने

10:42

वाला है? हां चल मैंने रोका है? तुझे यह

10:46

कहानी सुनने में मजा आ रहा था। इसीलिए मैं

10:48

सुना रहा था। ग्रेवयार्ड कोठी का दरवाजा

10:50

करीब 10 फुट ऊंचा था। जब युग और अभिमन्यु

10:53

दरवाजे के पास पहुंचते हैं तो अभिमन्यु

10:55

देखता है कि दरवाजे पर एक बड़ा सा ताला

10:57

लगा हुआ था जिस पर जंग लग गया था।

10:59

अभिमन्यु ताले को हाथ लगाते हुए कहता है

11:02

अरे इस पर तो ताला लगा हुआ है। तेरे पास

11:05

ताले की चाबी है क्या? युग अपना बैग

11:08

टटोलने लग जाता है और कहता है, रखी तो थी

11:11

इसकी चाबी मेरे पास। कहां गई? दिख क्यों

11:13

नहीं रही? हां, यह रही। युग अपने बैग से

11:16

ताले की बड़ी सी चाबी निकाल लेता है।

11:18

[संगीत] एक औरत की आवाज सुनाई देती है।

11:20

खोल जल्दी खोल जल्दी दरवाजा। युग हैरानी

11:24

के साथ कहता है यार तूने आवाज सुनी?

11:26

अभिमन्यु पूछता है कैसी आवाज? औरत की आवाज

11:30

यार वो कह रही थी खोल जल्दी दरवाजा।

11:33

[संगीत]

11:36

क्या कहा औरत की आवाज? लगता है तेरे कान

11:39

बज रहे हैं। अभी तू मुझे कह रहा था कि मैं

11:41

कहानी सुना रहा हूं। अब तू क्या कर रहा

11:43

है? चल जल्दी ओपन कर कोठी। मैं भी तो

11:46

देखूं इसमें क्या-क्या राज बंद है। युग

11:48

चाबी को ताले के अंदर डाल देता है। जैसे

11:50

ही चाबी ताले के अंदर जाती है आसमान में

11:53

तेज बिजली चमकती है। बिजली इतनी तेज चमकी

11:56

थी कि ऐसा लग रहा था आधी रात में उजाला हो

11:59

गया हो। युग चाबी को ताले के अंदर घुमाने

12:02

लग जाता है। पर जंग लगा होने के कारण चाबी

12:04

घूम नहीं रही थी। युग चाबी घुमाते हुए

12:07

कहता है, अरे यह क्या? यह घूम क्यों नहीं

12:10

रही? घूम जा, घूम जा अब खुल भी जा। शिट

12:13

अभिमन्यु हैरानी के साथ पूछता है क्या हुआ

12:16

यार चाबी अंदर ही टूट गई क्या कहा चाबी

12:19

टूट गई पर कैसे यार इतनी पुरानी चाबी है

12:23

ऊपर से जंग लगी हुई थी तो टूटेगी ही ना

12:25

अभिमन्यु अपने सिर पर हाथ रखते हुए कहता

12:28

है तो फिर अब क्या करें युग कुछ कहता उससे

12:31

पहले एक औरत की आवाज सुनाई देती है पत्थर

12:34

उठा और तोड़ दे ताला युग कहता है अच्छा

12:38

आईडिया है पर तू लड़की की आवाज में क्यों

12:40

बोल रहा है अभिमन्यु हैरानी के साथ कहता

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है। मैंने क्या कुछ बोला? मैं तो जब से

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चुप हूं। युग अभिमन्यु की बात पर ध्यान

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नहीं देता है। वो पास में ही जमीन पर रखा

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बड़ा सा पत्थर उठाता है और उसकी मदद से

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दरवाजे पर लगा ताला तोड़ने लग जाता है।

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तीन बार पत्थर से ताले पर वार करने पर ही

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खट से ताला टूट जाता है। जैसे ही ताला

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टूटता है औरत के चीखने की आवाज सुनाई देती

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है।

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युग कुंडी खोलकर दरवाजे को अपने हाथों से

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धक्का देने लग जाता है। पर दरवाजा इतना

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भारी था कि उस अकेले से धक्का नहीं दिया

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जा रहा था। इसलिए अभिमन्यु भी उसकी मदद

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करने लग जाता है। अभिमन्यु और युग अपनी

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पूरी ताकत लगाकर दरवाजा खोल देते हैं।

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जैसे ही दरवाजा खुलता है, धड़ाते हुए

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जोरों से बारिश होने लग जाती है। दरवाजा

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खुलते ही एक औरत की फिर चीखने की आवाज

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सुनाई देती है।

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युग डरते हुए कहता है, कौन है? कोठी के

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अंदर से औरत की आवाज सुनाई देती है।

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मैं यक्षिणी तेरी मौत [संगीत]

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सदियों से है पुरानी

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ये है यक्षिणी की कहानी।

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[संगीत] यक्षिणी एक आग है। यक्षिणी तेरा

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ख्वाब है।

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[संगीत]

14:08

जिस तरह इस कहानी ने आपके दिल में जगह

14:11

बनाई है, ऐसे ही और कहानियों को सुनने

14:13

[संगीत] के लिए डाउनलोड द पॉकेट FM ऐप

14:16

नाउ।

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