0:00
ये लोग बिना किसी फाइनेंशियल एजुकेशन के
0:02
सिर्फ सोशल मीडिया की रील्स और
0:04
स्क्रीनशॉट्स देकर मार्केट में कूद पड़ते
0:07
मार्केट में जो सबसे बड़ा मिथ है वो ये है
0:10
कि यार सीधा ट्रेडिंग अकाउंट खोल लो और
0:12
मार्केट में कूद पड़ो।
0:15
इनकम का कितना हिस्सा मुझे बचाना चाहिए कि
0:18
[संगीत] मैं आज शेयर बाजार में लगा सकूं
0:20
और मेरी रातों की नींद भी ना उठे। डिपेंड
0:23
करता है कि आपकी नीड क्या है।
0:26
जब मार्केट में स्क्रीन पर रेड और ग्रीन
0:28
लाइट दिखती है तो लोग परेशान होने लगते
0:32
प्रॉब्लम यह है कि लोग किसी भी स्ट्रेटजी
0:35
पर उसके प्रॉफिट जोन को देखकर कूदते हैं
0:38
ना कि लॉस जोन को देख के।
0:42
Telegram और WhatsApp पर शॉर्टकट बताए
0:45
जाते हैं। कॉल ले लो और टिप्स ले लो। पैसा
0:48
अगर कोई यह बोल रहा है ना कि यहां से
0:50
बाजार कहां जा सकता है
0:52
तो या तो वह भगवान है या वह झूठ बोल।
0:58
नमस्कार आप देख रहे हैं क्लियर काट विद
1:00
अंजलि रजावत। आज का एपिसोड बहुत ही खास
1:03
होने वाला है क्योंकि आज के एपिसोड में हम
1:05
बात करेंगे पैसा, रुपया, दमड़ी की जिसका
1:10
सपना आप सुबह उठते ही देखने लग जाते हैं।
1:13
सुबह अलार्म बजने से पहले ही आप उठकर
1:16
भागने लग जाते हैं। और आज का एपिसोड इसलिए
1:20
भी खास है क्योंकि हम ट्रेडिंग और स्टॉक
1:22
मार्केट के बारे में बात करेंगे जिसके
1:25
बारे में सुनते ही या तो लोग रातोंरात
1:27
अमीर बनने का ख्वाब देखने लगते हैं या फिर
1:30
उन्हें डर सताता है कि कहीं ऐसा ना हो कि
1:32
वो पैसा लगाएं और वो डूब जाए। तो आखिर
1:34
ट्रेनिंग के पीछे का सच क्या है? इसी पर
1:37
बात करने के लिए आज हमारे साथ स्टूडियो
1:39
में खास मेहमान मौजूद हैं आईबीबीएम
1:41
प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अनुज कौर
1:43
जी जो काफी सालों से लोगों को सही राह बता
1:46
रहे हैं। तो चलिए स्वागत करते हैं उनका।
1:48
सर बहुत-बहुत स्वागत है आपका इस पॉडकास्ट
1:51
थैंक यू अंजली जी। सर अच्छा अगर हम बात
1:54
करें शेयर बाजार के बारे में तो दो तरह के
1:57
लोग हैं जो एक वो हैं जो इसे जुआ मानते
2:01
हैं। दूसरे वो लोग हैं जो इसे क्विक मनी
2:03
यानी कि रातोंरात अमीर बनने का ख्वाब
2:06
देखते हैं इसके जरिए। तो इसके पीछे की
2:08
असली साइंस क्या है और एक एक्सपर्ट के तौर
2:11
पर आप कैसे इसे समझाना चाहेंगे? देखिए
2:13
आपने बोला दो टाइप के लोग हैं। एक जो
2:16
इसमें क्विक मनी की तरह और एक जुआ मानते
2:18
हैं। एक तीसरे टाइप के लोग भी हैं जो बहुत
2:21
प्रोफेशनल हैं और इसको एक सिस्टमैटिक
2:24
मार्केट की तरह मानते हैं। उसकी परसेंटेज
2:26
बहुत कम है। इसलिए आपका क्वेश्चन सही है
2:28
कि दो ही टाइप के लोग हैं जो एक रिच क्विक
2:30
स्कीम की तरह देखते हैं और एक जुए की तरह
2:32
देखते हैं। यहां पर सबसे ज्यादा
2:34
इंपॉर्टेंट है कि इसमें जो तीसरे टाइप के
2:38
लोग हैं जैसे सेबी भी हमेशा बोलता है कि
2:40
90 टू 95% ट्रेडर्स लॉस में रहते हैं। तो
2:42
केवल 5% लोग ऐसे हैं जो तीसरे टाइप के
2:45
कांसेप्ट में आते हैं।
2:46
तो मैं हमेशा मार्केट को एक सिस्टमैटिक
2:49
पैटर्न की तरह देखता हूं। जैसे हम किसी भी
2:52
इन्वेस्टमेंट्स की बात करें जैसे
2:54
रियलस्टेट इन्वेस्टमेंट्स, एफडी के
2:56
इन्वेस्टमेंट, गिल्ट के, बोंड्स के,
2:58
सिक्योरिटीज के। इसी तरह मार्केट भी एक
3:01
इन्वेस्टमेंट स्ट्रक्चर है। यह कोई जुए का
3:04
अड्डा नहीं है या गेट रिच क्विक स्कीम
3:06
नहीं है। हां, मार्केट आपको ल्योर करता है
3:09
और इसका बेनिफिट बहुत सारे सोशल मीडिया
3:12
एक्टिविस्ट उठाते हैं और जिससे जो बहुत
3:16
सारे व्यूअर्स होते हैं वो कई बार गलत
3:17
डायरेक्शन में चले जाते हैं। तो मार्केट
3:19
को मेरा देखने का नजरिया शुरू से एक ही
3:21
रहा है कि एक सिस्टमेटिक काम करने का
3:23
तरीका है। हां एक चीज मैं इस मार्केट में
3:25
जो मैं अधिकतर जगह बोलता हूं कि एक
3:28
बेनिफिट जो इस इंडस्ट्री में और
3:30
इंडस्ट्रीज के कंपैरिजन में आपको हमेशा
3:32
मिलता है कि इस इंडस्ट्री में अगर आपने
3:35
शुरू के दो चार साल बहुत अच्छे तरीके से
3:37
दे दिए तो बाद में आपके मल्टीपल इयर्स
3:40
बंपर होने वाले हैं क्योंकि कंपाउंडिंग का
3:42
एक बेनिफिट आपको मिलता है जो जनरली और
3:45
इंडस्ट्रीज में जल्दी से नहीं मिलता है।
3:47
सो दैट इज द बिगेस्ट एडवांटेज। कंपाउंडिंग
3:51
कंपाउंडिंग की अगर बात करें तो जब जैसे
3:54
फॉर एग्जांपल हम किसी स्ट्रेटजी पर काम कर
3:56
रहे हैं या हम किसी इन्वेस्टमेंट्स पर काम
3:58
कर रहे हैं तो धीरे-धीरे क्या होता है?
3:59
हमारी मनी कंपाउंड होती चली जाती है। जैसे
4:01
फॉर एग्जांपल हम एक ऑप्शन स्ट्रेटजी पर
4:04
काम कर रहे हैं। अब उस ऑप्शन स्ट्रेटजी पर
4:06
फॉर एग्जांपल आज हम 10 लॉट्स से हमने
4:09
स्टार्ट किया। धीरे-धीरे आप देखेंगे कि
4:11
धीरे-धीरे हमारे लॉट्स बढ़ते चले जाते
4:13
हैं। अगर हम किसी सिस्टमेटिक पावर पैकेट
4:16
सेटशन पर काम कर रहे हैं और प्रॉपर एक
4:18
सेटअप पर काम कर रहे हैं। ऑटोमेशन पर काम
4:20
कर रहे हैं तो धीरे-धीरे आप नोटिस करेंगे
4:22
कि आपके लॉट साइज ऑटोमेटिकली इनक्रीज होते
4:25
चले जाते हैं। तो अगर आज आप 10 लॉट से काम
4:28
कर रहे हैं तो आप देखेंगे कि आफ्टर वन ईयर
4:30
वो लॉट्स इनक्रीज हो गए। आफ्टर टू इयर्स
4:31
वो लॉट और इनक्रीज हो जाते हैं और
4:33
धीरे-धीरे आपकी कंपाउंडिंग होती चली जाती
4:36
है और रिस्क पैटर्न धीरे-धीरे कम होता चला
4:38
जाता है। रिवार्ड पैटर्न समय के साथ बढ़ता
4:40
चला जाता है। इसको हम बोलते हैं
4:42
कंपाउंडिंग पैटर्न। सो दैट इज द बिगेस्ट
4:44
एडवांटेज जो हमें इस इंडस्ट्री में देखने
4:51
लोग लॉस एंड ये कह सकते हैं कि बिना सीखे
4:54
एंट्री एंड लॉस का सच समझना चाहते हैं।
4:56
जैसे कि डाटा कहता है कि जो फ्यूचर एंड
4:59
ऑप्शंस हैं उनमें आने वाले 90% से ज्यादा
5:02
रिटेल ट्रेडर्स ट्रेडर्स जो हैं वो नुकसान
5:05
उठाते हैं। और इसकी असल वजह क्या है कि
5:07
लोग बिना किसी फाइनेंशियल एजुकेशन के
5:10
सिर्फ सोशल मीडिया की रील्स और
5:11
स्क्रीनशॉट्स देकर मार्केट में कूद पड़ते
5:14
देखिए इसको ऐसे देखते हैं जैसे आपने बोला
5:16
अभी हम उसी पे चर्चा कर रहे थे। 90 से 95%
5:20
लोग से भी आप बोल रहे हैं कि लगातार उसका
5:23
नोटिफिकेशन आता है कि लॉस में रहते हैं।
5:25
इस चीज को हम ऐसे समझते हैं। आप रैंडमली
5:28
किसी से भी बात कीजिएगा। मार्केट में जो
5:31
सबसे बड़ा मिथ है वो यह है कि यार सीधा
5:34
ट्रेडिंग अकाउंट खोल लो और मार्केट में
5:37
अब जैसे मैं नॉर्मल बात करता हूं। फॉर
5:40
मुझे स्विमिंग नहीं आती।
5:42
अब अगर मैं एकदम से मैं ये सोचूंगा यार
5:45
स्विमिंग सीखने के लिए क्या करना है? चलो
5:47
एक काम करता हूं। वाटर में डाइव मार देता
5:50
तो क्या मेरे डूबने का खतरा नहीं बढ़
5:52
जाएगा? ऑब्वियसली बढ़ जाएगा। क्योंकि
5:54
मैंने उसके लिए कोई टाइम नहीं दिया,
5:56
एनर्जी नहीं दी, स्किल डेवलप नहीं किया।
5:58
अब ऐसे ही अगर 100 लोगों को इमीडिएटली जंप
6:03
डीप वाटर में जिन्होंने आज तक स्विमिंग
6:05
नहीं की तो ऑब्वियसली आपको नंबर ऑफ पीपल
6:08
जो पानी में डूब करके जिनकी डेथ हो सकती
6:10
है वो आपको ज्यादा देखने के लिए मिलेंगे
6:12
परसेंटेज बढ़ जाएगी ये एग्जांपल आप किसी
6:15
भी चीज का ले सकते हैं। मैंने स्विमिंग का
6:16
लिया आप ड्राइविंग का ले लो। जिसने आज तक
6:18
ड्राइविंग नहीं की आप उनको हाईवे पर 100
6:20
लोगों को कार की चाबी थमा दो। आप देखोगे
6:22
कि कितने लोग सक्सेसफुली पहुंच पाएंगे
6:24
अपने डेस्टिनेशन पर। शायद कोई भी नहीं।
6:27
सेम मार्केट है। मार्केट में लोग ना तो
6:30
स्किल डेवलप करते हैं, ना उसको टाइम दे
6:33
रहे हैं, ना एनर्जी दे रहे हैं, ना पैटर्न
6:35
दे रहे हैं। और उसके बाद ये आ जाता है कि
6:38
90% लोग लॉस में हैं, 95% लोग लॉस में
6:41
हैं। मेरा एक छोटा सा सवाल है जो 5% लोग
6:45
वो प्रॉफिट में कैसे पहुंचे? क्या हमने
6:47
कभी उसे स्टडी करने के पैटर्न को समझा?
6:50
उन्होंने कितना टाइम दिया? कितनी एनर्जी
6:52
दी? आज बहुत सारे लोग हैं जो मेरे पास आते
6:55
हैं जो वेबिनार्स में आते हैं जो ट्रेनिंग
6:57
में आते हैं जो बात करते हैं आज वह
7:00
ब्यूरोक्रेट्स हैं पॉलिटिकल लीडर्स हैं
7:03
अपनी एमएसी कंपनीज में सीईओस हैं सीएक्सओस
7:06
हैं वाइस प्रेसिडेंट हैं मल्टीपल कंपनीज़
7:10
क्या वो रातोंरात पहुंच गए वहां पे
7:12
ऐसा तो है नहीं कि अचानक से कोई उठा और
7:15
सीधा से सीएक्सओ के डेस्टिनेशन पे जाकर के
7:17
बैठ गया किसी कंपनी में ऑब्वियसली
7:19
उन्होंने मल्टीपल इयर्स दिए टाइम दिया,
7:22
एनर्जी दी, प्रोसेस समझा और अपने आप को उस
7:27
जब उन्होंने स्टेप बाय स्टेप उस प्रोसेस
7:29
को मास्टर किया तो वो एक डेस्टिनेशन पर
7:31
पहुंचे। अब सवाल यह आता है कि यार जब हम
7:34
मार्केट में काम करते हैं तो क्या हम वही
7:36
टाइम, वही एनर्जी, वही प्रोसेस, वही
7:39
सिस्टम देते हैं या कितने लोग ऐसे टाइम या
7:41
एनर्जी देते हैं? मुश्किल से मुश्किल 2
7:44
चार 5% और यही वह 5% लोग होते हैं जो
7:46
प्रॉफिट में होते हैं और 95% लोग लॉस में
7:49
होते हैं। जैसे हमने अभी बात की कि 95
7:51
सबसे पहले तो डेरिवेटिव्स क्या है ये अगर
7:54
हां देखिए डेरिवेटिव्स एक फ्यूचर एंड
7:57
ऑप्शंस का कॉम्बिनेशन होता है जो मार्केट
8:00
में हमें काम करने के लिए अपॉर्चुनिटी
8:02
देता है। डेरिवेटिव्स जो शुरू में ल्च किए
8:06
गए थे वो आपकी इक्विटी को मेनली हैच करने
8:11
के लिए ल्च किए गए थे। जिससे आपने जैसे
8:13
हमने अभी बात की कि हम आप किसी शेयर में
8:15
इन्वेस्ट करती हैं तो उसकी अगर आपके
8:17
अगेंस्ट आपकी पोजीशन जाती है तो आप उसको
8:19
हैच कर सकती हैं। उसके बाद धीरे-धीरे
8:21
डेरिवेटिव्स जो स्किलफुल ट्रेडर्स थे उनके
8:25
लिए पैसा कमाने का जरिया बना। जिसमें जो
8:27
अनस्किल्ड ट्रेडर्स या वही 90 95% लोग
8:30
जिनकी हम बात कर रहे थे उनके लिए वो कहीं
8:33
ना कहीं प्रॉब्लमैटिक एरिया भी रहा। जैसे
8:35
हम बात कर रहे हैं वो आज भी है। तो उस 5%
8:38
में अगर हमें आना है डेरिवेटिव ट्रेडिंग
8:40
के कांसेप्ट में जिसमें मेनली फ्यूचर एंड
8:42
ऑप्शंस की ट्रेडिंग होती है जिसमें मैं
8:43
मेनली ऑप्शंस की बात करता हूं तो हमें एक
8:46
और एडवांटेज मिलता है जो भी पैसा हम
8:50
इन्वेस्ट कर रहे हैं जैसे हमने अभी बात की
8:51
इंडेक्स फंड में या कहीं भी इसके अगेंस्ट
8:54
हमें काम करने के लिए डेरिवेटिव्स में
8:57
मार्जिन मिलता है और यह मार्जिन प्रॉपर
8:59
एक्सचेंज से आता है। सेबी से आता है। तो
9:02
अब अगला एडवांटेज क्या मिलता है? जैसे मैं
9:04
अपनी बात करता हूं। फॉर एग्जांपल अगर
9:07
मैंने लेट्स से ₹1 करोड़ इक्विटी में लगा
9:10
रखा है। उसके अगेंस्ट मुझे काम करने के
9:14
लिए डेरिवेटिव्स में मार्जिन अवेलेबल हुआ
9:16
है। अब होता क्या है? ₹1 करोड़ जो हमने
9:19
अभी बात की अपनी स्पीड से बढ़ रहा है 101%
9:21
पे क्योंकि वो तो इन्वेस्टेड है। उसके
9:24
अगेंस्ट काम करने के लिए अराउंड 10% का
9:27
हेयर कट मार के हमें मार्जिन मिल जाता है।
9:29
तो ₹1 करोड़ पे अराउंड 90 लाख का मार्जिन
9:31
मिल जाता है। उस 90 लाख पे अपने स्किल के
9:35
बेस पर हम डेरिवेटिव ट्रेडिंग्स में जिनकी
9:38
मास्टर यूज़ करके एडिशनल रिटर्न्स बना सकते
9:41
हैं। तो अब एक पर्सन है जो केवल इन्वेस्ट
9:43
कर रहा है। तो उसको तो 1 सीआर पे ₹12 लाख
9:45
मिला। एक ऐसा पर्सन जो इन्वेस्ट तो कर ही
9:48
रहा है। उसके अगेंस्ट जो एक्स्ट्रा
9:49
मार्जिन यूटिलाइज कर रहा है तो अपने
9:51
रिजल्ट्स को मल्टीप्लाई कर सकता है। वहां
9:54
पे मल्टीप्लायर का कांसेप्ट अप्लाई होता
9:56
है। और यही बिगेस्ट एडवांटेज होता है जो
9:59
एक इन्वेस्टर प्लस ट्रेडर दोनों के ब्लड
10:02
ग्रुप को मिलाकर के एक पावरफुल कांसेप्ट
10:05
बन जाता है। सो दैट इज़ द एडवांटेज ऑफ़
10:07
डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग। क्योंकि आपने
10:09
डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग समझाई है। लेकिन जब
10:12
मार्केट में स्क्रीन पर रेड और ग्रीन लाइट
10:14
दिखती है तो लोग परेशान होने लगते हैं। और
10:18
इस पूरे डर को या फिर लालच को कंट्रोल
10:22
करने की कोशिश करने के लिए क्या करना
10:24
चाहिए? देखिए रेड लाइट या ग्रीन लाइट जो
10:28
अभी आपने बोला जिसको हम कई बार प्रॉफिट
10:30
ग्रीन को जनरली प्रॉफिट या रेड को लॉस की
10:33
बात करते हैं। इसको समझने के लिए ऐसे
10:35
समझिएगा जब हम किसी भी कांसेप्ट पर काम
10:37
करते हैं हमें डर कब लगेगा हम
10:40
जब हमें लग रहा है कि यार मेरा कैपिटल
10:42
वाइप ऑफ हो जाएगा मेरे अगर हम किसी भी
10:46
ऑप्शन सेटअप पर काम कर रहे हैं
10:48
और हमें ये ऑलरेडी पता है कि उसमें मेरा
10:51
मैक्सिमम ड्रॉडाउन कितना हो सकता है तो
10:54
कहीं ना कहीं हमारा एक डर का फैक्टर खत्म
10:56
हो जाता है। जैसे एक एग्जांपल देता हूं।
10:57
मान लीजिए हमने किसी सिस्टम में ₹1 लाख का
11:01
किसी ऑप्शन स्ट्रेटजी में इन्वेस्टमेंट
11:03
किया। हम ऑटोमेशन पर काम कर रहे हैं। अब
11:06
हमें यह पता है कि पिछले 5 सालों में
11:09
इस ऑप्शन स्ट्रेटजी ने बैकवर्ड डाटा
11:13
टेस्टिंग और फॉरवर्ड डाटा टेस्टिंग के
11:16
हिसाब से मैक्सिमम ड्रॉडाउन हमारे फंड पे
11:18
5% का दिया है। आपको पता है पिछले 5 सालों
11:22
में। तो आपको यह पता है कि अगर मैंने ₹1
11:25
लाख उस ऑप्शन सेटअप में इन्वेस्ट किया है
11:29
ऑटोमेशन पर अगर मैं काम कर रही हूं या खुद
11:31
से कर रही हूं और अपने रूल्स डिसिप्लिन और
11:33
कंसिस्टेंसी को और प्रोसेस को आप फॉलो कर
11:36
रही हैं तो आपका ₹1 लाख मैक्सिमम 5% से ही
11:39
ड्रॉडाउन जा सकता है। आपको पता है। तो अगर
11:43
कोई चीज आपको पहले से पता है कि मेरा
11:45
कितना ड्रॉडाउन जा सकता है तो आपका फियर
11:48
फैक्टर वहां पे खत्म हो जाता है। वहां पे
11:49
आपका आंसर आता है रेड ज़ोन वाला क्योंकि
11:52
मुझे पहले से पता है कि यार ₹1,95,000 तक
11:55
जा सकता है। अगर आपकी कैपेसिटी 1 लाख को
11:57
95,000 देखने की नहीं है तो सिंपल है। आप
12:00
उस स्ट्रेटजी पर मत जाओ ना। पहले से बता
12:02
पता तो है आपको। मुझे पहले से पता है। फॉर
12:04
एग्जांपल किसी ने ₹1 लाख लगाए 5% का
12:07
ड्रॉडाउन हो सकता है कि भैया इसमें ₹0000
12:09
का ड्रॉडाउन आ सकता है आपका। आपको पता है
12:11
कि ₹0000 का ड्रॉडाउन आ सकता है।
12:14
अब आपको लगता है यार मैं ये ड्रॉडाउन नहीं
12:17
ले सकते। फॉर एनी रीजन। तो बहुत सिंपल सी
12:21
बात है। आप उस सेटअप पर काम मत करो।
12:23
अब बात करते हैं ग्रेट फैक्टर की। वो
12:26
सेटअप बता रहा है कि पिछले 5 साल में
12:28
लेट्स से उसने 36% का एनुअलाइज रिटर्न
12:31
दिया है। 36% मतलब 3% पर मंथ। अब वो सेटअप
12:35
₹1 लाख के इन्वेस्टमेंट पर ऑन एन एवरेज
12:37
₹0000 पर मंथ का एवरेज देता है। अब मुझे
12:41
रिवॉर्ड भी पता है इसका कितना है। मुझे
12:43
रिस्क फैक्टर भी पता है कितना है। तो एक
12:46
तरफ तो मेरा ग्रीड डेथ में आ गया। क्रिड
12:49
मर गया क्योंकि जरूरत ही नहीं है। मुझे
12:50
पता है कि इसका मैक्सिमम रिवॉर्ड ही इतना
12:53
और मेरा जो फियर फैक्टर है लालच उसका भी
12:56
अब मुझे डर नहीं बचा क्योंकि मुझे पता है
12:58
कि मेरा मैक्सिमम ड्रॉडाउन मुझे पता है।
13:00
प्रॉब्लम यह है कि लोग किसी भी स्ट्रेटजी
13:03
पर उसके प्रॉफिट ज़ोन को देखकर कूदते हैं
13:06
ना कि लॉस ज़ोन को देख के। यह सबसे बड़ी
13:09
प्रॉब्लम है रिटेल ट्रेडर्स के साथ। अगर
13:12
किसी भी स्ट्रेटजी पर काम कर रहे हैं तो
13:14
सबसे ज्यादाेंट है उसके रेड जोोन को देख
13:17
और ग्रीड और फेयर डर और लालच ये दो ऐसी
13:21
चीजें हैं बाजार में जो बिगेस्ट डेवल ऑफ द
13:24
मार्केट है। ग्रीड एंड फेयर आर द बिगेस्ट
13:26
डेवल ऑफ द मार्केट। अगर कोई इन दोनों को
13:28
कंट्रोल करना सीख ले तो उससे बड़ा प्रोसेस
13:32
और सिस्टमैटिक ट्रेडर नहीं हो सकता।
13:35
और उसका क्या तरीका है? उसका बहुत सिंपल
13:37
सा तरीका है कि हम जिस भी सेटअप पर काम कर
13:39
रहे हैं, उसका मैक्सिमम ड्रॉडाउन क्लियर
13:41
होना चाहिए। उसका एंट्री क्लियर होना
13:42
चाहिए। एग्जिट क्लियर होनी चाहिए। वॉल्यूम
13:44
साइज क्लियर होना चाहिए। सिस्टम,
13:46
प्रोसीजर, प्रोसेस, ऑटोमेशन खुद से कर रहे
13:49
हैं तो ट्रेड एंट्री टाइम, एग्जिट टाइम।
13:51
अगर आपको एक चीज चीज क्लियर है तो जितने
13:53
भी सवाल आपने पूछे जो कि एक ट्रेडर के
13:56
दिमाग में या इन्वेस्टर के दिमाग में
13:57
हमेशा होते हैं उन सबका सॉलशन हमें मिल
14:00
अच्छा आजकल स्कैम भी बहुत चल रहा है।
14:02
टिप्स कल्चर भी बहुत चल रहा है। तो
14:04
टेलीग्राम और WhatsApp पर शॉर्टकट बताए
14:07
जाते हैं। ना सिर्फ टेलीग्राम Telegram और
14:09
WhatsApp पर मैं Instagram पे भी देखती
14:11
हूं और ले लूं और टिप्स ले लो पैसा डबल हो
14:15
तो इस कल्चर से कैसे बचा जाए और इसकी
14:18
टिप्स आप कैसे देना चाहेंगे? देखिए मैं इस
14:20
चीज को हमेशा बोलता हूं। जब भी कोई
14:22
एडवाइज़री की बात करता है या बात करता है
14:25
कि यह वाली कॉल आज यहां से डबल हो जाएगी
14:28
ये हो जाएगी तो मैं हमेशा बोलता हूं कि
14:32
अगर कोई यह बोल रहा है ना कि यहां से
14:33
बाजार कहां जा सकता है
14:35
तो या तो वो भगवान है या वो झूठ बोल रहा
14:38
है। दो ही चीजें हैं। मुझे बाजार में आज
14:41
अराउंड 20 इयर्स हो गए।
14:44
आप मुझसे पूछेंगे कि अगले 1 महीने बाजार
14:48
आई कैन नॉट टेल यू सीरियसली मैं आज सबके
14:51
सामने ओपनली बोल रहा हूं जितने भी लोग देख
14:53
रहे हैं इसको मैं नहीं बता सकता अगले एक
14:55
महीने बाद बाजार कहां जा सकता है अगर मैं
14:57
बता रहा हूं तो या तो मैं फिर से रिपीट कर
15:00
रहा हूं या तो मैं झूठ बोल रहा हूं या मैं
15:03
भगवान हूं एंड दिस इज ट्रू फॉर एवरीवन। अब
15:05
सवाल ये आता है कि अगर मैं नहीं बता सकता
15:07
तो फिर मैं एक्सपर्ट किस बात का हूं?
15:09
या जो लोग दे क्लेम टू बी एक्सपर्ट वो किस
15:11
बात के हैं? देखिए एक्सपर्ट इज लाइ इन
15:15
सिस्टम इन प्रोसेस। जैसे मैं हमेशा बोलता
15:17
हूं एक रियल प्रोफेशनल ट्रेडर बाजार ऊपर
15:21
जाए, नीचे जाए, दाएं जाए, बाएं जाए, हमेशा
15:23
प्रॉफिटेबल ही निकलेगा। अगर मैं यह कह रहा
15:26
हूं कि बाजार कहीं भी जाए एंड ऑफ द मंथ,
15:29
एंड ऑफ द क्वार्टर, एंड ऑफ द ईयर मैं
15:31
प्रॉफिटेबल ही निकलूूंगा। इसका मतलब मुझे
15:34
बाजार पर भरोसा नहीं है। मुझे अपने सिस्टम
15:36
पर भरोसा है। अपने प्रोसेस पर भरोसा है।
15:38
अपने ट्रेडिंग पैटर्न पर भरोसा है। अपने
15:40
डिसिप्लिन पर भरोसा है। और अपने ऑटोमेशन
15:43
सिस्टम पर भरोसा है। मुझे बाजार पे कोई
15:45
भरोसा नहीं है। आई नेवर ट्रस्ट ऑन द
15:48
मार्केट। आई ट्रस्ट ऑन सिस्टम, प्रोसेस,
15:50
टेक्नोलॉजी एंड द इंफ्रास्ट्रक्चर व्हिच
15:56
सो दिस इज़ वेरीेंट। तो कई लोग पूछते हैं
15:59
अगर आप नहीं बता सकते तो फिर आप लगातार
16:01
प्रॉफिटेबल कैसे हो? आई हैव टोल्ड यू द
16:03
रीज़। दैट इज द रीज़न आई एम प्रॉफिटेबल। अब
16:06
मंडे को बाजार कहां खुलेगा कौन बता सकता
16:09
है? कोई नहीं बता सकता है। हां, एक चीज
16:12
मैं बता रहा हूं। कहीं भी बाजार खुले
16:15
एंड ऑफ द डे अगर आप हमारी स्क्रीन देखेंगी
16:17
एंड ऑफ द और जो कि मैं वेरीिफाइड बाय
16:19
सेंसिबल अपना पीएंडएल भी शेयर करता हूं जो
16:21
सीधा एक्सचेंज से आता है। डायरेक्ट
16:23
कॉन्ट्रैक्ट नोट एक्सचेंज से आता है। वह
16:24
मैं लगातार शेयर करता हूं और लोग मुझसे
16:28
लगातार यह सवाल पूछते हैं कि कैसे पॉसिबल
16:30
है? दिस इज पॉसिबल ओनली बिकॉज़ ऑफ सिस्टम
16:32
एंड प्रोसेस। तो प्रोसेस इज द मोस्ट
16:35
ब्रूटल वेपन फॉर ए ट्रेडर। दैट इज वेरी
16:39
तो जैसा कि आप सर ये स्ट्रेटजी की बात कर
16:42
रहे हैं। लेकिन आज के टाइम पे एआई लोग
16:44
बहुत ज्यादा यूज़ कर रहे हैं और एआई
16:46
स्ट्रेटजी बनाकर देता है। तो आपको क्या
16:49
लगता है कि जो एक्सपर्ट ट्रेडर्स हैं
16:50
मार्केट में उनको एआई रिप्लेस कर सकता है
16:54
आने वाले टाइम पे? देखिए इसके लिए मैं
16:56
आपसे एक सवाल पूछना चाहूंगा। पहले आपने
16:58
मुझसे एक सवाल पूछा मैं आपसे पूछूंगा एआई
17:04
ह्यूमन ह्यूमन यस दिस इज द आंसर। ह्यूमन
17:07
ने बनाया। तो सबसे पहले तो मैं ये हर जगह
17:10
बोलता हूं कि कितना भी एआई हो जाए ह्यूमन
17:13
माइंड से बड़ा कोई नहीं हो सकता।
17:15
एआई आर मेड बाय ह्यूमन माइंड्स।
17:19
आज मेरे यहां पर जो ऑटोमेशन और बॉट चलते
17:22
हैं दे आर मेड बाय ह्यूमन माइंड्स। वो वो
17:27
करते हैं जो हमने बताया। एआई क्या करता
17:30
है? आप समझिएगा। जैसे फॉर एग्जांपल हमने
17:32
एक सिस्टम को जनरेट किया पूरा। हमने बताया
17:34
कि आपको 9:30 पर एंट्री लेनी है। 10:15 पर
17:38
फिर से चेक करना है। हर 15 मिनट में चेक
17:40
करना है। अगर यह कंडीशन होगी तो यह करना
17:42
है। यह कंडीशन होगी तो यह करना है। यहां
17:43
एंट्री कर देना है। एग्जिट कर देना। इतना
17:45
होगा तो वॉल्यूम बढ़ा देना। एंड सो ऑन।
17:46
एआई को हमने पूरा एक इंस्ट्रक्शन चार्ट
17:49
बना करके दे दिया। अब एआई को कुछ नहीं
17:51
पता। एआई उसको ब्लाइंडली फॉलो किए जा रहा
17:54
या सिस्टम या बॉट जिसकी हम बात कर रहे
17:56
हैं। तो एआई आर मेड बाय ह्यूमन माइंड्स।
17:59
दे कैन नेवर बी अबव ह्यूमन माइंड्स।
18:02
एआई से हां। अब एआई का बेनिफिट क्या है?
18:05
बहुत बड़ा बेनिफिट है। जैसे फॉर एग्जांपल
18:07
पूरे दिन किसी सिस्टम को ट्रैक करना। उस
18:10
पर बैठ के उसको देखना। सौदे को ट्रेड करने
18:14
की स्पीड फॉर एग्जांपल अगर मुझे कोई हास्य
18:17
सौदा मानना है तो ऑब्वियसली मैं पहले
18:19
कीबोर्ड उठाऊंगा फिर उसमें सेल बटन प्रेस
18:21
करूंगा फिर क्वांटिटी डालूंगा फिर सेल
18:23
मारूंगा इट विल टेक टाइम वि द हेल्प ऑफ एi
18:26
वि द हेल्प ऑफ बॉट्स इट बिकम्स वेरी इजी
18:29
स्मूथन हो जाता है प्रोसेस क्लीन हो जाता
18:32
है आप फ्री हो जाते हैं आप अपने और भी काम
18:35
कर सकते हैं दैट इज द बिगेस्ट एडवांटेज
18:38
लेकिन कोई भी एआई ह्यूमन माइंड्स को कभी
18:41
भी बीट नहीं कर सकता। इस बात को मैं आज भी
18:44
बोल रहा हूं। यह बात आज से 100 साल बाद भी
18:46
ट्रू होगी। एआई इज़ मेड बाय ह्यूमंस।
18:49
ह्यूमंस आर नॉट मेड बाय एआई। दिस इज वेरी
18:52
हम अच्छा आपसे एक क्वेश्चन और क्योंकि कुछ
18:56
लोग ट्रेडिंग को फुल टाइम करियर के रूप
18:58
में जैसे चूज़ करना चाहते हैं। तो क्या
19:01
ट्रेडिंग फुल टाइम करियर के रूप में
19:03
रिलायबल होगा? और एक ट्रेडर को
19:05
कंसिस्टेंबली प्रॉफिटेबल होने में कितना
19:08
टाइम लगभग लग सकता है?
19:10
[नाक से की जाने वाली आवाज़] देखिए ये
19:11
वाला सवाल जो था ये सवाल आप मुझसे पिछले 5
19:15
साल 10 साल पहले पूछते तो वैलिड होता। अब
19:17
आज की अगर मैं बात करूं तो जैसे मेरे पास
19:20
बहुत सारे लोग आते हैं। वो कहते हैं कि सर
19:22
मैं 10 साल से जॉब में हूं। अब मैं जॉब
19:25
छोड़ के ट्रेडर बनना चाहता हूं
19:27
या मैं फुल टाइम करियर बनाना चाहता हूं।
19:29
सर मैं डॉक्टर हूं। पिछले 15 20 साल से
19:32
प्रैक्टिस कर रहा हूं। बहुत अच्छे से इनकम
19:34
वगैरह हो गई है सर। नाउ आई वांट टू लीव
19:37
माय। मैं हमेशा बोलता हूं हमें द बिगेस्ट
19:40
एडवांटेज ऑफ दिस इंडस्ट्री इज कि हमें
19:42
अपना प्रोफेशन छोड़ने की जरूरत नहीं है।
19:45
मैं अभी आपके साथ बैठा हूं यहां पे।
19:48
मेरा काम क्रिप्टोज़ में इस समय चल रहा है।
19:50
अब इसका मतलब यह नहीं है कि अगर मैं
19:52
ट्रेडर हूं फुल टाइम तो मैं दूसरा काम ना
19:56
सो आपको अगर फुल टाइम इसमें काम करना है
20:00
तो द बिगेस्ट एडवांटेज इज कि आपको करंट
20:03
करियर के साथ कोई खिलवाड़ करने की जरूरत
20:05
आप जो भी कर रहे हैं आप करते रहिए। आप
20:08
डॉक्टर हैं, इंजीनियर हैं, जॉब कर रहे
20:10
हैं। यू डू इट। द ट्रेडिंग इज लाइक अ
20:13
बिजनेस। यह आपकी एक एक्स्ट्रा इनकम है।
20:17
मैं हमेशा बोलता हूं आज के इस दौर में
20:20
मल्टीपल सोर्स ऑफ इनकम होना बहुत जरूरी
20:24
आपको अपनी एक इनकम बंद करके दूसरी इनकम
20:28
स्टार्ट करनी है। दिस इज नॉट एडवाइबल।
20:30
अच्छा सर, ट्रेडिंग में बेस्ट स्ट्रेटजी
20:33
क्या होती है? चार्ट डाटा या फिर एनीथिंग
20:36
देखिए, चार्ट को देखना एक आर्ट है। यह मैं
20:39
हमेशा बोलता हूं। और इसमें चार्ट
20:42
इंपॉर्टेंट है, डेटा इंपॉर्टेंट है,
20:45
इंडिकेटर्स इंपॉर्टेंट हैं। कई लोग मुझसे
20:47
बात करते हैं। मैं हमेशा ये बोलता हूं कि
20:51
आपको कोई भी चीज दे दी जाए आपको उसको
20:54
चलाना आना बहुतेंट है। जैसे मैं आपसे
20:56
बोलता हूं एक जगह रखी है AK-47
21:00
और एक जगह रखा है बिल्कुल देसी कट्टा।
21:02
आप कौन सा उठाएंगी? लड़ाई हुई तो आपको
21:05
लगेगा AK-47 उठा लेती हूं यार। यह बड़े
21:09
हां। अब आप इमेजिन कीजिए आपको AK-47 उठा
21:13
तो लिया आपको चलानी नहीं आती और एक बंदा
21:16
है जिसके हाथ में देसी कट्टा है उसको
21:19
तो ऑब्वियसली वो लड़ाई में AK-47 वाले तक
21:22
को भी मार सकता है। तो कई लोग पूछते हैं
21:25
क्या चार्ट वो AK-47 है? डाटा AK-47 है?
21:29
कौन सा सबसे अच्छा हथियार है? और मैं
21:31
हमेशा बोलता हूं हथियार से ज्यादाेंट
21:34
हथियार चलाने वाला है। मतलब आप एज ए
21:38
ट्रेडर आपका स्किल क्या है वो सबसे
21:40
ज्यादाेंट है। सो यहां पर सबसे ज्यादा
21:44
जोेंट आता है वो आता है ओआई जिसको हम
21:47
बोलते हैं ओपन इंटरेस्ट। ओआई हमेशा जैसे
21:51
एक एग्जांपल लेते हैं। अभी बहुत सारे वॉर
21:53
की न्यूज़ चल रही थी बैक टू बैक। अभी भी
21:55
चल रही है। हालांकि अभी कवरेज थोड़ा सा कम
21:57
आ रहा है जो हम यूएस का और बाकी ये सब देख
22:00
रहे थे। तो आप इमेजिन कीजिए अचानक से
22:04
न्यूज़ आती है। जैसे अभी हम यहां बैठे
22:06
हैं। मान लो अभी कोई न्यूज़ आएगी हमारे
22:08
पास कि फलाना कंट्री ने फलाना पे बम मार
22:10
दिया, मिसाइल मार दी। मेरा एक छोटा सा
22:13
सवाल है। क्या वो अचानक से उठा के मार
22:15
देते हैं क्या कि यार बस बैठे हैं, चाय पी
22:17
रहे हैं। चलो फलाना कंट्री पे मिसाइल
22:18
नहीं। ऑब्वियसली उससे पहले उनकी मीटिंग
22:21
हुई होगी, प्लानिंग हुई होगी। आर्मी का
22:23
पूरा मैप बना होगा, प्लान बना होगा और इन
22:27
सारी चीजों को क्या बड़े ऑफिशियल्स ने ही
22:30
तो प्लान किया है तो ऑब्वियसली दे नो कि
22:33
एक पर्टिकुलर कंट्री पर अटैक होने वाला है
22:35
या कुछ होने वाला है तो क्या वो मार्केट
22:37
में पोजीशन नहीं लेंगे? ऑब्वियसली वो अपनी
22:40
पोजीशन पहले लेंगे और वो पोजीशन आपको कहां
22:43
पर दिखेगी? वो पोजीशन आपको दिखती है ओपन
22:46
इंटरेस्ट में। सो अगर आप जानते हैं कि ओपन
22:49
इंटरेस्ट को राइट रीडिंग करके कैसे काम
22:52
किया जाए तो ऑब्वियसली हम इन बिग प्लेयर्स
22:55
को कहीं ना कहीं ट्रैक कर सकते हैं। उस
22:58
टॉपिक पर जाने के लिए मुझे थोड़ा सा
22:59
ज्यादा टाइम चाहिए होगा तो उसको हम कभी और
23:01
चर्चा करेंगे। बट ओपन इंटरेस्ट इज द मेन
23:04
सोर्स हाउ टू रीड इट कि बिग प्लेयर्स कहां
23:08
पर पोजीशन बना रहे हैं और उसी चीज को हम
23:11
अपने ऑटोमेशन में कई बार मैक्सिमम तरीके
23:13
से यूटिलाइज भी करते हैं।
23:14
सर एक आम इंसान को ट्रेडिंग सीखने में
23:17
कितना समय लग सकता है और सबसे जरूरी चीज
23:20
क्या जॉब के साथ-साथ वो ट्रेडिंग सीख सकता
23:23
है? क्या ये अब जैसे कि आजकल ऑनलाइन
23:26
क्लासेस चली है तो ऑनलाइन क्लास के जरिए
23:28
समझ सकता है या फिर से कहीं किसी क्लास
23:31
में फिजिकली जाना जरूरी है?
23:33
देखिए मेरा यह मानना है आजकल ग्लोबल पूरा
23:37
जमाना हो गया है और फिजिकल जाने की कोई
23:40
बहुत ज्यादा नीड नहीं है। आजकल बहुत सारी
23:42
चीजें हमारे पास अवेलेबल हो गई हैं। हां,
23:45
यह सबसे ज्यादाेंट है कि हमें राइट ब्लैंड
23:48
ऑफ नॉलेज मिले। दिस इज वेरी वेरीेंट।
23:50
क्योंकि आज जब हम मैं बोल दूं YouTube से
23:52
सीख लो आप फलाना इंस्टट्यूट से सीख लो ये
23:54
कर लो वो कर लो तो मल्टीपल सोर्सेज हैं
23:57
आजकल लेकिन राइट सोर्स क्या है उसको
24:00
पहचानना बहुत जरूरी है क्योंकि हमें राइट
24:03
गुरु का मिलना बहुत ज्यादा जरूरी है उसमें
24:06
तभी आपको राइट टाइम लगेगा सीखने के लिए तो
24:09
उसके लिए सबसे ज्यादाेंट है मैं हमेशा
24:11
बोलता हूं अगर आप किसी को भी चूज़ कर रहे
24:13
हैं अपने लर्निंग कर्व के लिए चाहे वह कोई
24:15
सा भी YouTube चैनल हो कोई भी सोशल मीडिया
24:17
हो ऑफलाइन हो ऑनलाइन हो जो भी मोड आप पसंद
24:20
कर रहे हैं अपनी फिजिबिलिटी के अकॉर्डिंग।
24:21
सबसे ज्यादा आपको यह चूज़ करना है कि जो भी
24:24
आपके मेंटोर हो वह ट्रेनर ना हो, ट्रेडर
24:28
हो। दिस इज वेरी वेरीेंट। अगेन आई एम
24:31
रिपीटिंग देयर आर लॉट ऑफ पीपल इन द
24:34
मार्केट हु आर ट्रेनर्स नॉट ट्रेडर्स।
24:42
कैन ओनली ट्रेन योर माइंड टू बी
24:45
प्रॉफिटेबल ट्रेडर देन द ट्रेनर। ट्रेडर
24:49
ट्रेनर हो सकते हैं। लेकिन ट्रेनर ट्रेडर
24:53
होगा। दिस इज नॉट नेसेसरी।
24:55
सर जो नए लोग मार्केट में आ रहे हैं वो
24:57
सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं कि आते ही
24:59
उनका पैसा डूब जाता है।
25:01
देखिए सबसे बड़ा जो होता है अंजलि जी
25:05
बिगेस्ट प्रॉब्लम पता है क्या है हमारे
25:10
छोटे पैसे से बड़ा पैसा बनाना। जैसे फॉर
25:12
एग्जांपल ₹1 लाख लगा के रोज के ₹10,000
25:15
कैसे आ सकते हैं? मेरे पास कई क्वेरी भी
25:17
आती है ऐसी सर मैं ₹00 लगा सकता हूं। रोज
25:22
के ₹5,000 आ सकते हैं क्या? अब आप मुझे
25:24
बताओ 22 दिन बाजार खुलता है अराउंड 22 डेज
25:27
हमारा इंडियन मार्केट। अब किसी ने ₹1 लाख
25:31
लगाए और रोज के ₹10,000 बना रहे हो तो
25:33
मतलब आप ₹1 लाख पे ₹2,20,000 बना रहे हो।
25:36
व्हिच इज़ अ रिटर्न ऑफ़ आप समझो 200 300%
25:41
अगर इतना आसान होता 200% रिटर्न 300%
25:45
रिटर्न हर महीने बनाना तो क्या सारे बैंक
25:48
बेवकूफ हैं क्या? उनके पास तो कितने
25:51
मल्टीपल करोड़ ऑफ मनी है।
25:53
सो ये सबसे बड़ी प्रॉब्लम है एक न्यू
25:57
ट्रेडर्स के साथ। उन्हें कम पैसे पर
26:00
ज्यादा पैसा बनाना होता है। और इसी का
26:02
फायदा जो आपने बोला यह सारे एडवाइजर यह
26:05
सारे टेलीग्राम ग्रुप वाले ये सारे
26:08
एडवाइज़री देने वाले बहुत सारे सोशल मीडिया
26:10
वाले इसी का फायदा उठाते हैं। आप बहुत
26:12
सारे थंबनेल भी देखेंगी जिस पे लिखा होगा
26:15
₹1 लाख से रोज के ₹10,000 कैसे बनाए?
26:17
मैंने अपने अकाउंट को ₹1 लाख से 1 करोड़
26:20
का कैसे बनाया? आप देखेंगे।
26:22
भाई साहब अगर आप अपने अकाउंट को 1 लाख का
26:24
एक करोड़ का बना सकते हो तो आपको सोशल
26:27
मीडिया पर आकर बताने की जरूरत नहीं है।
26:29
अगर आप 1 लाख का एक करोड़ बना सकते हो तो
26:31
10 लाख के 10 करोड़ भी बना सकते हो
26:34
और आप 100 लाख के 1 करोड़ के 100 करोड़ भी
26:37
बना सकते हो। सो यह सारी चीजें ल्योर है
26:40
और इसमें मैं सोशल मीडिया को सबसे बड़ा एक
26:44
प्रॉब्लमेटिक एरिया भी मानता हूं। जैसे हर
26:46
चीज की दो धारी तलवार होती है।
26:48
एक बेनिफिट भी है। जो अच्छे लोग हैं उनसे
26:51
आपको बेनिफिट मिल सकता है। कई लोग ऐसे हैं
26:54
जो उसको गलत दिशा में ले जाते हैं। और यही
26:56
एक बिगेस्ट रीजन है कि इस इंडस्ट्री को एक
26:59
जुए के अड्डे की तरह देखा जाता है। अब नया
27:04
बंदा है माइंड इतना मैच्योर नहीं है। उसको
27:06
लग रहा है यार ₹1 लाख लगा के रोज के
27:07
₹10,000 बन सकते हैं। तो क्या मैं बेवकूफ
27:10
हूं? जो 40-500 की नौकरी पे जा रहा है
27:13
अगर रोज के 1 लाख लगा के 10,000 आ सकते
27:16
हैं। तो अब अच्छा ये लोग क्या करते हैं?
27:18
किसी एक दिन काम किया मान लो उस दिन
27:21
उस दिन का बता देगा बताती।
27:23
और हमारे यहां पे एक सबसे बड़ी प्रॉब्लम
27:25
चल गई है एक्सेल जिसको मैं सबसे बड़ी
27:28
प्रॉब्लम एक्सेल पे सब कैलकुलेट कर लेते
27:30
हैं। एक्सेल पर हर कोई अमीर हो रहा है
27:32
आजकल कि भैया ₹10,000 महीने की एसआईपी कर
27:36
लो। 25 साल में तुम करोड़पति हो जाओगे। 10
27:39
साल में तुम 100 करोड़ ले जाओगे। वो
27:41
एक्सेल एक्सेल का खेल ना बना करके सोशल
27:44
मीडिया पे इतना बड़ा बना दिया गया है।
27:46
उसके पीछे का रीजन अब जैसे मैं एक
27:48
एग्जांपल देता हूं। अभी एक न्यूज़ आई।
27:50
उसमें यह आया कि यह मुझे लेकर के आई थी कि
27:56
अनुज जी ने 1 महीने में 2 करोड़ का
28:00
उस पे कमेंट आ रहे हैं भर-भर के। और इतना
28:02
ओपनली कोई नहीं बोलेगा। मैं अपने बारे में
28:05
सर आप शेयर बाजार के भगवान हो। आपने यह कर
28:07
दिया, आपने वह कर दिया, फलाना।
28:10
किसी भी इंसान ने यह नहीं पूछा कि उस एक
28:13
महीने में ₹ करोड़ बनाने के लिए मैंने फंड
28:16
साइज कितना यूज़ किया? क्योंकि हर किसी की
28:18
नजर ₹ करोड़ है। एक महीने में ₹ करोड़। एक
28:21
महीने में ₹ करोड़ आ।
28:24
मैंने उस 2 करोड़ को बनाने के लिए एक
28:26
महीने में आपको पता है कितना फंड यूज़
28:28
किया? 100 करोड़ का। तो मैंने कितना
28:30
रिटर्न बनाया? केवल 2% का। 100 करोड़ पर 2
28:37
कोई बेवकूफ आदमी सॉरी फॉर माय लैंग्वेज।
28:41
यह नहीं पूछ रहा कि आपने कितना फंड यूज़
28:44
किया। हर किसी की नजर इस चीज पे ₹ करोड़ ₹
28:48
करोड़ आ गए। एक महीने में ₹ करोड़ आ गए।
28:51
फिर मैंने बताया पब्लिकली आके
28:54
कि यहां पर फंड साइज बड़ा यूज किया गया
28:57
है। बट जो लोग गलत हैं वो इसका अलग से
29:02
फायदा उठाते हैं। वह यह बताते हैं ₹2
29:03
करोड़ एक दिन में आ गया। देख लो भैया ₹2
29:05
करोड़ आ गया। उसके पीछे कितना समय लगाया?
29:10
कितने साल हो गए हैं उस चीज को मास्टर
29:12
करते हुए। कितनी एनर्जी हो गई है? कितना
29:14
टाइम लगा है? उसकी कोई बात नहीं करता।
29:18
कितना पैसा आ गया? कितना पैसा आ गया? जैसे
29:21
अभी अंबानी जी की बात करूं। उन्होंने अपने
29:25
कई मल्टीपल सीआर्स में खर्चा किया। सबकी
29:28
यही चर्चा है। आपको पता है वो उनकी टोटल
29:30
वेल्थ का कितने परसेंट है? वो उनकी टोटल
29:33
वेल्थ का आधा परसेंट भी नहीं है जो
29:35
उन्होंने खर्चा किया है।
29:37
लेकिन हमें वो फिगर बहुत बड़ी लग रही है।
29:39
तो अगर आप किसी भी सोशल मीडिया पर किसी भी
29:42
चीज को देख रहे हैं। मैं ये सारे व्यूअर्स
29:44
को बोलना चाहता हूं। उससे मोटिवेट ना हो।
29:46
उसके पीछे की बहुत सारी चीजों पर लर्निंग
29:48
अच्छा है। उसमें कितना पैसा लगा, कितना
29:51
टाइम उसने दिया, कितनी एनर्जी उसने दी,
29:53
क्या सिस्टम है? क्या प्रोसेस है? हमेशा
29:55
एक लाइन को अच्छा इसमें न्यूज़पेपर्स वाले
29:58
भी गेम प्ले करते हैं। सिर्फ यह छापेंगे
30:00
ट्रेडर ने बनाया एक दिन में 2 करोड़ का
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उसके पीछे का क्या सच है? दे नेवर राइट
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इट। सो ये व्यूअर्स पर हमेशा डिपेंड करता
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है कि वो रीड बिटवीन द लाइन कर सके, चीजों
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सर, आपकी ट्रेडिंग का सबसे बड़ा नियम क्या
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है जो आप खुद कभी नहीं तोड़ना चाहते?
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देखिए मैंने अपनी टीम को भी बता रखा है।
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मेरा सबसे बड़ा नियम यही है कि प्रिंसिपल
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अमाउंट की सेफ्टी है। अगर आपने अपने
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प्रिंसिपल अमाउंट को बचा लिया ना
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बाजार कुछ भी करता रहे
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यू विल बी प्रॉफिटेबल ऑलवेज। सेफ्टी ऑफ
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माय प्रिंसिपल अमाउंट इज द बिगेस्ट रूल ऑफ
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माय ट्रेडिंग। सो माय रूल नंबर वन इज़ आई
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हैव टू रूल्स। माय रूल नंबर वन सेस नेवर
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एवर लूज योर प्रिंसिपल अमाउंट।
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एंड माय रूल नंबर टू इज नेवर एवर फॉरगेट
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सो दैट इज द मेन थिंग व्हिच आई ऑलवेज फोकस
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ऑन। सर जैसे कि अभी गोल्ड की हम बात कर
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लेते हैं। शादी भी आ रही है, शादियों का
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सीजन भी आ रहा है और दिवाली भी आ रही है।
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तो आम लोगों को गोल्ड में इन्वेस्ट करना
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चाहिए या फिर नहीं करना चाहिए?
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देखिए गोल्ड का सीएजीआर की फॉर्म में अगर
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आप देखेंगे तो गोल्ड का सीएजीआर नॉर्मली
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10 टू 14% के बीच में ऑफर करता है। पिछले
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चार से 5 साल में जो गोल्ड का सीएजीआर रहा
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है, वह अबव 15% रहा है। उसके दो-तीन रीज़न
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रहे। पहला वॉर की सिचुएशन बहुत ज्यादा बनी
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रही है और अनसर्टेनिटी बहुत ज्यादा रही
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है। जब भी हमारे पूरे इकोनॉमिक सिस्टम में
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एक अनसर्टेनिटी जब तक बनी रहेगी तब तक
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गोल्ड के प्राइसेस पर लगातार नजर बनी
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रहेगी। अगर मैं बात करूं अगले 2 से 4 साल
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के सिनेरियो की अगर इन्वेस्टर की बात करें
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तो गोल्ड में बहुत ज्यादा मूवमेंट हमें
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देखने के लिए नहीं मिलने वाला है। हां जो
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उसका सीएजीआर बना रहता है अराउंड जैसा कि
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मैंने बोला 10-12% के आसपास वो एक मूवमेंट
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देखने के लिए मिल सकता है। हां, एक केस
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में हमें मूवमेंट देखने के लिए मिल सकते
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हैं। अगर वॉर की सिचुएशन फिर से कहीं भी
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किसी कंट्रीज के बीच में अराइज़ होती है या
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कुछ भी ग्लोबल अनसर्टेनिटी हमें देखने के
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लिए मिलती है, तो गोल्ड के प्राइसेस
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रैपिडली जंप ऑफ कर सकते हैं। लेकिन अगर हम
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एक नॉर्मल इकॉनमी की बात करें सो अगले दो
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से चार साल में गोल्ड जिस पेज से चलता है
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उसी पेस से चलेगा। कोई स्पेशल उसमें कुछ
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होने वाला नहीं है। हालांकि अगर गोल्ड के
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लेवल्स की बात करें तो गोल्ड के लेवल्स को
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अगले 2 से 4 साल में मैं ₹1,20,000 से
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₹1,70,000 तक की रेंज में देखता हूं।
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मतलब इन्वेस्ट कर सकते हैं या फिर नहीं कर
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अ अगर आप मुझसे बात करेंगे इन्वेस्टमेंट
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की तो यस गोल्ड का इन्वेस्टमेंट इज़ ऑलवेज
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गुड। अगर हम फाइव इयर्स के ओरिजिन के साथ
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देखते हैं तो इट इज़ गुड। अगर आप शॉर्ट
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टर्म में ये सोच रहे हैं कि अभी पैसा
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लगाएंगे तो जैसे गोल्ड के साथ पिछले जैसे
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गोल्ड बिहेव्स लाइक ए पेनी स्टॉक इन लास्ट
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टू थ्री इयर्स इस तरीके से ऐसा कुछ होने
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वाला है तो कुछ नहीं अंटिल एंड अनलेस कोई
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ग्लोबल अनसर्टेनिटी देखने के लिए मिलती है
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तो तो रैपिडली राइज अप हो सकता है वरना
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गोल्ड जिस तरीके से मूव करता है उसी तरीके
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सर अब रैपिड फायर कर लेते हैं। कुछ रैपिड
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फायर क्वेश्चंस हैं। ऑप्शन बाइंग और ऑप्शन
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डिसिप्लिन और स्ट्रेटजी
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फियर और ग्रीड बिगर मार्केट एनिमी
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कंसिस्टेंसी और बिग रिटर्न्स
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कंसिस्टेंसी ऑब्वियसली
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मैनुअल ट्रेडिंग और एल्गो ट्रेडिंग
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वन हैबिट एव्री ट्रेडर मस्ट डेवलप
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फॉलो द रूल डिसिप्लिन सिस्टम पैटर्न एंड ए
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प्रूवन बैक टेस्टेड एंड फॉरवर्ड टेस्टेड
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वन इमोशन दैट डिस्ट्रॉय ट्रेडर्स द मोस्ट
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ग्रीड एंड फेयर। योर बिगेस्ट स्ट्रेंथ एज
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वन वर्ड टू डिस्क्राइब योर ट्रेडिंग
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सिस्टमैटिक एंड डिसिप्लिन ट्रेडर। सर
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लास्ट एंड लीस्ट अगर आप कोई गोल्डन मंत्र
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देना चाहें इस उतार-चढ़ाव भरे मार्केट में
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गोल्डन मंत्रा की अगर मैं बात करूं तो मैं
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एक ही बात बोलूंगा। आप कुछ भी कर रहे हैं
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लाइफ में इट्स नॉट अबाउट मार्केट।
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उसको सोचकर समझकर इन्वेस्ट कर जो एनएससी
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भी बोलती है। सेम हियर। सो सीखकर
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सोचकर समझकर ही आप काम कीजिएगा। अपने
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प्रिंसिपल अमाउंट की सेफ्टी पर हमेशा
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ध्यान दीजिएगा। इट्स ए हार्ड एंड मनी और
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हमेशा कोशिश कीजिएगा कि आप इनफ्लेशन को
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बीट कर सकें। इनफ्लेशन नॉर्मली 5 टू 7%
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हमारी इकॉनमी में रहता है। अगर हम
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इनफ्लेशन को बीट नहीं कर पाते अपने
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इन्वेस्टमेंट की हेल्प से तो दैट इज नॉट अ
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चलिए बहुत-बहुत शुक्रिया सर। आप यहां पर
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आए और आपने तमाम जानकारी हमारे साथ साझा
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की और उम्मीद करते हैं कि आपको यह पडकास्ट
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अच्छा लगा होगा और अगर आपको इस पॉडकास्ट
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को लेकर अपनी कोई राय देनी है तो कमेंट
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बॉक्स खुला हुआ है आपके लिए। कमेंट सेक्शन
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में अपनी राय जरूर लिखिएगा और इस वीडियो
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को ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए। लाइक करिए
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