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Yakshini episode 8

14:00HindiTranscribed Jul 25, 2026
0:10

अभिमन्यु बिंदु के सवाल का जवाब देते हुए

0:12

कहता है अरे बिंदु यह अपना युग है अपना

0:15

बचपन का दोस्त भूल गई बचपन में यही

0:18

तुम्हारी दो चोटी पकड़ कर खींच देता था और

0:20

इसी ने तुम्हारा नामकरण किया था बिंदिया

0:23

से बिंदु बिंदु खुश होते हुए कहती है

0:26

अच्छा योग तुम ही काका है झील युग अभी

0:29

अभिमन्यु की तरफ देखने लग जाता है क्योंकि

0:31

उसे बिंदु की बंगाली समझ में नहीं आई थी।

0:34

अभिमन्यु बिंदु को समझाते हुए कहता है यार

0:37

बिंदु तेरी ना बचपन की आदत अभी तक गई नहीं

0:40

है। कभी बंगाली में बात करती है तो कभी

0:42

हिंदी में। तुझे पता है ना युग को नेपाली

0:45

तक नहीं आती तो बंगाली कहां से आएगी? तू

0:47

इससे हिंदी में बात कर। समझी? बिंदु अपनी

0:50

गलती महसूस करते हुए कहती है, अरे सॉरी।

0:54

हां, मैं भूल गई थी। तुम कब आई युग? बस कल

0:57

ही आया मैं बिंदु। कछुआ बिंदु के हाथ की

1:00

चाय की ट्रे देखते हुए कहता है। अब बिंदु

1:03

सिर्फ कायर को कछुआ अपनी बात पूरी कर पाता

1:06

उससे पहले ही कायर उसे उंगली दिखाते हुए

1:09

गुस्से से कहता है क्या बोला कछुए तू कायर

1:12

नहीं कैरव जॉर्ज नाम है मेरा समझा कछुए

1:15

कहीं के अरे वो तो औरों के लिए हमारे लिए

1:18

तो तू वही रहेगा ना हमारा कायर हमारा शायर

1:21

तू डिस्टर्ब मत कर मैं अभी बिंदु से बात

1:24

कर रहा हूं ना तो हां बिंदु मैं बोल रहा

1:26

था कि तू सिर्फ अपने यह बचपन के दिलजले

1:28

आशिक कायर को ही चाय देगी या हमें भी

1:31

पिलाएगी बिंदु गुस्सा गुस्सा हुए बोलती है

1:33

तुम्हें की बोलबे कछुए जरा एक बार और

1:35

बोलना कुछ नहीं कुछ नहीं वो मैं कह रहा था

1:38

कि तीन कप चाय ला देना और कायर के खाते

1:41

में लिख देना हां हां पता है तेरी जेब से

1:44

कभी एक कौड़ी भी निकली है कंजूस बिंदु कुछ

1:47

और बोलती है उससे पहले ही दुकान के अंदर

1:49

से उसकी मां की आवाज सुनाई देती है ए खाने

1:51

सो बिंदिया आमी चील मां इतना कहकर बिंदु

1:55

अपनी मां के पास जाने लग जाती है। बिंदु

1:58

के अपनी मां के पास जाते वक्त युग की

2:00

निगाहें बिंदु पर ही टिकी हुई थी। बिंदु

2:02

को देखकर युग उदास हो गया था। युग की ये

2:05

उदासी अभिमन्यु नोटिस कर लेता है और उससे

2:07

पूछता है क्या हुआ? तू बिंदु को देखकर

2:10

इतना सैड क्यों हो गया? यार कुछ नहीं बस

2:12

यही सोच रहा हूं कि बिंदु तो पढ़ने लिखने

2:14

में हम सब लोगों से भी होशियार थी ना। तो

2:17

फिर यह चाय की दुकान कैसे? ऐसा क्या हो

2:19

गया कि उसे चाय की दुकान चलानी पड़ रही

2:22

है। कछुआ धीरे से कहता है यह सब यक्षिणी

2:25

की वजह से हुआ है युग। युग चौंकते हुए

2:27

कहता है क्या कहा यक्षिणी की वजह से कछुआ

2:31

अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहता है

2:33

हां युग तुझे नहीं पता जब तेरी मम्मी भाग

2:35

कछुए ने इतना ही कहा था कि तभी अभिमन्यु

2:38

जोर से कछुए की पीठ थपथपाने लगता है जैसे

2:40

यह कोई इशारा हो कि रुक जाए। कछुआ बात को

2:43

घुमाते हुए कहता है मेरा मतलब यह है कि जब

2:45

तेरी मम्मी चली गई थी और तू हॉस्टल में था

2:48

तो उसी वक्त यक्षिणी ने बिंदु के पिता को

2:51

भी अपना शिकार बना लिया था। अब तुझे तो

2:54

पता ही है कि बिंदु का घर उसके पिता ही

2:56

चलाते थे। उनके गुजर जाने के बाद वो और

2:58

उसकी मां अकेली हो गई तो बिंदु ने अपनी

3:00

मां का हाथ बटाना शुरू कर दिया और यह

3:03

दुकान ओपन कर ली। बिंदु पढ़ाई भी करती है।

3:06

साथ में यह चाय और खाने पीने की दुकान भी

3:08

चलाती है। युग मुंह लटकाते हुए कहता है,

3:11

अच्छा अभिमन्यु बात को बदलते हुए कहता है,

3:14

छोड़ ना यार यह सब। इतने दिनों बाद आया तो

3:17

तू उदास मत हो। समझा? यह सब तो चलता ही

3:20

रहता है। ऐसा कौन सा शख्स है जिसकी जिंदगी

3:23

में गम नहीं है? एक ना एक दिन तो सबको

3:25

मरना ही है ना। इसका मतलब यह तो नहीं कि

3:28

हम जीना छोड़ देंगे। युक अभिमन्यु की बात

3:30

समझ जाता है और कहता है तेरा कहना भी ठीक

3:33

है अभिमन्यु अपनों के गुजर जाने के बाद भी

3:36

इंसान को जीना पड़ता है। अपने लिए ना सही

3:38

पर अपने कर्म के लिए। वैसे कायर तू बता

3:41

कैसा है? और क्या चल रहा है आजकल? कायर इस

3:44

सवाल का जवाब देता उससे पहले ही कछुआ फटाक

3:46

से बोल पड़ता है क्या कर रहा है यह वही कर

3:49

रहा है जो बचपन में करता था बिंदु पर लाइन

3:52

मार रहा है और बिंदु अभी तक इसे भाव नहीं

3:55

देती बचपन की तरह प्रेम पत्र लिखता है पर

3:57

बिंदु के लिए नहीं स्कूल में पढ़ने वाले

4:00

बच्चों के लिए उसी के पैसे मिलते हैं इसे

4:02

और उसी की बदौलत गुजारा चल रहा है कायर

4:05

कछुए को मजाक में कनपटी पर मारते हुए कहता

4:08

है कुछ भी मत बोल समझा कछुए तू बहुत जल्द

4:11

बहुत बड़ा शायर बनने वाला हूं में बस एक

4:14

बार मेरी एक किताब पब्लिश हो जाए। फिर

4:17

देखना हर जगह मेरा ही नाम होगा। वो तो अभी

4:21

किस्मत खराब चल रही है इसलिए कोई पब्लिशर

4:23

मिलता नहीं। मिलेगा भी कैसे? तेरी शायरी

4:26

ही ऐसी है कि जहर का काम करती है। समझा

4:29

तू? कायर को पता था कि कछुए से बहस करना

4:32

बेकार है। इसलिए वो युग से कहता है यार

4:34

युग तू ना इस कछुए की बातों में मत आ।

4:37

तुझे तो पता है इसकी बचपन की मजाक करने की

4:40

आदत है। तू बता कैसे आना हुआ? वो भी 13

4:43

साल बाद। युग कायर को भी उसकी जॉब और

4:46

स्टार्टअप के बारे में सब कुछ बता देता

4:48

है। सारी बात सुनने के बाद कायर हैरानी के

4:51

साथ कहता है युग तू पागल तो नहीं हो गया?

4:53

तू शहर में ड्रग्स लेता था क्या? नहीं तो

4:56

क्यों? क्या हुआ? प्लान पसंद नहीं आया

4:58

क्या? यार यह तेरा प्लान है या लोगों को

5:01

मारने का तरीका? तुझे पता है ना वो

5:03

ग्रेवयार्ड कोठी कब्रिस्तान के ऊपर बनी है

5:05

और तू कब्रिस्तान के ऊपर खेती करने की सोच

5:08

रहा है। मान ले हमने खेती कर भी ली और फसल

5:11

भी उग गई तो खरीदेगा कौन? लोग वहां की

5:14

सब्जियां खाने से पहले डरेंगे यह सोचकर कि

5:16

कहीं भूत ना आ जाए खाकर। युक चिढ़ते हुए

5:19

कहता है, यार, मैं ना एक-एक को समझाकर

5:22

परेशान हो गया हूं। अब मैं किसी को नहीं

5:24

समझाने वाला। यदि तुम तीनों को मेरा साथ

5:26

देना है तो दो वरना मैं अकेले भी कर सकता

5:29

हूं। मुझे मेरा काम शुरू करने के लिए किसी

5:31

के साथ की जरूरत नहीं। मुझे अब कोई नहीं

5:33

रोक सकता। कोई यक्षिणी भी नहीं। समझे तुम?

5:37

कोई कुछ कहता उससे पहले ही वहां पर अहमद

5:39

जो बिंदु की ही दुकान पर काम करता था चाय

5:42

की ट्रे लाकर रख देता है। अहमद की उम्र

5:45

करीब 16-7 साल होगी। अहमद चाय देकर वहां

5:48

से चला जाता है। युग, अभिमन्यु, कछुआ और

5:50

कायर चाय पीने लग जाते हैं। चारू के बीच

5:53

खामोशी छाई हुई थी। युग के चेहरे से ही

5:56

दिख रहा था कि वह नाराज है और उसे कुछ भी

5:58

समझाएंगे तो वह समझने वाला नहीं है। कायर

6:01

चाय पीते हुए कहता है ठीक है मैं तैयार

6:04

हूं पर मेरी एक शर्त है। युग हैरानी के

6:07

साथ कहता है अब तेरी क्या शर्त है? पहले

6:10

यह कछुए की शर्त और अब तेरी शर्त बता क्या

6:12

शर्त है? यार देख तेरे पापा भी एक लेखक थे

6:15

ना? हां तो यार तेरी कोई पब्लिशर से

6:19

बातचीत हो तो मेरी भी किताब पब्लिश करवा

6:21

देना। तेरे पापा तो बहुत बड़े लेखक थे।

6:24

युग कायर को समझाते हुए कहता है यार कायर

6:28

मेरे पापा लेखक थे मैं नहीं समझा तुझे पता

6:31

है ना अब मेरे पापा इस दुनिया में नहीं है

6:33

फिर भी ऐसे सवाल कर रहा है कायर उदास हो

6:36

जाता है युग कायर का चेहरा देखते हुए कहता

6:39

है मेरे पास एक दो पब्लिशर के नंबर हैं

6:41

मैं उनसे बात करके देखूंगा तेरे लिए यह

6:44

बात सुनकर कायर खुश हो जाता है और युग को

6:46

गले लगाते हुए कहता है शुक्रिया शुक्रिया

6:49

मेरे भाई युग अभिमन्यु कछुआ और कायर

6:52

ग्रेवयार्ड कोठी के अंदर थे और पिछले 4

6:54

घंटे से वह लोग ग्रेवयार्ड कोठी की सफाई

6:57

कर रहे थे। युग के हाथ में सफाई वाला

6:59

कपड़ा था तो अभिमन्यु और कायर के हाथ में

7:01

झाड़ू और कछुए के हाथ में पोछा जिससे वह

7:05

पूरी ग्रेवयार्ड कोठी को चमका रहा था।

7:11

जैसे-जैसे ग्रेवयार्ड कोठी की धूल साफ

7:13

होती जा रही थी, ग्रेवयार्ड कोठी की रौनक

7:16

बढ़ती जा रही थी। चारों हॉल की सफाई कर ही

7:18

रहे थे कि तभी कायर का मोबाइल बजने लग

7:20

जाता है। आमीजे जे तो मार

7:25

शुद्ध जे तो मार

7:28

आ जे तो मार

7:31

यही रिंगटोन कायर के मोबाइल में बज रही थी

7:34

जिसे सुनकर कछुआ डर जाता है। कछुआ कायर पर

7:37

चिल्लाते हुए कहता है यार कायर तुझे कोई

7:40

और रिंगटोन नहीं मिली थी क्या? माना तू

7:42

बंगाली लड़की को पसंद करता है। इसका मतलब

7:44

यह तो नहीं है ना कि तू रिंगटोन भी बंगाली

7:47

रखेगा। कायर जेब से मोबाइल निकालते हुए

7:50

कहता है यार और कोई भी बंगाली में गाना ही

7:52

नहीं मिला। क्या कहा? बंगाली में गाना

7:55

नहीं मिला। इतने सारे तो गाने हैं तुझे।

7:57

अमिताभ बच्चन का एकला चोलबेरे गाना नहीं

8:00

मिला। इतना अच्छा कायर कछुए की बात का कुछ

8:02

जवाब नहीं देता और फोन उठाते हुए कहता है

8:05

हां बिंदु क्या हुआ? कायर कोतो होए।

8:08

ग्रेवयार्ड कोठी में बिंदु के शेखानी तुम

8:11

की कर छो तुम्हें मैसेज में बताया था ना

8:13

कि युग अब यहीं रहेगा तो ग्रेवयार्ड कोठी

8:16

की सफाई करने जा रहा हूं वो मैंने मैसेज

8:18

नहीं देखा वैसे जल्दी से यहां पर आ जाओ वो

8:21

राशन खत्म हो गया है दुकान का तो उसे लेने

8:24

मेहंदी पथार जाना पड़ेगा अभी हां बिंदु बस

8:27

अभी आया 2 मिनट रुकना इतना कहकर कायर फोन

8:30

रख देता है जैसे ही कायर फोन रखता है कछुआ

8:33

कायर को घूरते हुए कहता है लो आ गया कायर

8:36

साहब को बुलावा वैसे तो बिंदु लाइन नहीं

8:39

देती पर जब काम पड़ता है तो फटाक से कॉल

8:42

कर देती है। यह लड़कियां ना बड़ी चालाक

8:44

होती हैं। जब काम पड़ता है इन्हें तभी

8:47

हमारी याद आती है। वरना वो अपने रास्ते और

8:50

हम अपने कायर कछुए पर चिढ़ते हुए कहता है

8:53

और हम लड़के लोग कम चालाक होते हैं क्या?

8:55

हमें भी तो लड़कियों से सिर्फ और सिर्फ एक

8:58

ही चीज चाहिए होती है। और वह है उनका तन।

9:01

है ना? कछुआ समझ गया था कि कायर उससे

9:03

नाराज हो गया। इसलिए वह अपनी गलती महसूस

9:06

करते हुए कहता है, सॉरी यार मैं मजाक कर

9:09

रहा था। मुझे नहीं पता था तुझे बुरा लग

9:11

जाएगा। यार कछुए तुझे कितनी बार बोला।

9:14

तुझे मुझसे मजाक करना है कर। मेरी शायरी

9:16

के साथ करना है कर। पर मेरी बिंदु से मत

9:19

कर और ना ही उसके बारे में कुछ बोल। तुझे

9:22

पता है ना उससे कितना प्यार करता हूं मैं?

9:24

सॉरी यार। यह सॉरी वॉरी छोड़ और मेरा एक

9:27

काम कर। कछुआ हैरानी के साथ पूछता है।

9:30

कैसा काम? कायर झाड़ू कछुए के हाथ में

9:33

देते हुए कहता है, मेरे हिस्से की भी सफाई

9:35

तू ही कर देना। जब मैं लौटूं, तो यह कोठी

9:38

साफ होनी चाहिए। समझा? कछुआ मुंह बनाते

9:41

हुए कहता है, हां, समझ गया। कायर युग की

9:44

तरफ देखते हुए उससे कहता है, युग मैं

9:47

निकलता हूं। सॉरी यार, पर क्या करूं?

9:49

बिंदु ने बुलाया है। मना नहीं कर सकता पर

9:52

तू फिक्र मत कर। जैसे ही काम खत्म होगा,

9:54

मैं यहां वापस आ जाऊंगा। युग कायर के

9:57

कंधों पर हाथ रखते हुए कहता है, हां, मैं

10:00

समझ सकता हूं बिंदु अच्छी लड़की है। उसका

10:03

कभी साथ मत छोड़ना। आई नो उसने हां नहीं

10:06

बोला पर जल्दी बोल देगी। उसकी आंखों में

10:08

तेरे लिए प्यार साफ दिखता है मुझे। कायर

10:11

वहां से चला जाता है। कायर के जाने के बाद

10:13

कछुआ युग से कहता है, युग, यहां नीचे तो

10:16

पोछा लगा दिया है मैंने। एक काम करता हूं

10:19

मैं। ऊपर वाले कमरों में झाड़ू मार कर आता

10:21

हूं। तुम दोनों जब तक यहां हॉल की सफाई कर

10:24

लो। हां, ठीक है पर संभल कर जाना, गिरना

10:26

मत। मुझे क्या गिरा हुआ इंसान समझा है जो

10:29

मैं गिर जाऊंगा? इतना कहकर कछुआ सीढ़ियां

10:31

चढ़ते हुए ऊपर वाले कमरे की तरफ जाने लगता

10:34

है। अभिमन्यु पूछता है, युग एक बात पूछूं?

10:37

हां पूछना अभिमन्यु। यार जब तू कायर को

10:41

समझा रहा था ना प्यार के बारे में? उस

10:43

वक्त तेरी आंखों में एक अलग सी चमक थी और

10:45

ऐसी चमक किसी की आंखों में तभी दिख सकती

10:48

है जब उसने भी किसी से प्यार किया हो। युग

10:51

बीच में ही अभिमन्यु को टोकते हुए कहता है

10:53

यार तू पूछना क्या चाहता है? सीधे-सीधे

10:56

पूछना यूं घुमा फिराकर क्यों बातें कर रहा

10:58

है? यार मैं यह पूछना चाहता था कि बोर में

11:01

तुझे हमारी भाभी मिली या नहीं? अभिमन्यु

11:04

की बात सुनकर युग शर्मा जाता है। तेरे

11:06

चेहरे की ये मुस्कान देखकर मैं कंफर्म हो

11:08

गया कि तुझे हमारी भाभी मिल चुकी है। तो

11:11

बता ना क्या नाम है भाभी का? युग शर्माते

11:13

हुए कहता है शालिनी मेहरा वाह यार नाम तो

11:17

बहुत खूबसूरत है। दिखने में तो उससे भी

11:19

खूबसूरत होगी। मोबाइल में फोटो तो जरूर

11:22

होगी। तो दिखाना जरा मैं भी तो देखूं कि

11:25

भाभी कैसी दिखती है। योग अपना पर्स

11:27

निकालता है और उसमें से एक पासपोर्ट साइज

11:29

की फोटो अभिमन्यु को दिखाते हुए कहता है।

11:32

यह है शालिनी। पासपोर्ट फोटो के अंदर एक

11:35

बहुत ही खूबसूरत लड़की थी जिसका लंबा सा

11:37

चेहरा था। काले-काले लंबे-लंबे बाल,

11:40

सुनहरी आंखें और गुलाबी हंठ। शालिनी इतनी

11:42

खूबसूरत थी कि कोई भी उसे देखते ही उसका

11:45

दीवाना हो जाए।

11:50

अभिमन्यु फोटो को देखते हुए कहता है यार

11:53

भाभी तो बहुत सुंदर है। पर तुझे भी मानना

11:55

पड़ेगा 21 सेंचुरी के जमाने में 90ज का

11:59

प्यार चल रहा है। वो बात नहीं है यार।

12:01

मोबाइल की सारी फोटो डिलीट कर दी मैंने

12:04

शालिनी की। क्या कहा? भाभी की सारी फोटो

12:07

डिलीट कर दी। पर क्यों? यार जो लोग हमारी

12:09

जिंदगी में नहीं रहते हमें उन्हें अपने

12:12

मोबाइल से भी निकाल देना चाहिए क्योंकि

12:14

मोबाइल भी आपकी दूसरी जिंदगी ही होता है

12:16

जिसके साथ आप हमेशा रहते हो यार तेरी बात

12:19

मेरी समझ में नहीं आ रही है और यह बता

12:22

तूने भाभी की फोटो मोबाइल से डिलीट क्यों

12:24

कर दी या तेरा और भाभी का ब्रेकअप हो गया

12:26

यार अनुराग पहले तो तू शालिनी को भाभी

12:30

बोलना बंद कर समझा तू और हमारा ब्रेकअप

12:32

नहीं हुआ हम अलग हो गए अलग हो गए पर क्यों

12:35

यार अभी-अभी तो तूने मुझे खुशी दी थी और

12:38

एक पल में वह खुशी मुझसे छीन ली। आखिर

12:40

तेरे और भाभी सॉरी शालिनी के बीच में हुआ

12:43

क्या था कि तुम अलग हो गए और अगर कोई

12:45

छोटा-मोटा झगड़ा है तो यार वो हर

12:47

रिलेशनशिप में होते हैं। आजकल इसी से तो

12:49

प्यार बढ़ता है। युग कुछ जवाब नहीं देता।

12:52

वो सफाई करने का नाटक करने लग जाता है।

12:55

यार युग तू ना मुंह मत फेर। बता ना आखिर

12:58

तू शालिनी से कैसे मिला और तुम अलग क्यों

13:00

हो गए? मैं जानना चाहता हूं। बता यार तू

13:03

क्या करेगा जानकर? छोड़ ये सब बुरी यादों

13:05

को भूल जाओ। उसी में भलाई है। अरे ऐसे

13:08

कैसे छोड़ दूं यार? तुझे नहीं पता दर्द

13:10

बांटने से कम होता है। आई नो मैं तेरा

13:12

दर्द कम नहीं कर सकता पर उस दर्द से

13:14

गुजरने में तेरा साथ जरूर दे सकता हूं।

13:17

अभिमन्यु की फोर्स करने पर युग उसे शालिनी

13:19

के बारे में बताने के लिए राजी हो जाता

13:21

है। यार मैं और शालिनी ना अभी युग ने इतना

13:25

ही कहा था कि तभी कछुए की जोर से चीखने की

13:28

आवाज सुनाई देती है।

13:31

अभिमन्यु हैरानी के साथ कहता है यार यह

13:34

चीख तो कछुए की है। हां यार उसी की है।

13:37

पता नहीं क्या हो गया इसे। चल चल कर देखते

13:40

हैं।

13:42

सदियों से है पुरानी

13:46

ये है यक्षिणी की कहानी।

13:50

यक्षिणी एक आग है। यक्षिणी तेरा ख्वाब है।

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