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PSIR Class-184- Power

1:03:40EnglishTranscribed Jul 21, 2026
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आज हम बात करेंगे पॉलिटिकल थ्योरी के एक

0:15

नेक्स्ट टॉपिक की जिसका नाम है पावर।

0:19

तो जब हम बात करते हैं पावर की यहां पर

0:21

समझने की कोशिश करते हैं कि एक सिंपल

0:23

लैंग्वेज में पावर का मतलब क्या होता है?

0:26

तो पावर जो है यहां पर डिबेट इस चीज का

0:28

होता है सबसे पहले कि यह आती कहां से है?

0:38

दूसरा डिबेट यहां पर यह होता है जो

0:40

थिंकर्स पूछते हैं जिनको हम अभी देखेंगे

0:43

भी कि कई थिंकर्स जो हैं वो कहते हैं कि

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पावर आती है खास करके वेल्थ से। कई

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थिंकर्स कहते हैं पावर आती है रिसोर्सेज

0:52

और वेल्थ से।

0:54

ओनरशिप ऑफ फैक्ट्रीज से। तो अब आप समझ गए

0:58

होंगे कि हम बात कर रहे हैं कार्ल मार्क्स

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की। दूसरे लोग जो है वह कहते हैं कि भाई

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पावर आती है फॉर दैट मैटर रूल्स और सिस्टम

1:04

से

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तो रूल बनाना, सिस्टम बनाना,

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इंस्टीटशंस बनाना इनसे पावर आती है। तो

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यहां पर यह चर्चा जो है इसको वेबर ने आगे

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बढ़ाया।

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सिमिलरली कुछ थिंकर्स का मानना है कि पावर

1:20

आती है आइडियाज और बिलीफ से।

1:23

और यह जो प्रकार के थिंक थे यह ग्रामस्की

1:27

के थॉट प्रोसेस वाले लोग थे। सिमिलरली कुछ

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थिंकर्स का मानना यह भी है कि पावर जो है

1:32

वो हमारी डेली लाइफ से आती है।

1:35

और डेली लाइफ में वो कहते हैं कि हम कैसे

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बात करते हैं? हम कैसे सोचते हैं?

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हम कैसे बिहेव करते हैं? पावर यहां से आती

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है। तो सिंपल लैंग्वेज में यह जो थॉट

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प्रोसेस है, यह फोकल्ट ने दिया था। तो यह

1:50

जो पूरा का पूरा थॉट प्रोसेस है इस नजरिए

1:52

से पहली बात तो पावर को यहां पर देखा गया।

1:55

एक चीज यहां पर क्लियर हो जाती है कि पावर

1:59

जो है वो कोई

2:01

सिंगुलर फिनोमिना नहीं है।

2:06

सिंगुलर फिनोमिना नहीं है का मतलब ये है

2:08

कि वो एक रिलेशनल इफेक्ट है। रिलेशनल

2:12

इफेक्ट का मतलब ये होता है कि पावर इज़

2:14

ऑलवेज सीन इन रिलेशन टू समबडी। इन रिलेशन

2:17

टू समथिंग। पहली बात। दूसरी बात यहां पर

2:21

पावर के हमने जो अभी पिछले पॉइंट में भी

2:24

देखा कि मल्टीपल

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डिटरमिनेंट्स हैं।

2:33

मल्टीपल डिटरमिनेंट्स में अलग-अलग

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सोर्सेस के थ्रू पावर को ट्रेस किया गया

2:39

है। मार्क्स अगर मान लीजिए मटेरियल वेल्थ

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को लेके बात कर रहा है तो वेबर

2:43

इंस्टीट्यूशन को लेके बात कर रहा है।

2:44

ग्राम्स की आइडियाज को लेके बात कर रहा

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है। सिमिलरली फॉर दैट मैटर फोकल्ट जो है

2:49

वह बोल रहा है कि इट इज इन आवर डेली लाइफ

2:51

हाउ वी बिहेव हाउ वी थिंक हाउ वी स्पीक

2:52

एटसेट्रा तो यह चीज है। सिमिलरली यहां पर

2:55

अगर हम बात करें पार्थ चैटर्जी की जो एक

2:57

पोस्ट कॉलोनियल थिंकर हैं जिनके बारे में

2:59

हम लोग कई बार पहले भी चर्चा कर चुके हैं

3:01

तो पार्थ चैटर्जी ये कहते हैं कि भाई पावर

3:04

जो है आज की डेट में अगर हम ध्यान से

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ऑब्जर्व करें तो वो कहीं ना कहीं

3:09

एसिमिट्रिक सिचुएशंस में देखनी चाहिए।

3:13

एसिमिट्रिक सिचुएशंस का मतलब यह है कि वह

3:15

कहते हैं पोस्ट कॉलोनियल कंट्रीज में जो

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मार्जिनलाइज्ड लोग हैं उन मार्जिनलाइज्ड

3:22

लोगों को पावर कैसे मिल रही है हमें उसके

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बारे में फोकस करना चाहिए। दैट वाज़ हिज

3:25

ओपिनियन एंड हिज व्यू एज सच। तो एनीवे हम

3:28

लोग इन सारी चीजों को और डिटेल में

3:30

देखेंगे। बट यहां पर एक चीज वै क्लियर है

3:32

कि जब हम बात करते हैं पावर की तो पावर

3:35

होती है एक सिंपल लैंग्वेज में एक

3:37

एबिलिटी।

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एबिलिटी किस चीज की? टू मेक

3:42

अदर्स डू

3:47

व्हाट यू वांट

3:50

इवन इफ दे डोंट वांट टू डू इट।

4:00

इस नजरिए से हम पावर को पहली बात तो

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डिफाइन करते हैं कि ये एक ऐसी चीज है जो

4:04

दूसरे लोगों से हम करवाना चाहते हैं कोई

4:06

एक्टिविटी जो अदरवाइज वो लोग नहीं करेंगे।

4:08

पहली बात। दूसरी बात एक एग्ज़ांपल में अगर

4:11

आप देखो अगर एक टीचर है मैं हूं यहां पर

4:15

मैं आपको यहां पर एक असाइनमेंट दे रहा हूं

4:18

और मैं असाइनमेंट देके आपको यह बोल रहा

4:20

हूं कि भाई इस असाइनमेंट को आपको सॉल्व

4:23

करना है।

4:25

आप सिंपल लाइफ में ये असाइनमेंट अदरवाइज

4:27

सॉल्व नहीं करोगे। पर क्योंकि आपको टीचर

4:29

ने यह असाइनमेंट करवाने के लिए बोला है।

4:31

मैंने आपको यह एग्जांपल यहां पर दिया

4:33

इसलिए कि अगर मैं आपको कोई टास्क दूं करने

4:35

का जैसे मैंने आपको टास्क दिया है कि रोज

4:38

क्लास के बाद आपको जिस्ट बनानी है। तो अगर

4:41

आप जस्ट बनाओगे और आप बना रहे हो एंड आई

4:44

एम श्योर जो आप यहां पर रोज सुन रहे हो वो

4:46

बना भी रहे हैं। तो ये जो चीज है इसमें हो

4:48

क्या रहा है? मैं आपके ऊपर एक पावर

4:50

एक्सरसाइज कर रहा हूं। दिस इज़ व्हाट वी आर

4:52

ट्राइंग टू से कि वी आर ट्राइंग टू यूज़

4:54

पावर ओवर यू। सो पावर जो है वह किसी भी

4:58

तरीके से आ सकती है। वो पैसे से भी आ सकती

5:01

है, पोजीशन से भी आ सकती है,

5:05

नॉलेज से भी आ सकती है, फोर्स से भी आ

5:07

सकती है, लव से भी आ सकती है और रिस्पेक्ट

5:11

से भी आ सकती है। आप जो पावर यहां पर

5:14

डिस्प्ले कर रहे हो मेरे केस में कि जस्ट

5:16

बनानी है वो आउट ऑफ रिस्पेक्ट है। क्योंकि

5:18

आपको पता है कि यहां पर आपको एग्जाम के

5:20

लिए गाइड किया जा रहा है। मिसगाइड तो नहीं

5:23

कर रहे। तो आपको क्योंकि यह चीज पता है कि

5:26

यहां पर हमें एक चीज मिल रही है जिससे कि

5:27

कल को हमारा करियर बनेगा। तो आप उस चीज के

5:30

पर्पस से इसको कर रहे हो यहां। तो ये चीज

5:33

यहां पर हमें समझने की आवश्यकता है। तो

5:35

पावर हमेशा जो है इसको पहली बात तो याद

5:38

रखिएगा इस एग्जांपल के बाद भी कि वायलेंट

5:40

या हारश वे से नहीं देखते। सिर्फ

5:44

वायलेंट और हारश वे से पावर नहीं देखी

5:46

जाती। पावर यहां पर यह पोजीशन, नॉलेज, लव,

5:50

रिस्पेक्ट से भी देखी जाती है। तो दी आर

5:53

आल्सो फॉर्म्स ऑफ पावर।

5:57

ठीक है? तो पावर को डोंट लुक एट इट ओनली

5:59

इन द नेगेटिव सेंस। दैट इज़ व्हाट वी आर

6:01

ट्राइंग टू से हियर एज सच। अब सबसे बड़ी

6:04

बात

6:07

जब हम कहते हैं पावर के बारे में तो यहां

6:10

पर कुछ ऐसे एक थिंकर्स हैं जो

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पॉजिटिविस्टिक अंडरस्टैंडिंग भी देते हैं।

6:15

वो पॉजिटिविस्ट अंडरस्टैंडिंग क्या है?

6:18

पॉजिटिविस्ट अंडरस्टैंडिंग देते हैं मिशल

6:20

फोको।

6:25

और स्टीवन लूकास।

6:31

तो यह मिशल फोकस स्टीवन लुक्स क्या कहते

6:33

हैं? यह कहते हैं कि भाई पावर जो है

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वो एक सल वे में ऑपरेट करती है। जिसमें वो

6:40

कहते हैं कि एजेंडा सेटिंग का काम करना,

6:45

डिस्कोर्स को कंट्रोल करना,

6:49

नरेटिव को कंट्रोल करना यानी कि जिसको हम

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कहते हैं लोगों के प्रेफरेंसेस को शेप

6:54

करना।

6:58

यह भी एक फॉर्म ऑफ पावर होती है। आपने

7:01

Instagram खोला वहां पर एक कन्या आ गई।

7:05

कन्या मुंह पे जो है क्रीमें मल रही है।

7:07

क्रीमें मलमल के दिखा रही है कि देखो मेरा

7:09

बदसूरत चेहरा कितना खूबसूरत हो गया

7:11

क्रीमें लगा के। आप प्रभावित हो गए। आपने

7:14

कहा यह क्रीम हम भी लगाएंगे। कल को हो

7:16

सकता है हम भी प्रिटिसेंटा बन जाए। आपने

7:18

यह क्रीम जो है प्रभावित होकर मंगा ली। तो

7:20

इसको फोकल्ट और स्टीवन लुक्स क्या कहेंगे

7:23

कि आपकी प्रेफरेंस को शेप करती है।

7:26

आपने YouTube खोला। वहां

7:28

[गला साफ़ करने की आवाज़] पर एक सस्ता सा

7:29

फूड ब्लॉगर जो था उसने आपको दिखाया कि

7:32

₹170 में अनलिमिटेड खाना। आप वैसे ही वैशी

7:35

जानवर थे। आप उस जगह पर पहुंच गए। आपने

7:38

₹170 देकर जो है ₹17,000 का खाना खा लिया।

7:41

आपने अपने अंदर का जानवर उस दुकान पे दिखा

7:43

दिया। यह क्या था? शेपिंग ऑफ द प्रेफरेंस।

7:47

आपका एजेंडा सेट हो गया कि भाई ₹170 में

7:50

मैं ठगूंगा दुकान को जाके। तो यहां पर

7:53

फोकल्ड और लक्स क्या बोल रहे हैं? इस चीज

7:55

के ऊपर चर्चा कर रहे हैं। तो वह कह रहे

7:58

हैं कि पावर को हमें मल्टीपल तरीकों से

8:00

यहां पर समझने की आवश्यकता है। यह चीज हम

8:03

यहां पर कहने की कोशिश कर रहे हैं।

8:05

सिमिलरली अगर आप देखो तो रॉबर्ट डाल की

8:07

अगर हम बात करें रॉबर्ट डाल इस तरीके से

8:10

नहीं देखता। वो कहता है कि पावर जो है

8:11

मेरे हिसाब से बिल्कुल डायरेक्ट होती है

8:13

और स्ट्रांग होती है।

8:16

डायरेक्ट और स्ट्रांग का मतलब यह है कि

8:18

भाई पावर जो है यह इनविज़िबल तरीकों से

8:20

नहीं चलती। इनविज़िबल तरीकों से नहीं चलती।

8:25

डायरेक्ट डेस्क स्ट्रांग है। इस पॉइंट को

8:27

अगर किसी और ने इस्टैब्लिश करके और थोड़ी

8:29

सी चर्चा करी तो उसका नाम था फ्रेडरिक

8:31

नीश।

8:34

तो फ्रेडरिक नीश ने क्या बोला? उसने कहा

8:37

कि भाई पावर जो है वह सिर्फ दूसरों को

8:40

कंट्रोल करने की चीज नहीं होती है बल्कि

8:42

पावर वह कहता है कि मेरे मुताबिक जो है

8:45

किसी दूसरे को अपने पोटेंशियल को

8:47

एक्सप्लोर करने की पावर भी होती है।

8:50

अपने पोटेंशियल को एक्सप्रेस करने की पावर

8:52

भी होती है। इसको उसने कहा था विल विल टू

8:56

पावर।

8:58

विल टू पावर का मतलब यह है कि एक ऐसा डीप

9:01

डिजायर

9:04

जो ह्यूमंस को मदद करेगा ग्रो करने में।

9:09

जो ह्यूमंस को मदद करेगा उनको

9:13

अपने प्रेफरेंसेस को डोमिनेट करने में।

9:17

जो उनको मदद करेगा वर्ल्ड को शेप करने

9:20

में।

9:23

तो यह कहा उसने तो पावर को यहां पर उसने

9:26

किस नजरिए से देखा? मोरालिटी के नजरिए से।

9:31

मोरालिटी के नजरिए से। तो नीश का मानना यह

9:34

था कि भ यहां पर जब हम बात करते हैं गुड

9:37

और बैड की तो यह गुड और बैड के आइडियाज

9:41

केवल नहीं होते।

9:43

पावर का मेन मकसद होता है कि क्या आदमी

9:45

पावर का प्रयोग करके अपने ट्रू पोटेंशियल

9:48

को एक्सप्रेस कर पा रहा है या नहीं कर पा

9:50

रहा है।

9:52

लेकिन आपको याद होगा जब अपन ने हेना आरेंट

9:54

की बात की थी तो हेना आरंट ने अपनी पॉल

9:57

थॉट में एक बड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट बोला

9:59

था। आई विल नॉट इबोरेट इट। हम लोग डिस्कस

10:01

कर चुके हैं। उसने कहा था कि पावर इज ऑफन

10:03

कंफ्यूज्ड विद वायलेंस।

10:08

इस रीज़न से एनआरेंट ने क्या बात बोली थी

10:10

कि पावर का क्या मेन मकसद होता है कि भाई

10:13

ऑल पीपल कम टुगेदर

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फॉर अ शेयरर्ड गोल। तो वी हैव ऑलरेडी

10:18

डिस्कस दैट। वी विल नॉट रिपीट इट अगेन।

10:21

तो उसने कहा था कि पावर और वायलेंस को

10:23

कंफ्यूज नहीं करने का

10:26

क्योंकि उसने एक शेयरर्ड पावर का कांसेप्ट

10:29

यहां पर दिया था।

10:31

तो इस नजरिए से हमें देखने की आवश्यकता है

10:33

कि पावर में एक विल टू पावर भी होती है।

10:37

सिमिलरली अगर हम बात करें तो यहां पर

10:39

देखें तो एक चीज और भी क्लियर है। यहां पर

10:42

जब हम बात करते हैं एक और थिंकर की जिसका

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नाम है बचराज बराड्स।

10:51

तो बचराज एंड बराट्स क्या वो कहते हैं कि

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पावर जो होती है वह इस तरीके से मॉडर्न

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टाइम्स में यूज़ होती है कि वो पॉलिटिकल

11:00

एजेंडा को कंट्रोल करती है

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और डिसेंट को सप्रेस करती है।

11:10

डिसेंट को सप्रेस करती है। तो उसने क्या

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बोला कि पावर अगर पॉलिटिकल एजेंडा को

11:15

कंट्रोल कर रही है मतलब पावर यहां पर क्या

11:17

कर रही है? वह सिर्फ डिसीजंस नहीं ले रही

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है।

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वह डिस्कोर्स को भी सेट कर रही है।

11:25

तो इन्होंने एक नया नजरिया यहां पर देने

11:28

की कोशिश करी कि वो डिस्कोर्स को भी

11:30

बेसिकली यहां पर सेट कर रही है। इस नजरिए

11:33

से उसने देखने की कोशिश करी। तो एक चीज

11:35

क्लियर है जो हमने स्टार्टिंग में भी बोली

11:37

कि मल्टीडमेंशनल कांसेप्ट है पावर और

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अलग-अलग नजरियों से एक्सपोज होता है,

11:42

एक्सप्रेस होता है। अब हम आते हैं बेसिस

11:46

एंड सोर्सेस ऑफ पावर पर।

11:53

जब हम बात करते हैं बेसिस एंड सोर्सेस ऑफ

11:55

पावर की तो पावर जो है वो रैंडमली

12:01

नहीं देखनी चाहिए क्योंकि पावर के कुछ ना

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कुछ बेसिस होते हैं। बेसिस का मतलब होता

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है देयर आर सर्टेन रीज़ंस बिहाइंड पावर।

12:12

सर्टेन रीज़ंस का मतलब क्या है? अभी हमने

12:14

एक चीज बोली कि पावर का मतलब है एबिलिटी

12:16

टू इन्फ्लुएंस अदर्स।

12:20

अगर पावर का मतलब है एबिलिटी टू

12:22

इन्फ्लुएंस अदर्स तो इसका कोई ना कोई रीजन

12:24

होगा ना। वो जो रीजन है कि किसी के पास एक

12:27

एबिलिटी है दूसरे को इन्फ्लुएंस करने की।

12:29

तो उसको रीजन को अपन लोग पहली बात तो बेस

12:31

कहते हैं। तो अगर आज की डेट में मान लो कि

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एक स्पिरिचुअल गुरु है

12:39

जो डीप स्पिरिचुअल बातें करता है जैसे वो

12:42

धीरेंद्र शास्त्री आपने देखा है बहुत

12:44

हाईली एडवांस स्पिरिचुअल गुरु माइंड

12:46

ट्रेनिंग वगैरह की बातें करता है वो तो वो

12:49

जिस प्रकार से स्पिरिचुअल स्पिरिचुअल गुरु

12:51

जो हैं जब वो अपने भक्तों में

12:57

लोगों को सिखाते हैं कि कैसे दूसरे का

12:59

रिस्पेक्ट करो तो यह भी एक तरीके की पावर

13:03

है। यह यहां पर कहने की कोशिश हो रही है।

13:05

सिमिलरली अगर एक पुलिस वाला खड़ा है।

13:08

मुठुल्ले ने आपको जो है रेड लाइट पर रोक

13:10

लिया। अब वो आपको कह रहा है कि भ तूने रेड

13:14

लाइट जंप करी है। ₹100 का चालान दे या 500

13:16

का पत्ता साइड में जेब में डाल। तो यह जो

13:19

फियर ऑफ पनिशमेंट था। यह पनिशमेंट क्या

13:21

है? यह भी एक प्रकार की पावर है।

13:26

तो हर जगह पर अगर आप देखो तो एक रीजन जो

13:28

होता है जिसके बेसिस पर आप इन्फ्लुएंस

13:31

दूसरे को कर रहे हो वो बड़ा अलग होता है।

13:34

इस रीजन से हम कहते हैं कि जब आप इन बेसिस

13:37

को समझते हो तब आप समझ पाते हो कि भ पावर

13:42

आफ्टर ऑल फ्लो कैसे कर रही है?

13:47

फ्लो कैसे कर रही है? तो यहां पर हमारा

13:49

फोकस सारा इस चीज के ऊपर समझने का है।

13:52

तो एक चीज क्लियर है बॉस कि जो बेसिस ऑफ

13:55

पावर है उनको समझना अंडरस्टैंड करना इसलिए

13:59

क्रूशियल है क्योंकि उसको अंडरस्टैंड करने

14:01

से पावर के जो स्ट्रक्चरल

14:05

और रिलेशनल

14:07

डायनेमिक्स हैं

14:13

खास करके पॉलिटिकल अथॉरिटी के खास करके

14:16

सोशल डोमिनेशन के

14:19

हम इनको समझ पाते हैं।

14:23

ठीक है जी। अब देखो यहां पर

14:27

अमिता एडजी होनी जो है

14:31

उसने एक थ्री फोल्ड क्लासिफिकेशन दिया।

14:37

थ्री फोल्ड क्लासिफिकेशन में उसने बोला कि

14:39

पावर जो है वो कोर्सिव होती है,

14:42

यूटिलिटेरियन होती है,

14:47

नॉर्मेटिव होती है।

14:51

तो उसने कहा कि यह जो तीन कोर्सिव

14:54

यूटिलिटेरियन और नॉर्मेटिव है यह

14:55

इंस्ट्रूमेंट्स हैं।

14:58

इन इंस्ट्रूमेंट्स के तहत हम जो है

14:59

कंप्लायंस को इंश्योर कर पाते हैं।

15:05

देखो आवाज आ रही होगी आपको। देश कितना

15:08

रीसेंट डिबेट कर रहा है। कितना एक रीसेंट

15:12

थॉट प्रोसेस लोगों के अंदर उजागर हो रहा

15:14

है। सम्मेलनों के थ्रू ये हिंदू सम्मेलन

15:16

की तैयारियां चल रही हैं। इससे पावर आती

15:21

है हिंदुओं के अंदर यह सब सुनने से कि हम

15:24

देश के लिए कुछ करेंगे। हालत देखो किस

15:27

दिशा में बढ़ रहा है देश। क्या हो रहा है

15:30

यहां पर? ये भी एक तरीके की पावर है। इसको

15:33

कहते हैं न्यूसेंस पावर। कोई स्कॉलर ने

15:36

नहीं बोला। ये पवनीत सिंह स्कॉलर है। उसने

15:38

बोला है न्यूसेंस पावर।

15:42

ये ये सब करने से और सुनने से हिंदू

15:44

जागेगा।

15:46

सोचो

15:48

लानत है इस देश में।

15:53

फिर से बात करते हैं मिशल फोकल्ट की।

15:56

फोकल्ट ने क्या बोला? फोकल्ट ने कहा कि

15:59

भाई देखो जो पावर है

16:04

नॉलेज सिस्टम से फ्लो करती है।

16:22

और ग्रामस्की ने बोला आईडियोलॉजिकल कंसेंट

16:24

से फ्लो करती है।

16:26

तो फोकल्ट ने एक जगह जहां पर पावर को

16:28

नॉलेज सिस्टम के हिसाब से देखने की कोशिश

16:30

करी वहीं पर जो है ग्रामस्की ने पावर को

16:33

आईडियोलॉजिकल कंसेंट के नजरिए से देखने की

16:35

कोशिश करी।

16:39

फ्रेंच एंड रीजन जो थे

16:43

उन्होंने बोला कि भाई कोर्सिव पावर का

16:45

मतलब क्या होता है?

16:48

एक एबिलिटी टू पनिश।

16:55

रिवॉर्ड पावर क्या होती है? जहां पर आप

16:58

बेसिकली एक एबिलिटी

17:00

टू गिव बेनिफिट देते हो।

17:04

आपको असाइनमेंट दिया टीचर ने आपने सॉल्व

17:07

किया आपको मार्क्स मिले रिवॉर्ड

17:15

लेजिटमेट पावर

17:20

लेजिटमेट पावर वो पावर होती है व्हेन पीपल

17:22

फॉलो यू

17:28

फॉर योर ऑफिशियल रोल

17:35

आप एक सिविल सर्वेंट की पावर को क्यों

17:37

मानते हैं? बिकॉज़ ऑफ लेजिटमेट पावर। बिकॉज़

17:40

दे आर बेसिकली पार्ट ऑफ एन इंस्टीट्यूशन

17:42

वेयर यू कैन फॉलो देम ऑफिशियली।

17:45

एंड यू फॉलो देम फॉर द ऑफिशियल रोल दैट दे

17:49

बेसिकली आर एंटाइटल्ड टू टू एग्जीक्यूट।

17:56

एक्सपर्ट पावर

17:59

वेयर यू हैव नॉलेज।

18:02

एंड यू शेयर दैट नॉलेज टू बेसिकली मोल्ड

18:04

बिहेवियर।

18:06

एक्सपर्ट पावर का सबसे बड़ा एग्जांपल

18:08

डॉक्टर।

18:14

फ्रेंच एंड रेवन वाला ही चल रहा है।

18:17

रेफरेंड पावर

18:22

रेफरेंड पावर मींस यू एडमायर समबडी।

18:28

आप देश के प्रधानमंत्री को इतना एडमायर

18:30

करते हो घर में पीछे आपने तस्वीर भी लगा

18:32

रखी है उसकी तो इसको कहते हैं रेफरेंट

18:34

पावर कमिंग आउट ऑफ एडमाइरेशन कमिंग आउट ऑफ

18:38

ट्रस्ट

18:40

दैट यू हैव

18:42

तो यहां पर ये जो फाइव पार्ट्स ऑफ पावर था

18:45

ये किसने दिया फ्रेंचन रेमन ने

18:50

तो उन्होंने बोला कि इस नजरिए से पावर को

18:52

हमें यहां पर देखना होगा तो ये फाइव फोल्ड

18:55

क्लासिफिकेशन इनके हिसाब से एक बड़ा

18:57

इंपॉर्टेंट नजरिया है जिसके थ्रू आप पावर

18:59

को देख सकते हैं।

19:02

अच्छा यहां पर एक बड़ा इंटरेस्टिंग स्कॉलर

19:05

है पीियर बोर्दू।

19:10

पीियर उर्दू कहता है कि जो पावर है वह

19:12

हार्मलेस चीजों से भी आती है।

19:18

हार्मलेस चीजें जैसे कि स्पीच

19:22

टेस्ट

19:25

मैनर्स

19:27

कहां पर? फूड एंड क्लोथिंग में।

19:32

फूड एंड क्लोथिंग। तो ये क्या है? इनको

19:36

उसने कहा पीियर बोर्दो ने। दे आर कॉल्ड

19:37

सिंबल्स ऑफ स्टेटस।

19:43

सिंबल्स ऑफ स्टेटस।

19:45

तो वो कहता है कि जैसे आज की डेट में आप

19:48

किसी के मैनर्स को कॉपी करते हो।

19:52

जैसे बहुत सारे लोग हैं इंडिया में खास

19:54

करके बड़े एलट वर्ग के। वो पता है क्या

19:56

करते हैं?

19:58

वो ब्रिटिश रॉयल फैमिली को ऑब्जर्व करते

20:01

हैं। उनके कपड़ों को कॉपी करते हैं। उनके

20:06

टेस्ट प्रेफरेंसेस को कॉपी करते हैं। वो

20:08

छुरी कांटा पकड़ के जो है चावल काट के

20:11

खाने का काम भी कॉपी करते हैं। तो ये क्या

20:13

होता है? यह होता है एक तरीके का पीियर

20:14

बोर्दू के हिसाब से पावर हार्मलेस है। पर

20:18

यह भी आपको इन्फ्लुएंस कर रहा है कहीं ना

20:20

कहीं। तो ये जो है ना यह हिडन पावर। इसको

20:23

उसने कहा था सिंबॉलिक पावर।

20:26

तो यह सिंबॉलिक पावर का आईडिया किसने

20:28

दिया? जी पीियर बोर्दो ने। तो पीियर

20:31

बोर्दो ने यह कहा कि भाई पावर जो है उसमें

20:35

सिर्फ इंपोज करने का काम नहीं होता है।

20:38

पावर में कहीं ना कहीं आप जो है सोशल

20:41

हायरार्की जो जैसे कि किसी की स्पीच से

20:43

इंस्पायर हो गए। जैसे कई लोग प्रधानमंत्री

20:46

की स्पीच सुन के आंखों में उनके आंसू आ

20:48

जाते हैं कि इतना मधुर बोला, इतना जो है

20:50

डीप नॉलेज या पिस्टीम वाली बातें करी।

20:53

सिमिलरली किसी के टेस्ट प्रेफरेंसेस को

20:56

देख के आपको प्रभावशाली व्यवहार दिखाने को

20:59

मिला। किसी के मैनर्स को देखकर आपको वो

21:02

इन्फ्लुएंस हुआ। तो ये जो सिंबल्स हैं जो

21:05

एवरीडे लाइफ में ऑपरेट करते हैं इसके बारे

21:07

में पीियर बोर्दू ने यहां पर बात करने की

21:09

कोशिश करी और पीियर बोर्दू ने कहा कि दीज़

21:11

आर आल्सो फॉर्म्स ऑफ़ पावर दैट बेसिकली

21:13

मैटर हियर। तो आप देखो कि हमने डिफरेंट

21:16

बेसिस ऑफ़ पावर की यहां पर चर्चा करी। पर

21:19

यहां पर एक चीज जानने की आवश्यकता है कि

21:21

पावर और अथॉरिटी जो है

21:25

यह बेसिकली दिखते सेम है पर यह है

21:28

एक्चुअली में डिफरेंट।

21:31

देखो पावर का मतलब होता है कि आपके पास एक

21:34

एबिलिटी है

21:37

टू मेक समवन

21:40

डू समथिंग।

21:44

इवन इफ दे डोंट वांट टू।

21:53

पहली बात तो

21:55

तो यहां पर जो है ये इसके बेस को अभी हमने

21:59

स्टडी किया तो ये बेस क्या है? स्ट्रेंथ,

22:03

मनी,

22:06

फियर या कंट्रोल?

22:08

यह चीज है। लेकिन अगर हम बात करें अथॉरिटी

22:11

की तो अथॉरिटी का मतलब होता है कि भ पीपल

22:14

जनरली एग्री टू फॉलो यू।

22:20

बिकॉज

22:22

इट इज राइट टू डू।

22:25

वही एक तरीका है करेक्ट तरीका। तो अथॉरिटी

22:30

जो है इट कम्स फ्रॉम एक्सेप्टेंस।

22:34

अथॉरिटी कम्स फ्रॉम ट्रस्ट। अथॉरिटी कम्स

22:37

फ्रॉम लेजिटसी।

22:41

यह चीज हमें यहां पर समझनी है। अब आप एक

22:44

चीज को देखो।

22:47

एक डाकू आया।

22:50

डाकू आके आपके सामने खड़ा हो गया।

22:54

आपको कहा कि भाई मोबाइल निकाल।

22:59

आपने मोबाइल निकाल के दे दिया। इसको कहते

23:02

हैं पावर।

23:04

यह होती है पावर। क्योंकि यहां पर डाकू

23:08

क्या कर रहा है? यह फोर्स का प्रयोग कर

23:09

रहा है।

23:12

लेकिन यहां पर मान लीजिए अब एक टीचर है।

23:16

टीचर ने कहा कि भाई चलिए बैठिए सब लोग आज

23:18

एक एग्जाम होगा। आपको सभी को एक क्वेश्चन

23:21

दिया गया। आप सभी ने क्वेश्चन का आंसर

23:24

लिखा जो हम आंसर राइटिंग की क्लास में

23:27

करते हैं कि मैं आपको क्वेश्चन देता हूं

23:30

आप आंसर लिखते हो। तो जब ये होता है तो

23:33

यहां पर आप सभी जब आंसर लिखने की कोशिश

23:35

करते हो व्हेन यू ट्राई टू राइट, यू ट्राई

23:37

टू इंप्रूव, यू ट्राई टू लर्न कि कहां

23:39

गलतियां हो रही हैं? ये क्या है? ये

23:40

अथॉरिटी है।

23:43

अथॉरिटी क्यों है? क्योंकि यह एक स्पेशल

23:45

काइंड ऑफ़ पावर है।

23:49

और यह स्पेशल काइंड ऑफ़ पावर में क्या हो

23:51

रहा है कि मैं एज अ टीचर एक अपनी राइटफुल

23:53

पोजीशन को यूज़ करके

23:56

आपको एक आंसर लिखवाने की कोशिश कर रहा

23:59

हूं।

24:00

तो आप यह करते हो। तो यहां पर क्या होता

24:03

है कि हम ये कहते हैं कि पॉलिटिकल थ्योरी

24:06

में ये क्यों इंपॉर्टेंट है?

24:08

वह इसलिए इंपॉर्टेंट है क्योंकि सोसाइटीज

24:10

जो हैं

24:13

वह तब रन करती हैं बेटर

24:17

जब लीडर्स वहां के जो हैं अथॉरिटी क्रिएट

24:21

करते हैं रादर देन पावर।

24:25

क्योंकि अथॉरिटी की वजह से जो लेजिटिमेसी

24:27

आती है ना?

24:29

क्योंकि यहां पर अथॉरिटी में क्या हो रहा

24:31

है बॉस? यू आर अग्रीइंग टू फॉलो समवन और

24:34

समवनस ऑर्डर जस्ट बिकॉज़ यू बिलीव दैट इट

24:36

इज राइट टू डू इट।

24:38

तो यहां पर इस लेजिटिमेसी से क्या होगा कि

24:41

कोऑपरेशन बेटर होगी।

24:46

कोऑपरेशन बेटर होगी। तो यह कहने की हम

24:49

कोशिश कर रहे हैं। तो बेसिकली अगर हम

24:52

देखें यहां पर तो एक चीज तो क्लियर है कि

24:54

अगर एक पावर यहां पर कैपेसिटी है

24:59

एक इंडिविजुअल की या एक इंस्टीट्यूशन की

25:05

टू इन्फ्लुएंस द बिहेवियर।

25:10

तो हम यहां पर अथॉरिटी को देखते हैं एक

25:13

नॉर्मेटिव डायमेंशन के नजरिए से।

25:18

और एक नॉर्मेटिव डायमेंशन के नजरिए से हम

25:20

अथॉरिटी को देखकर क्या कहते हैं कि इट इज

25:22

बेसिकली द राइट टू एक्सरसाइज पावर।

25:30

राइट टू एक्सरसाइज पावर। क्योंकि यहां पर

25:33

क्या हो रहा है अथॉरिटी में कि आप बेसिकली

25:36

एक्सेप्ट कर रहे हो अथॉरिटी को सुनने को।

25:41

क्योंकि आपको लगता है कि यह राइट थिंग है

25:43

करने की। तो अथॉरिटी से क्या हो रहा है?

25:47

लेजिटिमेसी भी आ रही है,

25:49

कंसेंट भी आ रहा है और क्योंकि लोग अपनी

25:53

इच्छा से कर रहे हैं तो यह कोऑपरेटिव भी

25:55

है।

26:00

तो अथॉरिटी जो है बस यहां पर यह याद रखना

26:02

है कि वो कैपेसिटी से नहीं आती है कि भाई

26:05

मैं एक टीचर की कैपेसिटी में बैठ के आपके

26:08

ऊपर अथॉरिटी जता रहा हूं। अथॉरिटी आती है

26:11

एक मोरल राइटफुलनेस से।

26:18

एक मोरल राइटफुलनेस से तो अथॉरिटी यहां पर

26:22

इस पर्पस और इस तरीके से पहली बात तो आती

26:25

है। अब दूसरी बात

26:29

वेबर जो है

26:31

उसने कहा कि अथॉरिटी

26:36

थ्री टाइप्स की होती है।

26:43

ट्रेडिशनल अथॉरिटी

26:47

जो किंग की अथॉरिटी होती थी जो रूल करते

26:51

थे लोग फॉलो करते थे बिना सोचे समझे राजा

26:54

है हमें फॉलो करना ही होगा दूसरा था

26:58

करिस्मैटिक अथॉरिटी

27:03

लोगों के चाम की वजह से आपने उनको फॉलो

27:06

करा जैसे हमारे फ्रीडम फाइटर्स

27:10

आज हम उनके चाम की वजह से उनको मानते हैं।

27:14

हमारे लोकप्रिय वीर सावरकर इतने वीर थे कि

27:17

ऐसे म्यूजिक लगा के लोगों को वीरता आ जाती

27:19

है सावरकर का नाम सुन के।

27:22

फिर एक होती है लीगल रैशन।

27:29

वो होती है कि वो अथॉरिटी जो आप फॉलो करते

27:32

हो। बिकॉज़ वहां पर रूल्स हैं। वहां पर लॉस

27:35

इन्वॉल्व है।

27:38

पॉलिटिशियंस की पावर, ब्यूरोक्रेट्स की

27:40

पावर, पुलिस की पावर, लीगल रैशन अथॉरिटी।

27:44

सिमिलरली

27:47

हैना आरंट ने क्या बोला था?

27:50

आरंट ने बोला कि भाई पावर इज

27:54

व्हेन पीपल एक्ट टुगेदर।

28:00

तो उसके मुताबिक क्या है कि अथॉरिटी इस

28:02

कॉन्टेक्स्ट में एक बड़ी स्पेशल चीज है।

28:06

वो स्पेशल इसलिए है कि इसके लिए आपको कोई

28:08

शाउटिंग नहीं करनी। अथॉरिटी के लिए आपको

28:11

कोई बल का प्रयोग नहीं करना। बल्कि

28:14

अथॉरिटी यहां पर क्या है? वो रिस्पेक्ट और

28:17

एक शेयरर्ड गोल से आती है।

28:24

अच्छा यहां पर अब एक और स्कॉलर है बर्टन

28:26

रसल।

28:29

तो बर्टन रसेल ने क्या बोला?

28:33

रसेल ने बोला कि भाई पावर का मतलब है

28:35

एबिलिटी टू प्रोड्यूस

28:38

इंटेंडेड रिजल्ट।

28:43

और अगर उसका मतलब है एबिलिटी टू प्रोड्यूस

28:46

इंटेंडेड रिजल्ट तो उसने कहा कि अथॉरिटी

28:48

एक हायर फॉर्म है

28:52

क्योंकि यह एक्सेप्टेड होती है

28:55

और यहां पर बेसिकली कोई इनफोर्समेंट नहीं

28:58

होता

29:02

और यह पॉइंट बर्टन रसेल का इसलिए

29:04

इंपॉर्टेंट है क्योंकि इस पॉइंट को अगर हम

29:07

जॉन लॉक के नजरिए से देखें तो आप बेटर

29:09

समझोगे क्योंकि जॉन लॉक ने क्या कहा था?

29:11

अथॉरिटी ऑलवेज कम्स फ्रॉम द कंसेंट ऑफ द

29:13

गवर्नर।

29:16

तो आपको एक फाइन चीज यहां पर क्लियर हो

29:18

रही होगी।

29:19

एक सिंपल लैंग्वेज में पावर का मतलब है एक

29:23

एबिलिटी दूसरे से काम करवाने का। दूसरा

29:26

अगर नहीं भी करना चाहता है तो अथॉरिटी का

29:29

मतलब है कि आपने उसको बोला काम करने को।

29:32

अगला बिना किसी फोर्स के, बिना किसी

29:34

प्रयोग ऑफ एनी काइंड ऑफ वायलेंस के, फियर

29:38

के। अगला आपका काम कर रहा है प्योरली

29:40

बिकॉज़ अगले को लगता है कि जो आप बोल रहे

29:42

हो वह सही है। हमें वह करने की आवश्यकता

29:44

है। तो एक ट्रस्ट है, एक फेथ है, एक

29:48

कंसेंट है कि आप मेरे हित की ही बात

29:51

करोगे। आप समझ रहे हो? तो एक बड़ा फाइन

29:54

लाइन ऑफ डिफरेंस है जो आई बिलीव आपको यहां

29:55

पर अब पावर और अथॉरिटी के बीच में पहली

29:57

बात तो क्लियर हो जाना चाहिए। वरना आप इस

30:00

चीज में थोड़ा सा आगे जाकर परेशान ही होते

30:02

रहोगे। तो यह नजरिए से पहली बात तो देखा

30:05

अगर हम बोले तो पावर और अथॉरिटी के

30:08

रिलेशनशिप।

30:11

लेकिन अगर हम बात करते हैं पावर और एक

30:14

इंस्टीट्यूशन की यानी कि अगर पावर को

30:17

इंस्टीट्यूशनलाइज कर दिया जाए

30:20

और वो की जाती है लेट्स से कॉन्स्टिट्यूशन

30:23

से तो क्या यहां पर रिलेशनशिप बनता है

30:26

फिर? तो देखो हर सोसाइटी के अंदर हमें

30:29

चाहिए रूल्स।

30:32

हमें चाहिए सिस्टम्स। इन रूल और सिस्टम से

30:36

क्या होता है? पावर मैनेज होती है।

30:41

इस कॉन्टेक्स्ट में हम कहते हैं कि जो

30:42

कॉन्स्टिट्यूशन है वो क्या है? एक रूल बुक

30:45

है।

30:47

वो क्या बोलती है कि एक कंट्री को

30:52

कैसे लॉस बनाने हैं? कैसे इनफोर्स करने

30:55

हैं,

30:57

कैसे जज करना है कि भाई जो लॉस बने हैं,

30:59

वह फेयर है या नहीं है।

31:02

तो कॉन्स्टिट्यूशन यहां पर एक रूल बुक

31:04

सिर्फ पावर ग्रांट नहीं करती है। एज अ रूल

31:08

बुक कॉन्स्टिट्यूशन क्या करती है? पावर के

31:11

ऊपर लिमिट्स भी इंपोज करती है। पावर को

31:14

चेक भी करती है।

31:17

तो कॉन्स्टिट्यूशन जो है इस कॉन्टेक्स्ट

31:19

में क्या हो रहा है? वो ये बताती है एक

31:22

डॉक्यूमेंट के तहत कि पावर कैसे शेयर

31:24

होगी? पावर कैसे यूज़ होगी? पावर कैसे

31:27

कंट्रोल होगी?

31:30

तीन चीजों के ऊपर चर्चा करती

31:32

कॉन्स्टिट्यूशन यहां पर। तो इस रीजन से हम

31:34

कॉन्स्टिट्यूशन को एक

31:37

पावर मैप के नजरिए से देखते हैं।

31:40

कॉन्स्टिट्यूशन को हम एक पावर मैप के

31:42

नजरिए से देखते हैं। तो कॉन्स्टिट्यूशन

31:44

यहां पर क्या है?

31:47

हमारे लिए एक फाउंडेशनल

31:50

लीगल पॉलिटिकल डॉक्यूमेंट है

31:56

जो बाबर को

31:59

इंस्टिट्यूशनलाइज करता है,

32:04

डिस्ट्रीब्यूट करता है,

32:09

और एक पॉलिटिकल सिस्टम में

32:15

रेगुलेट करता है।

32:19

एक पॉलिटिकल सिस्टम में रेगुलेट करता है।

32:22

तो कॉन्स्टिट्यूशन बेसिकली क्या करने की

32:24

कोशिश कर रहा है? वह जो अपनी रॉ पिटिकल

32:28

पावर होती है

32:32

उसको एक लीगली रिकॉग्नाइज्ड

32:37

अथॉरिटी में ट्रांसफॉर्म करता है।

32:42

इस रीजन से हमने क्या बोला कि

32:44

कॉन्स्टिट्यूशन एक पावर मैप है। मतलब एक

32:48

स्ट्रक्चरल ब्लूप्रिंट है।

32:53

स्ट्रक्चरल ब्लूप्रिंट है। पावर मैप है जो

32:55

क्या कर रहा है?

32:58

डिसीजन मेकिंग को

33:02

और उसके रोल्स को एलोकेट कर रहा है।

33:06

लिमिट्स को सेट कर रहा है।

33:10

अकाउंटेबिलिटी के मैकेनिज्म्स को

33:13

एक्सप्लेन कर रहा है।

33:16

तो इस नजरिए से कॉन्स्टिट्यूशन क्या कर

33:18

रहा है? एक इंस्टीट्यूशनलाइज

33:22

कर रहा है।

33:24

पावर को इस नजरिए से ताकि

33:27

आर्बिट्रेरीनेस जो है

33:31

वो इफेक्टिवली रूल बेस्ड गवर्नेंस में

33:34

बदले।

33:36

ये चीज तो आपको समझ आ ही रही है।

33:40

रूल बेस्ड गवर्नेंस में बदले। इस रीजन से

33:43

वो कहते हैं हम लोग कि कॉन्स्टिट्यूशन एक

33:45

ऐसा फ्रेमवर्क है

33:48

जो रूल ऑफ लॉ को चलाने के लिए पाथ बताता

33:51

है।

33:55

और आपको याद होगा कि जब हमने इंडियन

33:57

गवर्नमेंट एंड पॉलिटिक्स आईजीपी पढ़ा था

34:00

तो ग्रेनविल ऑस्टिन ने क्या बात बोली थी?

34:03

ग्रेनविल ऑस्टिन ने बोला था कि भाई इंडियन

34:05

कॉन्स्टिट्यूशन क्या है? एक सीमलेस वेब है

34:11

थ्री स्ट्रैंड्स का। मैंने आपको बताई थी

34:15

मेकिंग ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन वाले

34:17

डिबेट में अगर आपको याद होगा डेमोक्रेसी

34:21

सेकुलरिज्म सोशल जस्टिस

34:26

हमने सोशल डेमोक्रेसी से सोशल जस्टिस का

34:29

पूरा आर्क एनालाइज किया था ग्रनविल ऑस्टिन

34:32

के कॉन्टेक्स्ट में।

34:34

तो ग्रनविल ऑस्टिन के मुताबिक एक चीज तो

34:36

क्लियर है कि बॉस कॉन्स्टिट्यूशन जो है वह

34:38

केवल एक पावर को डिस्ट्रीब्यूट करने का

34:40

डॉक्यूमेंट नहीं है।

34:43

पावर को डिस्ट्रीब्यूट करने के साथ-साथ वह

34:46

नॉर्मेटिव गोल्स को भी बताता है।

34:50

ये चीज की चर्चा हम लोग कर चुके। देखो बॉस

34:53

आपको एग्जाम में ये चीजों को फ्यूज करके

34:56

लिखना है। और अगर ये एबिलिटी आप नहीं ला

34:58

पाओगे कि पावर के कांसेप्ट्स को

35:00

कॉन्स्टिट्यूशन में अपनाना,

35:03

पार्ट ए पॉलिटिकल थ्योरी को पार्ट बी

35:05

आईजीपी के साथ ब्लेंड करना तो आप आंसर लिख

35:08

नहीं पाओगे। अगर आप आइसोलेटेड तरीके से

35:10

लिखते हो।

35:11

सिमिलरली आप देखो कि कार्ल फ्रेडरिक है।

35:17

उसने क्या बोला? उसने कहा कि बेसिकली

35:20

कॉन्स्टिट्यूशन जो है इट इज़ बेसिकली अ वे

35:26

अ कम्युनिटी डिसाइड्स

35:33

हाउ पावर शुड बी यूज्ड।

35:42

कम्युनिटी डिसाइड पावर शुड बी यूज्ड।

35:45

क्योंकि वह हमें यह बताता है कि भाई

35:49

कौन रूल करेगा,

35:51

कैसे करेगा?

35:53

उनको रिस्पांसिबल हमें कैसे पकड़ना है।

35:57

तो कॉन्स्टिट्यूशन यहां पर क्या कर रहा

35:59

है? वो सिर्फ एक पावर डॉक्यूमेंट या पावर

36:01

मैप नहीं है जो अभी हम देख रहे थे। बल्कि

36:04

वो हाउ टू यूज़ पावर का भी डॉक्यूमेंट है।

36:10

तो कार्ल फेडरेशन ने एक नया थॉट प्रोसेस

36:12

दिया बॉस यहां पर इस नजरिए से। दूसरी बात

36:16

अगर आप देखो

36:18

एवी डाइसी है

36:21

कॉन्स्टिट्यूशनल एक्सपर्ट जिसको पॉलिटी

36:23

में पढ़ते हैं। उसने आईडिया इंट्रोड्यूस

36:25

किया था रूल ऑफ लॉ का।

36:28

उसने कहा कि भ पावर मस्ट ऑलवेज बी यूज्ड

36:31

अकॉर्डिंग टू लॉ। नॉट अकॉर्डिंग टू

36:34

पर्सनल।

36:38

तो उसने कहा कि इस कॉन्टेक्स्ट में डाइस

36:41

कॉन्स्टिट्यूशन को कैसे देखेगा? एक सेफ्टी

36:44

नेट

36:47

जो बेसिकली पर्सनल विशेस के विपरीत जाकर

36:50

रूल ऑफ लॉ को इंश्योर कर रही है।

36:55

सिमिलरली अगर हम फिर से फोकल्ट की बात

36:57

करें तो फोकल्ट ने क्या बोला? उसने कहा कि

37:00

भाई कॉन्स्टिट्यूशन को मैं केवल एक लीगल

37:03

फ्रेमवर्क नहीं देखता।

37:07

मैं देखता हूं कॉन्स्टिट्यूशन को इस नजरिए

37:09

से कि वह एक इनेबलर भी है

37:15

और पावर की

37:18

एक रैशनलिटी का आउटकम भी है

37:21

इसका मतलब यह है कि वो कहता है कि

37:23

कॉन्स्टिट्यूशन पावर

37:26

कैसे एग्जीक्यूट होगी वह भी बताएगा

37:29

और क्योंकि वह एक मैनमेड डॉक्यूमेंटेड

37:33

डिजाइंड है।

37:35

तो वह एक ट्रुथ को अपोल्ड करता है और वह

37:39

ट्रुथ आता है रैशन थिंकिंग से।

37:43

तो फोकल्ड का ये रैशन थिंकिंग का आईडिया

37:46

बहुत सिमिलर था। किसके अगर हम बात करें तो

37:48

अपन के रॉय साहब के

37:53

जो इंडियन पॉलिटिकल थॉट में हमने देखा। तो

37:55

नाउ ट्राई टू डेवलप द रिलेशन बिटवीन दम।

37:58

लेकिन यहां पर अगर हम बात करते हैं पार्थ

38:00

चटर्जी की तो पार्थ चटर्जी ने क्या बात

38:03

बोली? कि पार्थ चटर्जी ने कहा कि बस मेरे

38:05

मुताबिक कॉन्स्टिट्यूशन जो है वो सिर्फ एक

38:09

छोटे वर्ग के लोगों के लिए बात करती है

38:13

और वो वर्ग है बेसिकली एजुकेटेड अर्बन

38:15

इलीट।

38:18

वो कहते हैं कॉन्स्टिट्यूशन से एक ग्रामीण

38:21

लेवल पर एक गांव वाले का क्या लेना देना?

38:25

गांव वाले का तो कोई लेना देना नहीं है।

38:28

तो इस कॉन्टेक्स्ट में वो कहते हैं कि

38:30

वहां पर तो जो पावर होती है

38:33

वह होती है बेसिकली एक अलग तरीके की पावर।

38:36

उस पावर को वह कहते हैं बेसिकली एक

38:39

पॉलिटिकल सोसाइटी।

38:41

ये हम कांसेप्ट पढ़ चुके हैं कई बार। तो

38:43

मैं रिपीट नहीं करूंगा कि किस तरीके से एक

38:46

पॉलिटिकल सोसाइटी में बारगेनिंग होती है।

38:49

तो वो कहते हैं कि मैं कॉन्स्टिट्यूशन को

38:51

एक

38:53

सोल गिवर ऑफ पावर नहीं मानता।

38:56

कॉन्स्टिट्यूशन पावर दे रही है व्हिच इज

38:58

ट्रू। कॉन्स्टिट्यूशन पावर प्रदान कर रही

39:00

है व्हिच इज आल्सो ट्रू। बट आई डोंट फाइंड

39:03

कॉन्स्टिट्यूशन एस अ सोल गिवर ऑफ पावर। इस

39:06

नजरिए से उन्होंने देखने की कोशिश करी।

39:10

लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट यहां पर जो फोकल्ट

39:13

है उसको समझना जरूरी है। फोकल्ट ने कहा

39:17

जैसे कि भैया अगर हम बात करें पावर की

39:23

तो वो कहता है कि अभी तक का नोशन यह है कि

39:26

पावर इज ऑलवेज हेल्ड बाय पीपल।

39:29

किसी ना किसी ने होल्ड करके रखी है। हेल्ड

39:33

बाय समवन।

39:36

बट वो कहता है कि मेरा मानना यह है कि

39:38

पावर बेसिकली फ्लोस एवरीवेयर।

39:46

वो कहता है पावर आपको स्कूल में भी

39:48

मिलेगी। पावर आपको अस्पताल में भी मिलेगी।

39:51

पावर आपको फैमिली में भी मिलेगी। पावर

39:55

आपको हाउ वी स्पीक वहां पर भी मिलेगी।

39:57

पावर आपको हाउ वी थिंक वहां पर भी मिलेगी।

40:00

तो वो कहता है कि भ मेरे मुताबिक पहली बात

40:02

तो पावर इज नॉट अबाउट होल्डिंग

40:06

एनी प्रिविलेज। इट इज़ नॉट अबाउट यूजिंग

40:08

फोर्स। इट इज नॉट अबाउट यूजिंग एनी

40:11

वायलेंस।

40:13

बल्कि उसने कहा कि पावर इज़ बेसिकली अबाउट

40:17

रूल्स, हैबिट्स

40:20

एंड एवरीथिंग दैट वी फाइंड नॉर्मल इन आवर

40:22

लाइफ।

40:25

तो इस का्टेक्स्ट में पावर को उसने बहुत

40:27

क्लोजली नॉलेज के साथ एसोसिएट करने की

40:30

कोशिश करी।

40:32

उसने कहा कि भ आप सिंपल सी चीज देखो ना

40:34

बॉस अगर आज की डेट में एक स्कूल है। अगर

40:37

वो स्कूल किसी बच्चे को कुछ सिखा रहा है

40:42

और वो सिखाने से बेसिकली बच्चे का माइंड

40:45

शेप हो रहा है। तो वो माइंड शेप होना क्या

40:48

है? वो भी एक फॉर्म ऑफ़ पावर है।

40:51

तो फोकल्ड ने क्या बोला? यह भी एक फॉर्म

40:54

ऑफ पावर है।

40:56

आप समझ रहे हो इस चीज को? तो पावर उसने

40:58

कहा कि बॉस एक डे टू डे लाइफ का फिनोमिना

41:01

है। पावर यहां पर कोई इस प्रकार से नहीं

41:04

देखने की आवश्यकता है कि नहीं सिर्फ

41:06

प्रिविलेज्ड लोगों के हाथ में ही होगी। तो

41:09

यहां पर हम यह कहते हैं कि फोकल्ट ने सबसे

41:12

पहले क्या किया

41:14

कि एक पोस्ट

41:16

स्ट्रक्चरलिस्ट

41:17

[नाक से की जाने वाली आवाज़]

41:18

क्रिटिक ऑफर किया।

41:20

व्हाई डू वी से दिस? क्योंकि अभी तक जो

41:24

पावर का कांसेप्ट था मैंने आपको बताया कि

41:26

समबडी इज होल्डिंग इट मींस देयर इज अ

41:28

स्ट्रक्चर

41:30

वेबर के हिसाब से भी वो एक स्ट्रक्चर था

41:33

चाहे वो लीगल रैशन अथॉरिटी हो तो समबडी इज़

41:37

होल्डिंग पावर देयर इज़ अ स्ट्रक्चर इन

41:39

व्हिच अ पर्सन इज़ प्रिविलेज्ड टू होल्ड

41:41

इट। आप समझ रहे हो? वो जब कहता है लीगल

41:44

रैशन तो एक प्रिविलज्ड है। करिश्मा है तो

41:47

कोई एक आदमी है जो आपसे ऊपर है हायरार्की

41:49

में।

41:51

इसके साथ-साथ ट्रेडिशनल में एक राजा है जो

41:53

प्रजा से अलग है। तो यहां पर वह क्या कहने

41:56

की कोशिश कर रहा है? वो कह रहा है कि बॉस

41:58

कहीं ना कहीं हमें एक स्ट्रक्चरल लेवल ऑफ

42:01

पावर से हटकर देखना है। फोकल्ट ने ये कहा

42:05

तो वो कहता है कि पोस्ट स्ट्रक्चरलिस्ट

42:07

लेवल पर पावर को अगर हम देखें तो यहां पर

42:10

हमें पावर को इस तरीके से देखना है कि वो

42:13

किसी पर्टिकुलर इंस्टीट्यूशन या

42:15

इंडिविजुअल में नहीं होती है। पावर रादर

42:19

वो कहता है कि डिस्पर्स्ड है।

42:22

रिलेशनल है।

42:25

प्रोडक्टिव है।

42:29

वो ऑपरेट करती है नेटवर्कक्स के थ्रू। वो

42:33

ऑपरेट करती है डिस्कोर्सेज के थ्रू। वो

42:37

ऑपरेट करती है नॉर्म्स के थ्रू। वो ऑपरेट

42:41

करती है हाउ पीपल थिंक, टॉक एटसेट्रा इन

42:44

सबके थ्रू।

42:49

तो यहां पर पोस्ट स्ट्रक्चरलिस्ट क्रिटिक

42:51

में फोकल्ड क्या कर रहा है? वह कह रहा है

42:53

आई एम नॉट कंसर्न विद हु व्हील्स पावर।

42:58

किसके पास स्ट्रक्चर है पावर का? बट आई एम

43:00

कंसर्न विद हाउ पावर इज ऑपरेटेड।

43:04

हाउ पावर ऑपरेट्स।

43:08

वो इस चीज के बारे में फोकस करता है।

43:12

आप समझ रहे हो इस चीज को? तो यहां पर उसका

43:16

नजरिया बिल्कुल अलग है। वह पावर नॉलेज

43:18

नेक्सस की बात कर रहा है।

43:22

यानी कि हर एक नॉलेज सिचुएशन में एक पावर

43:26

है।

43:30

क्योंकि हर एक नॉलेज जो है वो ट्रुथ के

43:32

ऊपर सर्वाइव करती है।

43:36

ट्रुथ के ऊपर सर्वाइव करती है।

43:40

इस रीजन से उसने इवेंचुअली आगे जाकर एक

43:42

कांसेप्ट भी दिया बायोपावर का। बायोपावर

43:46

में वह कहता है कि स्टेट्स आज की डेट में

43:48

गवर्न करते हैं

43:51

सिर्फ टेरिटरी को नहीं बल्कि हर एक

43:54

टेरिटरी के अंदर रहने वाले हर एक

43:56

इंडिविजुअल की बॉडी को, पूरी पपुलेशन को,

44:01

लोगों के लाइफ को

44:03

इसको उसने कहा बायोपावर। जाहिर सी बात है

44:06

ना देखो आपके सामने की चीज है। यह तो आज

44:08

की डेट में कैसे आपके सामने की चीज है? आप

44:11

इंडिया में रह रहे हो। इंडिया में रहने से

44:13

स्टेट जो है वह सिर्फ आपको टेरिटरी के

44:16

अंदर गवर्न थोड़ी कर रहा है।

44:19

वो तो आज की डेट में क्या कर रहा है? आपकी

44:21

बॉडी को भी गवर्न कर रहा है। बॉडी को

44:24

गवर्न कैसे कर रहा है? आज की डेट में आपका

44:26

स्टेट कि भाई आपके लिए उसने जॉगिंग

44:29

ट्रैक्स बनाए हैं। साइकिलिंग पाथ बनाए हैं

44:34

कि आप जाकर यहां पर अपनी बॉडी को लेकर

44:36

फिटनेस करो। लाइफ को आपके कर रहा है।

44:39

माइंड को आपके कर रहा है।

44:42

किस प्रकार की आप जो है नोएडा के लश्कर

44:45

नोएडा वाले न्यूज़ चैनल्स की न्यूज़

44:47

सुनोगे। अपने आप को अवेयर बनाओगे। नॉलेज

44:50

प्राप्त करोगे

44:52

अंजना और मोदी जैसे लोगों को सुन के तो

44:55

उससे क्या होगा कि जब आप इस प्रकार की

44:57

नॉलेज लोगे स्टेट क्या कर रहा है? आपकी

45:00

लाइफ को भी कंट्रोल कर रहा है। उस लाइफ से

45:03

आपके बॉडी में किस प्रकार के बॉडीली

45:04

रिएक्शन होंगे वह भी चीज को कंट्रोल कर

45:06

रहा है।

45:08

तो फोकल्ड यहां पर क्या कह रहा है? वह कह

45:10

रहा है कि बॉस बायो पावर है। सिर्फ हम

45:13

टेरिटरी की बात नहीं करते हैं।

45:16

स्टेट यहां पर आपके हर एक एस्पेक्ट को

45:20

कंट्रोल कर रहा है। सोसाइटी के हर एक

45:21

एस्पेक्ट ऑफ लिविंग को कंट्रोल कर रहा है।

45:25

फोकल्ड यहां पर यह कहने की कोशिश कर रहा

45:27

है। तो उसने यह जो बायोपावर का कांसेप्ट

45:30

इंट्रोड्यूस किया ना बॉस यह उसने

45:32

इंट्रोड्यूस किया था अपनी किताब द

45:34

हिस्ट्री ऑफ सेक्सुअलिटी में।

45:40

इस हिस्ट्री ऑफ सेक्सुअलिटी की किताब में

45:42

उसने यह बात बोली थी कि बायोपावर एक ऐसा

45:46

फॉर्म ऑफ गवर्नेंस है

45:50

जो इंडिविजुअल को सिर्फ पनिश नहीं करता है

45:55

जो पपुलेशन को रेगुलेट करता है

46:01

उनकी नॉलेज को उनके मेडिकल डिजीजसेस को

46:06

कोरोना काल में टीका लग गया तो भाई एक ऐप

46:08

के थ्रू आपकी पूरी जो

46:10

टीकाकरण की डोसेज है वह अपडेट हो गई सरकार

46:13

को पहुंच के मेडिकल डिसीज बायोपावर

46:16

सिमिलरली वो आपकी यहां पर इस केस में

46:19

पॉलिसी को

46:22

आपकी बॉडी को

46:25

आपकी हेल्थ को सबको रेगुलेट करता है

46:30

क्योंकि उसका ऑब्जेक्टिव क्या है? वह कहता

46:31

है कि भाई यह करने से आपकी लाइफ की

46:36

लोंजिविटी को स्टेट एनहांस कर रहा है।

46:42

लोंजिविटी को स्टेट एनहांस कर रहा है।

46:46

तो फोकल्ड की इस थ्योरी ऑफ़ पावर को ना

46:48

निकोलस रोज़ नाम के एक स्कॉलर ने और इबोरेट

46:51

किया था। निकोलस रोज़ ने एक कांसेप्ट दिया

46:54

था गवर्नमेंटा का।

46:59

सो गैलिटी का मतलब होता है कि एक आर्ट ऑफ

47:04

गवर्निंग बिय्ड स्टेट।

47:11

यहां पर उसने यह बात बोलने की कोशिश करी

47:13

कि कैसे जो है एनजीओस के थ्रू, मार्केट्स

47:17

के थ्रू, एक्सपर्ट नॉलेज के थ्रू

47:22

स्टेट आपको गवर्न करता है। तो पावर इज नॉट

47:26

ओनली एक्सरसाइज्ड बिटवीन यू एज एन

47:28

इंडिविजुअल एंड द स्टेट थ्रू द

47:29

कॉन्स्टिट्यूशन बट इवन थ्रू एनजीओस

47:32

मार्केट्स एंड एक्सपर्ट्स। जडिस बटलर जो

47:35

है

47:37

वह बहुत इंस्पायर्ड था फोकल्ड से। उसने यह

47:41

बात बोली कि पावर जो है वर्क्स थ्रू

47:44

लैंग्वेज एंड जेंडर आल्सो।

47:51

तो लैंग्वेज और जेंडर का भी प्रयोग होता

47:53

है जिसके थ्रू जो है पावर आगे जाकर

47:55

एक्सरसाइज होती है। तो एक चीज तो देखो

47:57

यहां पर क्लियर होती जा रही होगी आपको कि

47:59

जितनी भी अपन लोगों ने यहां पर चर्चा करी

48:01

फोकल्ड को लेकर। फोकल्ड का आईडिया सिर्फ

48:03

सिंपल था कि बॉस आई विल नॉट स्ट्रक्चरली

48:05

लुक एट पावर। आई विल गो बिय्ड दैट।

48:10

ठीक है जी। अच्छा अब यहां पर फिर पावर और

48:13

आईडियोलॉजी और हेजिमनी को अपन कैसे

48:15

देखेंगे? अब

48:20

तो आइडियोलॉजी यहां पर क्या होती है? एक

48:23

सेट ऑफ आइडियाज।

48:25

एक सेट ऑफ बिलीव्स।

48:29

जो लोगों को मजबूर करते हैं। सोचने के लिए

48:35

और फिर सोचने के बाद लोग उन आइडियाज और

48:37

बिलीव्स को फॉलो कर लेते हैं।

48:40

और फॉलो करने के बाद उनको लगता है कि यह

48:42

नॉर्मल है, नेचुरल है। और जब यह लगता है

48:47

कि यह नॉर्मल है और नेचुरल है, यहां पर

48:49

आती है हेजिमनी।

48:51

ग्रम्सकी के कांसेप्ट को हम पढ़ चुके हैं,

48:53

तो आई विल नॉट रिपीट ऑल दैट इन डिटेल

48:55

अगेन। तो एजिमिनी का मतलब होता है व्हेन

48:57

एवरीवन स्टार्ट्स बिलीविंग

49:00

दैट इट इज इन देर इंटरेस्ट टू फॉलो दिस

49:05

एंड दे डोंट नीड टू बी फोर्स टू टू फॉलो

49:08

इट

49:10

तो जैसे पावर और अथॉरिटी के बीच में एक

49:12

बड़ी हिडन और छोटी सी लाइन है डिवाइडिंग

49:14

की ना उसी तरीके से पावर आईडियोलॉजी

49:16

हेजिमिनी के बीच में भी एक बड़ी थिन

49:18

डिवाइडिंग लाइन है।

49:21

तो यहां पर आईडियोलॉजी भी एक तरीके से वही

49:24

काम कर रही है जो पावर करती है कि पावर

49:26

में हम यह कह रहे हैं कि भाई आप कुछ ना

49:28

कुछ फॉलो करोगे मेरी अथॉरिटी की वजह से और

49:32

जो अदरवाइज आप नहीं करना चाहते थे तो मैं

49:34

आपके ऊपर आपकी विल के ऊपर कुछ कंट्रोल ला

49:37

रहा हूं। लेकिन यह कंट्रोल लाने के लिए एक

49:39

आईडियोलॉजी भी टूल है कि जरूरी नहीं है कि

49:41

मुझे एज एन इंडिविजुअल या एज एन

49:43

इंस्टीट्यूशन ये करना है। मैं कुछ आइडियाज

49:46

आपके सामने रख सकता हूं। वो आइडियाज को आप

49:48

फॉलो करना शुरू कर दो। तो आप आईडियोलॉजी

49:50

से इंस्पायर हो गए। और जैसे ही आप

49:52

आईडियोलॉजी से इंस्पायर हुए और अगर आपको

49:54

लगा कि अब जो यह मैं कर रहा हूं यही एक

49:56

सही तरीका है। क्योंकि यही एक नॉर्मल है

50:00

और नेचुरल है। उसको हम एजमनी कहते हैं। तो

50:03

मूविंग फ्रॉम आईडियोलॉजी टू हेजिमनी मींस

50:05

कि भ आप आईडियोलॉजी एक विचारधारा में

50:07

मानना शुरू करें और फिर वो विचारधारा आपकी

50:09

डे टू डे लाइफ का हिस्सा बन गया। तो वो

50:11

हेजिमिनी हो गई। तो इस नजरिए से इन तीनों

50:14

के बीच में पहली बात तो एक रिलेशनशिप है

50:16

यहां पर।

50:18

तो आइडियोलॉजी और हजमनी जो है यह एक बहुत

50:23

सल इंसिडियस

50:28

और डीपली इंटरनलाइज्ड फॉर्म ऑफ पावर है।

50:40

क्योंकि आईडियोलॉजिकल पावर जो होती है वो

50:43

ऑपरेट कैसे करती है?

50:47

भाई शेपिंग

50:49

फ्रेमवर्क विद इन वि

50:58

पीपल पर्सव देयर वर्ल्ड

51:06

आइडेंटिफाई देर इंटरेस्ट

51:13

मेक पिटिकल चॉइसेस

51:18

और जब लोगों का एक वर्ल्ड व्यू होता है

51:24

जब वो ट्रांसफॉर्म हो जाए कि भाई यह कॉमन

51:26

सेंस है

51:29

तो फिर आपको यहां पर हम

51:33

उस चीज को हिजिमिनी के नजरिए से देखते

51:36

हैं।

51:37

तो आईडियोलॉजी यहां पर किसी प्रकार का

51:39

बहुत सिर्फ प्रोपोगेंडा नहीं है।

51:42

बल्कि एक रियलिटी है जिसकी वजह से लाइफ

51:45

इंटरप्रेट हो पा रही है।

51:50

आपके एस्पिरेशंस जो है वो कहीं ना कहीं

51:52

सस्टेन हो पा रहे हैं। इस्टैब्लिश हो पा

51:54

रहे हैं। चीज को समझ रहे हो आप?

52:00

गमस्की जो था वो था सबसे पहला स्कॉलर

52:02

जिसने इस चीज के बारे में चर्चा करी थी।

52:04

उसने कहा था कि भाई जो सोसाइटी में रिच और

52:07

पावरफुल होते हैं वह सिर्फ मटेरियल एसेट्स

52:10

या बैंक्स या आर्मी के थ्रू कंट्रोल नहीं

52:12

करते।

52:15

वो कंट्रोल करते हैं थ्रू आइडियाज।

52:19

और इन आइडियाज को फिर वो बनाते हैं एक

52:21

ओनली नॉर्मल वे टू लिव।

52:25

आपने अगर आज की डेट में भारतीय जनता

52:27

पार्टी के रूल को अगर समझना है ना बॉस। द

52:30

थिंकर दैट आई थिंक दैट बीजेपी लव्स द

52:32

मोस्ट इज़ बेसिकली ग्रामस्की। उन्होंने

52:36

पूरे ग्रामस्की को इंडिया में अपना दिया

52:37

है। तो आप उस नजरिए से सोच के देखना।

52:42

और यहां से फिर वो जब ओनली नॉर्मल वे बन

52:44

जाता है तो वो आईडिया से आती है फिर अपनी

52:47

हेजिमिनी।

52:52

यह चीज आपको यहां पर इसने बोली। फिर लेकिन

52:54

यही आपको याद होगा हम कई बार एक थिंकर की

52:57

बात करते हैं। लुई अलथुसर

52:59

एलूजर ने हमेशा यह बात बोली कि बॉस

53:01

सोसाइटी में क्या है कि सिर्फ

53:05

स्कूल्स न और फैमिलीज और रिलीजन जो है यह

53:10

सिर्फ नॉलेज नहीं शेयर करता

53:14

ये लोगों को शेयर करता है आल्सो हाउ टू

53:17

थिंक

53:21

और इसको उसने कहा था आइडियोलॉजिकल स्टेट

53:24

अपेरेटस

53:26

क्योंकि आइडियोलॉजिकल स्टेट अपेरेटस क्या

53:28

है? यह आइडियोलॉजिकल स्टेट अपेरेटस

53:30

बेसिकली वो है जो बेसिकली लोगों को सिर्फ

53:34

सर्वाइव करने की ट्रेनिंग नहीं देता बल्कि

53:36

उनकी ट्रेन करता है माइंड को भी लेके।

53:42

ट्रेन करता है उनकी बॉडी को भी लेके। तो

53:46

दिस आईडिया बेसिकली ऑफ़ लुई अल्तुजर कम्स

53:48

वेरी क्लोज टू दी आईडिया ऑफ़ फोकल्ट

53:51

बायोपावर।

53:55

फोकल्ड्स बायोपावर।

53:57

तो इस नजरिए से हमें देखने की आवश्यकता

54:00

है। यहां पर चीज को समझ रहे हो आप जब हम

54:03

बात करते हैं आईडियोलॉजी की इस केस में।

54:05

सिमिलरली यहां पर ना एक बड़ा इंटरेस्टिंग

54:07

स्कॉलर है नॉम चोम्सकी। ये वही है

54:11

नम चोम्सकी अपने

54:14

एप्सन फाइल्स वाले। तो नॉम चोम्सकी कहता

54:17

है मैन्युफैक्चरिंग कंसेंट।

54:21

वो कहता है कि भाई देखो मीडिया हमें दिखती

54:24

फ्री है। फ्री मीडिया है। जैसे हमारी

54:27

लश्कर नोएडा है। वो कहती है हम फ्री

54:28

मीडिया हैं। वो आज की डेट में पडकास्ट कर

54:31

करके भी जस्टिफाई करते हैं कि हम तो देखो

54:33

फ्री मीडिया है। मतलब आप सोचो कि इंसान के

54:35

अंदर कितनी इनसिक्योरिटी होगी कि उसको आके

54:39

यह बात मीडिया के सामने और दूसरों के

54:42

सामने पडकास्ट में जतानी पड़ रही है कि

54:44

भैया हम निष्पक्ष पत्रकार हैं। क्योंकि

54:46

आपकी पत्रकारिता से प्रूव नहीं हो पा रहा।

54:48

आपके कर्मा से भगवत गीता कहती है ना कि

54:50

भाई कर्मा से ही हर चीज प्रूव होनी चाहिए।

54:52

इनके कर्मा से क्योंकि प्रूव नहीं हो पा

54:54

रही तो आपको आके यहां पर जतानी पड़ रही है

54:56

लोगों के सामने कि हम निष्पक्ष हैं। देखो

54:58

हमारी बात को निष्पक्ष नजरिए से सुनो।

55:00

हमें कुछ टैग मत दो।

55:03

तो यही चीज के बारे में चोमस्की ने बोला।

55:06

वो कहता है कि हमें दिखता है कि मीडिया

55:08

फ्री है। बट रियलिटी में क्या होता है कि

55:09

वो बिग कॉरपोरेशंस जो हैं जो पावरफुल

55:13

ग्रुप्स हैं सोसाइटी के वो बेसिकली पहली

55:16

बात तो इनको कंट्रोल करते हैं।

55:20

तो वो कहता है कि भाई आज की डेट में अगर

55:22

हम बात करें कंसेंट की तो कंसेंट

55:25

मैन्युफैक्चर किया जाता है। क्योंकि

55:28

मीडिया क्या करती है कि पावरफुल लॉबीज का

55:31

जो इंटरेस्ट होता है

55:35

उस इंटरेस्ट को लाकर वो बेसिकली लोगों के

55:38

सामने इस नजरिए से पेश करती है कि लोगों

55:41

को लगता है कि यही इंटरेस्ट जो है नेशनल

55:44

इंटरेस्ट है।

55:47

यही इंटरेस्ट नेशनल इंटरेस्ट है। यहां पर

55:50

फिर एक बात आती है एक बंदे की स्टूअर्ट

55:52

हॉल।

55:54

थ्रू हॉल कहता है कि भाई मीडिया आज की डेट

55:57

में सिर्फ मैसेजेस नहीं देती है।

56:01

वो शेप भी करती है इस चीज को लेकर कि

56:04

मैसेजेस रिसीव कैसे हो रहे हैं?

56:07

रिसीव कैसे हो रहे हैं।

56:11

तो

56:12

ये चीज को समझने की आप कोशिश करिए कि नॉन

56:15

चोम्सकी ने इस नजरिए की यहां पर बात करने

56:17

की कोशिश करी। समझ में आया आपको?

56:22

अब आते हैं लेजिटिमेसी को ले। लेजिटिमेसी

56:26

का मतलब यह होता है कि भाई लोग जो है वह

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यह सोचते हैं कि जो गवर्नमेंट है,

56:32

लॉ है, लीडर्स है

56:36

इनके पास एक राइट टू रूल है।

56:41

तो लेजिटिमेसी कहती है कि इट इज नॉट जस्ट

56:46

अबाउट

56:48

हैविंग पावर।

56:54

इट इज अबाउट बीइंग एक्सेप्टेड आल्सो।

57:00

इट इज अबाउट बीइंग एक्सेप्टेड आल्सो।

57:04

अगर कोई टीचर है अगर टीचर ने एक बच्चे को

57:08

डांटा

57:11

और बच्चे ने उस डांट को चुपचाप सुन लिया

57:14

तो सिर्फ यहां पर अगर हम देखें

57:17

तो एक बड़ी इंपॉर्टेंट चीज यहां पर हो रही

57:20

है कि यहां पर एक लेजिटिमेसी है।

57:24

लेजिटिमेसी क्यों है? बिकॉज़ उनको यह पता

57:26

है कि टीचर हमारे हित के लिए और हमारे

57:29

फेवर के लिए बात कर रही है।

57:32

लेकिन मान लो कि कई बार होता है कि

57:33

स्कूलों में आपने देखा होगा आपके भी स्कूल

57:35

में ये चीज हुई होगी कि कई टीचरें ऐसी

57:37

होती हैं वो बोलती रहती हैं, बोलती रहती

57:40

हैं, डांटती रहती हैं लेकिन स्टूडेंट्स

57:41

उसको रिस्पेक्ट नहीं करते।

57:46

स्टूडेंट्स उसको भाव नहीं देते। इस केस

57:49

में क्या है? टीचर के पास पावर है पर

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लेजिटिमेसी नहीं है।

57:55

तो लेजिटिमेसी क्या हो रही है यहां पर?

57:57

लेजिटिमेसी यह हो रही है कि आप चीज को सुन

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रहे हो क्योंकि आपको पता है कि वो आपके

58:00

इंटरेस्ट के लिए है। आप अपोज नहीं कर रहे,

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रिजेक्ट नहीं कर रहे। तो लेजिटिमेसी क्या

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करती है? पॉलिटिकल थ्योरी में गवर्नमेंट

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को स्मूथली वर्क करने की मदद करती है।

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लोग आज की डेट में लीडर्स को और लॉज़ को

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इसलिए ओबे करते हैं नॉट बिकॉज़ कि उनसे वो

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डरते हैं। बिकॉज़ उनको लग रहा है कि इट इज

58:23

द राइट थिंग टू डू।

58:27

और जब यह ट्रस्ट होता है जिन लोगों के

58:30

अंदर कि भाई हम इनको फॉलो इसलिए कर रहे

58:32

हैं क्योंकि यह हमारी हित की बात कर रहे

58:33

हैं। जब यह ट्रस्ट टूट जाए तो होता है

58:35

क्राइसिस ऑफ लेजिटिमेसी।

58:40

इट इज कॉल्ड क्राइसिस ऑफ लेजिटिमेसी।

58:44

यह चीज आपको समझ आई?

58:48

तो ये चीज जाननी आपको बहुत इंपॉर्टेंट है।

58:52

क्राइसिस ऑफ लेजिटिमेसी में क्या हो जाता

58:54

है कि फिर पॉलिटिक्स में आप देखते हो कि

58:57

लो वोटर टर्न आउट होगा।

59:03

एंगर होगा।

59:06

लेकिन लो वोटर टर्न आउट और एंगर डजंट मीन

59:08

बीजेपी विल नॉट फ्री। बट यहां पर यह है कि

59:11

क्राइसिस ऑफ लेजिटसी आप देखने को देखते ही

59:13

हो। सिमिलरली

59:17

लीडर्स और गवर्नमेंट्स जो हैं वह

59:19

लेजिटिमेसी को मेंटेन करने की कोशिश करते

59:21

हैं।

59:24

कैसे फेयर इलेक्शंस के थ्रू जैसे इंडिया

59:27

में सारे इलेक्शंस फ्री एंड फेयर होते

59:29

हैं। हाई क्लास गुड गवर्नेंस के थ्रू हर

59:33

स्टेट हमारे यहां पर प्रोवाइड कर रही है।

59:35

वेलफेयर स्कीम्स के थ्रू

59:38

और सबसेेंटली जो इंडिया का एक ग्लोबल लेवल

59:41

पर बेंचमार्क है वेरी स्ट्रांग लीगल

59:43

सिस्टम

59:46

हमारी जुडिशरी

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प्रिस्टीन अनटच्ड

59:52

सीक्रेट

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तो इन सब चीजों से क्या होता है कि लोगों

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को लगता है कि भाई वी आर रिस्पेक्टेड वी

1:00:00

आर प्रोटेक्टेड

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तो यह चीज जानने की आवश्यकता है

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लेजिटिमेसी को लेकर। तो लेजिटिमेसी इस केस

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में क्या है? एक नॉर्मेटिव जस्टिफिकेशन

1:00:14

है।

1:00:16

किस चीज का?

1:00:19

पॉलिटिकल अथॉरिटी का।

1:00:24

एक बिलीफ है कि दोज़ हु आर इन पावर विल

1:00:29

राइटली गवर्नस।

1:00:36

देर डिसीजंस हैव टू बी ओबेड।

1:00:43

तो बस यहां पर लेजिटिमेसी में सिर्फ कोई

1:00:47

लीगल वैलिडिटी की बात नहीं हो रही है कि

1:00:49

जो एक अथॉरिटी के पोजीशन में बैठा है उसके

1:00:52

पास लीगल अथॉरिटी है। लेजिटिमेसी इज मोर

1:00:55

टू डू विद परसेप्शन।

1:00:58

इट इज मोर टू डू विद एथिकल रेजोनेंस।

1:01:03

इट एथिकली रेजोनेट्स विद यू।

1:01:07

इट इज ऑल अबाउट सोशियोपॉलिटिकल कंसेंट।

1:01:14

इस रीज़न से हम कहते हैं कि लेजिटिमेसी जो

1:01:16

है वो कंप्लायंस इंश्योर करती है थ्रू

1:01:18

ट्रस्ट।

1:01:22

थ्रू रिकग्निशन ऑफ इट्स सिटीजंस।

1:01:30

समझ रहे हो आप इस चीज को? थ्रू रिकग्निशन

1:01:32

ऑफ इट्स सिटीजन एंड ट्रस्ट।

1:01:36

यहां पर फिर हम बात करते हैं

1:01:40

डेविड बीथम की। वो कहता है कि लेजिटिमेसी

1:01:44

के लिए तीन चीजें की आवश्यकता है। कि लॉ

1:01:48

मस्ट बी फॉललोड।

1:01:54

दूसरा है कि पीपल मस्ट बिलीव

1:01:58

कि रूल्स आर फेयर।

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और तीसरा है यहां पर कि भ सिस्टम मस्ट

1:02:06

रिफ्लेक्ट शेयरर्ड वैल्यूज़।

1:02:14

तो यहां पर मेयरली सिर्फ रूल का एग्ज़िस्ट

1:02:17

होना सफ्फिशिएंट नहीं है बॉस।

1:02:20

बिलीफ होना

1:02:23

कि वह शेयरर्ड वैल्यूस और हमारे लिए बने

1:02:26

हैं। वह ज्यादा इंपॉर्टेंट है। अच्छा

1:02:29

डेविड बीथम ने तो यह बात बोली बोली लेकिन

1:02:31

यहां पर हैबरमास ने एक ट्विस्ट दे दिया।

1:02:35

हैबरमास ने कहा कि लेजिटिमेसी इन मॉडर्न

1:02:37

डेमोक्रेसी जो है वो कम्स फ्रॉम

1:02:40

ओपन कम्युनिकेशन

1:02:43

एंड पब्लिक डिबेट।

1:02:49

डेलीबेरेटिव डेमोक्रेसी कि भई हमें वी

1:02:53

मस्ट बी हर्ड

1:02:57

वी मस्ट बी अ पार्ट ऑफ द प्रोसेस।

1:03:01

दिस इज़ व्हाट बिल्ड्स ट्रस्ट। तो हैबरमास

1:03:05

ने इस चीज को लेकर बात करी।

1:03:07

तो एक चीज तो क्लियर है बॉस कि इन एनी

1:03:09

सिनेरियो एट द एंड ऑफ द डे वन थिंग इज

1:03:11

वेरी क्लियर

1:03:14

कि अगर रिजीम में ट्रस्ट नहीं होगा तो वो

1:03:19

ट्रस्ट ना होने से क्या होगा क्राइसिस ऑफ

1:03:21

लेजिटिमेसी होगी

1:03:25

ये चीज के बारे में उसने चर्चा करी ठीक है

1:03:28

जी तो ये है अब बॉस डिबेट पूरा पावर का आई

1:03:32

बिलीव आपको समझ आ गया होगा विद सम लाइव

1:03:35

इलस्ट्रेशन ऑफ न्यूसेंस पावर आल्सो टुडे

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