04 Pharmacokinetics: Distribution
हेलो बच्चों, चलिए अब हम डिस्कस करते हैं
डिस्ट्रीब्यूशन। तो इसमें हम सबसे पहले
पढ़ेंगे वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन क्या
चीज होती है? फिर हम इसकी एप्लीकेशन
देखेंगे कि हीमोडायलिसिस में जो हम ड्रग
की पोइजनिंग में करते हैं, किन ड्रग में
करेंगे, किन ड्रग में नहीं करेंगे। और
लास्टली हम एक सिमिलर टर्म पढ़ेंगे
रिस्ट्रीब्यूशन।
सो फार्माकोइनेटिक्स में हमने चार
पैराटर्स पढ़े थे। अब्जॉर्प्शन,
डिस्ट्रीब्यूशन, मेटाबॉलिज्म और
एक्सक्रीशन। नाउ अब्सॉर्प्शन के बाद आता
है डिस्ट्रीब्यूशन। तो अगर हम रिकॉल करें
अब्सॉर्प्शन क्या था? इमेजिन करिए आपने एक
ड्रग ओरली लिया। यह ड्रग सेल्स को क्रॉस
करके ब्लड में आया।
सो इस पाथवे को हम बोलते थे अब्सॉर्प्शन।
नाउ डोंट यू थिंक जब ड्रग वेंस में आता है
तो यह सारा का सारा ड्रग हार्ट में ड्रेन
करता है। नाउ जब ड्रग हार्ट में पहुंच
जाता है
यहां से शुरू होता है डिस्ट्रीब्यूशन।
क्योंकि यह हार्ट इस ड्रग को सारे ऑर्गन्स
में क्या कर देगा? डिस्ट्रीब्यूट कर देगा।
सो लेट्स टॉक अबाउट डिस्ट्रीब्यूशन। तो सर
जब हार्ट ने ड्रग को ब्लड में पंप किया और
यह ड्रग अब प्लाज्मा में या ब्लड में घूम
रहा है तो सर हमारे माइंड में एक सवाल आता
है क्या यह ड्रग प्लाज्मा में ही रहेगा या
यह ड्रग ब्लड वेसल्स को क्रॉस करके
ऑर्गन्स में चला जाएगा।
अगर यह ड्रग अपने टारगेट ऑर्गन पर जाएगा
जहां पर इसे जाना चाहिए तो ड्रग का
बेनिफिशियल इफेक्ट आएगा। लेट्स से दिस
बेनिफिशियल इफेक्ट एज थेरेपटिक इफेक्ट।
बट अगर यह ड्रग किसी अनवांटेड ऑर्गन में
चला गया। सो डोंट यू थिंक अनवांटेड मतलब
एडवर्स इफेक्ट आएगा ड्रग का। सो यह
थेरेपटिक इफेक्ट क्या है? एडवर्स इफेक्ट
क्या है? क्योंकि वर्ड इफेक्ट आ रहा है।
यह बात हम पढ़ेंगे फार्माकोडायनेमिक्स
में। फार्माकोइनेटिक्स में हमें ड्रग की
मूवमेंट चेक करनी है। और हमें एक चीज पता
लगानी है क्या यह ड्रग ब्लड वेसल में
रहेगा या मूव करके ऑर्गन्स में जाएगा। और
यह हम बात कैसे पता लगाएंगे विद अ
पैरामीटर नोन एज विडी। तो विडी हमें बताता
है कि कितना ड्रग ऑर्गन्स में जाता है?
व्हाट डू यू मीन बाय VD? VD स्टैंड्स फॉर
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन। तो क्या हम इस
डायग्राम के बेसिस पे एक वर्ड में वॉल्यूम
ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन का मतलब लिख सकते हैं?
दैट वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन इज़
एक्स्ट्रा वैस्कुलर
डिपॉज़िशन ऑफ ड्रग। मतलब ड्रग ब्लड वेसल्स
से बाहर निकल के बाहर ऑर्गंस में डिपॉजिट
हो रहा है इनू द ऑर्ग्स।
सेकंड पॉइंट वी विल राइट वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन ट्रू वॉल्यूम नहीं है। सर
ये फॉल्स वॉल्यूम है। फॉल्स को हम अपेरेंट
भी लिखते हैं। अपेरेंट का मतलब होता है
फॉल्स। सो इट इज़ नॉट अ ट्रू वॉल्यूम। इट
इज़ रेदर अ फॉल्स और अपेरेंट वॉल्यूम ऑफ़
प्लाज्मा।
एंड क्योंकि वर्ड अपेरेंट आ रहा है।
इसीलिए वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन का
सिंबल होता है vd बट कई बुक्स लिखती हैं ए
वी डी। तो ए का मतलब होता है अपेरेंट
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन। नाउ व्हाट इज
द डेफिनेशन ऑफ़ वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन?
वी विल राइट इट इज द वॉल्यूम ऑफ प्लाज्मा
इन लीटर्स
व्हिच इज रिक्वायर्ड टू कंटेन
अ ड्रग
इन इक्वल कंसंट्रेशन
इक्वल कंसंट्रेशन एज दैट ऑफ प्लाज्मा।
सो आई होप मुझे लगता है कि अभी आपको इन
तीनों पॉइंट्स का मतलब समझ नहीं आया। तो
चलिए इस बात को कंसेप्चुअली समझते हैं और
फिर हम दोबारा इसी स्लाइड पे आएंगे और
दोबारा ये तीन लाइंस पढ़ेंगे ताकि हमें
समझ आ जाएगा। सो इमेजिन करिए कि आपने एक
ड्रग पेशेंट को दिया। लेट्स से आपने ड्रग
आई वी दिया क्योंकि सारा का सारा ड्रग
ब्लड में आ जाएगा। प्लाज्मा में आ जाएगा।
नाउ फॉर अ मोमेंट रिमेंबर कि एक 70 केजी
आदमी में कितना प्लाज्मा होता है सर? 4
लीटर्स प्लाज्मा होता है। नाउ जब आपने
ड्रग ए दिया इस ड्रग की ऐसी प्रॉपर्टी थी
कि यह ड्रग 100% प्लाज्मा में ही रहता है।
मतलब यह ड्रग ऑर्गन्स में एंटर नहीं करता।
तो अगर मैं आपसे पूछूं कि ड्रग ए जो 100%
प्लाज्मा में है यह कितने प्लाज्मा में
कंटेंड है? मतलब कितने प्लाज्मा में
डिस्ट्रीब्यूटेड है? आप आंसर करोगे
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन इस ड्रग का
होगा 4 लीटर। क्योंकि ये ड्रग 4 लीटर
प्लाज्मा में घूम रहा है। सो वॉल्यूम ऑफ
प्लाज्मा रिक्वायर्ड टू कंटेन दिस ड्रग
विल बी 4 लीटर। नाउ लेट्स टॉक अनदर ड्रग।
इमेजिन करिए ड्रग बी है। ड्रग बी की
प्रॉपर्टी है कि ड्रग बी आधा 50% प्लाज्मा
में रहता है और 50% ड्रग ऑर्गन्स में जाकर
डिपॉजिट हो जाता है। सो 50% आधा ऑर्गन्स
में आधा प्लाज्मा में। सो फॉर अ मोमेंट
इमेजिन करिए यह जो ऑर्ग्स हैं आपके
यह ऑर्गन्स नहीं है। यह भी प्लाज्मा से ही
बने हुए हैं। सो इमेजिन करिए कि आपकी बॉडी
में ऑर्गंस नहीं है। इन ऑर्गन को भी
प्लाज्मा आप अस्यूम कर लो। तो कह सकते हैं
कि असली प्लाज्मा हो गया 4 लीटर व्हिच इज
अ ट्रू प्लाज्मा। और ये जो बाहर ऑर्गन्स
हैं ये एक फॉल्स प्लाज्मा है। सो मेरा आप
बच्चों से एक सवाल अगर 50% ड्रग को 4 लीटर
प्लाज्मा चाहिए तो नेक्स्ट 50% ड्रग को
कितना प्लाज्मा चाहिए होगा? यस अगर 50% को
असली 4 लीटर प्लाज्मा चाहिए तो नेक्स्ट
50% को नकली 4 लीटर प्लाज्मा चाहिए होगा।
तो क्या आप बता सकते हैं कि ड्रग बी कितने
प्लाज्मा में कंटेन है? वॉल्यूम ऑफ
प्लाज्मा रिक्वायर्ड टू कंटेन ड्रग B विल
बी 4 लीटर असली और 4 लीटर नकली। सो टोटल
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ दिस ड्रग
विल बिकम 8 लीटर्स। ये 8 लीटर प्लाज्मा
में है। चार असली, चार नकली। लेट्स टेक वन
मोर एग्जांपल। एक ड्रग सी है। ड्रग सी की
प्रॉपर्टी है कि यह ओनली 1/4 या 25%
प्लाज्मा में रहता है और 75% ऑर्गन्स में
चला जाता है। तो इमेजिन करिए ये सारे
ऑर्गन्स हैं जिसमें 3/4 ड्रग है। तो अगर
1/4 ड्रग को असली 4 लीटर प्लाज्मा चाहिए।
तो 3/4 या 75% ड्रग को कितना प्लाज्मा
चाहिए होगा? क्या हम कह सकते हैं 4 लीटर
का थ्री टाइम्स चाहिए होगा? तो क्या हम कह
सकते हैं ड्रग सी को 4 लीटर असली प्लाज्मा
चाहिए 1/4 को और 12 लीटर नकली प्लाज्मा
चाहिए जो ऑर्गन सी होते हैं। सो इस ड्रग
को टोटल कितना वॉल्यूम चाहिए प्लाज्मा का?
कैन वी से द वॉल्यूम ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़
दिस ड्रग विल बी 4 + 12 16 लीटर। सो लीटर
इज द वॉल्यूम ऑफ प्लाज्मा रिक्वायर्ड टू
कंटेन दिस ड्रग। अगर आपको यह पैटर्न समझ आ
गया, लेट्स सी दिस पैटर्न। फोर से एट की
तरफ जा रहे हैं। एट से 16 की तरफ जा रहे
हैं। क्या हम कह सकते हैं? जैसे-जैसे
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ रहा है,
इंक्रीस हो रहा है, ज्यादा ड्रग ऑर्गन्स
में डिपॉजिट हो रहा है। सो वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन एक वर्ड में क्या मतलब है?
इट इज द एक्स्ट्रा वैस्कुलर डिपज़िशन ऑफ अ
ड्रग इनू द ऑर्गन। कितना ड्रग ऑर्गन में
जाता है? क्या यह असली वॉल्यूम था? नहीं
सर, यह फॉल्स या अपेरेंट वॉल्यूम था। एंड
सी द डेफिनेशन इट इज़ द वॉल्यूम ऑफ
प्लाज्मा रिक्वायर्ड टू कंटेन अ ड्रग इन
इक्वल कंसंट्रेशन दैट ऑफ अ प्लाज्मा। सो
दिस इज़ द वॉल्यूम ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूशन। तो
एक वर्ड में अगर एक ड्रग का वॉल्यूम ऑफ़
डिस्ट्रीब्यूशन बड़ा हाई है, दैट मींस
ज़्यादा ड्रग ऑर्गन्स में डिपॉज़िट हो रहा
है। नाउ इस डायग्राम में हम दो चीजें
कैलकुलेट कर सकते हैं। पहली चीज जो हमने
ड्रग की डोज़ दी थी बाहर से आई हुई और
सेकंड हम प्लाज्मा कंसंट्रेशन भी डिटरमाइन
कर सकते हैं। बट हम नहीं डिटरमाइन कर सकते
कि कितना ऑर्गन्स में ड्रग गया है।
क्योंकि आप ऑर्गन का सैंपल थोड़ी ना लोगे।
ऑन दिस बेसिस व्हाट इज द फार्मूला ऑफ
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन? वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन इज इक्वल टू डोस गिवन
बाय आईवी रूट
डिवाइडेड बाय प्लाज्मा कंसंट्रेशन मेजर्ड।
प्लाज्मा में कितना ड्रग है? सो लेट्स टेक
एन एग्जांपल। मैंने एक पेशेंट को 5
मिलीग्राम ड्रग दिया डोस। बट जब प्लाज्मा
में कंसंट्रेशन देखी तो बहुत ही कम मिली।
लेट्स से प्लाज्मा में मुझे सिर्फ 2
मिलीग्राम पर लीटर हमें ड्रग मिला। तो
क्या आप कैलकुलेट करके बता सकते हो कि
कितना वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन होगा?
यस। वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन आएगा 25
लीटर्स ऑफ़ प्लाज्मा।
तो, इसका वॉल्यूम ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूशन कितना
है? 25 लीटर्स। क्या आप में 25 लीटर्स ऑफ़
प्लाज्मा है? ऑब्वियसली नहीं। इसका मतलब
यह है कि ड्रग ऑर्ग्स में जाकर डिपॉजिट हो
रहा है। और इस बात को हम एप्रिशिएट कर
सकते हैं कि अगर प्लाज्मा में कंसंट्रेशन
कम होती है तो ड्रग ऑर्ग्स में ज्यादा
जाता है और ड्रग का वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ता है। तो ये दोनों आपस
में इन्वर्सली रिलेटेड है। सो व्हाट इज द
यूनिट्स ऑफ वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन?
लॉजिकली किसी भी वॉल्यूम की यूनिट्स क्या
होती है? लीटर्स।
सो यूनिट्स ऑफ वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन
इज लीटर्स। बट रिमेंबर अगर वर्ड लिखा है
सिर्फ लीटर। इसका मतलब यह है हम वीडी की
बात कर रहे हैं। एक आइडियल ह्यूमन में एक
70 kg ह्यूमन में हम बात कर रहे हैं। तो
डोंट यू थिंक अगर एक 70 kg एडल्ट में 4
लीटर प्लाज्मा होता है। तो क्या एक छोटे
से बच्चे में जो सिर्फ 4-प किलो का है
उसमें भी 4 लीटर प्लाज्मा होगा? नहीं सर
उसमें कम होगा। इसीलिए इट इज बेटर टू
एक्सप्रेस वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन
अकॉर्डिंग टू बॉडी वेट। तो कई बार हम इसको
कैसे लिखते हैं? लीटर्स पर केजी ऑफ बॉडी
वेट। इससे क्या होगा? अक्रॉस ऑल एज ग्रुप
अक्रॉस ऑल बॉडी वेट हमें एक ही वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन की वैल्यू पता लग जाएगी।
सो अब आता है सवाल। सर, कौन-कौन से ऐसे
फैक्टर्स हैं जो एक ड्रग का वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन चेंज कर सकते हैं? तो पहले
फैक्टर का की बात करते हैं ड्रग की
प्रॉपर्टीज की। सो फर्स्ट प्रॉपर्टी इज
लिपिड सॉलुबिलिटी। सो इमेजिन करिए यह
प्लाज्मा है और प्लाज्मा में एक ड्रग है
और यह ड्रग लिपिड सॉलुबल ड्रग है। तो क्या
एक लिपिड सॉलुबल ड्रग प्लाज्मा जो एकॉटरी
मीडिया है उसमें रहना चाहेगा? सर? नहीं।
लिपिड सॉलुबल ड्रग तो प्लाज्मा में नहीं
रहना चाहता। वो तो सेल्स मेंब्रेन को
क्रॉस करके ऑर्गन्स में डिपॉजिट हो जाएगा
लाइक फैट्स में। सो डोंट यू थिंक लिपिड
सॉलुबल ड्रग ज्यादा ऑर्गन्स में एंटर करते
हैं। और अगर एक ड्रग ज्यादा ऑर्गन में
एंटर करेगा तो इसका वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ेगा। सो कैन वी से लिपिड
सॉलुबिलिटी ऑफ अ ड्रग इंक्रीसेस वॉल्यूम
ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन। ज्यादा ड्रग ब्लड वेसल
के बाहर ऑर्गन्स में जाएगा। बट सेकंड
फैक्टर इज़ मोरेंट। हम सब जानते हैं कि
हमारे प्लाज्मा में बड़े-बड़े प्रोटीनंस
घूम रहे होते हैं। प्लाज्मा प्रोटंस होते
हैं
लाइक एल्ब्यूुमिन एक्सट्रा। अगर एक ड्रग
प्लाज्मा प्रोटीन से बाइंड हो गया तो क्या
आपको लगता है कि प्लाज्मा प्रोटीन ड्रग को
बाहर ऑर्गन्स में जाने देगा? द आंसर इज़
नो। प्लाज्मा प्रोटीन ड्रग को ऑर्ग्स में
एंटर नहीं होने देगा। दैट इज व्हाई कैन वी
से अगर एक ड्रग प्रोटीन बाउंड है इट विल
डिक्रीस वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन
क्योंकि ड्रग अब प्लाज्मा के अंदर या
इंट्रावस्कुलर कंपार्टमेंट में ही रहेगा।
सो कैन वी से प्लाज्मा प्रोटीन बाइंडिंग
जो है वो इन्वर्सली रिलेटेड है वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन से। दैट मींस अगर ज्यादा
प्लाज्मा प्रोटीन बाइंडिंग है तो वॉल्यूम
ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन कम हो जाएगा। बिकॉज़
ड्रग ब्लड वेसल को क्रॉस नहीं कर पाएगा।
अब आपसे एक सवाल पूछा जाता है कि अमंग
लिपिड सॉलुबिलिटी एंड प्लाज्मा प्रोटीन
बाइंडिंग मेन या प्रीडमिनेंट फैक्टर कौन
सा है जो वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन को
डिसाइड करेगा। तो इस बात को बहुत सिंपली
समझ सकते हैं। इमेजिन करिए एक लिपिड
सॉलुबल ड्रग है या एक वाटर सॉलुबल ड्रग
है। कोई भी ड्रग हो अगर वो प्लाज्मा
प्रोटीन से बाइंड हो गया। वी डोंट केयर
कैसा भी ड्रग हो। कोई भी ड्रग अगर
प्लाज्मा प्रोटीन से बाइंड हो गया वेदर इट
इज लिपिड सॉलुबल यह प्लाज्मा प्रोटीन ड्रग
को बाहर नहीं जाने देंगे। सो डोंट यू थिंक
प्रीडमिनेंट फैक्टर दैट विल डिसाइड द
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन इज़ प्लाज्मा
प्रोटीन बाइंडिंग। कौन सा मेन डिसाइडिंग
फैक्टर होता है? प्लाज्मा प्रोटीन
बाइंडिंग। यह तो हो गई ड्रग की प्रॉपर्टी।
अब बात करते हैं पेशेंट या ह्यूमन की
प्रॉपर्टी फिजियोलॉजी।
डोंट यू थिंक प्लाज्मा प्रोटीनंस का लेवल
एक एडल्ट में या बच्चे में ज्यादा होता
है। एज कंपेयर टू ओल्ड एज? ओल्ड एज में
प्रोटीनंस कम होते हैं। फैट ज्यादा होता
है। सो डोंट यू थिंक ड्रग का वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बदल सकता है। सो एज लाइक
चिल्ड्रन
एडल्ट ओल्ड एज क्योंकि प्लाज्मा प्रोटीन
का अमाउंट वेरीरी करता है। द वॉल्यूम ऑफ़
डिस्ट्रीब्यूशन चेंजेस। सिमिलरली जेंडर की
बात करें मेल्स में ज्यादा प्रोटीनंस होते
हैं ब्लड वेसल के अंदर। व्हाइल फीमेल्स
में ज्यादा फैट होता है सबक्यूटेनियस फैट।
तो फीमेल्स में ज्यादा ड्रग फैट्स में
जाएगा क्योंकि प्रोटीनंस कम है। सिमिलरली
प्लाज्मा प्रोटीन चेंजेस विद प्रेगनेंसी
आल्सो। सो डोंट यू थिंक वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बदलेगा। नाउ द लास्ट पॉइंट
इज वेरीेंट
डिजीज कंडीशंस में भी वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बदलता है। सो लेट मी टेक
एन एग्जांपल। पहला लेते हैं लिवर डिजीज।
सो लिवर डिजीज लाइक सिरोहोसिस ऑफ लिवर। हम
सब जानते हैं कि प्रोटीनंस लाइक
एल्ब्यूुमिन। यह लिवर बनाता है। सो डोंट
यू थिंक इन लिवर डिजीज प्लाज्मा प्रोटीन
का लेवल कम हो जाता है बॉडी में। सो लिवर
डिजीज डिक्रीज प्लाज्मा प्रोटीन बाइंडिंग।
और अगर एक ड्रग कम प्रोटीन बाउंड होगा तो
मतलब ड्रग फ्री रहेगा ब्लड में। फ्री
फॉर्म ऑफ द ड्रग विल बी मोर। और अगर ड्रग
फ्री होगा तो वो ईजीली ब्लड वेसल को क्रॉस
कर जाएगा और अनवांटेड ऑर्गन्स में चला
जाएगा। इसका वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बढ़
जाएगा। क्योंकि इसका वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ गया। ड्रग अगर अनवांटेड
ऑर्गन में गया तो ड्रग की टॉक्सिसिटी आ
सकती है। सिमिलरली प्लाज्मा प्रोटीन बनाते
तो लिवर है बट व्हाट अबाउट रनल डिजीज
किडनी डिजीज लाइक सीकेडी
क्रॉनिक किडनी डिजीज नेफ्रोटिक सिंड्रोम
सर किडनी डिजीज का हॉलमार्क होता है लॉस
ऑफ एल्ब्यूुमिन इन यूरिन एल्ब्यूुमिन
यूरिया सो डोंट यू थिंक किडनी डिजीज में
प्लाज्मा प्रोटीन का लॉस हो जाता है यूरिन
में अगेन देयर विल बी डिक्रीज इन प्रोटीन
बाइंडिंग ऑफ ऑफ अ ड्रग जिसकी वजह से ड्रग
अब फ्री फॉर्म में ज्यादा रहेगा और ड्रग
का वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ जाएगा
और इसीलिए ड्रग अनवांटेड ऑर्गन में जाएगा
तो टॉक्सिसिटी आएगी। सो डोंट यू थिंक लिवर
डिजीज और रनल डिजीज में ड्रग की
टॉक्सिसिटी ईजीली आ सकती है। इसीलिए इन
डिजीज वाली कंडीशन में हम ड्रग की डोज़
थोड़ी कम देते हैं अपने पेशेंट में वी
रिड्यूस द डोज़। अदर कंडीशंस वी विल राइट
लाइक हेमरेज।
ब्लड का लॉस हो गया, प्लाज्मा का लॉस हो
गया। सिमिलरली शॉक
या फिर डिहाइड्रेशन बिकॉज़ शॉक और
डिहाइड्रेशन में प्लाज्मा ब्लड वेसल के
बाहर लीक करना शुरू कर देता है। और अगर
प्लाज्मा लीक करेगा तो साथ में ड्रग भी
लीक करेगा। और अगर ड्रग लीक करेगा तो
ज्यादा ड्रग ऑर्गन में जाएगा। जिसकी वजह
से वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ेगा।
अनवांटेड ऑर्ग्स में ड्रग की ईजीली
टॉक्सिसिटी आ सकती है। सो इन मोरल ऑफ द
स्टोरी इज कि डिजीज कंडीशंस में भी ड्रग
की टॉक्सिसिटी आ सकती है। सो अब बात करते
हैं सबसे इंपॉर्टेंट प्लाज्मा प्रोटीनंस
के बारे में। तो हमारे प्लाज्मा में
प्रीडमिनेंटली दो टाइप के प्रोटीनंस हैं।
पहला प्रोटीन है सर एल्ब्यूुमिन। अगर आप
देखें एल्ब्यूुमिन में बी वर्ड आ रहे हैं।
सो एल्ब्यूुमिन खुद कैसा प्रोटीन है?
एल्बुमिन खुद एक बेसिक प्रोटीन है।
सिमिलरली द सेकंड प्लाज्मा प्रोटीन इज
अल्फा वन एसिड ग्लाइको प्रोटीन। इसमें तो
सर एसिड वर्ड साफ आ रहा है। तो यह खुद
कैसा प्रोटीन होगा? सर ये एक एसिडिक
प्रोटीन है जो प्लाज्मा में घूम रहा है।
और हमने अपने स्कूल में पढ़ा है कि बेसिक
मॉलिक्यूल एसिडिक ड्रग से बाइंड करेंगे।
सो एल्ब्यूुमिन इट विल बाइंड टू वि काइंड
ऑफ ड्रग? बेसिक मॉलिक्यूल्स एसिडिक
मॉलिक्यूल्स से बाइंड करते हैं। सो इट विल
बाइंड टू एसिडिक ड्रग्स। सो एसिडिक ड्रग्स
दे आर अटैच्ड टू एल्ब्यूमिन एंड अल्फा वन
एसिड ग्लाइकोन जो खुद एक एसिडिक प्रोटीन
है। इट विल बाइंड टू वि ड्रग इट विल बाइंड
टू बेसिक ड्रग्स। तो अगर आप प्रीवियस
सेक्शन देखें हमने पढ़ा था एस्पिरिन।
एस्पिरिन एक एसिडिक ड्रग है। तो बताइए
एस्पिन किससे अटैच होगा? एस्पिरिन
एल्ब्यूुमिन प्लाज्मा प्रोटीन से अटैच
होगा। सिमिलरली मॉर्फिन मॉर्फिन एक बेसिक
ड्रग है। तो मॉर्फिन किससे अटैच होगा?
मॉर्फिन अल्फा वन एसिड ग्लाइको प्रोटीन से
अटैच होगा। तो एक लिस्ट बनाते हैं कि
कौन-कौन से ड्रग्स प्लाज्मा प्रोटीन पे
अटैच होते हैं। सो वी नो एल्ब्यूुमिन पे
अटैच होंगे एसिडिक ड्रग्स।
सो एसिडिक ड्रग्स का एक निमोनिक लिखेंगे।
ऑल एसिड्स
बाइंड
विद
एल्ब्यूुमिन
स्ट्रांगली।
सो ए स्टैंड्स फॉर वेरी इंपॉर्टेंट ड्रग
एस्पिरिन। एस्पिरन क्या है? एक नॉन
स्टेरॉइडल एंटी इनफ्लामेटरी ड्रग्स हैं।
सारे एसिडिक होते हैं। देन द सेकंड क्लास
ऑफ़ ड्रग इज़ एंटी एपिलेप्टिक जो सिज़र्स या
दौरों के लिए देते हैं। बड़े फेमस ड्रग आप
जानते हैं लाइक फेनिट, वेलप्रोइक एसिड। दे
ऑल आर एसिडिक ड्रग्स। देन वी हैव
बार्बचुरेट्स लाइक फिनोबारबिटोन,
वॉरफेरिन, पैरासिटामॉल जिसका दूसरा नाम
होता है एसिटामिनोफेन एंड वन एंटीबायोटिक
सल्फोनामाइड। सल्फोनामाइड एंटीबायोटिक है।
नाउ इनमें एटलीस्ट ट्राई टू रिमेंबर
एस्पिरिन,
एंटी एपिलेप्टिक्स और सल्फोनामाइड्स। नाउ
व्हाट अबाउट अल्फा वन एसिड
ग्लाइकोप्रोटीन? अल्फा वन एसिड
ग्लाइकोप्रोटीन तो खुद एक एसिडिक प्रोटीन
है। इट विल बाइंड टू बेसिक ड्रग। सो लेट्स
मेक अ निमोनिक ऑफ देम। एबीसी
ऑयल।
सो ए फॉर एंटी एरिदमिक ड्रग जो हार्ट पर
काम करते हैं। बीटा ब्लॉकर्स लाइक
प्रोप्राोलॉल इनके एंड में लोल वर्ड आता
है। सर यह भी हार्ट पर काम करते हैं।
कैल्शियम चैनल ब्लॉकर लाइक विरापामिल जो
हम पढ़ेंगे वो भी हार्ट में काम करता है।
ओपियोड्स लाइक मॉर्फीन जो एमआई या
मायोकारार्डियल इनफेक्शन के ट्रीटमेंट में
देते हैं। हार्ट में काम करता है।
इमीप्रमीन है एक टीसीए। टीसीएस ट्राई
साइक्लिक एंटी डिप्रेसेंट और लास्टली
लिग्नोकेन। लिग्नोकेन एक एनस्थेटिक ड्रग
है। लोकल एनस्थेटिक बट इसे हम एरिदमियास
में भी देते हैं। यह भी हार्ट पर काम करने
वाला ड्रग है। तो हार्ट वाले या
कार्डियोवस्कुलर सिस्टम में जो हम ड्रग्स
पढ़ते हैं वो ज्यादातर ड्रग बेसिक ड्रग्स
होते हैं। अल्फाब एसिड ग्लाइकोप्रोटीन से
अटैच होते हैं। सो प्लाज्मा प्रोटीन
बाइंडिंग की क्याेंस है? तो उसके लिए पहले
एक स्टेटमेंट आपने याद रखनी है। कोई भी
ड्रग जो प्लाज्मा प्रोटीन से बाइंड होता
है, इसकी जो साइट होती है, नॉन स्पेसिफिक
होती है। सो, प्लाज्मा प्रोटीन बाइंडिंग
ऑफ अ ड्रग इज़ नॉन स्पेसिफिक। और क्या यह
परमानेंटली अटैच होता है कि रिवर्सिबबली
अटैच होता है? इट इज़ रिवर्सिबल बाइंडिंग।
सो नॉन स्पेसिफिक का मतलब यह हुआ कि बहुत
सारे ड्रग्स एक सेम साइट पर अटैच हो सकते
हैं। किसी की भी कोई स्पेसिफिक साइट नहीं
होती। तो नॉन स्पेसिफिक मींस दैट मल्टीपल
ड्रग्स
कैन बाइंड टू
सेम साइट ऑन प्लाज्मा प्रोटीन। नाउ सेकंड
पॉइंट इज़ रिवर्सिबल। तो डोंट यू थिंक यह
बहुत ही ईजीली सेपरेट हो जाएगा प्लाज्मा
प्रोटीन से। तो डोंट यू थिंक अगर मैंने एक
ड्रग दिया एक ड्रग पहले वाले ड्रग को
डिस्प्लेस कर देगा और खुद अटैच हो जाएगा
क्योंकि बाइंडिंग रिवर्सिबल है। बिकॉज़ ऑफ़
दिस रीज़ वन ड्रग कैन लीड टू डिस्प्लेसमेंट
ऑफ अनदर ड्रग। एक ड्रग पहले वाले ड्रग को
प्लाज्मा प्रोटीन से अलग कर सकता है। सो
लेट्स टेक एन एग्जांपल। मान के चलिए ब्लड
में एल्ब्यूुमिन है और एल्ब्यूुमिन पे
ऑलरेडी एक ड्रग अटैच्ड है। सो अगर मैंने
एक सिमिलर दूसरा एसिडिक ड्रग दिया। सो
दूसरा ड्रग सेम साइट पर बाइंड कर सकता है
क्योंकि साइट नॉन स्पेसिफिक है। कहीं भी
बाइंड कर सकता है और पहले वाला ड्रग क्या
होगा? वो डिस्प्लेस हो जाएगा। और अगर पहले
वाला ड्रग डिस्प्लेस हो गया उसकी प्रोटीन
बाइंडिंग कम हो जाएगी और यह ड्रग फ्री हो
जाएगा और फ्री ड्रग हम जानते हैं एक ब्लड
वेसल्स को क्रॉस कर सकता है और अगर ब्लड
वेसल को क्रॉस करेगा इसका वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ गया मतलब ये ऑर्गन्स
में एंटर कर गया एंड इफ अ ड्रग एंटर्स
इंटू अनवांटेड ऑर्गन क्या हो जाएगा सर
टॉक्सिसिटी हो जाएगी सो डोंट यू थिंक मोरल
ऑफ़ द स्टोरी इज़ कि एक ड्रग जब दूसरे को
डिस्प्लेस करता है तो पहले वाले ड्रग की
टॉक्सिसिटी आ जाती है। तो ऐसे हम ड्रग
डिस्प्लेसमेंट वाले तीन क्वेश्चंस पढ़ते
हैं जो आपसे पूछे जाते हैं। सो फर्स्ट
क्वेश्चन इज़ टेल मी व्हाई ऑल एंटी
एपिलेप्टिक ड्रग्स दे इंक्रीस और एनहांस
ईच अदर टॉक्सिसिटी। मतलब एक एंटी
एपिलेप्टिक ड्रग दूसरे एंटी एपिलेप्टिक
ड्रग की टॉक्सिसिटी बढ़ा सकता है। फर्स्ट
लेट्स अंडरस्टैंड द रीज़न। तो मान के चलिए
प्लाज्मा में प्रोटीन है एल्ब्यूुमिन
और एल्ब्यूुमिन पे लेट्स से पहले से एक
एंटी एपिलेप्टिक ड्रग अटैच है फेनिटॉइन।
फेनिट अटैच है। तो फेनिट आप सिज़र्स को
कंट्रोल या एपिलेप्सी को कंट्रोल करने के
लिए दे रहे थे। आपने देखा कि आपके पेशेंट
में फेनिटॉइन से पूरा इफेक्ट नहीं आ रहा।
तो एज अ डॉक्टर आपने डिसाइड किया चलिए एक
और एंटी एपिलेप्टिक ड्रग ऐड कर देते हैं।
तो आपने पेशेंट में लेट्स से वेलप्रोइक
एसिड ऐड कर दिया। डोंट यू थिंक वेलपोइक
एसिड भी सेम साइड पे बाइंड कर सकता है।
जिसकी वजह से जो पहले फेनिट था वो फ्री हो
जाएगा। फ्री हो गया तो ऑर्गन्स में एंटर
कर जाएगा। व्हाई? क्योंकि इसका वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ जाएगा और अनवांटेड
ऑर्गन में फेनिटॉइन की टॉक्सिसिटी आ
जाएगी। सो दैट इज व्हाई ऑल एंटी
एपिलेप्टिक ड्रग्स दे एनहांस ईच अदर
टॉक्सिसिटी। द रीजन इज दे डिस्प्लेस
ईच अदर फ्रॉम एल्ब्यूुमिन। यह एक दूसरे को
एल्ब्यूुमिन से डिस्प्लेस कर देते हैं।
जिसकी वजह से अब ड्रग बाउंड फॉर्म में
नहीं रह गया। ड्रग फ्री फॉर्म में आ गया।
तो फ्री फ्रैक्शन ऑफ द ड्रग विल इंक्रीस।
जिसकी वजह से ड्रग नाउ विल एंटर इनू
अनवांटेड ऑर्गन। फ्री ड्रग क्रॉस कर जाता
है। वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ेगा
व्हिच विल लीड टू टॉक्सिसिटी इन ऑर्ग्स।
सो सिमिलरली नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ एक
एंटीबायोटिक होती है सर सल्फोनामाइड्स।
और एक ड्रग है वो ट्राइमोक्साजोल। इसमें
भी सल्फोनमाइड ही होती है। और स्टेटमेंट
है सल्फोनमाइड्स आर एब्सोल्यूटली
कॉन्ट्राइंडिकेटेड इन न्यूबर्न बेबीज या
नियोनेट्स एंड आल्सो लास्ट ट्रायमेस्टर ऑफ़
प्रेगनेंसी। लेट्स सी द रीज़न व्हाई
रिमेंबर हमारे ब्लड में एक बहुत ही
टॉक्सिक मॉलिक्यूल घूम रहा है बिलरुबिन।
बिलरुबिन क्या है? हमारी बॉडी में
एंडोजेनस टॉक्सिन है जो हीम के डिग्रेडेशन
के बाद बनता है। बट नॉर्मली घबराने की बात
नहीं है। दिस बिलरुरबिन इज नॉर्मली अटैच्ड
और बाउंड टू एल्ब्यूुमिन? ये एल्ब्यूुमिन
पे अटैच होता है। नाउ इमेजिन कि एक बच्चे
में आपने एस से सल्फोनमाइट्स दिया। डोंट
यू थिंक सल्फोनोनामाइड्स भी एल्ब्यूुमिन
पर अटैच होते हैं। जिसकी वजह से यह जो
बेलरबिन है यह सेपरेट हो जाएगा या
डिस्प्लेस हो जाएगा एल्ब्यूुमिन से और
बेलरबिन फिर ब्लड वेसल्स को क्रॉस कर
जाएगा।
और अगर यह ब्लड वेसल्स को क्रॉस कर गया
नॉर्मली आप में और मेरे में मतलब एडल्ट्स
में कोई प्रॉब्लम की बात नहीं है।
प्रॉब्लम की बात आती है नियोनेट्स में
क्योंकि आप में और मेरे में जो हमारा ब्लड
ब्रेन बैरियर है वो पूरे तरीके से या
फुल्ली डेवलप्ड है। और नॉर्मली एडल्ट्स
में बिलरबिन ब्रेन में एंटर नहीं कर सकता।
बट इन नियोनेट द ब्लड ब्रेन बैरियर इज नॉट
फुल्ली डेवलप्ड। पूरी तरीके से अभी डेवलप
नहीं है। डोंट यू थिंक दिस बिलरुरबिन इट
कैन एंटर इनू द ब्रेन ऑफ अ नियोनेट और
बिलरुबिन बहुत टॉक्सिक है। यह ब्रेन डैमेज
कर देता है। और जब बिलरुबिन से ब्रेन
डैमेज होता है नियोनेट में इस बीमारी को
हमने नाम दे दिया करनक्टरस।
तो सल्फोनमाइड से क्या हो जाएगा? कर्नित
तरस। सो लेट्स राइट दिस रीजन। रीजन इज दैट
दी सल्फोनमाइड्स दे डिस्प्लेस
बिलरबिन
फ्रॉम एल्ब्यूुमिन।
बिकॉज़ ऑफ़ दिस रीज़ दिस बिलरुबिन इट विल
बिकम फ्री एंड फ्री बिलरुरबिन इट कैन एंटर
इंटू द ब्रेन ऑफ नियोनेट। न्यूबर्न बच्चे
में आल्सो एक डेवलपिंग फीटस में भी एंटर
करेगा। तो लास्ट ट्रायमेस्टर ऑफ़
प्रेगनेंसी एंड इट कॉजेस ब्रेन डैमेज
व्हिच इज नोन एज कार्निक्टरस। तो
सल्फोनमाइड एंटीबायोटिक को न्यूबर्न में
मत दीजिए। प्रेगनेंसी में मत दीजिए।
इससेनिक्टरस होता है। एंड द लास्ट
इंटरेक्शन यू मस्ट रिमेंबर इज़ एस्पिरिन।
सो एस्पिरिन को अगर हम एक सल्फोनिल यूरिया
सल्फोनल यूरिया में एक ड्रग लिख लीजिए।
टॉल ब्यूटामाइड यह डायबिटीज में देते हैं
क्योंकि इससे इंसुलिन सिक्रीशन होता है।
अगर हमने एस्पिन को टॉल ब्यूटामाइड के साथ
दिया तो हाइपोग्लाइससीमिया होगा। सेम रीजन
एल्ब्यूुमिन पे टॉल ब्यूटामाइड अटैच्ड है।
और अगर आपने एस्पिरिन दिया एस्पिरिन विल
डिस्प्लेस दिस टॉल ब्यूटामाइड फ्रॉम
एल्ब्यूुमिन। और टॉल ब्यूटामाइड अगर
डिस्प्लेस हो गया या फ्री हो गया इट कैन
एंटर इनू एन ऑर्गन नोन एज पनक्रियाज। यह
पनक्रियाज में एंटर करेगा। और टॉल
ब्यूटामाइड या सल्फोनिल यूरिया का काम
होता है इंसुलिन का सिकक्रशन कराना।
इमेजिन करिए अगर ज्यादा इंसुलिन सिकक्रट
होगी तो क्या हो जाएगा? सडनली पेशेंट को
क्या हो जाएगा? हाइपोग्लाइसीमिया हो
जाएगा। सो अगेन यू विल राइट एस्पिरिन इन
डिस्प्लेस।
दिस सल्फोनिल यूरिया टॉल ब्यूटामाइड फ्रॉम
बेलरबिन
बिकॉज़ ऑफ दिस रीजन टॉल ब्यूटामाइड इट्स
फ्री फ्रैक्शन विल इंक्रीस और फ्री हो गया
तो इसका वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बढ़
गया। मतलब यह अब एंटर कर जाएगा पनक्रियाज
में एंड इट कैन कॉज इंसुलिन सिकक्रशन
व्हिच कैन लीड टू हाइपोग्लाइससीमिया।
सो दिस इज अबाउट द ड्रग डिस्प्लेसमेंट
रिएक्शन। अब हम बात करते हैं एक बहुत ही
इंपॉर्टेंट टेक्निक की हीमोडायलिसिस की।
हीमो का मतलब होता है ब्लड। डायलिसिस का
मतलब होता है ब्लड को फिल्टर करना। और
हीमोडायलिसिस हम करते हैं ड्रग की
पोइजनिंग के ट्रीटमेंट में। सो इट इज़
यूज्ड इन पोइजनिंग ट्रीटमेंट ऑफ अ ड्रग।
तो हीमोडायलिसिस में हम क्या करते हैं?
सिंपली पेशेंट का ब्लड बाहर निकालते हैं
और यह ब्लड जो पेशेंट का बाहर निकला है एक
मशीन में जाता है और इस मशीन में जो ड्रग
है यह ड्रग फिर फिल्टर होता है थ्रू सेमी
परमीिएबल मेंब्रेन। सो यह जो ड्रग या
पोइजन है इसे हम फिल्टर कर देते हैं थ्रू
सेमी परमीिएबल मेंब्रेन ताकि ड्रग बॉडी
में ना रहे। तो पहला सवाल आता है कि अगर
किसी भी ड्रग का बहुत ही हाई वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन है तो क्या आप
हीमोडायलिसिस करोगे कि नहीं करोगे?
रिमेंबर हाई बीडी का मतलब क्या था? कि
ड्रग ब्लड वेसल में नहीं है। द ड्रग इज
नॉट प्रेजेंट इनसाइड द ब्लड। ड्रग तो सर
ऑर्गन्स में डिपॉजिटेड है। तो क्या आप
ब्लड को बाहर निकाल के ड्रग को फिल्टर कर
सकते हो? द आंसर इज नो। सो देयर इज नो रोल
ऑफ हीमोडायलेसिस
इन द पोइजनिंग ऑफ हाई बीडी ड्रग। सो लेट
मी गिव यू एन एग्जांपल। एक एग्जांपल लेते
हैं। डाइजोक्सिन। सर अगर मैं कहूं
डाइजोक्सिन का वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन
है 40
लीटर्स ऑफ प्लाज्मा। तो क्या आप में 450
लीटर ऑफ़ प्लाज्मा है? ऑब्वियसली नहीं।
इसका मतलब डजॉक्सिन ऑर्गन्स में डिपॉजिटेड
होता है। ब्लड में नहीं होता। इसीलिए
डजॉक्सिन की पोइजनिंग में आप ब्लड को बाहर
निकाल के फिल्टर करके हीमोडायलिसिस करके
क्या करोगे? नेक्स्ट सिनेरियो इज़ सर एक
ड्रग प्लाज्मा में बहुत ही हाईली प्रोटीन
बाउंड फॉर्म में है। तो आपको क्या लगता है
यह जो प्लाज्मा प्रोटीन से बाउंड ड्रग है,
प्लाज्मा प्रोटीन ड्रग को फिल्टर होने
देंगे, क्रॉस करने देंगे मेंब्रेन को? द
आंसर इज़ नो। सो इफ अ ड्रग इज बाउंड टू
प्लाज्मा प्रोटीन द प्लाज्मा प्रोटीन विल
नॉट अलव अ ड्रग टू फिल्टर।
सो वुड यू लाइक टू डू हीमोडायलेसिस इन
पोइजनिंग ऑफ हाई प्रोटीन बाउंड ड्रग? द
आंसर इज़ अगेन नो रोल नहीं करोगे। लेट्स
टेक एन एग्जांपल। एग्जांपल इज़ वॉरफरिन।
वॉरफरिन इट इज़ 99%
एल्ब्यूुमिन बाउंड। एल्ब्यूुमिन से बाउंड
होता है। प्लाज्मा प्रोटीन से एल्ब्यूुमिन
इसे बाहर नहीं होने देगा। तो वॉरफरिन
पोइजनिंग में भी आप हीमोडायलिसिस नहीं
करोगे। इसीलिए डाइजोक्सिन वॉरफरिन जिसमें
आप हीमोडायलेसिस नहीं कर सकते। हमें बनानी
पड़ी इन ड्रग्स की एंटीडोट। तो मैं आपको
बताऊंगा डाइजोक्सिन की एंटीीडोट होती है
डिजीबाइंड। वॉरफोरिन की एंटीडोट होती है
विटामिन के के इंजेक्शंस। सो अब सवाल आता
है कि सर कब करेंगे? रिमेंबर हम करते हैं
अगर एक ड्रग लो वीडी है। लोडी का मतलब द
ड्रग इज प्रेजेंट इनसाइड द ब्लड। लो विडी
मतलब ड्रग को ब्लड में होना चाहिए। और
ब्लड में भी प्रोटीन बाउंड फॉर्म में होना
चाहिए कि फ्री फॉर्म में होना चाहिए।
रिमेंबर ड्रग को बहुत ही लो प्रोटीन बाउंड
फॉर्म में होना चाहिए। मतलब ड्रग को फ्री
फॉर्म में होना चाहिए। क्योंकि एक फ्री
फॉर्म ऑफ ड्रग ही सिर्फ फिल्टर हो सकता है
इन हीमोडायलिसिस। सो हम सिर्फ थर्ड केस
में हीमोडायलिसिस करेंगे। तो फाइनली एक
लिस्ट बनाते हैं। कौन से ड्रग्स के केस
में हीमोडायलिसिस करनी है पोइजनिंग में।
कौन से में नहीं करनी? सो हीमोडायलिसिस हम
करते हैं किसकी पोइजनिंग में? न्यूमोनिक
है ब्लास्ट। ब्लास्ट की पोइजनिंग में हम
करते हैं। बी फॉर बारबीचुरेट्स लाइक
फिनोबारबिटोन।
एल से लिथियम वेरीेंट अल्कोहल्स
एस्पिरन पोइजनिंग एस्पिरिन एक टाइप का
सेलिसाइलेट है एंड लास्टली थियोफिनिनल तो
अगर मैं आपसे पूछूं मीथेनॉल पोइजनिंग
मिथेनॉल क्या है एक अल्कोहल है आप करेंगे
पोइजनिंग नाउ कौन से ड्रग में हमें नहीं
करना नो रोल ऑफ हीमोडायलेसिस मेक अ
निमोनिक अवॉयड एबीसी ए फॉर एफिटमिन रेव
पार्टी वाला ड्रग डोंट यू थिंक ब्रेन में
जाता होगा। बड़ा मजा आता है। तो सर ये तो
ब्रेन में बैठा है। ब्लड में तो है नहीं।
इसका बड़ा हाई वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन
है। नो रोल ऑफ हीमोडायलेसिस इन एफिटमिन
पोइजनिंग। वेरापामिल और वॉरफरिन रिमेंबर
दे आर हाईली प्रोटीन बाउंड ड्रग।
इसीलिए हीमोडायलिसिस नहीं करनी। सेम विद
ऑर्गेनो फास्फेट हाई वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन। इमीप्रमीन व्हिच इज अ
ट्राईसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट। वेरी
इंपॉर्टेंट अभी हमने पढ़ा डजोक्सिन
पोइजनिंग डोंट डू हीमोडायलेसिस बहुत ही
हाई वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन था एमोडरॉन
एक एंटी एरिदमिक ड्रग है बेंजोडाइसींस
लाइक डजीपाम दे आर हली लिपिड सॉलुबल ड्रग
नो रोल ऑफ हीमोडायलेसिस एंड लास्टली एक
मलेरिया वाला ड्रग क्लोरोक्वीन नाउ
इनफैक्ट इस क्लोरोक्वीन को इन सर्कल करिए
सर हमें जितने भी ड्रग्स पता है उन सारे
ड्रग्स में से हाईएस्ट वॉल्यूम ऑफ ऑफ़
डिस्ट्रीब्यूशन कौन से ड्रग का होता है?
हाईएस्ट वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन
क्लोरोक्वीन का होता है। सो क्लोरोक्वीन
का सर वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन कितना
है? इट इज मोर देन 15 थाउजेंड लीटर्स ऑफ
प्लाज्मा।
क्या आप में 15,000 लीटर प्लाज्मा है?
ऑब्वियसली नहीं है। इसका मतलब क्लोरोक्वीन
हर ऑर्गन में जाके डिपॉजिट हो जाता है। सो
क्लोरोक्वीन इट डिपॉजिट्स इन ऑल ऑर्गन।
एंड डोंट यू थिंक अगर क्लोरोक्वीन हर
ऑर्गन में डिपॉजिट होता है तो क्लोरोक्वीन
का हर ऑर्गन में साइड इफेक्ट भी आता होगा।
फिलहाल हम एक ऑर्गन उठाते हैं। लेट्स से
क्लोरोक्वीन डिपॉजिट्स इन रेटिना। यह
रेटिना में डिपॉजिट होता है। तो अगर हम
फंडोस्कोपी करें टॉर्च से रेटिना को आगे
से देखें। दिस इज रेटिना। सर क्लोरोक्वीन
कुछ इस तरीके से डिपॉजिट होता है। लाइक
कंसेंट्रिक रिंग्स टारगेट की तरह। डोंट यू
थिंक ये जो कंसेंट्रिक रिंग्स डिपज़िशन है
क्लोरोक्वीन का, यह एक शूटिंग बोर्ड की
तरह दिख रहा है हमें। सो जो शूटिंग बोर्ड
हम ओलंपिक्स में देखते हैं, शूटिंग बोर्ड
का दूसरा नाम होता है बुलजाई।
सो डोंट यू थिंक जब क्लोरोक्वीन एज अ
टारगेट या बुल्स आई की तरह रेटिना में
डिपॉजिट होता है। इट कॉजेस बुल्स आई
मैक्युलोपैथी
मैकुलाई इज नथिंग इट इज़ रेटिना एंड
क्लोरोक्वीन इट कैन लीड टू परमानेंट
ब्लाइंडनेस।
सो अगर मैं आपको ये पिक्चर दिखाऊं इस
पिक्चर में क्या आप एप्रिशिएट कर पा रहे
हैं कंसेंट्रिक रिंग्स? सो व्हाट इज दिस?
दिस इज़ डिपोज़िशन ऑफ़ क्लोरोक्वीन। दिस इज़
बुलजाई मैकुलोपैथी कॉज्ड बाय क्लोरोक्वीन।
सो फाइनली एक टर्म पढ़ते हैं व्हिच इज़
सिमिलर टू डिस्ट्रीब्यूशन बट टर्म का नाम
है रिीस्ट्रीब्यूशन।
तो पहला एक पॉइंट याद रखना है कि सर कहीं
भी रिडिस्ट्रीब्यूशन वर्ड आ जाए। हमें एक
ड्रग का नाम बिल्कुल भी नहीं भूलना। दैट
इज थायोपेंटोन।
ठीक है? थायोपेंटोन का नाम
रिडिस्ट्रीब्यूशन आए। हमें याद रखना है।
नाउ रिस्ट्रीब्यूशन समझते हैं। एक पॉइंट
लिखेंगे। रिस्ट्रीब्यूशन इज सीन विद हली
लिपिड सॉलुबल ड्रग्स।
रिीस्ट्रीब्यूशन कौन से ड्रग करते हैं?
हाइली लिपिड सॉलुबल ड्रग शो करते हैं। सो
थायोपेंटोन इज अ हली लिपिड सॉलुबल ड्रग।
दूसरा एक ओपियोड फेंटानिलन और जनरल
एनस्थेटिक ड्रग्स जो आदमी को अनकॉन्शियस
करते हैं, बेहोश कर देते हैं। दे आर आल्सो
हाईली लिपिड सॉलीबल ड्रग। इनफैक्ट
थायोपेंटोन का यूज़ क्या है? थायोपेंटोन भी
एक जनरल एनस्थेटिक ड्रग है। आदमी को बेहोश
करने के लिए देते हैं। सो लेट्स से हमने
एक पेशेंट को थायोपेंटोन का इंजेक्शन
दिया। हमने ब्लड में थायोपेंटोन दिया। तो
अगर मैं कहूं कि आप ब्रेन में बहुत अच्छी
ब्लड सप्लाई है। यस। तो पहले थायोपेंटोन
ब्रेन में जाएगा क्योंकि ब्रेन में देयर
इज अ वेरी गुड ब्लड सप्लाई। जैसे ही
थायोपेंटोन इंजेक्शन दिया दो-4 मिनट में
ब्रेन में पहुंचा दो से 5 मिनट में आदमी
बेहोश हो जाएगा। सो पर्सन विल हैव जनरल
एनस्थेटिक इफेक्ट। अब इमेजिन करिए
थायोपेंटोन ब्रेन से बाहर निकला और दोबारा
ब्लड में आया।
नॉर्मली क्या होता है ड्रग्स के साथ?
जितने भी ड्रग्स होते हैं मोस्ट ऑफ द
ड्रग्स वह ड्रग्स फिर किडनी में चले जाते
हैं और किडनी में जाके वो यूरिन में
एलिमिनेट हो जाते हैं। यह मैक्सिमम ड्रग्स
के साथ यही होता है। यूरिन में एलिमिनेशन
हो जाता है जिसकी वजह से ड्रग्स का जो
एक्शन है वो ओवर या खत्म हो जाता है। बट
ऐसा थायोपेंटोन के साथ नहीं देखा जाता।
थायोपेंटोन सर यूरिन में नहीं निकलता
क्योंकि थायोपेंटोन एक हाईली लिपिड सॉलुबल
ड्रग है। थायोपेंटोन
यूरिन में जाने की बजाय वो प्रेफर करेगा
फैट्स वाले सेल्स में या एडिपोस टिश्यूस
में डिपॉजिट होना क्योंकि यह भी फैटी
मॉलिक्यूल है। सो थायोपेंटोन रिमेंबर
यूरिन में नहीं निकलता क्योंकि ये लिपिड
सॉलीबल ड्रग है। इट डिपॉज़िट्स इन फैट।
नाउ दिस प्रॉपर्टी इज़ नोन ऐज़
रिस्ट्रीब्यूशन।
व्हाई रिस्ट्रीब्यूशन? क्योंकि पहले ब्रेन
में गया। ब्रेन से जब बाहर आया तो
एलिमिनेट नहीं हुआ। दोबारा ऑर्गन्स में
डिस्ट्रीब्यूट हो गया। लाइक फैट्स
रिस्ट्रीब्यूशन।
सो डोंट यू थिंक अब थायोपेंटोन का ब्लड
में लेवल कम हो जाएगा। क्योंकि वो ब्रेन
से निकल गया और एडिपोस टिश्यू में चला
गया। सो बिकॉज़ ऑफ दिस रिीस्ट्रीब्यूशन
थायोपेंटोन का जो एक्शन है वो ओवर होगा।
थायोपेंटोन का ब्रेन में एक्शन कैसे खत्म
होता है? बाय अ प्रोसेस नोन एज
रीडिस्ट्रीब्यूशन। सो मोरल ऑफ द स्टोरी इज
अगर मैं आपसे पूछूं कि सारे ड्रग्स का
एक्शन बॉडी में कैसे खत्म होता है? ओवर
कैसे होता है? ऑल ड्रग्स
देयर एक्शन
इज ओवर देयर एक्शन इज ओवर बाय अ प्रोसेस
नोन एज एलिमिनेशन इनू द यूरिन बट
एक्सेप्शन क्या है थायोपेंटोन
थायोपेंटोन का एक्शन कैसे टर्मिनेट होता
है बाय रेदर रिीस्ट्रीब्यूशन इंटू द फैट्स
क्योंकि यह हाइली लिपिड सॉलीबल ड्रग है
फैट में डिपॉजिट हो जाता है। सो लेट्स टॉक
अबाउट नाउ समरी। सो एक्स्ट्रा वैस्कुलर
डिपजिशन ऑफ ड्रग को हम क्या बोलते हैं?
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन।
क्या वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन एक ट्रू
वॉल्यूम है? नो सर, इट इज़ अ फॉल्स
वॉल्यूम।
नाउ लिपिड सॉलुबिलिटी ऑफ़ अ ड्रग इंक्रीसेस
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन। बट अगर ड्रग
प्लाज्मा प्रोटीन बाउंड है, इट विल
डिक्रीज वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन।
एसिडिक ड्रग्स लाइक एस्परिन,
वेलप्रोइक एसिड, सल्फोनमाइड यह कौन से
प्रोटीन से अटैच होते हैं? बेसिक प्रोटीन
एल्ब्यूमिन से अटैच होते हैं। एंड
सिमिलरली बेसिक ड्रग्स लाइक मॉर्फिन एंड
लिग्नोकेन दे आर रेदर अटैच्ड टू अल्फा वन
एसिड ग्लाइको प्रोटीन।
नेक्स्ट पॉइंट हीमोडायलेसिस
इफेक्टिव नहीं होती डाइजोक्सिन में।
क्यों? क्योंकि डइजोक्सिन का वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन बहुत ही हाई है 450
लीटर। सिमिलरली हीमोडायलेसिस इफेक्टिव
नहीं होती वॉरफरिन की पोइजनिंग में
क्योंकि वॉरफरिन इज हाईली प्रोटीन बाउंड।
99% एल्ब्यूुमिन बाउंड। प्रोटीन इसे
फिल्टर नहीं होने देंगे। सो क्लोरोक्वीन
जब रेटिना में डिपॉजिट होता था कंसेंट्रिक
रिंग्स की तरह इसको हम बोलते थे बुल्स आई
मैक्यूलोपैथी। तो बुल्झाई मैकुलोपैथी कौन
सा ड्रग करता है? क्लोरोक्वीन। एंड
लास्टली रिीस्ट्रीब्यूशन कौन से ड्रग शो
करते हैं? जो हाईली लिपिड सॉलुबल होते हैं
लाइक थायोपेंटोन।
तो इनका एक्शन कैसे खत्म होता है? यह फैट
में जाके डिपॉजिट हो जाते हैं। सो, लेट्स
सॉल्व सर्टेन एमसीक्यूस। सो अपेरेंट
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ अ ड्रग इज
वेरी हाई कितना है सर? 6 लीटर पर केजी
मतलब
70 kg वाले आदमी में कितना वॉल्यूम होगा
मल्टीप्लाई बाय सिक्स 40
लीटर्स ऑफ प्लाज्मा तो इतना तो हमारे अंदर
नहीं है। तो बड़ा हाई वॉल्यूम ऑफ
डिस्ट्रीब्यूशन है इस ड्रग का। नाउ व्हिच
ऑफ द फॉलोइंग स्टेटमेंट इज ट्रू
रिगार्डिंग द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ अ ड्रग?
तो अगर एक ड्रग का बहुत हाई बीडी होता है
क्या वो हाईली प्लाज्मा प्रोटीन बाउंड है?
फॉल्स। प्लाज्मा प्रोटीन बाइंडिंग तो
वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन को कम कर देता
है। ड्रग बाहर नहीं निकल पाता। क्या ड्रग
कनफाइंड है वैस्कुलर कंपार्टमेंट में?
अगेन फॉल्स। ड्रग तो सर ऑर्गन्स में
डिपॉजिट हो जाता है। सो द ऑप्शन सी इज़
करेक्ट। ड्रग इज़ सिक्वेस्टर्ड मतलब
डिपॉज़िटेड इन बॉडी टिश्यू। नेक्स्ट
क्वेश्चन। हीमोडायलेसिस कौन से ड्रग की
पोइजनिंग में इफेक्टिव नहीं है? नॉट
इफेक्टिव इन द पोइजनिंग। तो हमने एक
निमोनिक पढ़ा था ब्लास्ट। ब्लास्ट में हम
करते थे। अवॉयड एबीसी में नहीं करते थे।
तो रिमेंबर द आंसर डाइजोक्सिन। डाइजोक्सिन
में हीमोडायलेसिस नहीं करते क्योंकि इसका
वंडी वॉल्यूम ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन बहुत ही
हाई है। सो दिस फिनिशेस डिस्ट्रीब्यूशन।
बेस्ट विशेस। थैंक यू वेरी मच।
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