0:00
आज हम एक टॉपिक को डिस्कस करेंगे जो बड़ा
0:04
इंटरेस्टिंग है और बहुत कॉमनली अब आ रहा
0:07
है। कुछ प्रॉब्लम्स आ रही हैं लोगों को तो
0:12
उस टॉपिक के बारे में हम थोड़ा डिस्कशन कर
0:14
लेते हैं और उसको समझने की कोशिश करेंगे।
0:19
होता अक्सर यह है यह उन लोगों के साथ होता
0:22
है जो भक्ति कर रहे हैं। जो भक्ति कर रहे
0:25
हैं, राम का जाप कर रहे हैं। जय सिया राम
0:27
का जप कर रहे हैं। नियमित रूप से यहां की
0:28
साधनाएं कर रहे हैं। शक्ति शक्ति को जागृत
0:32
किया हुआ है उन्होंने। पर कुछ टाइम बाद
0:34
में होता क्या है कि उनका कार्य रुकने
0:41
लगता है या फिर उनका कार्य एकदम से बंद हो
0:43
जाता है। एकदम से उनकी दृष्टि बंद हो जाती
0:45
है। एकदम से ऐसा कुछ हो जाता है।
0:49
और फिर उसके बाद उनको असर कम हो जाता है।
0:57
तो जब हम इन इन्होंने हमने जब इन सबकी
1:04
जब हमने इन सबकी इकट्ठी केस स्टडी की
1:06
क्योंकि हमने ना नाम सिलेलेक्ट कर लिया और
1:08
फिर हमने धीरे-धीरे करके उन सबकी बाबा से
1:10
पूछकर हमने केस स्टडी करना शुरू किया।
1:13
तो वहां हर जगह एक चीज कॉमन मिली। हर जगह
1:20
उसी को डिस्कस करेंगे।
1:23
और क्यों वो तत्व इतना इंपॉर्टेंट है।
1:26
उसको भी समझने की कोशिश करेंगे।
1:29
ताकि आपको समझ आ जाए कि आपको क्या नहीं
1:35
हर व्यक्ति सिखाता है आपको क्या करना है।
1:38
पर आपको अगर पता पड़ जाए कि क्या नहीं
1:41
करना है तो आप बहुत कुछ सीख जाओगे।
1:48
ऐसे लोगों में कुछ चीजें बहुत कॉमन थी। तो
1:52
शुरू करें तब नींद तो नहीं आ रही किसी को?
1:56
नहीं भैया बिल्कुल नहीं। नहीं किया। ठीक
2:02
तो सारा बोलो जय सियाराम
2:05
जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम
2:15
जय सियाराम जय सियाराम
2:23
ऐसे लोगों में कुछ पॉइंट्स कॉमन थे जैसे
2:29
जिनका पहले बहुत अच्छा काम शुरू हुआ। बहुत
2:31
अच्छा सब सही चल रहा था। फिर एकदम से
2:34
बिगड़ गया। एकदम से काम करना बंद हो गई।
2:36
शक्तियां काम करनी बंद हो गई। दृष्टियां
2:41
तो इन सब की हमने लिस्ट बनाई। धीरे-धीरे
2:49
तो उनके कुछ पॉइंट्स कॉमन आए। फिर हमने
2:52
हां बिल्कुल हमने ऐसा नहीं है कि उनको ठीक
2:54
नहीं किया। उन सबको वापस
2:57
ठीक किया। बिल्कुल सब सब कुछ किया। उनकी
2:59
वापस अब दृष्टियां खुल गई है। सब कुछ ठीक
3:01
हो गया है। पर हम चाहते हैं कि ऐसा आपके
3:03
साथ भी ना हो। इसलिए हम कुछ पॉइंट्स बताना
3:08
ऐसे लोगों को क्या होता है? मन में एक
3:12
करुणा होती है। ऐसे लोगों के पास एक बहुत
3:14
ज्यादा मन में करुणा होती है। वो हर एक
3:18
दया की भाव से देखते हैं।
3:21
अरे बेचारा रवि इतना दर्द में है।
3:27
इसको तो आशय के बारे में पता ही नहीं
3:29
होगा। इसको तो जय सियाराम के बारे में पता
3:33
ही नहीं होगा। क्यों ना मैं इसको जय
3:36
सियाराम का नाम दे दूं। भैया कोई यह
3:40
साक्षी मानकर जप कर लेगा तो क्या पता इस
3:43
पर भी आशय की शक्तियों की और हनुमान जी
3:45
महाराज की कृपा हो जाए।
3:50
बेचारी रजनी हाय इसको तो इसको तो भगवान की
3:55
भक्ति पता ही नहीं है। चलो एक काम करते
3:57
हैं। इसको भी दे देते हैं। रजनी बहन अगर
4:01
तुम्हें कोई समस्या हो तो तुम एक काम करना
4:04
ऐसे साक्षी मानना दीपक जलाना तुम्हारा हो
4:15
आपको भी बता दे थोड़ा बहुत।
4:18
ऐसे लोग बहुत ज्यादा करुणामई होते हैं।
4:23
इनका काम बंद हो जाता है कुछ समय बाद में।
4:27
हालांकि इन्होंने जिसको कहा है जैसे
4:33
मैंने रवि को कह दिया या रजनी को कुछ बता
4:38
तो रजनी को जो मैंने बताया हालांकि वह
4:41
पूर्ण हो जाएगा। इसको फर्क पड़ जाएगा। पर
4:43
मेरा बंद हो जाएगा। मेरे मेरे ऊपर कृपा
4:52
समझ आ रहा है मैं आपके किस बारे में बात
5:03
भैया उन लोगों को एम्पथी पीपल बोलते हैं।
5:09
वे एमथ्स होते हैं वो लोग।
5:11
हां। एमथेटिक पीपल होते हैं। वह क्या करते
5:16
हैं? वह सोचते हैं कि यार इसके पास इतने
5:18
पैसे तो नहीं है कि आशा यह ज्वाइन कर ले।
5:21
इसके पास ऐसा भी नहीं है कि यह जॉइ भी कर
5:25
लेगा तो मीटिंग में बैठेगा कैसे? तो क्यों
5:27
ना इसको एक छोटा सा हम रेमेडी बता दें।
5:32
अगर आपने किसी को रेमेडी बता दी।
5:36
अगर आपने अपना मंत्र बता दिया। अगर आपने
5:42
अपने घर के नियम बता दिए। अगर आपने
5:46
किसी दूसरे की पीड़ा को देखकर
5:51
अपना तत्व उसे दिया कि बोलो ऐसा बोलकर
5:54
प्रार्थना कर देना काम हो जाएगा।
6:02
तो वहां से आप धड़ाम गिरोगे।
6:06
वहां से अपने ओदे से आप धड़ाम गिर जाओगे।
6:08
ऐसा क्यों है? इसके बारे में भी हम
6:10
साइंटिफिकली डिस्कस करेंगे।
6:14
इसके पीछे हम साइंटिफिकली डिस्कस करेंगे।
6:25
सेकंड कैटेगरी मतलब सेकंड कैटेगरी ऑफ़ पीपल
6:27
वो लोग हैं जिनको भगवान से बड़ा प्यार है।
6:35
भगवान से बड़ा प्यार है।
6:41
रास्ते में जा रहे थे। भगवान का मंदिर
6:52
रास्ते में जा रहे थे। एक बड़ा सुंदर शिव
6:59
वही प्रणाम करके और वही एकदम
7:06
सर वह भी धड़ाम से गिरेंगे।
7:10
उनके भी काम होने बंद हो जाएंगे।
7:13
अब ये क्यों होंगे? इसको भी हम लेंगे। ठीक
7:16
है? एक-एक करके आप मेरे को याद दिलाते
7:17
रहना। हम इनके बारे में डिस्कस करेंगे।
7:27
जिनको हर भगवान की पूजा करने का शौक है।
7:30
हर तरीके की साधना करने का शौक है।
7:35
जिनको हर तरीके के मंत्र चाहिए।
7:40
हर तरीके की विद्या सीखने का शौक है। हर
7:43
तरीके का विद्या सीखनी है उसको।
7:48
मेरे को लक्ष्मी मंत्र भी आना चाहिए। मेरे
7:51
को भैरव कवच चाहिए। हनुमान जी महाराज का
7:55
जो है हनुमान जी महाराज का अस्त्र मिल
7:57
जाए। माता की कृपा मिल जाए।
8:02
ठीक है। गणेश भगवान की कृपा मिल जाए।
8:10
धुमावमती माता के बारे में सुना। कोई
8:12
धुमावमती की साधना कर लेते हैं। फिर किसी
8:14
कोई दिन देखेगा। अरे यार यह यक्षणी बहुत
8:18
पावरफुल है। यह पिशाचनी बहुत पावरफुल है।
8:20
हालांकि पिशाचनी वगैरह तो नहीं करते। ठीक
8:23
है? और जो करते हैं वो रोते हैं फिर बाद
8:26
ठीक है? अलग-अलग साधनाएं, अलग-अलग ज्ञान
8:30
का भंडार जो बनना चाहते हैं वो लोग फंस
8:34
जाते हैं और धड़ाम से गिरते हैं।
8:40
हां, बहुत सर। वो लोग फंस जाते हैं और
8:46
उनके पीछे शक्तियां काम करनी बंद कर जाती
8:51
अब हम तीसरा पॉइंट भी डिस्कस करेंगे।
9:04
जो अपनी मन इच्छा बहुत चलाते हैं।
9:10
बोला गया है आपको 10 दिन करिए।
9:17
आप सोचते हैं कि चलो बाकी
9:21
बाद में कर लेंगे। पांच दिनों में भी
9:23
भगवान जिसको सुनना होगा तो सुन लेगा।
9:28
जो आपको टाइम पीरियड दिया गया है, जो गुरु
9:30
वचन दिए गए उसको नहीं निभाते तो शक्तियां
9:33
काम करनी बंद हो जाती।
9:41
चार तरीके के केसेस हम अलग-अलग डिस्कस
9:47
क्यों किस पर क्या होता है, कैसे होता है।
9:59
कोई केस बनता ही नहीं।
10:05
पांचवा कोई केस बनता ही नहीं है। और
10:07
पांचवा केस अगर बनता है तो वह एक्सेप्शन
10:11
और आपको पता है बीइंग अ केमिस्ट्री
10:14
स्टूडेंट मैं तो हमेशा बोलता हूं
10:17
एक्सेप्शन आर ऑलवेज देयर।
10:21
एक्सेप्शन तो होता ही होता है। वो बहुत
10:23
रेयर रहता है। उसको हम रखते हैं। वो
10:26
इंडिविजुअल पर आ जाता है कभी-कभी।
10:30
पर इन चार तत्वों के अलावा इन चार पॉइंट्स
10:34
के अलावा कहीं भी इंसान गलती
10:37
नहीं करता। और जो ये चार गलतियां नहीं
10:41
करते उनके ऊपर गुरुदेव की ऐसी महिमा रहती
10:45
है। मैं कहता हूं ब्रह्मांड की कोई भी
10:48
शक्ति उसके सामने नहीं टिकेगी। लिख कर ले
10:55
यहां तक कि नारायण तत्व भी तुम्हारे सामने
11:03
गुरुदेव को साक्षी मानकर बोल रहे हैं। ऐसे
11:06
नहीं बोल रहे। हम यहां पर जो भी बोलते हैं
11:08
हमारे गुरुदेव साक्षी होते।
11:13
पहला केस पहला केस क्या था बताओ?
11:17
एमैथेटिक लोग जो होते हैं।
11:24
करुणा की भावना से देखना लोगों को बताना
11:27
समस्या को सॉल्व करना करने की कोशिश करना
11:32
ऐसे लोग होते हैं उड़ता तीर
11:58
ऐसे लोग जो सबकी प्रॉब्लम सॉल्व करना
12:00
चाहते हैं। मैं बता देना चाहता हूं। आपके
12:03
ऊपर इतनी बड़ी समस्या आने वाली है कि आपको
12:06
पता नहीं है। कैसे? मान लीजिए
12:11
आप आशय से जुड़े हैं। आशय में हनुमान जी
12:14
महाराज कृपा करते हैं।
12:16
अब आशय में वर्किंग बता देता हूं कैसी
12:21
आशय में वर्किंग यह रहती है कि हर इंसान
12:26
हमारे गुरुदेव से जोड़ा जाता है। हम किसी
12:29
को हमारे थ्रू नहीं जोड़ते।
12:38
हमारे थ्रू कभी नहीं जोड़ते। इसीलिए गुरु
12:40
परंपरा है ही नहीं यहां पर
12:44
कि हमारे गुरु हनुमान जी महाराज हैं तो हम
12:48
आपके गुरु बनेंगे। कभी नहीं बनेगी। हम
12:51
आपको डायरेक्टली हनुमान जी महाराज से
12:55
इसके पीछे कारण है। समझो कैसे?
13:00
यहां की शक्ति गुरुदेव के सानिध्य में
13:05
यहां की शक्ति गुरुदेव के सानिध्य में
13:07
रहती है। आप गुरुदेव से आपकी एक तार जोड़
13:13
उसकी अथॉरिटी साइनिंग अथॉरिटी यहां यहां
13:16
के लोगों को मिली हुई है। तो वहां से आपका
13:20
तार जोड़ दिया जाता है। अब होगा क्या? जब
13:24
भी जब भी यह व्यक्ति जब भी यह व्यक्ति
13:31
संकल्प के साथ वचनों को वचनों के साथ आहान
13:35
करेगा तो इधर की शक्ति तुरंत जो है इसको
13:42
और यह शक्ति यहां पर आएगी वापस।
13:47
यह रोज दीपक लगाएगा। यह व्यक्ति रोज दीपक
13:50
लगाएगा। आपको समझ आ रहा है ना? यह व्यक्ति
13:51
रोज दीपक लगाएगा और यहां की शक्ति उसको
13:58
तो यह एंड टू एंड कनेक्शन है। एंड टू एंड
14:02
कनेक्शन। इसके बीच में कोई और कनेक्शन
14:04
नहीं है। आपको समझ आ रहा है? एंड टू एंड
14:11
एक एंड पे आप हो। दूसरे दूसरे एंड पर गुरु
14:17
ठीक है? अब क्या होगा कि मान लीजिए
14:22
यह अब जो है ये आप हो। ठीक है। अब आपने
14:27
कहा किसी और को आपने किसी और को कहा कि
14:34
ऐसे-से दीपक जलाना। ऐसे-ऐसे जय श्री राम
14:37
का जप कर लो। कृपा हो जाएगी।
14:40
तुमने अपनी साइनिंग अथॉरिटी
14:44
किसी को बोला कि तुम जो है ऐसेसे कर लेना।
14:51
अब आपके ऊपर तो गुरु की शक्ति विराजित है।
14:56
गुरु और आपका एंड टू एंड कनेक्शन है।
15:00
और तीसरे व्यक्ति के साथ आपने उसे जोड़
15:05
होगा क्या कि जब भी अब आपने जो अथॉरिटी थी
15:10
अपने साइड की जो अथॉरिटी थी जो आपकी जो
15:13
आपको जो ऊर्जा मिलनी थी आपने उसको सामने
15:15
बांट दिया होगा क्या कि गुरु की शक्ति तो
15:20
फिर से आपसे कनेक्ट करेगी आपको ऊर्जा देगी
15:23
पर आपकी जो ऊर्जा है वो आपके पास रहेगी
15:28
नहीं वो सामने वाले व्यक्ति के पास जाएगी
15:33
आपकी ऊर्जा है वो सामने वाले व्यक्ति के
15:36
पास जाएगी तो होगा क्या कि जब आप
15:42
ने उस व्यक्ति को बताया तो आपके
15:46
हिस्से जो ऊर्जा आनी थी जो गुरु की ऊर्जा
15:49
आनी थी वो उस व्यक्ति के पास जाएगी
15:55
अब क्या है कि मान लीजिए यह यह और मेरे
16:00
पास तीसरा हाथ नहीं है। ठीक है?
16:03
ठीक है। इधर आजा। ठीक है। मैं तीसरे हाथ
16:07
से भी बता देता हूं। आपको पता है कि यह
16:09
गुरु की शक्ति थी। यह आप थे और यह तीसरा
16:16
ठीक है? तो यह गुरु की शक्ति इसी चैनल से
16:21
तो चैनल तो बना नहीं है। चैनल तो एक ही
16:24
है। तो यह गुरु की शक्ति यहां पर आई और आप
16:27
आपने इसको प्रोवाइड कर दी। तो जब यहां से
16:31
नेगेटिविटी और मलनता जाएगी क्योंकि आपने
16:35
कल्याण लोक की प्रार्थना करी है। है ना?
16:38
तो कल्याण लोक की प्रार्थना आप उसको
16:41
बताओगे तो यहां से जब नेगेटिविटी जाएगी वो
16:44
भी आप ही के थ्रू जाएगी। क्योंकि आप ही तो
16:47
बीच के हो। तो वहां से इसके थ्रू होते हुए
16:52
गुरु के पास आएगी। तो होगा क्या कि इसकी
16:57
इसकी नेगेटिविटी आपके ऊपर आने लगेगी। तो
17:01
इसके जो प्रॉब्लम है वो आपको झेलनी
17:03
पड़ेगी। होगा क्या कि आपके पास जो ऊर्जा
17:05
रहेगी वो खत्म हो जाएगी। ऐसा क्यों होता
17:07
है कि एंड टू एंड कनेक्शन में एंड टू एंड
17:11
कनेक्शन में होता यह है कि एक अलग पासवर्ड
17:14
होता है जो आपको दिया जाता है। एस्टली
17:18
एक अलग पासवर्ड होता है जो आपको दिया जाता
17:20
है। जैसे ही वह पासवर्ड लगाते हो एक
17:22
पोर्टल खुलता है। वहां से शक्तियां जाती
17:24
है। वहां से आती है। दैट्स ऑल। अब वह
17:27
पासवर्ड जो है आपने इसको दे दिया। तो यह
17:31
जो ऊर्जा है, यह जो थर्ड पर्सन है, इसको
17:33
आपके घर के सारे पासवर्ड पता चल गए। सारे
17:37
पासवर्ड पता चल गए, तो इसको आपके घर की
17:40
सारी शक्तियों का एक्सेस मिल गया।
17:44
इस यहां पर जो तीसरा व्यक्ति
17:53
यहां पर जो तीसरा व्यक्ति है उस उसको आपके
17:58
घर के एंड टू एंड इंक्रिप्शन का पासवर्ड
18:01
मिल चुका है। अब उसको आपके घर के हर शक्ति
18:10
तो अब समस्या होने लगेगी। अब जो जो ऊर्जा
18:16
गुरु की शक्ति इधर आनी थी वह डायरेक्टली
18:22
तो आप सिर्फ बीच के बंदर बन के रह गए।
18:27
आप बीच के बंदर हो जाओगे ना इधर के रहोगे।
18:34
होगा क्या? अब वही प्रॉब्लम आती है।
18:40
अब इनका कनेक्शन होकर भी नहीं हो रहा।
18:50
अब इनका कनेक्शन होकर भी नहीं हो रहा।
18:54
क्योंकि सारी ऊर्जा यहां से तो सही जाए।
18:58
अब क्या है? गुरु की शक्ति तो प्रॉपर है।
19:01
वह तो प्रॉपर्ली काम कर रही है। आपने आगे
19:09
गड़बड़ हो गई साहब। बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई।
19:15
अब इसको प्रॉपर्ली ठीक कैसे किया जाए?
19:23
सारे सारे के सारे पासवर्ड बदलने पड़ेंगे।
19:34
जी भैया। सारे के सारे पासवर्ड बदलने
19:37
पड़ेंगे। सभी को निकालना पड़ेगा। पासवर्ड
19:39
बदलना पड़ेगा। उसके बाद आपकी ऊर्जा आप तक
19:53
सर आप जितनों को बताते रहोगे उतनी
19:56
शक्तियां आप बांटते रहोगे। सर यह दुनिया
20:04
शक्तियां तो बहुत कमीनी है। सॉरी।
20:09
कान पकड़ लेते हैं। पर सत्य यही है।
20:14
शक्ति को कोई छोड़ना नहीं चाहता। अरे ये
20:17
काम ही ऐसे करती है। आपने पासवर्ड दे दिया
20:20
यार घर का। आएगा क्यों नहीं वह? शक्तियों
20:23
का एक्सेस दे दिया आपने। आएगा क्यों नहीं?
20:30
तो ऐसी स्थिति में इंसान अपनी दृष्टि खोता
20:34
है। अपनी ऊर्जा खोता है। अपना कारोबार
20:37
खोने लगता है। फिजिकली, फाइनेंशियली,
20:39
मेंटली दोबारा से दिक्कत आने लगती है उसी
20:42
को बहुत ज्यादा। और फिर वो हमसे वो
20:44
कांटेक्ट करता है और हमें कहता है भैया
20:46
फर्क नहीं पड़ रहा। भैया फर्क नहीं पड़
20:48
रहा। भैया ऐसे हो रहा है। भैया क्या कर
20:50
रहे हो? भैया भैया भैया भैया भैया।
20:55
भैया यहां से परेशान मैं चेक करता हूं।
20:58
यहां तो सप्लाई सही जा रही है यार। हम चेक
21:01
करते हैं यहां पर तो सब सही है। ऑल ओके
21:09
जितना आप देते हो उतना आपको मिल जाता है।
21:13
मैं फिर चेक करता हूं। आप अपने मेंटर से
21:16
बात करते हो। हम और बताते हैं ताकि आपको
21:19
और सप्लाई दे दे और ज्यादा ऊर्जा दे दे।
21:27
उस ऊर्जा को तो आप डायरेक्ट जो है आगे
21:31
बांट रहे हो। तो कितना भी दे दे आपका भरने
21:37
कितना भी दे दे आपका भरने वाला नहीं है।
21:46
ऐसे व्यक्ति हमेशा दर्द में रहते हैं।
21:52
अगर आपने ऐसा कुछ किया है तो आपका भुगतान
21:56
आपको भरना है तो सतर्क हो जाइए। उन लोगों
22:00
से प्रार्थना है कि जिनजिन ने ऐसा किया है
22:03
अपने अपने मेंटर से फोन करें ताकि आपके घर
22:06
का पासवर्ड हम बदल सकें।
22:11
पासवर्ड बदलना जरूरी है। वरना बटता रहेगा।
22:19
अगर आपको कुछ देना है तो आप डायरेक्टली
22:22
बोलिए भाई यह आशा है हम इसी से करते हैं।
22:24
आपको जाना है जाओ हमारा अच्छा चल रहा है।
22:32
इसीलिए कोई बोलता है कि भैया हम
22:34
पॉपुलैरिटी बनाएंगे। हम दो बंदों को
22:36
जोड़ेंगे। हम और बंदे लेकर आएंगे। अक्सर
22:44
अक्सर हम बोल अक्सर लोग बोलते हैं कि भैया
22:47
हम बहुत लोगों को जोड़ेंगे हमने इसको
22:49
बताएंगे हम उसको बताएंगे आपके बारे में हम
22:52
उसको बताएंगे हम कहते हैं नहीं बताना
23:00
जिसको बुलाना होगा वो धरती फाड़ के आएगा
23:07
वो वो स्पेस से भी आ जाएगा। सर मैं वहां
23:10
ये जा रहा था मैं जुपिटर की तरफ। मैंने
23:13
अर्थ पे देखा तो अर्थ पे देखते ही मुझे ये
23:15
दिखा। तो मैं सबसे पहले ये लैंड कर गया
23:31
बाउंसर तो नहीं जा रहा आपके?
23:38
ऑल गुड ना ऑल क्लियर ना ये पहला पॉइंट
23:44
भैया मेरे को एक सवाल है
23:47
सवाल बाद में सवाल बाद में बहन
23:50
पहले पहले पहले क्लियर है जो मैंने बताया
24:04
पहला यह कारण है। दूसरा दूसरा पॉइंट क्या
24:10
जो हर मंदिर में लेट जाते हैं।
24:13
तभी भगवान से प्यार करना मत। रास्ते में
24:25
सभी भगवान की पूजा करते हैं।
24:28
हंसी आ गई हमें। कोई हमें कोई व्यक्ति याद
24:34
चलिए दूसरा केस हम लेते हैं जो हर भगवान
24:42
हर मंदिर में लेट जाते हैं।
24:46
ठीक है? अब उनकी गलती नहीं है। क्यों?
24:50
हमें सिखाया यही है। हमने देखा यही है। कि
24:54
तुम राम के हो। तुम सब के हो जाओ।
24:58
पर यह बात सिर्फ तुम्हें पता है। सामने
25:00
वाले को नहीं पता। वह अपना हिसाब से चलता
25:08
तुम जब कहीं किसी शक्ति के सामने झुकते
25:11
हो, किसी मंदिर में जाकर लेटते हो।
25:18
तुम कहीं जाकर दंडवत हो जाते हो। हर मंदिर
25:24
आई एम वेरी स्पेसिफिक। कुछ मंदिर
25:33
हर मंदिर में जाकर मत्थ मत टेको यार
25:39
हर मंदिर में भगवान नहीं होते।
25:45
जैसे ही आप वहां जाकर समर्पण भाव से
25:48
प्रणाम करते हो। इतने में ही वहां के दूत
25:51
आशीर्वाद रूप में आपको आपके पीछे हो जाते
25:56
अब चाहे वह दूध है या प्रेत है वह तो वही
25:59
काम करते हैं। तो वह काम ऑब्वियसली मंदिर
26:03
बनाए तो कोई एक पुजारी भी होगा। ऐसा तो
26:05
नहीं है कि खाली मंदिर बना के छोड़ दिया
26:09
अब क्या है कि आप जो है उस मंदिर में
26:19
सिर्फ सफाई करके आ जाते। कोई दिक्कत नहीं
26:22
थी। प्रणाम कर लिया। यहां गड़बड़ आ गई।
26:28
रोज कर लेते। मैं कहता मशीन लगवा देते,
26:31
चार बंदे बुलाते, लेबर लगवाते, पूरी चमका
26:36
ठीक है? प्रणाम कर लिया। वहां गड़बड़ हो
26:38
गई। प्रणाम का मतलब ऐसे प्रणाम होता है।
26:41
एक दंडवत प्रणाम होता है। एक एक समर्पण
26:43
भाव से प्रणाम होता है। प्रणाम करते ही
26:45
क्या होता है? आशीर्वाद देते हैं। अब
26:47
आशीर्वाद में पीजे की शक्ति जाएगी। अब जो
26:51
वहां पर है वह आपके पीछे धम से।
27:01
घर में गुरुदेव का पहरा लगा है। हनुमान जी
27:03
महाराज के दूत खड़े हैं। तो एंट्री देंगे
27:08
एंट्री के टाइम पीछे वाले दूत बोलेंगे कि
27:12
हम आए हैं। यह हमें लेकर आया है। इसने
27:15
हमें प्रणाम किया था तो हम आशीर्वाद
27:20
इसने हमें प्रणाम किया था तो हम आशीर्वाद
27:22
स्वरूप में आए हैं। वो अंदर घुसेगा घुसते
27:24
ही। अब घुसते ही जैसे प्रणाम किया अंदर
27:28
घुसा। इसका मतलब एक्सेस किसका? पासवर्ड
27:37
एक्सेस किसका मिल गया? पासवर्ड का। अब
27:40
पासवर्ड का एक्सेस। ठीक है? मेरे फोन का
27:43
पासवर्ड का एक्सेस मिल गया अंशु को।
27:52
अब इसके ऊपर है कि उसमें क्या करना है?
28:00
अब क्या होगा कि अपने शक्तियों को बोला
28:05
आपने घर में दीपक भी लगाए हनुमान जी
28:08
महाराज को दीपक लाया प्रार्थना करते हो कि
28:10
हे हनुमान जी महाराज जितनी भी खुली
28:12
नकारात्मक ऊर्जा नेगेटिविटी है उन सबको
28:14
बलबूल मैल सहित बधित करें कल्याण लोक भेज
28:16
दिया जाए भैया को साक्षी मान करके
28:18
प्रार्थना करता हूं या करती हूं
28:22
तो शक्तियां क्या करेगी तुरंत गड़ बांधेगी
28:27
बाय डिफॉल्ट यही होता है
28:30
कि तुरंत बांधेंग और उनको तुरंत जो है
28:33
कल्याण लोक में पटकेंग
28:39
पर अगर वो अगर वो शक्ति किसी मंदिर से आई
28:46
अगर वह शक्ति किसी मंदिर से आई है तो होगा
28:49
क्या वह कल्याण लोक तो चली जाएगी
28:57
जिस पंडित ने जिस शक्ति ने उस मंदिर को
29:00
स्थापित किया हुआ है, वह शक्ति हमेशा अपने
29:03
शक्तियों का आह्वान करती है डेली।
29:07
इसीलिए मंदिर चलता है। इसीलिए मंदिर चलता
29:12
तो जैसे ही वह आहान करेगी जब वो पंडित
29:15
आहान करेगा तो तुरंत वो कल्याण लोक से जो
29:18
कल्याण लोक में जो शक्तियां बैठी थी तुरंत
29:20
वहां से छूटकर तुरंत उसके पास आ जाएगी।
29:25
तुरंत उस व्यक्ति के पास आ जाएगी। इसका
29:28
मतलब जो व्यक्ति एक बार गया एक बार एक बार
29:33
आप जाते हो। मान लो एक बार आप ऐसे दर्शन
29:38
तो दर्शन दर्शन के लिए आप किसी मंदिर में
29:40
चले गए। वहां से एक बार आपने गए प्रणाम कर
29:43
लिया। फिर वहां से आ गए। आपने दीपक लगाए
29:46
दो-तीन दिन दीपक लगाए आप ठीक हो जाओगे।
29:51
पर अगर आप डेली डेली उसी मंदिर में जा रहे
29:56
डेली डेली उसी मंदिर में जा रहे हो
30:00
तो एक बार आपने कल्याण लोक भेजा वहां से
30:02
उस पंडित ने कल्याण लोक से वापस बुला लिए
30:05
फिर वो फिर से आपके घर जाएंगे क्यों आप
30:08
फिर अगले दिन उस मंदिर में गए फिर पासवर्ड
30:11
पता चल गया अब वहां से एक्सेस पॉइंट मिलना
30:14
शुरू हो जाता है फिर वो सोचता है कि यार
30:18
ये दीपक क्यों ना मुझे मिलने लग जाए।
30:24
यह दीपक हनुमान जी महाराज को क्यों जा रहे
30:26
हैं? ये भोग हनुमान जी महाराज को क्यों जा
30:27
रहे हैं? मुझे मिलना चाहिए।
30:31
वहां से दिक्कत होनी शुरू होती है।
30:37
अब वो दीपक हनुमान जी महाराज को मिलेंगे
30:40
क्योंकि गुरु वचन है। आपने संकल्प लगा दिए
30:43
कि मैं भैया को साक्षी मान के। अच्छा
30:45
परीक्षित भैया हम तो हैं नहीं।
30:48
वह तो महा सूक्ष्म शरीर है और उनका वचन
30:50
ऐसा है कि उनको साक्षी मानकर अगर हनुमान
30:53
जी महाराज को समर्पित कर दिया तो मैं कहता
30:55
हूं ब्रह्मांड में कोई भी शक्ति बीच में आ
30:57
जाए वो दीपक तो हनुमान जी महाराज को ही
31:03
तो अब वो भोग तो स्वीकार कर नहीं सकते पर
31:06
उसका जो रिटर्न आएगा वापस उसका जो रिटर्न
31:09
गिफ्ट आएगा उसके ऊपर एक्सेस है। उसको
31:13
एक्सेप्ट कर सकते हैं। क्यों? क्योंकि
31:15
आपने पासवर्ड दे रखा है।
31:17
यूजिंग दैट पासवर्ड वो वो जो रिटर्न वाली
31:21
शक्ति है उसको वह अटेन कर लेंगे यूजिंग
31:24
दैट पासवर्ड आपको समझ आ रहा है एक्टिक तो
31:36
यूजिंग दैट पासवर्ड वो आपकी रिटर्न जो
31:40
शक्ति है वहां से जो आई वहां से जो शक्ति
31:50
तुम सोचोगे यार हमने बाबा को दीपक अर्पित
31:53
किए। बाबा ने स्वीकार ही नहीं किए। अरे
31:59
वहां से तो सब आया। गया भी रिटर्न भी आया।
32:04
पर तू जिसको लेकर आया
32:08
उसी ने तो सब ले लिया।
32:16
आप अगर किसी मंदिर में वैसे ही जाते हैं,
32:19
एक बार जाते हैं, बहुत अच्छी बात है।
32:23
दो बार जाते हैं, बहुत अच्छी बात है। अगर
32:24
आप रेगुलरली जा रहे हैं तो आपका नुकसान
32:29
आप वैसे विजिट करने जाओ, वैसे शक्ति को
32:34
तो होता क्या है कि हमारे गुरु की शक्ति
32:37
कुछ इस तरह से है कि अगर आप कुछ भी वहां
32:39
से बाहर से लेकर आते हैं आकर आपने दीपक
32:41
लगा दी और प्रार्थना कर दी तो जितना भी
32:45
कुछ होगा सब प्रभु कल्याण लोक में भेज
32:47
देंगे तुम्हारे पास नहीं रहेगा कुछ भी
32:52
जब तक तुम वहीं वापस उस मंदिर में नहीं
32:54
जाओगे तब तक उस मंदिर की शक्ति तुम्हारे
32:56
पास नहीं आ सकती बट फिर से आप उसी मंदिर
32:59
में अगर गए और डेली डेली अगर आपने जाना
33:02
शुरू कर दिया तो माई बाप
33:06
आपके घर का पासवर्ड आप डेली डेली दे रहे
33:11
तो वह साइकिल जो है वो आपको नुकसान कर
33:15
देगी आपका अनिष्ट कर देगी आपको छोड़ेगी
33:19
नहीं जो जो ऊर्जा जो आपको यहां से मिलनी
33:24
चाहिए थी गुरु से मिलनी चाहिए थी वो सारी
33:26
ऊर्जाएं कहीं और जाएगी और आपका
33:34
या फिर पतन शुरू हो जाएगा।
33:40
मेरी बात आपको समझ आई?
33:50
देखिए इस बात को बहुत ध्यान से समझिए सर।
33:52
ये समझने की चीजें हैं और ये लाइफ है सर।
33:56
फैक्ट है। लाइफ के फैक्ट है ये।
33:59
जो हम यह लाइफ के फैक्ट है सर।
34:05
यह लाइफ के फैक्ट है जो हम फेस कर रहे हैं
34:13
डेली डेली फेस करते हैं
34:16
और डेली डेली फेस करते हैं और हमें डेली
34:18
डेली इसी चीज का भुगतान करना पड़ता है।
34:25
अगर इन तत्वों को ना करें तो उसकी ऊर्जा
34:30
इतनी हो जाती है। इतनी हो जाती है कि वह
34:32
ब्रह्मांड की भी किसी भी शक्ति को ललकार
34:39
यहां तक कि देवताओं को भी ललकार सकता है।
34:42
रावण के पास इतनी शक्ति क्यों आई थी?
34:53
ठीक है? अब हम आगे चलते हैं। तीसरा पॉइंट।
34:58
पहले बताइए समझ आ गया? डन। ऑल क्लियर? जी
35:04
भैया हमारे घर वाले जाते होंगे तो मंदिर
35:08
चलो इसके बारे में हम बाद में डिस्कस
35:09
करेंगे ठीक है बस आपको समझ आना चाहिए पहली
35:13
चीज तो अब हम आगे चलते हैं तीसरा पॉइंट
35:17
भैया दूसरा तीसरा आपने एक साथ ही ले लिया
35:20
था हर मंदिर में लेट जाना और हर भगवान की
35:23
तीसरा एक मिनट तीसरा पॉइंट है हर भगवान की
35:25
पूजा करना हर विधि को मानना मंत्र का शौक
35:27
है हर हर हर मंत्र को ले लेना ओके
35:35
जिस व्यक्ति को अलग-अलग ऊर्जाएं बनाने का
35:40
कि मेरे पास हनुमान जी महाराज की सिद्धि
35:42
हो भोलेनाथ की सिद्धि हो, माता की सिद्धि
35:44
हो, गणेश भगवान की सिद्धि हो, लक्ष्मी
35:46
माता की सिद्धि हो, सारी सिद्धियों का
35:49
भंडारा उसी के पास हो।
35:52
सर उसके पास कुछ नहीं रहता। आई एम वेरी
35:58
उसके पास कुछ नहीं रहेगा। अक्सर आप यह भूल
36:02
जाते हो कि सिद्धि बनाने के बाद देखो
36:04
सिद्धि बना तो कोई भी सकता है। कोई भी बना
36:10
पर सिद्धि को रखना कैसे आपको पता ही नहीं।
36:15
यह कोई नहीं बताता कि सिद्धियों को रखते
36:19
उनको ऊर्जा कैसे देते हैं।
36:26
लोग सिद्धि बनाने सिखाते हैं। आप YouTube
36:33
हनुमान जी महाराज की सिद्धि पाएं। 40
36:35
दिनों में मात्र आठ दिनों में हनुमान जी
36:37
महाराज की सिद्धि पाएं। करण पिशाचनी,
36:39
योग्य नहीं, यक्षनी सब बताएंगे। पर कोई
36:42
अगर कोई यह बताता है हाउ टू मेंटेन योर
36:50
बस वही गड़बड़ाती है।
36:53
आज तक किसी ने यह नहीं बताया कि आपको
36:55
सिद्धि को मेंटेन कैसे करना है।
36:58
इसका मतलब यह है। इसके कहने का तात्पर्य
37:01
यह है कि आप हर महीने एक नई गाड़ी लेते हो
37:05
पर उसकी सर्विसिंग नहीं कराते तो हमेशा वह
37:07
फेल हो जाती है। उसको मेंटेनेंस आपको रखना
37:11
नहीं आता। वह चलेगी कैसे सर?
37:16
तो क्या है वह पहले महीने तो बढ़िया चलती
37:18
है। उसके बाद ढीली हो जाती है। फिर फिर आप
37:21
कहते हो यार पहले तो अच्छा हो रहा था अब
37:27
और जब इतनी सारी आप गाड़ियां ले ले तो उन
37:30
गाड़ियों का बोझ हो जाता है। उसका उन उन
37:32
गाड़ियों का कर्जा भी तो हो जाता है। अब
37:34
इंसान उन बोझ के तले ही मर जाता है।
37:44
अब हम थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं जो
37:46
हर मंत्र की साधना करता है। मान लो किसी
37:48
ने हनुमान जी महाराज की साधना करी,
37:50
भोलेनाथ की करी, धुमा माता की, मां तारा
37:53
की, काली की सब करा। 40 दिन, 40 दिन, 41
37:56
दिन, 108 दिन सब किया। आपको एक बात बताता
38:00
हूं। हर सिद्धि की एक
38:04
पहले तो एक लाइफ लाइन होती है। दूसरी उसकी
38:07
एक मेंटेनिंग कॉस्ट होती है।
38:13
आपने मान लो Fortuner गाड़ी ली है।
38:16
Fortuner लेजेंडर गाड़ी ली है। सर वह पहली
38:20
सर्विसिंग मांगती है। फिर उसके बाद दूसरी
38:23
सर्विसिंग मांगती है। पर वह 12 13 की
38:30
उसकी क्लीनिंग डेंटिंग पेंटिंग से लेकर
38:32
सारा काम आपको करना पड़ता है। पहले तो वह
38:36
50 लाख में तो आएगी ना आजकल तो 61 हो गया
38:39
है। 61 लाख में तो वो आएगी आपके पास।
38:45
ठीक है? 61 लाख में तो वो आपके पास आएगी।
38:49
उसके बाद इतनी मेंटेनेंस आपको रखनी
38:51
पड़ेगी। और उसके बदले में आप जहां लेके
38:54
जाना चाहो रख चला ले जाओ। चाहे पहाड़ों
38:58
में ले जाओ, कुछ भी ले जाओ और जहां खड़ी
39:00
कर दोगे कोई बोलेगा नहीं। कहेगा यार वाह
39:02
शहंशाह है। तो सिद्धि के भी कुछ इसी तरह
39:11
सिद्धियों के भी कुछ इसी तरह लक्षण होते
39:14
इनको हम कोई समझ नहीं पाते। ना कुछ सिखाता
39:17
है। सबसे बड़ी गलती यही है। सिद्धियों को
39:20
मेंटेन कैसे करना है? काम कैसे लेना है?
39:26
हम जैसे भाई बंधु लगे हुए हैं। सीताराम
39:29
सीताराम ओम नमः शिवाय। ओम ओम ह क्लीम
39:31
चामुंडाय विच ओम ममते नमः ये अलग-अलग
39:38
सर वहां गड़बड़ होती है। मैं बताता हूं
39:43
जितनी बड़ी साधना उतनी ही बड़ी उसकी
39:50
हमेशा याद रखना जितनी बड़ी साधना आप कर
39:53
रहे हो जैसे हर्षवर्धन भैया अब 10 महीने
39:56
की साधना करेंगे तो मेंटेनेंस कॉस्ट भी 10
39:58
महीने के हिसाब से रहेगी ऐसा नहीं है कि
40:00
वह एक दिन में चल जाए हैं ऐसा कभी नहीं
40:03
होगा कि Fortuner में आपने ₹10 का पेट्रोल
40:06
डलवाया और चलो पहले तो पेट्रोल डलेगा नहीं
40:11
ठीक है और ₹10 का अगर पेट्रोल डलवा लिया
40:18
धक्का भी नहीं लगेगा तुमसे तो उतर के इतनी
40:21
बड़ी गाड़ी है धक्का भी नहीं लगा सकते
40:27
इस बात को कोई समझता नहीं है
40:31
कि हमने 6 महीने की साधना कर ली हमें वो
40:34
मिल गया उसके बाद हम ढीले हो गए अरे पगले
40:38
6 महीने की तपस्या है जो सिद्धि बनेगी कि
40:42
उसको मेंटेनेंस कॉस्ट कौन देगा?
40:50
अब ऐसे व्यक्ति क्या करते हैं? सुनो मेरी
40:56
ऐसे व्यक्तियों के पास ऊर्जा बनाते रहते
41:00
हैं और ऊर्जा उनकी वेस्ट होती रहती है।
41:04
ऐसे लोग ऊर्जा बनाते रहते हैं और उनकी
41:06
ऊर्जा वेस्ट होती रहती। इसीलिए हम बोलते
41:10
कि भैया एक मंत्र रखो, एक देवता रखो, एक
41:13
तत्व रखो। दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है
41:20
दूसरा सिद्धियों की मेंटेनेंस के लिए यहां
41:23
की शक्तियां आपको किस तरह मदद करती? आशय
41:25
में बड़ा बड़ा अच्छा सिस्टम है। यह
41:27
गुरुदेव की महिमा से चलता है।
41:33
आपके पास जो भी शक्तियां सिद्धियां काम
41:36
करती है वो परमानेंट नहीं रहती। दे आर
41:38
नेवर परमानेंट। उनकी शिफ्ट चलती है। आज
41:41
आपके पीछे कोई और सिद्धि होगी, कल कोई और
41:44
होगी, परसों कोई और होगी और उससे अगले कोई
41:46
और होगी। जिस दिन आपको जो है
41:51
नेगेटिविटी देखनी है तो एक नेगेटिविटी की
41:53
स्क्रीन दे दी जाएगी आपको। जिस दिन आपको
41:56
देवताओं देवताओं के दर्शन करने हैं उस दिन
41:58
देवताओं की स्क्रीन दे दी जाएगी। जिस दिन
42:03
अपने शरीर के अंग देखने हैं तो उसकी
42:06
स्क्रीन दे दी जाएगी। जिस दिन आपको भविष्य
42:08
देखना है तो उसकी स्क्रीन दे दी जाएगी।
42:09
पास्ट को देखना है तो उसकी स्क्रीन दे दी
42:11
जाएगी। संतों से बात करनी है तो उसकी
42:13
स्क्रीन दे दी जाएगी।
42:16
और वापस ले ली जाती है
42:22
तो तुम्हारे हिसाब तुम्हारे जो जरूरत के
42:25
हिसाब से तुम्हें स्क्रीन मिल जाती है तो
42:27
पर्टिकुलरली एक सिद्धि कभी भी खड़ी नहीं
42:30
मिलेगी तुम्हारे पीछे
42:34
अगर आप ये कहते हो कि मेरे पास हनुमान जी
42:36
महाराज की सिद्धि है तो भूल जाओ।
42:38
ऐसे बोल सकते हो कि मेरे ऊपर हनुमान जी
42:45
कृपा और सिद्धि में बहुत फर्क है। सर कृपा
42:48
के पीछे भागना सिद्धियों के पीछे नहीं।
42:52
जो कृपा पात्र बन जाता है उसे सिद्धियों
42:55
की आवश्यकता नहीं पड़ती।
43:02
अगर जो व्यक्ति बन जाता है
43:05
उसके लिए दुनिया की सारी शक्तियां कम हो
43:09
जाती है। पात्र मतलब समझते हैं ग्रहण
43:16
इसीलिए कृपा बड़ी हो जाती है। हमने पहले
43:20
सिखाई है जो स्टार्टिंग में हमसे जुड़े थे
43:23
तो हमने वीडियो भी बनाई है कृपा और सिद्धि
43:25
के बीच में। बहुत लोगों ने देखी है। ठीक
43:28
है? तो कृपा बहुत बड़ी होती है। सिद्धि तो
43:32
बहुत निम्न मात्र होती है। इंसान को आशय
43:37
में किस तरह काम करती है?
43:41
गुरु की कृपा से ऐसा होता है कि उनकी
43:44
कंटीन्यूस सर्विसिंग होती है।
43:48
उनकी कंटीन्यूअस सर्विसिंग होती है।
43:53
कंटीन्यूस जागरण चलता है। कंटीन्यूस
43:57
शक्तियां काम करती है। तभी शक्तियों को
43:59
चैनलाइज किया जा सकता है।
44:04
तो जब आपको जो आवश्यकता पड़ती है वह शक्ति
44:07
आपके पास होती है और फिर तुरंत वापस आ
44:11
सिद्धियों की मेंटेनेंस में ऐसा ही खर्चा
44:13
आता है साहब। तो जो आप यह अगर यह सोच रहे
44:16
हैं कि मैं अपनी एक सिद्धि बना लूं तो सर
44:20
उसको मेंटेन रखना वरना वही प्रेत बनके
44:28
पहली चीज अगर आपने सिद्धि बना ली। ठीक है?
44:34
अगर आपने सिद्धि बना ली है तो उसकी
44:40
जो मेंटेनेंस कॉस्ट है वह याद जरूर रखना।
44:49
ये कभी मत भूलना। छोटी बात नहीं है।
44:52
क्वेश्चन बाद में पूछो। इस बातों को समझो
45:07
अलग-अलग मंत्र के चक्कर में अलग-अलग तत्व
45:10
शरीर में ग्रहण करते हो। तुम
45:13
अलग-अलग मंत्र से अलग-अलग सूक्ष्म शरीर
45:16
बनते हैं। अलग-अलग सूक्ष्म शरीर बनने से
45:19
अलग-अलग तत्व बनने से अलग-अलग
45:23
वनरेबल कंडीशंस बन जाती है कि आपको हर
45:26
तत्व से खींचा जा सके।
45:36
अब छोटी सी बात रखिए कि मान लीजिए
45:41
शिव तत्व लोहा है। शिव तत्व आयरन है।
45:59
शिव तत्व आयरन है। राम तत्व जल है।
46:04
जस्ट फॉर एग्जांपल बता रहा हूं। एग्जांपल
46:06
हाइपोथेटिकल सिचुएशन है। बहुत ध्यान से
46:08
सुनिए। शिव तत्व आयरन है। राम तत्व जल है।
46:18
अब कोई व्यक्ति कहेगा मेरे पास आयरन भी है
46:21
और पानी भी है। दोनों है। बढ़िया मस्त
46:24
मस्त चल रहा है। जहां आयरन की जरूरत
46:27
पड़ेगी वहां आयरन से काम करूंगा। धंग धंग
46:28
धंग धंग जहां पानी से जरूरत पड़ेगी वहां
46:36
अब यार सोचने में तो बहुत अच्छी बात है कि
46:39
इसके पास लोहा भी है और पानी भी है। भाई
46:57
शाणा या हर धवल धवल जैसा शाणा कोई व्यक्ति
47:03
वो पता है क्या करेगा वही देखेगा अच्छा
47:08
ओो लोहा है इसके पास कितना है छोटा सा ये
47:12
क्या करेगा एक चुंबक रखेगा अपने पास
47:18
चुंबक रखेगा अपने पास मैगनेट रखेगा वह
47:21
लोहा खींच के चुंबक के पास
47:24
अच्छा पानी है आग जलाएगा वो
47:38
दो सिद्धियां दोनों पुश
47:43
दो सिद्धियां दोनों फस
48:03
आप सोचो वो दो सिद्धियां कोई काम नहीं आई
48:12
अगर मैं एक ही तत्व पर काम करता
48:16
मान लो मैं शिव तत्व पर काम करता तो मेरे
48:25
इतना वजन होता उस लोहे में साले तुम
48:28
हजारों मैग्नेट रख दो तो लोहा खिसके ही
48:30
नहीं तुम्हारा मैग्नेट खिसक जाएगा लोहे के
48:38
100 टन लोहा पड़ा है 100 टन लोहा पड़ा है।
48:46
आप 5 किलो का मैगनेट लेके रखो। मैं कहता
48:50
हूं इंसान के साथ मैगनेट उड़ता हुआ उस लोहे
48:59
समझ आ रहा है आपको? मैं क्या समझा रहा
49:07
100 टन अगर लोहा है तो लोहा अपनी जगह नहीं
49:10
छोड़ेगा। इसका मतलब सामने वाली सिद्धि
49:13
तुम्हारे पास खुद खींच के आएगी
49:16
और ऐसी चिपक जाएगी कि जाने का नाम ही नहीं
49:20
वो वो आदमी जो है वो पीछे करेगा कि भाई तू
49:22
मेरी है। मेरी है मेरी है। तू तो चल मेरे
49:26
पर अंतोगतवा उसको वह मैगनेट वहीं छोड़कर
49:37
जय जय सियाराम जय सिया भाई गलत जगह फस गया
49:42
जो था वो भी देके आना पड़ा
49:48
है ना कि भाई जो दे जो था वो भी देके आना
49:53
पड़ा मुझे तो एक तो मैग्नेट लिया था मैंने
49:57
लुट गया मैं तो बर्बाद हो गया
50:04
अगर आपके पास जल तत्व है पर अगर जल पड़ा
50:10
लाखों क्यूबिक सेंटीमीटर।
50:18
तो मैं कहता हूं सर आग
50:22
मैं कहता हूं तुम पूरे प्लेनेट की आग बुझा
50:29
तुम आग तो क्या तुम पूरे प्लनेट की आग
50:35
चाहे तुम किसी को रख लो तुम अगर तुम ये
50:40
सोचते हो कि मैं अगर सामने वाले के पास
50:43
लोहा है तो तुम्हें तुम्हें यह नहीं पता
50:46
कि पानी का प्रेशर कितना होता है।
50:48
हाइड्रोलिक पंप का नाम सुना है?
50:54
हां। जितने भी लार्जेस्ट प्रेशर हैं
50:58
जो जो है जो लोहा नहीं उठा सकता वो वो
51:04
सिर्फ हाइड्रोलिक पंप सिर्फ पानी उठाता
51:07
है। बड़े-बड़े शिफ्ट जहाज सिर्फ
51:10
हाइड्रोलिक पंप के इशारे चलते हैं। ये
51:13
ट्रक वगैरह हाइड्रोलिक पंप से चलते हैं।
51:15
तो पानी के अंदर इतनी क्षमता है कि वह
51:23
किसी को नहीं छोड़ता। इसका मतलब क्या हुआ?
51:26
इसका मतलब यह हुआ कि लाखों तत्व अलग-अलग
51:31
बनाने से अच्छा है एक ही तत्व को प्रबल कर
51:36
इतनी सिद्धियां मत बनाओ।
51:39
कोई एक सामने दृष्टि वाला आ गया ना
51:43
रवि जैसा वह छोड़ेगा नहीं तुम्हें
51:47
उसका मन करेगा तो वो पानी को खींच लेगा
51:50
नहीं तो जला देगा वरना लोहे को खींच लेगा
52:00
किसकी सिद्धि कौन सी सिद्धि कहां की
52:05
ऐसे लोगों से प्रार्थना है कि भैया यह
52:09
सिद्धियों पे इतना ध्यान ना दे।
52:16
अपना तत्व प्रबल करो।
52:26
ठीक है। उसके लिए ज्यादा मंत्रों में मत
52:29
घुसो। फायदे में रहोगे।
52:33
और जितनी बड़ी तुम साधना कर रहे हो उसी
52:37
साधना को कंटिन्यू रखो।
52:46
ठीक है। पानी की इंटेंसिटी
52:50
अगर धरती से बाहर जा रही होती तो आज सूख
52:56
पर अक्सर जो है हर जगह का पानी सूख जाता
53:00
है। अगर उसमें पानी ऐड ऑन ना हो तो
53:03
कंटीन्यूअसली चलता रहना चाहिए। ट्राई करो
53:06
राम का नाम चलता रहे।
53:14
सर्विसिंग चलती रहे तो सिद्धियां साथ देती
53:19
प्लीज किसी के बहकावे में मत घुसना।
53:24
दो दिन झटका लगने के बाद क्या करते हो
53:26
इंसान भाई मैं दिल की बात बताता हूं हम
53:29
दिल से बोलते हैं साफ बताएं हम राम के दास
53:32
हैं बिल्कुल साफ बोलते हैं इंसान को थोड़ा
53:34
झटका लगा कोई बोल देगा अरे यार तुम वैसे
53:37
नहीं तुम वैसे कर लो आज यह वाला मंत्र कर
53:39
लो कल वो कर लेना कुछ नहीं होगा कहीं नहीं
53:42
रहोगे कहीं के नहीं रहोगे
53:47
सर और आपके करे बिना कुछ भी नहीं होने
53:50
वाला अगर आप भी यह सोचते हो कि मेरे बिना
53:53
ना कोई दूसरा कर देगा
53:55
या मेरा काम कोई दूसरा कर देगा तो सर
54:00
आई रिक्वेस्ट यू ऐसा नहीं होगा आपका काम
54:05
आप ही को करना पड़ेगा चाहे वो एस्टल हो
54:07
चाहे फिजिकल हो हर व्यक्ति आपको एक पुश दे
54:10
सकता है यहां की शक्तियों को एक्सेस मिल
54:12
सकता है पर एक्सेस मिलने के बाद कार्य आप
54:15
ही को करना पड़ेगा दैट्स ऑल वी कैन डू
54:20
चलिए फोर्थ लेते हैं अब पहले बताइए समझ
54:33
चलिए अब हम आगे चलते हैं। अब हम फोर्थ
54:37
फोर्थ पॉइंट क्या था?
54:39
मन इच्छा बहुताता है।
54:42
मन इच्छा बहुत चलाता है। विधि पूरी नहीं
54:45
भाई उनका तो इतना सत्यानाश होता है ना
54:51
उनके ऊपर दोष लगता है वह अलग से
54:54
ठीक है शक्तियां आकर थप्पड़ मार के जाती
55:00
बहुत बुरा हाल होता है भैया
55:03
हां बहुत बुरा हाल होता है इसीलिए कभी-कभी
55:08
क्या होता है कि वो सोचता है कि आप मान लो
55:11
आश्रम में बोला ठीक है मैं कर रहा हूं कर
55:13
रहा हूं ठीक है मैंने मैंने 510 दिन ये कर
55:15
लिए फिर उसके बाद नहीं मेरे को वो अच्छा
55:16
लगा तो मैं वो करने लग सकता हूं।
55:26
चलो हम तो यहां यहां की शक्तियां तो राम
55:29
तत्व से लीन है। हम हम तो किसी पर वैसे भी
55:32
अस्त्र नहीं उठाते और वैसे भी हमारे भगवान
55:35
ही नहीं बोलते। किसी को किसी का नुकसान
55:39
हम तो हम तो वैसे ही हाथ जोड़े रखते हैं।
55:43
पर अगर आपने ऐसा कुछ माता के भक्तों के
55:48
साथ या माता के तत्वों के साथ कर लिया,
55:50
खिलवाड़ कर लिया तो माता की शक्तियां तो
55:52
ऐसी होती है। आपको छोड़ती नहीं है। वही
55:54
आपको नुकसान कर देती है। इतना ज्यादा कर
55:56
देती है कि पूछो ही मत। मतलब तुम किसी का
55:59
उपाय और किसी की मदद लेने गए थे। किसी
56:01
मंदिर में, किसी ने कुछ बता दिया। तुमने
56:03
वो नहीं किया। तुम्हारा बेड़ा घर का। यू
56:08
फ्लोलेस। आप आप यह सोचोगे कि यार मैं लेने
56:11
तो कुछ गया था। हो क्या गया मेरे साथ?
56:13
क्योंकि आपने वो नहीं किया जो बोला गया
56:18
यहां पर ऐसा नहीं होता सर। हम हाथ जोड़कर
56:22
बोलते हैं हम हम राम की साधना करते हैं।
56:26
ठीक है। और ठंडू राम की ठंडू राम की
56:33
हम कोशिश करते हैं कि ऐसा आप कभी मत करो।
56:37
ऐसा आप कभी मत करो। जो आपको प्रोसेस बताया
56:40
है आप वो करो। यहां पर गुरुदेव ने बहुत
56:43
सिंपल प्रोसेस बताया कि इंसान आप कुछ भी
56:45
खाइए, कुछ भी पीजिए, कभी भी साधना कीजिए,
56:48
कभी भी जाप कीजिए, किसी भी टाइम दीपक
56:50
कीजिए। अगर आप कंटीन्यूअसली शक्तियां
56:53
चाहते हैं तो। दैट्स ऑल।
56:58
ठीक है। आप हमें मत दीजिए। नो प्रॉब्लम।
57:00
आप अपने घर पे लगाइए। अगर आपको यहां से
57:05
आशीर्वाद प्राप्त है गुरु का आपको एक्सेस
57:07
मिला हुआ है। आप देखेंगे चमत्कार होगा।
57:10
दुनिया को हुआ है सर। यहां पर दिन
57:14
प्रतिदिन मैं बस चमत्कार ही देखता हूं।
57:18
मैं यहां पर बैठकर दिन प्रतिदिन चमत्कार
57:20
ही देखता हूं। पर दिन में दो से तीन केस
57:24
ऐसे भी आते हैं जो इन्हीं गलतियों की वजह
57:31
और वह लोग है ना क्या करेंगे पता है क्या
57:33
करेंगे वह हमारे पास आते हैं वो कहते हैं
57:36
भाई हमने तो वही किया जो आपने कहा था ओ
57:39
क्या हो गया भैया बताओ मुझे
57:42
हो नहीं रहा मेरा कुछ काम ऐसा मुंह
57:51
क्योंकि ऐसा हो नहीं सकता कि मोर देन 85%
57:56
लोगों के काम कहते ही बन रहे हैं।
58:06
वह तो सर गजब है और उनके उनके हम जैसे हम
58:10
जैसे उनको देखते हैं गुरुदेव इतना बोल
58:12
देते हैं कि झूठ बोल रहे हैं पर यह नहीं
58:14
बताते कि क्या बोल रहे हैं। हम उनको देखते
58:16
रहते हैं। हमने कहा अच्छा अच्छा अच्छा
58:19
अच्छा हो नहीं रहा। अरे बाप रे कोई बात
58:21
नहीं। हम तो वैसे भी कुछ नहीं कहते। हमें
58:22
कहते हैं कोई बात नहीं। आप ऐसा कर लीजिए।
58:25
हम फिर और करते और बताते हैं। क्या पता
58:30
आप हमें नहीं बताओगे तो हमें कोई फर्क
58:37
और जितना बोला गया है आप वह कर लेना।
58:40
जितना आपको बोला गया है वह कर लेना। फर्क
58:44
आपको ही पड़ेगा। शक्तियां आप ही के साथ
58:48
हम तो गुरु आदेश से बैठे हैं।
58:51
सर जब 85% लोगों के काम हो रहे हैं तो 15%
58:57
लोगों के इसी वजह से काम नहीं हो रहे हैं।
59:01
मैं आज ऐसे ही नहीं बोल रहा।
59:04
मैंने आज बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक को डिस्कस
59:07
करने के लिए आप सभी का समय लिया है।
59:14
हमारी क्षमता नहीं है बताने की पर हमारे
59:17
गुरुदेव से हमने जो सीखा है, जो उनकी
59:19
तरंगों से सीखा है वही हम आपको बता रहे
59:22
हैं। अपने अनुभव से जो हमने सीखा है वही
59:24
हम आपको बता रहे हैं।
59:26
इस ये जो चार गलतियां करते हैं उन्हीं
59:29
लोगों के कार्य नहीं होते। बाकी सबके होते
59:31
हैं। बाकी सबको दृष्टियां मिलती है। सबको
59:40
उस और फिर वही 15 15% लोग जब ब्लेम करते
59:45
हम ही को ब्लेम करते हैं। बस अपना
59:49
अपनी बात आगे रखने के लिए या अपनी बात को
59:52
में वह अच्छे हो जाए। अपनी बात में बढ़िया
59:55
हो जाए। अपनी बात में आगे निकल जाए।
1:00:00
अब ऐसे ऐसी कंडीशन में जब लोग इस तरह के
1:00:13
हम तो अपनी तरफ से कहते हैं भाई ठीक है जय
1:00:19
और वही 15% लोग कहीं ठीक नहीं हो पाते। बस
1:00:22
इसी वजह से उसे क्या है कि उसे हमें बहुत
1:00:27
बुरा लगता है। हमें बहुत बुरा लगता है। हम
1:00:31
गुरुदेव से बोलते हैं कि प्रभु हमें तो
1:00:33
दिख रहा है पर ऐसे लोगों का क्या करें?
1:00:39
तो गुरु गुरुदेव सिर्फ एक एक ही उत्तर
1:00:42
देते हैं कि बेटा उनका समय नहीं आया।
1:00:49
जब उनका ठीक होने का समय आएगा तो उनसे
1:00:52
अपने आप कार्य हो जाएगा।
1:00:56
मैंने कहा प्रभु यह मानते नहीं है। यह
1:00:58
उल्टा सीधा बोल रहे हैं। प्रभु अक्सर
1:01:00
बोलते हैं कि बेटा उनका समय नहीं आया। अब
1:01:03
समय नहीं आया तो इंतजार करो।
1:01:09
आशा करता हूं ये चार तत्व आपको समझ आए
1:01:12
होंगे और बहुत सारी
1:01:17
कंफ्यूजन जो है आपके क्लियर हुए होंगे।
1:01:19
मैं मेंटर से भी विनती करूंगा। सभी से
1:01:22
प्रार्थना करूंगा कि सभी लोग इन पॉइंट्स
1:01:25
को हमेशा याद रखें, समझाएं और आप सभी से
1:01:29
प्रार्थना है कि आप इन पॉइंट्स को कभी मत
1:01:34
एक और कैटेगरी है भैया।
1:01:38
भैया एक और कैटेगरी है। एक है बार-बार
1:01:40
गुरुओं को चेंज करना। यानी आपसे काम नहीं
1:01:42
हुआ। छ महीने बाद कोई और गुरु नया गुरु।
1:01:46
वो वो तो शक्तियां आ गई ना वही सेम सेम
1:01:48
शक्तियां आ गई। सेम शक्तियां कैटेगरी बन
1:01:50
गई। सेम कैटेगरी बन गई। ठीक है? अ ऐसे में
1:01:55
क्या होता है कि जब आप बार-बार नए-नए गुरु
1:01:57
बनाते हैं तो ऐसा ज्यादा तो कुछ नहीं
1:02:01
होता। पर अगर उग्र उग्र कोई शक्ति के पास
1:02:04
अगर आप चले गए जैसे कि मैं हां ये बोल
1:02:08
देना चाहता हूं कि अगर आप उग्र शक्ति,
1:02:09
किसी उग्र या किसी जोरदार, किसी पावरफुल
1:02:12
शक्ति के पास चले गए। पावरफुल कौन? ऐसा
1:02:14
नहीं मतलब पावरफुल मतलब पावरफुल का मतलब
1:02:18
यह होता है वेरी एग्रेसिव
1:02:21
जिसका तत्व बहुत ज्यादा एग्रेसिव रहता है
1:02:25
तुरंत एग्रेसिव काम करता है जैसे राम तत्व
1:02:28
तो बहुत आराम से काम करता है सीताराम
1:02:32
ठीक है और हनुमान जी महाराज का तत्व थोड़ा
1:02:35
उग्र है। माता का तत्व और उग्र है। माता
1:02:40
के साधक के पास आप चले गए। वहां से अगर
1:02:42
आपने वहां से अगर आप निकल गए और फिर आप
1:02:45
किसी और के पास आ गए तो सर आपका जीना हराम
1:02:48
हो जाएगा क्योंकि वहां की शक्तियां आपको
1:02:51
छोड़ेंग नहीं। माता की साधना अगर आप कर
1:02:56
और अगर किसी गुरु से जुड़े हो
1:03:00
और अगर आपने गुरु बदल लिया
1:03:03
तो भैया तुम्हारा गुरु घंटाल हो जाएगा
1:03:06
क्योंकि शक्तियां ही जीना आराम कर देती
1:03:10
माता की कहती है भाई हमारे सीताराम भगवान
1:03:14
की तो करते नहीं है। ठीक है? इसीलिए यहां
1:03:18
पर कोई भी आवे कोई भी जावे किसी को कोई
1:03:21
कुछ नहीं कहता क्योंकि ठंडराम की
1:03:32
हां उनका बहुत थोड़ा सा गलत हो जाता है और
1:03:35
फिर लोग बहुत बड़ी समस्या आती है उनको आगे
1:03:39
ठीक आशा करता हूं समझ आया होगा अभी हम
1:03:42
थोड़े से थोड़े डाउट है जो वो ले लेते हैं
1:03:45
जो आपने चैट सेक्शन में लिखे
1:03:48
मंदिर में दीपक जलाते साक्षी मान
1:03:52
मंदिर में दीपक जलाते हैं साक्षी मानकर
1:03:54
हां अगर उस शक्ति को प्रणाम ना करके दीपक
1:03:57
जलाए तो बहुत अच्छी बात है
1:04:03
भैया एक क्वेश्चन था मेरा
1:04:06
हां जिन्होंने दे दिया बोलो
1:04:11
अलग-अलग प्राप्त होते तो वो तो जो व्यक्ति
1:04:14
अलग-अलग मंत्र का मंत्र को जाप करता है।
1:04:17
लेकिन हम अगर एक ही महामंत्र का जाप कर
1:04:20
रहे हैं। उसके बावजूद भी अलग-अलग तत्व
1:04:22
मिलते हैं तो उसमें और उसमें क्या डिफरेंस
1:04:27
अलग-अलग तत्व कैसे मिलते हैं मैं बता देता
1:04:29
हूं। ठीक है? मान लीजिए जैसे आप राम तत्व
1:04:33
कर रहे हैं तो उसमें जल तत्व आ गया। मान
1:04:35
रहे हैं ना जल तत्व।
1:04:37
हम एग्जांपल ले रहे हैं। अभी हाइपोथेटिकल
1:04:39
सिचुएशन ले रहे हैं कि राम तत्व का आप जाप
1:04:41
कर रहे हो। ठीक है?
1:04:43
और उसमें अह आपको अलग-अलग तत्व फॉर
1:04:46
एग्ज़ांपल पानी के अंदर पानी के अंदर लोहा
1:04:50
आ जाए चलता है। मिनरल्स आ जाए तो भी चलता
1:04:53
है। पानी पर तत्व पानी ही रहेगा वो। पानी
1:04:58
के अंदर लोहा मिक्स। पानी के अंदर मिनरल
1:05:00
मिक्स। पानी के अंदर आयरन और मिक्स। पानी
1:05:04
के अंदर ही सब कुछ मिक्स है।
1:05:08
और पानी के अंदर अग्नि भी मिक्स होता है
1:05:10
तो पानी भी गर्म हो जाता है। हो जाता है
1:05:12
नहीं हो जाता। उसी को अग्नि तत्व बोलते
1:05:17
पानी के अंदर वायु तत्व मिल जाए तो पानी
1:05:22
पर तत्व तो पानी ही रहेगा।
1:05:28
इस बात को कभी भूलिए नहीं। तत्व पानी ही
1:05:31
रहेगा। हां। अगर पानी के अंदर अग्नि डाल
1:05:35
दो तो पानी उग्र हो जाता है। उबलने लगता
1:05:37
है। गुड गुड गुड गुड।
1:05:40
ठीक है? अग्नि डायरेक्ट अग्नि नहीं है।
1:05:44
अल्टरनेट फॉर्म में अग्नि है।
1:05:47
बहुत चेंज हो जाता है। इस बात को आप भूलिए
1:05:53
मंदिर में कैसे जाए? मंदिर में कैसे जाए?
1:05:56
मंदिर में डेली जाते हैं क्या?
1:06:03
मैं मेरे पापा डेली साक्षी मानकर दीपक
1:06:06
जलाते हैं। तो कोई दिक्कत नहीं है। ठीक
1:06:15
ठीक है। तो आशा करता हूं आप सभी को बहुत
1:06:18
चीजें समझ आई होंगी। भाई समझिए भगवान
1:06:21
भैया एक एक लास्ट क्वेश्चन भैया
1:06:24
भैया जैसे अपन बाइक में जाते हैं तो जो भी
1:06:26
मंदिर देखा तो उसको अपन ऐसे झुकते हैं ना
1:06:28
ऐसे थोड़ा झुक के जाते हैं तो वो भी करना
1:06:32
आप भी क्यों बाइक में जाते हैं अपन तो कोई
1:06:34
भी मंदिर देखा तो थोड़ा झुक मतलब एक बार
1:06:36
नमस्कार जाते हैं मतलब नमस्कार नहीं करते
1:06:40
वो आदर होता है वो आदर होता है। उससे ऐसा
1:06:44
कुछ नहीं होगा। ठीक है। आदर दो। आदर दो ना
1:06:47
सर। ऐसे ऐड में नहीं ऐड में मत रहना कि
1:06:51
हां ओ मैं नहीं करता किसी को तो भैया टूट
1:06:54
जाओगे। आदर जरूर देना। ठीक है इतना।
1:06:57
भैया एक सवाल था। वो विष्णु जी का नौ रूप
1:07:03
है तो हम राम एक रूप है। तो कभी हम उग्र
1:07:07
रूप जैसे नरसिम स्वामी का टेंपल गए वह भी
1:07:13
फर्क तो रहेगा। नरसिंह भगवान का तत्व
1:07:15
आएगा। राम का तत्व आएगा। फर्क तो रहता है।
1:07:19
ठीक है। अब हनुमान जी महाराज और भोलेनाथ
1:07:22
का तत्व अलग-अलग नहीं है क्या? अलग ही
1:07:23
रुद्र अवतार है। भोलेनाथ के
1:07:30
भैया एक क्वेश्चन है।
1:07:31
भैया अगर हमारे घर वाले डेली मंदिर जाते
1:07:34
हैं जाते-आते रहते हैं तो वहां की
1:07:36
शक्तियां हमारे घर आएगी क्या?
1:07:38
आएगी भी 100% आएगी।
1:07:41
और हमारे पासवर्ड का एक्सेस
1:07:45
हम पर उसका कुछ इंपैक्ट पड़ेगा क्या?
1:07:47
अगर तुमने मम्मी पापा को विधि नहीं बता
1:07:49
रखी है आशा की और तुम सिर्फ तुम ही कर रहे
1:07:52
हो तो चिंता मत करो। तुम तुम्हारे पास
1:07:57
विधि नहीं पता लेकिन दीपक लगाता हूं मैं।
1:08:00
तो बस मेरी बात सुनना ध्यान से। जो मंदिर
1:08:03
जा रहा है वही लेकर आएगा। और जो मंदिर जा
1:08:06
रहा है अगर उसके पास आशा की शक्तियों का
1:08:08
एक्सेस है वह फंसेगा। पासवर्ड उसके पास
1:08:11
है। ठीक है? तुम्हारे घर में कितने भी लोग
1:08:15
मंदिर जाकर आ जाए शक्तियां उनके पीछे
1:08:17
आएंगी। तुम्हारे पीछे नहीं आएंगी। तुम
1:08:18
दीपक लगाना तुम्हारा जाप तुम्हारी शक्ति
1:08:22
तुम्हारे पास ही रहेगी। तुम अपना पासवर्ड
1:08:24
अगर किसी को दे रहे हो तो दिक्कत है। फोन
1:08:27
का पासवर्ड मत देना किसी को। तुम्हारे पास
1:08:30
ही रहेगा। आ रहा है समझ में?
1:08:34
जी भैया। हां फोन का पासवर्ड मत दो।
1:08:36
दुनिया को जानने दो यार। क्या दिक्कत है?
1:08:38
पापा को बोलो वहां जाए। मम्मी को बोलो
1:08:40
वहां जाए। क्या दिक्कत है? बस मम्मी पापा
1:08:41
को विधि मत बताना तुम्हारी। ठीक है? हां।
1:08:45
और अगर विधि बता दी तो उनको बोलो जाना बंद
1:08:47
कर दे प्लीज। बस ऐसे
1:08:52
भैया अगर संकल्प लेके मंदिर में जाए और
1:08:56
अगर वहां पे प्रणाम करें संकल्प लेके तो
1:09:01
संकल्प लेके जाते हो तो कोई दिक्कत नहीं।
1:09:03
वैसे दिक्कत नहीं आती। ठीक है? देखो क्या
1:09:06
है ना कि रेगुलरली जाने वालों के लिए
1:09:08
थोड़ी सी दिक्कत है। वैसे आप 15 दिन में
1:09:10
एक बार जाते हैं, हफ्ते में एक बार जाते
1:09:12
हैं या दो-ती दिन एक बार जाते हैं ऐसे
1:09:15
जाते हैं तो इतना जरूरी नहीं है। ठीक है?
1:09:19
महीने में मान लो मान लो क्या है कि अब
1:09:22
बड़े लोग जो होते हैं जो मतलब 30 40 या
1:09:24
फिर जो भगवान का नाम लेते हैं उनका टूर ही
1:09:26
रहता है कि यार किसी मंदिर में जाए।
1:09:29
ठीक है? राम का साध होगा वो सोचेगा यार
1:09:31
चलो ठीक है मंदिर के बहाने दर्शन भी
1:09:32
कराएंगे आ भी जाएंगे तो ऐसे दर्शन करने
1:09:35
कहीं भी जाओ कहीं भी जाओ
1:09:39
ठीक है घर आओगे दीपक लगाओगे शक्तियां आएगी
1:09:42
चली जाएंगी दैट्स ऑल
1:09:44
ठीक है हम कभी नहीं कहते कि मंदिर में मत
1:09:47
जाओ अरे भाई जाओ इतने सुंदर-सुंदर मंदिर
1:09:50
हैं अलग-अलग विद्याएं हैं अलग-अलग संत
1:09:53
महात्मा है क्यों नहीं सीखो सीखो सीखने की
1:09:56
चीज है ठीक है पर अपना राम तत्व मत भूल
1:10:05
मेरा एक क्वेश्चन था कि अगर जैसे अपने कोई
1:10:08
भाई बहन है वो आशा से नहीं जुड़े हुए
1:10:11
लेकिन वो जाप करना चाहते हैं जुड़ना चाहते
1:10:13
हैं भगवान की शक्ति से और हमने आपको
1:10:15
साक्षी मानकर उसको दीपक बता दिया वो दीपक
1:10:18
कर रहे हैं और जाप कर रहे हैं तो इसका
1:10:20
मतलब हमने गलत किया वो
1:10:21
तो फिर उसका इंपैक्ट तुम पर भी आएगा
1:10:25
फिर क्या किया जाए भैया उस केस में
1:10:28
उस केस इसमें रिसेप्ट वो पासवर्ड बदल
1:10:34
भैया किसी भैया किसी को आशा जॉइ करने के
1:10:37
लिए बोला तो वो भी गलत है।
1:10:39
ना अरे यार जॉइ करने के लिए यार ये यार
1:10:44
ऐसी बातें मत करो यार।
1:10:46
समझ में नहीं आया इसलिए बोल रही हूं।
1:10:48
आप जॉइ करने के लिए किसी को भी बोल सकते
1:10:50
हैं। बट आप अपनी शक्तियों का एक्सेस जो
1:10:53
आपको प्रार्थनाएं या संकल्प जो बताया गया
1:10:55
बस आप वो मत बताइए। दैट्स ऑल।
1:11:00
भैया तो गलत लोग इंटरप्रेट कर रहे हैं यार
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ये तो कल पता पड़ रहा है लोग जो कह ही
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आप गलत मत इंटरप्रेटेट कीजिए प्लीज ठीक है
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ये तो गड़बड़ हो जाएगी ठीक है
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हमारे गुरुदेव कहेंगे हमें हमने बताया कुछ
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और था तुमने किसी और को कुछ और बता दिया
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हमारे गुरुदेव हमारी पिटाई कर देंगे
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ठीक है चलिए आशा करता हूं सबको समझ आया
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होगा और आज का सेशन आप सबके लिए लाभदायक
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हो। आपको भगवान की भक्ति प्राप्त हो,
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शक्ति प्राप्त हो और इस भाई का यही वचन है
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कि हम आपकी सेवा में सदैव रहेंगे। ये
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विश्वास सदैव रखिए और जय सियाराम का जप
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करते रहिए। जय सियाराम। सब क्या
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सियाराम जय सियाराम जय जय राम सियाराम