Ethanol, Ram Mandir, Cockroach Party | ROFL back on Diss-course
वेलकम, वेलकम टू द न्यू एपिसोड ऑफ AMV
pडकास्ट। कैसे हो भाई? रफल भाई, रफूल भाई,
रफी भाई आ चुके हैं। ऑडियंस के लिए बता
दूं कि दिन भर जो कमेंट करते हैं।
आते हैं क्या कमेंट आपको कि
अभी भी आते हैं कोई भी रैंडम वीडियो चल
रहा है। इंटेलेक्चुअल कोई सी कोई किसी कोई
किसी कोई किसी कोई किसी कोई किसी कोई किसी
कोई किसी कोई किसी कोई किसी कोई किसी कोई
किसी उसका नीचे एक ही कमेंट आता है। राफेल
भाई को बुलाओ। मैंने कहा अरे भाई ये तो
देख ले जो चल रहा है। [हंसी]
बेल की बेल बजाओगे।
आ जाएगा।
ये क्या है?
चाहिए।
Zomato टाइप की मेंटालिटी हो गई ना लोगों
की। [हंसी]
Zomato पे कस्टमर केयर पे बात करते-करते
लोग वैसे ही हो गए। अभी [हंसी] इसको बुलाओ
को बुलाओ ये करो वो करो।
मैंने कहा बट ठीक है।
हमारे उस पे भी आते थे खबरें आजम जो हम
करते हैं उस पे भी इस तरह के कमेंट आते
हैं। जिसको गेस्ट आना होता है ना वो अपने
लोगों को बोलता है कि वहां जाके कमेंट
करो।
हां ये कई बार होता है। ये कई बार होता
है। क्योंकि ऐसे कई लोगों के सजेशन आते
हैं जिनका कोई सेंस नहीं बनता।
बट उन कहते हैं इसको बुलाओ, इसको बुलाओ,
इसको बुलाओ। तो मैंने कहा यार इसका मतलब
मैंने ये अपने आदमी रखे हुए हैं जो
हां मैंने कहा यार इसको बुलाओ ये इतना
स्पेसिफिक सजेशन कौन दे रहा है और कई बार
दे रहे हैं लोग
तो ये भी एक तरीका होता है इन जनरल तो
ईमेल्स बहुत आते हैं
कि हमें पीआर एजेंसीज के कि इन्होंने इस
मेडिसिन का ये किया है इन्हें मैं इनकी
पीआर एजेंट हूं आज भी आए थे चार पांच ईमेल
कि इन्होंने कुछ स्कल्पर हैं और इन्होंने
ये किया है इनको बुलाओ टाइप के
तो पडकास्टिंग भी एक पीआर एजेंसी का ये भी
आते हैं कि कि इनको क्यों इनको सिर्फ
बड़े-बड़े लोगों को बुलाते रहते हो। कोई
रैंडम आदमी लिखेगा कि कभी हमें भी बुलाओ।
आप कौन है? मतलब डीएम भी आते हैं कि नहीं
मेरे फॉलोवर्स नहीं है कुछ नहीं है लेकिन
मेरे पास बातें हैं कहने के लिए।
एक आप अपनी मेंबरशिप रख सकते हो ना कुणाल
कांबरा की $50,000 टाइप की।
$50,000 व्हाट?
$50,000 उसमें गेस्ट आ सकते हैं कोई भी जो
चाहे
$50,000
ट्रंप आएगा। [हंसी]
एक मेंबरशिप रख दो ना गेस्ट भी आ सकते हैं
बट इतने इतने $000 के बाद
हमने $500 देके ट्रंप बुला लिया था [हंसी]
नकली वाला बुलाया
उसने पैसे लिए नकली वाले ट्रंप ने ये रहा
नकली वाला ट्रंप
ये नहीं मतलब पीछे वीडियो वीडियो डाल
देंगे ना हम लोग [हंसी]
मैं देख रहा हूं घोड़े कह रहे हैं लग तो
रहा है गधा तो
वो
प्रोफेशनल था वो
गधा है हां
प्रोफेशनल था वो तो न्यूज़ वो उस पे भी
आया था नाविका
या किसी के चैनल पे पे भी आया था टाइम
स्नाउ वगैरह हां तो उन्होंने उसको ट्रंप
बना के जो गालियां वालियां दी उसको उसको
$500 मिलने थे उसको क्या मतलब है
जब कुछ चल रहा था मोदी ट्रंप का कुछ ऐसा
चल रहा था तो उसने
वो भी एक अपना बिज़नेस है ना सबको ₹5000
देते हैं वो लोग इन जनरल जो भी वक्त है
वहां पे आते हैं लड़ने के
हां तो वो $500 में ड्रम बना हुआ है ये $5
लाख में एंकर न्यूज़ एंकर बने हुए हैं।
$5 लाख तो ठीक-ठाक है।
हां तो है तो नकली ना यह भी
[हंसी]
बड़ा अमाउंट छोटा अमाउंट क्या होता है?
मतलब वो तो है
5 लाख तो ठीक-ठाक अमाउंट है।
5 लाख
प्लस प्लस जो वही का तो बड़ी है ना
गवर्नमेंट का भी अलग हो
जो बड़े वाले होते हैं इनको कितना मिलता
है ऐसे
बड़े एंकर जो होते हैं
अभी नाविका ही थी क्या वो नहीं नाविका थी
जो टाइम्स नाउ की जो हेड है उसने सुनील
शेट्टी का इंटरव्यू लिया
हां वही है वो वही है
वही है ना तो सुनील शेट्टी ने बोला कि
मेरा जो मेरी जो ग्रैंड डॉटर है वो बोलती
है कि वो मोदी जी मोदी जी करती है
हम साईं बाबा की साईं मोदी जी की फोटो लगी
है।
बोलती है उनकी जो नैनी है वह पूछती है यह
कौन है? तो बोलती है मोदी जी मोदी जी।
तो बोलता है कुछ तो बात होगी ना उनमें।
हम्म
फकीर फकीर का कहीं
हां कुछ तो कुछ तो बात होगी। पहले मैं
उसको बड़ा इंटेलिजेंट समझता था। मैंने कहा
अरे कितना फिट है यार ये वो है।
इंटेलिजेंट तो है।
कैसे?
वो अब इंटेलिजेंट आदमी ऐसी बात कर सकता है
जो आज के टाइम में जो ऐसी बात बोल के कुछ
धंधा निकाल ले। कुछ अपना उसके धंधे हैं ना
बहुत सारे होटल्स वगैरह हैं।
शेट्टी है वो। मुंबई के शेटी तो बहुत ही
होते हैं और जमीन वमीन का भी इसका काम है
प्रॉपर्टी वगैरह का भी
इसलिए कर रहे हैं वो
करना पड़ता है ना
तो हेराफेरी के सारी कास्ट
वो एक जगह आ गई है
एक जगह आ गई परेश रावल
[हंसी]
परेश रावल
[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
अक्षय अक्षय कुमार और ये
परेश रावल तो हां परेश रावल हो गया अक्षय
कुमार हो गया परेश रावल का वो तो अलग लेवल
हो गया तो
वो अपना वो यूरिन पीते हैं उन्होंने
खुद का मूत पीता है आदमी तो फिर वो तो है
हां तो किसी ने लन टॉप में बोला कि मैं
खुद का यूरिन पीता हूं।
आई वास सरप्राइज कि सौरभ जी ने उसको कुछ
पूछा नहीं। उसके वो जस्ट ब्लैंक फिश से
उनको देख रहे थे।
हां।
नॉर्मली कोई शौक होगा ना कोई ऐसी बात बोले
तो उन्होंने [हंसी]
उसको
[हंसी]
अच्छा है भाई। बट बट रिसेंटली क्या हुआ कि
एक कल ही मैं फिल्म देखने वाला।
अच्छा एक बात इससे बात निकली आपको। वो
मैंने एक चीज नोटिस की है जो आपने भी शायद
की है कि नहीं पिछले
पिछले 10 12 साल में हमारे ये वाले जो
साईं बाबा हैं शिरडी वाले वो वो नहीं
पुठापी वाले वो साउथ वाले नहीं वो एक तो
वो वाले हैं घूंघरालू बाल वाले जिनके सचिन
फैन है
सत्य साईं बाबा
वो तो सत्य साईं हैं जो अंगूठी निकालते
हां तो उनको तो अरे सत्य क्यों लगाया नाम
के आगे क्या पिछले वाले क्या झूठे साईं थे
नहीं ऐसा नहीं लगाना चाहिए था वैसे सत्य
बट ये नॉर्मली लगाते ना लोग डेरा सच्चा
सौदा
तो झूठा है दूसरे वाले झूठे होते हैं
[हंसी]
डेरा झूठा सौदा ये वाले जो साईं बाबा थे
पहले वाले
जो शिरडी वाले साईं बाबा
तो 2.0 है सत्य साईं तो वो ओरिजिनल वाले
जो थे आपने ये चीज नोटिस की कि पिछले 10
साल में वो एक तरह से गायब हो गए
क्योंकि राइट विंगर्स उनके पीछे पड़े हुए
हैं।
और उनकी जगह किस बाबा का उत्थान हुआ है?
मतलब बाबा नहीं भगवान का
बागेश्वर
खाटू श्याम जी का। हां
तो साईं बाबा से बहुत सी ऑडियंस जो है वो
खाटू श्याम जी पे ट्रांस
क्योंकि रीसेंट टाइम में खाटूश्याम जी की
जो वो है कल्ट दैट हैज़ गॉन इनू अ वेरी
डिफरेंट लेवल सारी जितनी भी गाड़ियां हैं
हारे का सहारा सांवरिया सेठ हमारा
सांवरिया सेठ
सांवरिया तो दूसरे हैं।
अच्छा वो अलग हैं।
सांवरिया तो बिजनेस के कम्युनिटी के हैं।
खाटू श्याम ये है कि इन जनरल जिन का
विश्वास पहले साईं बाबा में होता था। साईं
बाबा भी कुछ इसी तरह से कैटर करते थे जो
दीन दीन दुनिया के गरीब के उसके जिसको ना
मतलब उनके भगवान साईं
लेकिन अब वो सारा जो मार्केट है वो खाटू
श्याम जी पे ट्रांसफर हो गया है
खाटू श्याम जी में भी ज्यादातर मर्चेंट
कम्युनिटी का बहुत वो है काफी है
क्योंकि मेरे घर के पास में ही है वो सीकर
में ही तो है और उसके पास में सालासर भी
है। फिर एक
हां
रानी सती मंदिर है। ये ज्यादातर
राजस्थान में तो भगवान का वास है। [हंसी]
तो
है भाई
हम भगवान का तो है लेकिन अभी रिसेंटली
राजस्थान गए अभिजीत दीप के तो उनको चांटा
पड़ गया जयपुर में किसी गुर्जर भाई साहब
ने उनको चांटा मार दिया वहां पे गए तो
[हंसी]
अब गए तो प्रधानमंत्री भी थे परसों वैसे
तो
लेकिन वो बिना सिक्योरिटी के गए तो अभी
कॉकरोच पार्टी का बहुत चल रहा है कॉकरोच
कॉकरोचेस जो हैं इस मूवमेंट पे आपको क्या
लग रहा है इसका क्या भविष्य है और क्या
प्रेजेंट है
देखिए
अब प्रोटेस्ट कर रहे हैं यह लोग। अब उस पे
सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही है उठाने का
करने का और ये लोग जो है अपनी तरफ से
एफर्ट कर रहे हैं कि जुड़ जाए मुहिम जन
भावना जुड़ जाए जन मुहिम बन जाए। लेकिन जन
भावना उस तरह से बन नहीं पा रही है
क्योंकि पहला तो यह होता है कि मेन
स्ट्रीम मीडिया बहुत बड़ा रोल प्ले करती
है। अगर किसी भी मूवमेंट को बड़ा बनना है
तो।
जिन्होंने बॉयकॉट कर दिया इस पूरे का।
जिन्होंने उसको बिल्कुल ही वो कर दिया
दरकिनार कर दिया है। चल क्यों पा रहे हैं?
उठा क्यों नहीं रही सरकार उनको? उसका वो
बहुत कई कारण हो सकते हैं कि सरकार नहीं
चाहती कि इनको अगर मान लो लाठी चार्ज कर
दें कर दें तो बहुत बड़ा रूप ले ले हम
या सरकार को यह लगता है होम मिनिस्ट्री को
ये लगता है कि ठीक है ये लोग अगर कर रहे
हैं तो इसके बहाने थोड़ा बहुत गुस्सा
लोगों का निकलता रहेगा। तो मुझे इन जो
अभिजीत और जो दूसरे लड़के जो काम कर रहे
हैं इसमें मुझे उनके इंटेंशंस पे तो कोई
डाउट नहीं है कि वो
हम
व्यक्तिगत तौर पे जो चीजें वो कर रहे हैं
और वो एक इंटरनेट पे जैसे मुहिम खड़ी हो
गई थी कि मतलब एक सटायर ही था बेसिकली वो
सटायर की नेचर का की चीज थी कोई और वो
बहुत बड़ा रूप ले लिया रातोंरात उसने और
अभी भी वो लोग जो कुछ इंटरनेट पे जो करते
हैं वो काफी चलता है
हम
लेकिन जब हम देखते हैं कि लोग नीचे कितने
आगे आ के उनके साथ जुड़ते हैं। वह कम है
क्योंकि बिकॉज़ उनके साथ कन्वेंशनल
पॉलिटिशियंस का साथ या तो उन्होंने लिया
नहीं या अभी नहीं है उनके साथ में। तो इस
वजह से यह मुहिम जो है चल रही है। सांसे
ले रही है। बट यह बड़ी कैसे होगी और क्या
होगा वो डिपेंड करता है बहुत कुछ पॉलिटिकल
पार्टीज की अलायंस से सरकार के एक्शन से
और बिना पॉलिटिक्स को इसमें ऐड किए हुए
इसको बड़ा नहीं किया जा सकता। बट आई स्टिल
फील कि चाहे छोटा बड़ा कुछ भी होता रहे कम
से कम विरोध की जो आवाज है वह सांस जरूर
लेती रहे
ये आपको याद होगा कि जैसे अब जंतरमंतर तो
एक तरह से वीरान ही हो चला है हम
पहले जो एपिक सेंटर होता था विरोध की
एक्टिविटीज का अब बहुत साल बाद ऐसा हुआ है
कि कुछ लोग वहां जाके बैठे हैं कुछ हो रहा
है
डोसे की स्टॉल वाले वेट कर रहे हैं कब
आएंगे लोग इतनी डोसे की स्टॉल है वहां पे
बाबा का ढाबा भी है वहां पे
वो बंजर मंतर हो गया था
पहले तो पहले तो बहुत वहां पे लो साउथ
इंडियन बहुत बिकता था फूड वहां पे वो अब
दोबारा अब दोबारा उससे शुरू हुआ है ना
वरना तो कोई देखने वाला नहीं था और करने
वाला था तो ठीक है जो चल रहा है पर मुझे
लग रहा है कि सरकार चाहे तो दो दिन में एक
दिन में उसको उठा के खाली कर दे लेकिन
सरकार ने ये था कि वो पहलवानों वाला भी
चला था वो बहुत टाइम वहां पे रहा था तो उस
टाइम भी हुआ था
हां वो भी वहां हुआ था
वो जंतरमंतर हुआ था उसका भी सरकार की
इलेक्टोरल परफॉर्मेंस पे तो कोई खास असर
नहीं पड़ा
हम
और इसका क्या असर रहेगा क्या नहीं मुझे
मतलब कोई ज्यादा उसमें आईडिया नहीं है कि
क्या होगा लेकिन आई डोंट डाउट देयर
इंटेंशंस बहुत से लोग ऐसे हैं जो कह रहे
हैं कि ये सरकार ने ये लोग खड़े किए हुए
हैं ऐसा किया हो ऐसा किया मुझे ऐसा नहीं
लगता मुझे लगता है कि ये लोग अपने-अपने
तरीके से प्रयास कर रहे हैं। हो सकता है
कि सरकार खेल रही हो वो एक अलग वो सरकार
का दूसरा पक्ष है कि सरकार कैसे खेल सकती
है इस चीज के साथ वो सरकार का काम है। हम
लोग गए थे अभी वहां पे परसों गए थे ना
अभिजीत दीपके का इंटरव्यू लेने के लिए
[नाक से की जाने वाली आवाज़]
तो वह जगह भी एक बड़ी यूनिक सी जगह है वो
एक तो चारों तरफ से पुलिस से घिरी हुई है
बहुत सारी पुलिस है सीसीटीवी पहले
उन्होंने कम लगा पहले एक बंदे को खड़ा कर
रखा था उन्होंने जो फोटो ले रहा है सबकी
वीडियो ले रहा है घुसते ही तो मैंने कहा
यार इसको खड़ा क्यों कर रखा है इसने
सीसीटीवी क्यों नहीं लगा देते इट मस्ट बी
मच ईजीियर नो
फिर ऑलदो उसके बाद उन्होंने दिमाग उनकाया
वहां सीसीटीवी लगा दिया और ऐसे बहुत सारी
सीसीटीवी और बहुत ही ज्यादा सिक्यर्ड ज़ोन
है एक तरह का प्रोटेस्ट का और अंदर जो लोग
आ रहे हैं वो एक तरह की इंडिया की मास
थेरेपी चल रही है वहां पे उस टाइप की है
जैसे मिसफिट लोग जो हैं जो प्रोटेस्ट में
रहते हैं हमेशा या फिर जो समाज से थोड़े
से अलग तरह के वो लोग बहुत ज्यादा है वहां
पे जैसे एक बंदा हमको मिला था वो तिरंगा
लेके घूम रहा है 15 साल से सिर्फ तिरंगा
उठा के घूम रहा है और उससे बात करो तो फिर
उसने अपनी कहानी शुरू कर दी मैं अन्ना
वाले में भी था रामदेव वाले
हरियाणा से है
हरियाणा से ही है वो हिसार से
तो वो तो भारत जोड़ो यात्रा में भी था
मेरे
हां हर जगह घूमता था
वही है ना वो
तो बोला कि रामदेव भाग गया दो बार भाग गया
रामदेव को शर्म आनी चाहिए प्रोटेस्टर को
छोड़ के भाग गया कुछ नहीं होता वो खड़ा
होता तो ये वो
जानता हूं मैं उसको
हां तो ऐसे बहुत सारे मैं लोगों से मिला
तो सबके सबकी कोई ना कोई कहानी है वो एक
बंदा है वो भूख हड़ताल पे बैठा है उसने
अपना ही फोन तोड़ दिया ही इज आल्सो वेरी
डिस्ट्रेस्ड चीजों को लेके तो जितने भी
डिस्ट्रेस्ड लोग हैं वो एक तरह से उस तरह
से आ रहे हैं कि अपनी जो अंदर की जो चीज़
है उसको निकाल दें वहां जाके उस साइट पे
जाके तो उस तरह की साइट बनी हुई है वो। अब
उसका इंपैक्ट गवर्नमेंट पे क्या होगा क्या
नहीं होगा दैट आई डोंट नो बट फिर भी एक
चीज इसमें हो सकती है कि जैसे हम लोग बोल
रहे थे कि प्रोटेस्ट का कल्चर ही खत्म हो
गया कि कोई अकाउंटेबिलिटी मांगनी नहीं है
आपको। आपको सरकार से जो वो दे रही है वो
ले लो। लेकिन अभी ऐसा है कि थोड़ी बहुत
लोगों में ये जगा सकता है कि भाई हां तुम
कर सकते हो। दैट इज द ओनली आई थिंक
बेनिफिट ऑफ इट। बट आई डोंट थिंक गवर्नमेंट
को इससे कुछ भी फर्क पड़ रहा है इस वक्त
जो दिखाई दे रहा है।
हां लग नहीं रहा मतलब
क्या होता है कि और ये वाली जो चीजें होती
हैं पेपर लीक हो गया कुछ भी हो गया ये
मोमेंटली बहुत बड़ा इशू बन जाता है और फिर
उसके बाद जब वो चीज हो जाती है तो वो फिसल
आउट इतनी ही जल्दी हो जाता है क्योंकि वो
एक ऐसा लॉन्ग लास्टिंग इशू नहीं होता। अब
जैसे अह किसानों के मुद्दे लॉन्ग लास्टिंग
रहते हैं। किसानों का यह होता है कि
पॉलिसी डिसीजन कोई आता है तो उसको चेंज
होने में और लाने में दोनों में ही बहुत
टाइम लगता है। तो उसमें मूवमेंट जो है
उसमें आंदोलन जो है बड़े-बड़े होते हैं।
बहुत दिनों के धरने होते हैं। अभी देश भर
में चलते रहते हैं जगह-जगह पे।
लेकिन जो ये इस तरह का होता है कि कोई
पेपर लीक हो गया, किसी के मर्डर की कोई
घटना हो गई, रेप की घटना हो गई, ये हो
गया। तो यह जो होता है इसमें
इसमें वह कि संगठन सारे बहुत सारे संगठनों
की जरूरत होती है तब जाके बड़ा हूं। जैसे
किसान आंदोलन में बहुत सारे संगठन एक साथ
आते हैं
बहुत सारे।
अब यहां पे संगठन उतने नहीं है। जैसे फॉर
एग्जांपल खान सर ज्वाइन कर लें।
प्रोटेस्ट
सोचो क्या क्या कितनी ज्यादा हो जाएगी। या
फिर इस तरह के कोई दो तीन और एजुकेशनल जो
इंस्टट्यूट के जो हेड हैं ओझा सर आ जाए कल
वो [हंसी]
ओझा सर तो अभी वो पतंजलि के पतंजलि चले गए
ना वो तो
हां वो तो पतंजलि के चले
पतंजलि उन्होंने इंस्टट्यूट खोल
पतंजलि से यूपीएससी बना रहे हैं वो
यूपीएससी एस्पिरेंट्स को लेके आईएएस आईएएस
बन गए पतंजलि सर्टिफाइड आईएएस
योगा करते हुए
यूपीएससी निकालो गुरु [हंसी]
राजा मेंटालिटी
हां मतलब क्या बात है
रामदेव को भी मतलब फोमो है बहुत बड़ा उसको
बहुत वो होता है कि ये नहीं ये फील्ड बहुत
चल रही है इसमें क्यों नहीं मैं आ जाता
हूं सब में आ जाता है वो अपना बस वो
एलोवेरा वाला फेंक देता है हर चीज में
अपना कि यहां भी आ जाओ
एक्चुअली हर चीज में
भाई वो डेनिम डेनिम में भी आ गया था जींस
वंस बना के
जींस फटी हुई जींस कुछ बना रहा था
कुछ फटी कि ये फटी हुई कटी हुई जींस है
मुझे तो पता नहीं मैं तो बाबा हूं लेकिन
आजकल के बच्चे
अरे वो भी आ गया फाइव स्टार की नकली बना
ली उसने अपनी मतलब
45 [हंसी] स्टार
4.3 2.3 स्टार तो वो खा के कहता है ये
क्यों गंदी चीजें खाते हो असली वाली बाहर
खाओ ये और फिर खा
बड़ा स्वाद मामला है ये तो
जोरदार मामला है
जोरदार मामला है ये तो उसका एक वीडियो
बहुत ही फनी हो गया बड़ा जोरदार मामला है
ये [हंसी]
[प्रशंसा]
बहुत जोरदार मामला है ये
राजा गुर्जर टाइप का आदमी है [हंसी]
हरियाणा से एंड ईश्वर हरियाणा वो वाला
ह्यूमर है उसका
है वो बहुत ही मतलब जैसे कैमरा देखते ही
ना उसकी दूसरी पर्सनालिटी बाहर आ जाती है।
लेकिन आपने कभी जैसे बाबा रामदेव का एक
टाइम पे इंडियन सोसाइटी पे बहुत जबरदस्त
इफेक्ट था कि हर कोई ये करने लग गया
कि इससे बाल वापस आते हैं। पूरा पूरा देश
ये कर रहा था। मेट्रो में जाओ तुम कहीं पे
भी जाओ बस में जाओ ये कर रहा है। तो आप पे
कोई इंपैक्ट पड़ा कि मैं भी यार योगा करता
हूं क्योंकि योगा से होगा।
मेरे पे दूसरी तरह का इंपैक्ट पड़ा था।
मतलब मुझे बहुत कुछ लोग तंग करते थे कि ये
किया करो वो किया करो देखो ये उठता है
सुबह उठा करो मैं 9:00 10:00 ब0 बजे उठने
वाला आदमी हूं
5:00 बजे उठते हैं
5:00 बजे उठते तो मुझे थोड़ा दूसरी तरह का
था बाबा रामदेव से कि कहीं मिल जाए किसी
दिन तो पूछो भाई दो चार घंटा लेट सो लिया
करो यार बाबा क्या दिक्कत है आपको यार
सुबह-सुबह उठ के सारी ऑक्सीजन खींच लेते
हो यार [हंसी]
ये ब्रह्म मुहूर्त में हैंगओवर में रहते
हैं
नहीं मैं मतलब यार ठीक है आप करो योगा करो
फिट रहो ये है लेकिन जिसको सोना है वो
सोना चाहता है यार। क्यों बिना बात के तंग
कर रहे हो यार?
ये भी एक जबरदस्ती है। 4:00 बजे उठ
क्या करोगे उठ के? [हंसी]
करके क्या करोगे?
5:00 बजे उठ जाओ। क्या करोगे?
और वो एक्सरसाइज भी ऐसी कराता है भाई
जिसमें आपको कोई एफर्ट ना मतलब हमारे जैसे
इंडियन अंकल जो होते हैं घर में
गजानन रूबिक्स। अरे [हंसी] उसने उसका
लॉजिक होता है कि सूरत वाला।
[हंसी]
[संगीत]
उसमें लेकिन हमारे जैसे इंडियन अंकल वगैरह
जो देखते हैं बैठकर के रामदेव या इनफैक्ट
आयुर्वेदा के उसमें भी काफी चलता है कि
आपको बस फेथ पुट करना है। एफर्ट नहीं पुट
करना तो आपने फेथ पुट कर दिया तो एफर्ट को
वो रिप्लेस कर देता है। जैसे हम प्रसाद खा
लो प्रसाद से ये हो जाता है। वैसा वाला
लॉजिक हो जाता है ना। सुबह हल्दी की गांठ
हल्दी की गांठ लो। हल्दी की गांठ लो तो वो
खाओ। ऊपर धनिया खाओ पिसा हुआ वो सब खाओ तो
कुछ फर्क पड़ेगा। एफर्ट मत करो सुबह कुछ
मुझे मैं तो ये कहता हूं एक उम्र के बाद
जो है दारू पी के मत सो और हैवी खाना खा
के मत सो दो चीजें मत करो।
हम
किस उम्र के बाद?
30 के बाद। [हंसी]
फिर तो आप 29 के ही हो।
नहीं नहीं।
हमेशा से 29 के हो। [हंसी]
मैं तो 29 का हूं। नहीं मैं तो मैं ये
सलाह दे रहा हूं। जिसको फॉलो करनी है व
करे ना करें। मैं तो यह कह रहा हूं कि
हैवी ड्रिंक मत करो। अगर करनी है तो किसी
दिन कर लो। लगातार ये चीज मत करो
और हैवी खाना मत खाओ।
लगातार पे आके सो [हंसी] मत।
भाई आप मोहन भागवत की तरह क्यों एडवाइस दे
रहे हो यार?
बच्चे।
सही बता रहा हूं। अगर आपको लेट तक सोना
है, एक्सरसाइज नहीं करनी है, ठीक है। अपने
चाय कॉफी अपने तरीके से पीनी है, खाना
अपने तरीके से खाना है, तो ये वाली हैबिट
को फॉलो करो।
चलो ये भी अच्छा है। हमको भी मजाकमजाक में
कुछ अच्छी चीजें भी सिखानी चाहिए ऑडियंस
को।
क्योंकि अगर अगर आप दारू भी पी के सो रहे
हो और बहुत हैवी खाना भी खाते हो दो 3:00
बजे रात को खाना भी बहुत जबरदस्त खा लिया
दारू भी पी ली उठो 11 12:00 बजे रहो तो ये
वाला लाइफ स्टाइल बहुत दिन
मेरा एक दोस्त है वो कहता है कि 7:00 बजे
के बाद खाना नहीं खाता मैं सुबह 7:00 बजे
शाम को बोलता है हल्का डिनर हेल्दी मैंने
कहा अच्छा बट वो दारू 7:00 बजे के बाद
पीता है बट उसको चकना वकना कुछ नहीं
[हंसी]
अरे सरकार देखो भाई कितने एफर्ट कर
निकल गया [हंसी] ओनली अलका लव फूड
रात को लोग दारू पी के गाड़ी ना चलाए इसके
लिए सरकार कितना एफर्ट कर रही है भाई जो
गड्ढे आ रहे हैं उसमें सड़कों में गड्ढे आ
रहे हैं गाड़ी में इथेनॉल आ रहे हैं
आपका नशा उतर जाएगा
जैसे आप गड्ढा [हंसी] करी
सड़क
गड्ढा करी है वो
गड्ढा करी
गड्ढा करी
[हंसी]
बड़े वाइजर और अंडा करिए उसके बाद गड्ढा
गड्ढा
को गड्ढा करी [हंसी]
गडकरी बहुत मस्त आदमी यार
बहुत मस्त आदमी है।
वड़ावड़ा कर करके क्या बनाया उसने?
अच्छा एक और एक और आदमी कटकरी की एक और
मेन बात है। जैसे उससे कुछ पूछोगे ना ये
सड़क है एथेनॉल वगैरह सब प्रोपेगेंडा है।
ऐसा दो दो लाइन का
इंटरनेशनल है
दो लाइन का जवाब देता है। कुछ नहीं कुछ
नहीं कहता।
उससे पूछोगे पुणे में सबसे बढ़िया नाश्ता
कहां मिलता है? चौथी गली में पांचवी दुकान
में
चौथी गली में आप जाइए और वहां पे आपको
मिलेगा। नहीं नहीं जोशी वड़ा पाव जोशी
वड़े वाला वहां के वड़े मुझे बहुत फेमस है
क्योंकि उसका एक कारण भी है वो वड़ों के
अंदर बहुत ही बारीक कटी हुई हरी मिर्च और
थोड़ा सा लहसुन और थोड़ी सी अजवाइन का ऊपर
से ऐसे-ऐसे बस ऊपर ऊपर ज्यादा नहीं
थोड़ा-थोड़ा उसको डालता है और वो तलके जो
आता है गरमा गरम वो आप एक बार खाइए आप
मेरे कहने पे जाइए
आप मुझे याद करेंगे कि इतना रिटेल
बट बोले इथेन इथेनॉल का
इथन का तो 2000 23000 करोड़ का जो इंपोर्ट
होता है वो लॉबी है वो इस समय परेशान कर
रहा हां सिंपल
भाई इतना फ्रॉड आदमी है ना वो मतलब उसको
चला क्यों इतने लंबे टाइम तक पहली बात तो
कि जब मोदी प्रधानमंत्री बना उस टाइम पे
वो कंपटीशन में था
बहुत जबरदस्त मोदी से बड़ा
प्राइम मिनिस्टर
मोदी से बड़ा नाम था ना उसका नेशनल
पॉलिटिक्स [गला साफ़ करने की आवाज़] में
मोदी वाज़ कनफाइंड टू गुजरात ओनली एंड हज़
ओनली नेशनल प्रेजेंस वाज़ थ्रू गुजरात
राइट्स
हम
ठीक है नोट नोटोोरियस था मतलब प्रभाव ही
नहीं था लेकिन गडकरी
नेशनल लॉबी में अ बीजेपी की बहुत साल से
था
और संघ का प्रिय आदमी था नागपुर से होने
के कारण बिल्कुल एकदम वो था
तो
क्या कारण है यही कारण है कि इतने सालों
में मोदी और अमित शाह ने बहुत सारे लीडर्स
को साइडलाइन कर दिया हटा दिया बहुत सारे
अनफॉर्चूनेटली
मृत्यु भी हो गई बहुत सारे बड़े नाम जो
इनमें जेटली सुषमा स्वराज मनोहर परिकर है
ना ये लोग जो है वो
प्रमोद महाजन
प्रमोद महाजन तो पहले ही हो गए थे
तो ये लेकिन ये नहीं है ये राजनाथ सिंह और
और गडकरी दोनों सर्वाइव कर गए। अभी तक
सर्वाइव कर रहे हैं।
तो गडकरी के सर्वाइवल का यही कारण है कि
एक तो वर्धस जो था आरएसएस का इनके ऊपर
होना। दूसरा ये कि इनको ये बोल दिया गया भ
आपको वो तो नहीं मिलेगा। पॉलिटिकली ये जो
शेयर है पावर में ये तो नहीं मिलेगा। कैन
रन योर थिंग्स। आप अपना डिपार्टमेंट एक
हाईवे ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ऐसी थी जो
कि मोदी के बहुत ज्यादा इंटरफेरेंस के
बिना चल रही थी काफी टाइम तक जिसको कि
गडकरी चला रहे थे और जिसमें कि वो अपने
तरीके से अपना जो भी है माल पानी जो बना
रहे थे वो चल रहा था और एक अच्छी पीआर
इनकी चल रही थी बहुत साल से 2014 से 20-2
तक इनका ऐसा नाम था क्योंकि अपोजिशन वाले
भी लिबरल सर्कल वाले भी ये कहते थे कि अगर
मोदी को क्रिटिसाइज करना होता था तो वो
गडकरी के पीछे छुप के बोलते थे कि देखो
यार इस सरकार में एक ही आदमी है
गडकरी है भाई गडकरी है हां गडकरी तो काम
कर रहा है। बाकी मोदीमोदी तो ऐसे ही है।
तो [गला साफ़ करने की आवाज़]
तो [हंसी] लेकिन धीरे-धीरे जब उसके पीआर
का वो गुब्बारा फटा ना क्योंकि वो भाजपा
वाले भी ऊपर से बोलने लग गए कि यार ये तो
आदमी जो है पानी मिला के गन्ने का सड़ा
हुआ जूस मिला के बेच रहा है। भाई एक ₹100
लीटर और अब आप E20 तो ₹100 लीटर। E10 लोगे
₹11 लीटर। अगर आपको पहले वाला शुद्ध
पेट्रोल चाहिए 2014 से पहले वाला तो ₹15
लीटर।
पर वो है क्या अवेलेबल उस पे? कहीं-कहीं
है। कहीं है ना?
बट अब तो चॉइस भी नहीं देना उन्होंने। या
तो चॉइस दे दो कि चार पेट्रोल है इसमें से
आप
या तो आप यह चॉइस दे दो कि भाई जिसने
भाजपा को एक बार वोट दिया है वो E10 लेगा
दो बार दिया E20 लेगा तीन बार E30 और
जिसने नहीं दिया उसको E0 यही वाला मिलेगा
शुद्ध वाला अलग-अलग चार वो बना दो
है ना अगर जिसने चौथी बार भी देना है तो
उसको E 100 एकदम से जूस उस बल्कि मैं
तो तब तक उसके पास गाड़ी
जिसने चौथी बार देना है उसके लिए तुम
पेट्रोल पे गन्ना ही रख लो कि ये गन्ना ही
देंगे उसको तो [हंसी]
जब आएगा
तो
वो तो लेके ही आएगा
हां तो वो अपना लेके आए और गन्ना दे
देंगे। गडकरी जी खड़े हो जाए अपने बेटों के
साथ।
हां।
तो ये लेवल होने चाहिए चाहिए।
बट कुछ तो
चॉइस होनी चाहिए ना कंज्यूमर कैपिटलिज्म
जो बोलते हो उस वो तो चॉइस पे बेस्ड पूरा
अगर आप
कैपिटलिज्म में भी
भाई कोई बोलने लग जाए हमारे जैसा कोई आदमी
जो है वैसे ही थोड़ा बहुत बोलने लग जाए कि
भाई साहब ये तो देखो इंजन इंजन में जंग लग
गया। ये हो गया वो हो गया।
प्रोपेगेंडा है। ये है
एंटीनेशनल
एंटीनेशनल है। 23,000 करोड़ का इंपोर्ट
होता है हर साल। तो यह वो लॉबी है। जो कि
23,000 करोड़ है। उससे भी ज्यादा है।
इंपोर्ट तो बहुत बड़ा है ना। 23 लाख करोड़
है। पता नहीं कि यह लोग उसको
कन्वेंशनल ऑयल को जो भी फॉसिल फ्यूल है
उसकी करना चाहते हैं। भाई हमें ये बता दो
तो हमें कोई दो में से तीन में से कोई एक
फायदा दे दो। या तो हमारा इंजन बेटर होता
हो इससे।
ठीक है हम ले लेंगे। हमारी है।
माइलेज बेटर होती हम वो ले लेंगे। चलो
माइलेज भी गिरा दी। इंजन भी गिरा दिया।
अरे सस्ता दे दे। ₹50 लीटर दे दे। हम करवा
लेंगे अपने इंजन की तैसी। हम 5 सात साल
में अपना इंजन मरवा लेंगे भाई दे भी तू
पहले से महंगा है वो उसी से महंगा दे रहा
है
ये बोलने नहीं देंगे
कुछ तो फायदा दे ना फिर हम क्यों तेरा
तेरे तू एक्सपेरिमेंट कर रहा है तेरे बेटे
जो हैं वो जो है 2030 50 करोड़ की कंपनी
से वो आज के टाइम में 25000 3000 करोड़ के
आदमी हो गए हैं और हम अगर थोड़ी सी बात
करते हैं तो तू बोलता है कि तुम जो वहां
पे जाओ पुणे में बाकर बड़ी
इसका मतलब वो अच्छे पिता हैं बट अच्छे
मिनिस्टर नहीं है
अच्छे पिता तो इस मोदी की कैबिनेट में
सारे नहीं है। यह तो पता यह तो धीरे-धीरे
देश को पता चल रहा है। एक से एक अच्छा
पिता है। क्योंकि भाई पहले क्या था जब भी
कोई इन्वेस्टिगेट कुछ करने लग गया, बोलने
लग गया तो राष्ट्रवाद श्री राम ये वो करके
दबा देते थे। भाई सब चुप ऐसे कर अब तो लोग
पूछने लग गए हैं कि ये जयशंकर का बेटा, ये
अमित शाह का बेटा, ये राजनाथ का बेटा क्या
कर रहा है? गडकरी का बेटा क्या कर रहा है?
शिवराज का बेटा क्या कर रहा है?
सब
और देखोगे आप सब के सब लाइन से एक से एक
धड़ाधड़ बिज़नेस बहुत तगड़े-तगड़े बिज़नेस बना
लिए हैं सबने। और ये बोलते हैं भगवंत मान
पिता है। [हंसी]
पिता है कि पिता है?
पिता है।
पिता है। [हंसी]
बट हां ये तो
वो तो मना भी नहीं करता कि मैं पीता हूं।
हां मतलब ठीक है वो तो पंजाब में तो चलता
है। लेकिन अभी मैंने आपने माइलेज वगैरह पे
कुछ आपके असर पड़ा। देखा आपने चेकिंग करी?
मैंने तो अभी भरवाया था पेट्रोल।
मेरे पास तो गाड़ी नहीं है। [हंसी]
मैं तो दूसरों की सुन के कहता हूं। नहीं
लेकिन लेकिन मुझे दिक्कत यह है मैं
भाई अरविंद केजरीवाल की तरह
सिंपल [हंसी] दिखा रहे फिर पता चले कोई
शीश स्माइल हो इनके पास
नहीं मैं एक डीजल वाहन लेने का प्लान कर
रहा था
लेकिन अब ये बता रहे हैं कि वो ये कह रहा
है कि मैं डीजल में भी मिलावट करूंगा
अच्छा नहीं छोड़ेंगे
गडकरी वो ब्यूटनॉल पता नहीं क्या
कह रहे हैं वाहन छोड़
वो मैंने भी देखा
वाहन छोड़ छोड़ [हंसी]
गडकरी जी वाहन छोड़ आंदोलन चला रहे हैं
वाहन छोड़ो
पैदल ही जाएंगे अब
यार सबसे बड़ी बात है कि पेट्रोलियम
मिनिस्टर हमारे वो हरदीप पुरी जी हैं।
वैसे पहले पेट्रोल मिनिस्टर का पहले
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर का कोई लेना देना
नहीं होता था कि व्हाट काइंड ऑफ़ फ्यूल दिस
कंट्री विल बी इंपोर्टिंग एंड यूजिंग इट
शुड बी एंटायरली अंडर दैट पेट्रोलियम
मिनिस्टर।
तो उन्होंने तो बोला है ना कि नहीं माइलेज
तो गिरेगी।
अरे वो तो उसने तो कुछ नहीं वो तो एब्सेंट
उनके साथ उलझा हुआ था।
हम
यहां चक्कर यही है कि जिस जो जिस चीज का
मिनिस्टर है उस डिपार्टमेंट में है ही
नहीं। वो किसी होल्ड गार्डन में हर कोई इस
सरकार में एक्सटर्नल अफेयर मिनिस्टर है।
सबको बाहर तो अपनी दूसरी मिनिस्ट्री से
ताल्लुक है। मतलब अगर आप किसी पे सवाल उठा
दिया आपने एक उस पे था पेपर लीक वगैरह पे
कुछ बोल दिया ये उसका धर्मेंद्र प्रधान है
मिनिस्टर लेकिन उसके ऊपर डिपेंड करने
पीयूष गोयल आया हुआ है कि ये क्या बोल रहे
हो आप? वह ऑफिस ऑफिस आता था ना मुसद्दी
लाल वाला यहां से फ़ यह नहीं डिपार्टमेंट
नहीं वह वाला है वहां से सब मुसद्दी लाल
बने हुए हैं। अभी ऐसा लगता है शुद्ध
पेट्रोल कहीं आर्टिजनाल पेट्रोल पंप में
मिलेगा
ऐसे कुछ नए आर्टिजिनल पेट्रोल पंप वहां
बोलेंगे 100 हां धन मिल पा में मेहरौली के
आसपास और इन जगहों पे मिलेगा जीके में कोई
एक आर्टिजनाल पेट्रोल सूंघाएंगे मतलब वो
कि आपको शुद्ध पेट्रोल थेरेपी दे रहे हैं
उसको सूंघो इसमें कोई एथनॉल नहीं है
ये कह रहे हैं कि अ
पेट्रोलियम मिनिस्टर कह रहा है कि यार
क्या दिक्कत है एथेनॉल में? रेसिंग कार
में एथेनॉल यूज़ होता है। भाई कौन
सुबह-सुबह सीलमपुर से अपनी रेसिंग कार
लेके जो है लेटर में जाता है ऑफिस में।
वो भी इतने ही लड्डू में।
कौन मतलब रेसिंग कार कहां कौन चलाता है?
मतलब कहने का मतलब
जाट चलाते हैं।
वो तो ऐसे नॉर्मल
हर कार को रेसिंग कार की तरह ही चलाते।
नहीं जाट आप एक उसको पॉइंट आउट मत करो। एक
सॉरी जाट गुर्जर
नहीं फिर भी वो फिर भी [हंसी] दो ही फिर
भी दो ही आए ना।
अच्छा जाट गुर्जर ब्राह्मण क्षत्रिय। 36
बिरादरी
36 बिरादरी सॉरी 36 बिरादरी
36 बिरादरी बट विद इन द कंफ ऑफ़ एचआर
एचआर
न्यू एरी जो भी एक जिसके पास
36 बिरादरी अंडर एचआर
नव धनाड्य नव धनाड्य चला
36 बिरादरी अंडर एचआर
अच्छा अच्छा [हंसी]
एचआर यूपी6
यूपी6
आर एस योर
मतलब ठीक है सारे सारे लोग
हमारे वालों को पॉइंट आउट [हंसी]
हरियाणा फ्री ही है ये
नहीं नहीं किसी को सिगरेट
इससे मुझे याद आया ये हरियाणा वाले आजकल
क्या कर रहे हैं हिमाचल मसूरी इन सब जगहों
में
फिर वही पिछली बार भी याद आया था आपको
नहीं अभी बहुत ज्यादा
पिछली बार भी आया था याद अभी बहुत ज्यादा
हो गया मजाक नहीं कर रहा
क्या
अभी कुछ क्या वो अभी रिसेंटली आई थी
फैमिली को हीटा था
वो बहुत वहां पे चल रहा है कुछ इस वक्त
हरियाणा वर्सेस उत्तराखंड हरियाणा वर्सेस
हिमाचल
हरियाणा वर्सेस उत्तराखंड चल रहा है आजकल
हां
बहुत मेजर मैं तो यार मतलब लोगों को दोष
देने के किसी भी ज़ोन में जाता ही नहीं
हूं। मैं तो मैं तो हमेशा सरकार किसी कुछ
भी हो जाए देश में आपको सवाल जो आपका
सरकार से इस प्रशासन से ही होना चाहिए।
लोग तो लोगों को गवर्न करना, लोगों को
टाइट करना, लोगों को उठाना करना ये सब
सरकारों का ही काम है ना। इंडिविजुअल या
इंडिविजुअल एक घटना हो सकती है, दो हो
सकती है भाई। अगर कोई ट्रेंड बन रहा है
कहीं पे, तो प्रशासन को तो बीच में आना
चाहिए ना, कहीं ना कहीं कुछ तो रोकना
चाहिए ना। अब एक ग्रुप जो है, दूसरे ग्रुप
से लड़ता है, तो फ़ायदा सरकार को। अब आपने
एक उदाहरण देखा होगा रिसेंटली जो निहंग
होते हैं
हां अभी बहुत चल रहा है निहित में भाई
हमने पिछले साल भी एक पडकास्ट में डिस्कस
किया था कि जैसे ही पंजाब इलेक्शन का
अनाउंसमेंट होगा आप देखना कि ये सब चीजें
जो है
अभी निहंग का मुद्दा निकल गए हमारे
उन्होंने वो इतना चलाया कि वो ये जो निहंग
होते हैं ये तो अपनी कृपाण निकाल लेते हैं
टोल नहीं देते ये वाली न्यूज़ चलाने लगीर
पे और वो एक हिमाचल की न्यूज़ आई थी फिर
अभी वो गुड़गांव की आई थी जहां पे वो उतर
कर के
पर आपने तीन साल पहले तो नहीं सुनी होगी
तीन साल नहीं और लास्ट आपने कब सुनी थी?
किसान आंदोलन में सुनी थी क्योंकि उसके
बाद पंजाब इलेक्शन आना था।
तो
मुद्दा गरमाया कैसे जाता है? बनाया कैसे
जाता है? सब ऊपर डिसाइड होता है। मैं तो
यह मानता हूं। अब यार दो पीट लिए होंगे,
चार पीट लिए होंगे। अब उसको तुम ट्रेंड
बना दो और वो चलता रहे। फिर कि उधर से
अच्छा ये भी बहुत देखने में आया कि उधर से
पहाड़ वालों ने कुछ किया। इधर से हरियाणा
में दो चार लोग थे जो ये कहने लगे कि
पहाड़ियों को यह मत दो। यहां पे रोजगार
करने आते हैं, वो करने आते हैं। तो अगर
हमें एक यूनियन में रहना है, हम है तो
अलग-अलग ही। वी आर अ
स्टेट ऑफ वेरियस नेशंस एक्चुअली इन
यूरोप अगर आप यूरोप को देखो क्या है?
इटालियन अलग है, जर्मन अलग है, फ्रेंच अलग
है। सब है ना? गोरे ही हैं वो शक्ल में।
ऐसे ही हम लोग ब्राउन हैं। लेकिन हम
हरियाणवी अलग है, महाराष्ट्र अलग है,
बिहारी अलग है, तमिल अलग हैं।
सभी सब सभी
पर यूनियन में तो हमें रहना है ना। वैसे
तो हम अलग-अलग देश ही हैं फिर इस हिसाब से
तो बट अगर हमें एक यूनियन में रहना है तो
हम ऐसे नहीं जग सकते कि किसी को
बॉलीवुड और क्रिकेट है हमें तो आई थिंक
बॉलीवुड एंड क्रिकेट
बॉलीवुड को भी तोड़ दिया ना अभी वो इसी
मुद्दे पे जो अभी दिलजीत की फिल्म भी बैन
हो गई
दिलजीत की फिल्म बैन कर दी उन्होंने यार
मैं तो कल सोच रहा था कि सतलज फिल्म सतलज
थी पहले उसका नाम था पंजाब 95 राइट
और जी जैसे रेप्यूटेड प्लेटफार्म पे ऐसा
कैसे रेपुटेड प्लेटफार्म पे ऐसा
जहां पे सुधीर चौधरी हुआ करता पता नहीं
[हंसी]
पर ये भी उसी लार्जर पॉलिटिक्स का हिस्सा
है। पहले तो ये बहुत टाइम से रिलीज़ होने
की कोशिश हो रही थी ना
बहुत टाइम से
आपको रोकना ही नहीं चाहिए अगर आपकी नियत
ठीक है पहले तो आपको फिर आपने अगर रिलीज़
कर दिया तो हटाना नहीं चाहिए। मैं तो यह
मानता हूं कि इसको ऐसे टाइम पे रिलीज़ भी
इसलिए कराया गया था 2 दिन के लिए। वो भी
Zee जैसे थर्ड क्लास इंस्टीट्यूट मतलब
थर्ड क्लास कंपनी जिसको कि सुभाष चंद्रा
चलाता है जिसको कि अभी एमपी ने ही बनाया
पहले वो एमपी
अच्छा हमने ऐसा नहीं कह सकते हमारे
पॉडकास्ट में।
कैसा कह सकते हैं? गाली देनी है?
आपने [हंसी]
किसी को किसी कंपनी को थर्ड क्लास। क्यों?
यह मेरा मत नहीं है। मतलब मेरा भी
तो आप मत बोलो। मेरा तो गेस्ट का है मेरे
माथे पे लिख देना कि गेस्ट मैं [हंसी] तो
चलाऊंगा
तो भाई ये आप लिख देना
गुजराती बोलते हैं सही ये मेरा व्यू मत है
[हंसी]
बट ऐसे लोग यार आप दो दिन चलाई उसको हटा
दिया अब मामला बढ़ाने की बात है कि ह्यूमन
राइट्स का मामला था जो वो खारडा साहब थे
उन्होंने उठाया था उन्होंने डॉक्यूमेंट
करने की कोशिश की थी कि इतने सारे
डिसअपींस हुए हैं उस मोमेंट में अह ख़स्तान
मूवमेंट जो चली थी पंजाब में तो मेरे
ख्याल से अगर कुछ बनता है ह्यूमन राइट्स
पे कोई भी बात होती है तो उसको पहली बात
तो रोका ही नहीं जाना चाहिए। अगर आप फ्री
टू ऑल दिखाओगे
या तो आप कहो कि 84 के टाइम पे कुछ हुआ ही
नहीं देश में।
हम
अगर सबको पता है सर्वविदित फैक्ट है कि
हां उस टाइम पे ये सारी घटनाएं हुई थी।
अगर कोई अपने हीरोज़ को सेलिब्रेट करना
चाहता है। एंड दे वर मूवी में मुझे लगता
नहीं है। हालांकि मैंने देखी नहीं कि
वायलेंस को प्रमोट किया गया होगा। ऐसा लोग
किसी ने मुझे बताया नहीं कि भाई ऐसा वो
कोई कह रहे हैं कि
एंड ही वास अ ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट।
हां।
है ना? वो अपने आप बंदूकधारी नहीं थे।
हां।
तो अगर कुछ दिखाने की कोशिश की जाती है तो
नहीं रोका जाना चाहिए।
बट इनकी स्टोरी बहुत खतरनाक है। मतलब अगर
आप फिल्म ही ना देखो तो
स्टोरी ऑफ़
करेज की स्टोरी है।
कालरा कालरा जी की स्टोरी अगर आप देखो
इनसीन स्टोरी। आई डोंट नो फिल्म में कितना
अच्छा दिखा है।
ऑलदो उन्होंने फिल्म दो दिन के लिए छोड़ी
ताकि लोग उसका एक वेब ब्रीफ निकाल के
टॉरेंट पे डाल दें। तो सरकार ने उतना मौका
तो दिया 48 घंटे में
कि टॉरेंट पे डाल दें इसका कोई
पायरेट करके तो मैंने सुना है भी वहां पे।
आई डोंट नो। कुछ लोग बोल रहे हैं
उन्होंने यही बोला है कि डाउनलोड कर लेना।
नहीं कुछ लोग बोल रहे हैं टॉरेंट पे है
फिल्म मुझे नहीं पता।
हो सकती है। जिन्होंने डाउनलोड करी है
उनको
कोई 1337x ऐसे कोई बोल रहे हैं कि वहां पे
पता नहीं है कि नहीं।
यार ये लोग ना बार-बार ऐसा करके पंजाब के
हिंदू को उंगली करना चाहते हैं और कुछ
नहीं है। ऊपर बैठे हुए जो लोग हैं दिखाना
चाहते हैं कि तुम मत भूल जाना भाई ऐसे हुआ
था पहले। परस्तान मोमेंट काफी हद तक मतलब
इनके कंट्रोल में जो पूरा
हां मतलब जो जो आज के टाइम में थर्ड फोर्थ
जनरेशन है सिखों में
मूव ऑन कर चुकी है या वो बाहर चले गए हैं
जो बाहर चले गए हैं उनमें थोड़ा पैशन इस
चीज को लेके अभी भी ज्यादा है
इज दे डोंट फील एसोसिएटेड विद यूनियन ऑफ
इंडिया
है ना यहां
दिलजीत के कॉन्सर्ट में भी
हां तो यहां जो है वो बात नहीं है बस
लेकिन ये कि इलेक्शन के दौरान उसको गमाया
कैसे जाए? दिखाया कैसे जाए? अह पंजाब में
बैठे हिंदुओं को कैसे वो किया जाए?
क्योंकि सरकार अभी तो डाटा आना है वैसे
जनसंख्या का तो लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि
विद द माइग्रेशन पंजाब से बाहर जितनी हुई
है और पंजाब में अब जो है इंडिया के दूसरे
स्टेट से जो अंदर माइग्रेशन आई है
अब मुझे लगता है हिंदू सिंह सिख का आंकड़ा
पंजाब में ऑलमोस्ट बराबर-बराबर हो चुका
है।
अच्छा
ओके।
मुझे ऐसा मैं सिर्फ परसेप्शन के बेस पे कह
रहा हूं। ओके
क्योंकि अर्बन से सेटलमेंट पंजाब में बहुत
बढ़ गए हैं। अब हम
है ना? ये राजपुरा से शुरू हो जाता है और
अमृतसर, जालंधर ये सब तो शहरों के अंदर तो
काफी अर्बन सेटलमेंट में काफी कुछ
पॉपुलेशन हो गया है और हो सकता है। ऐसा
मानते हैं कि पहले शायद 60% सिख था, 40%
हिंदू था। अब मेरे ख्याल से बराबर-बराबर
मामला जाने की और क्योंकि बहुत टाइम हो
गया ना जनगणना को। हम
तो ऐसे में बीजेपी का जो कार्ड है दूसरे
स्टेट्स में जो चलता है वह यहां भी चलाने
की कोशिश तो वो होगी ना करने की।
हम
वैसे पंजाब में आजकल ड्रग्स पहले की तरह
ही है जोड़ता पंजाब के टाइम पे दिखाया
उन्होंने या फिर कुछ सिचुएशन
तो हिमाचल में भी बहुत
हिमाचल में बहुत ज्यादा ड्रग्स बहुत
ज्यादा है। बट पंजाब में सेम सिचुएशन है।
हिमाचल में वो तो कंगना रणावत को देख के
पता चलता है कि ड्रग प्रॉब्लम तो हिमाचल
में है काफी टाइम से। काफी टाइम से
ये भी आपके व्यूज नहीं है।
मेरे तो कोई व्यूज नहीं है भाई।
मैं कह रहा हूं कि कंगना रनावत जी वो हैं
उसको लेके
क्या
विचार प्रकट करती हैं बार-बार उसको लेके
ड्रग्स को लेके।
बिल्कुल बिल्कुल।
अब वो वापस
वो एक फिल्म में भी दिखाया था उन्होंने
फैशन फिल्म में।
अभी वो बॉलीवुड में वापस आना चाह रही है।
उन्होंने बोला है कि मेरी दीपिका पाडुको
उनसे कोई लड़ाई नहीं है। मेरी इनसे कोई
लड़ाई नहीं है। तो आजकल काफी ऐसा है कि
उनको भी वापस आना है क्योंकि
आई थिंक उन्होंने भी शायद इंस्पिरेशन लिया
है बाकी रवििशन जैसे लोगों से के आप गद्दी
भी संभाल सकते हो और फिल्में भी कर सकते
हो। नेविगेशन ने अभी बोला
नेशनल ड्यूटी पे बुलाया गया
नेशनल ड्यूटी पे जाना पड़े वापस फिर
क्या बोला
नाम जा
[हंसी] यार वो क्या बनाया कि मुझे नेशनल
ड्यूटी पे जाना
कि बुलावा आ गया है नेशनल ड्यूटी पे भी
अभी गोरखपुर जाने
रवि जी ड्यूटी कॉल सिस्टम को मैसेज आया कि
आपको तुरंत आपकी देश की ड्यूटी पर बुलाया
जा रहा है। आकेड गेम्स खेल रहा है यार वो
नेशनल ड्यूटी बता करके वहां
वो नहीं होते वो क्या बोलते हैं
गाड़ी चला रहा है वो
गाड़ी वाला जो गेम होता है ना इलेक्ट्रिक
गाड़ी
पूरे साल मौज मस्ती करता है वो और जब ये
पार्लियामेंट सेशन आता है उसमें भागता
भागता सा आता है जल्दी से लेट जल्दी लेट
करता हुआ वो
जल्दी लेट
कुछ [हंसी] मुझे लगा
यार सांसद और बड़े आराम से सांसद बता
गोइंग इन दैट डायरेक्शन एंड [हंसी]
वो एक्चुअली
योगी महाराज की प्रोक्सी है एक्चुअली तो
उसको कोई उसका नाम उसका बेचारा
चिल चिलिंग चिलर गया चिलिंग
हर जगह ही
गोरखपुर आई ऑन महादेव
[हंसी]
एकदम से चेंज कर लेता है
मुझे कोई आईडिया नहीं था [हंसी]
और वो
कि मैं कैसे वायरल हो गया
उसका और पवन सिंह का भी एक वीडियो वायरल
हुआ था रिसेंटली जिसमें वो कह रहा है
प्रधानमंत्री
मैं हनुमान हूं मैं इस देश का हनुमान हूं
पवन सिंह बोल रहा है
मैं इस देश का हनुमान हूं
माय सांसद भैया किसी ने ऊपर लिखा था गांजा
वर्सेस
[हंसी]
वर्सेस विस्की
अभी बीजेपी वालों ने कितनी शर्मनाक हरकत
करी। एक किसी के एक बंदे को उन्होंने
हनुमान बना के उसके वो कर दिया।
हां
बीजेपी का झंडा दे दिया और बीजेपी के
अध्यक्ष ऊपर बैठ के उसको रैली के सामने
नाच रहे हैं।
मतलब इतनी बेशर्मी है अपने धर्म का खुद
मजाक उड़ा रहे।
वो बीजेपी का झंडा ले।
वही दूसरों को मौका क्यों दें? फिर इस चीज
का भी
जो अपना धर्म का इतना मजाक उड़ा रहे।
खुद ही मजाक उड़ाना चाहिए। अपने धर्म का
भी दूसरों को मौका क्यों दें? [हंसी]
यह वाली फ्रेंचाइजी भी छीन ली। भाई तुम ही
उड़ाओगे, हम ही उड़ाएंगे। अब यह तो रियल
लाइफ सीन था। इस वजह से कोई दिक्कत नहीं।
अगर यह Netflix पे होता या वेब सीरीज में
किसी में होता
तो अब तक तोड़फोड़ उसका ऑफिस तोड़ ही
दिया।
अभी तक
रोटर पे ही मिलता बैन हो जाता।
पे ही मिलता है सीन सही।
1377 137 एक्स करके कोई है।
हां शायद।
और वो भी उस आदमी के उसमें नाच रहा है।
मोदी मोदी पे नाच रहा होता। चलो क्योंकि
मोदी तो भगवान के ऑलमोस्ट थोड़ा 2 इंच
छोटा ही है लेकिन
वो नितिन अभी के उसमें नाच रहा है यार वो
बेचारा
वो कोई नया कोई आया है वो केजरीवाल ने भी
ट्वीट किया उसने बोला केजरीवाल जवाब दे तो
केजरीवाल ने ट्वीट किया भाई लेकिन आप हो
कौन [हंसी]
वैसे वो सही में वो जो छोटा पैकेट टाइप
आता है
अरे वो उसमें दिमाग में नहीं आता हां वही
है वो
वो सेम टू सेम
कि वो उसमें नहीं Flipkart की ऐड में वो
बच्चे नहीं आते जो बड़ा बनने की एक्टिंग
करते हैं उस टाइप का ही लगता है वो
बोलता है जब वो उसके भारतीय जनता पार्टी
का कार्यकर्ता सबक सिखाएगा। साइकिल को
कबाड़े में बेच देंगे। ये क्या लाइक
[हंसी]
बॉस बेबी होता है ना? बॉस बेबी है वो।
बॉस बेबी है।
लेकिन वही जो एक एक मुद्दा उस पे जो है जो
हम लोग भूल गए कि ये जो गाड़ी की जो हम
बात कर रहे थे अभी मोदी जी ने 14 अप्रैल
या अप्रैल में किसी तारीख को देहरादून
एक्सप्रेसवे का इनोगेशन किया। अब उसमें
बहुत बड़े-बड़े दो गड्ढे बन गए।
विद इन थ्री फोर मंथ्स। पहली मानसून की
हल्की सी रेंज में
भाई किस लेवल पे करप्शन होगा सोचो मोदी जी
ने अभी करके गए
उनके एलॉय ऐसे घूम गए हैं
हां मतलब इतना बड़ा गड्ढा अभी बना है भाई
लिटरली अभी बना [हंसी] है चार महीने में
इतने बड़े
अंडरग्राउंड पार्किंग का भी कुछ हो सकता
है प्रोजेक्ट वो कुछ ऐसा
नहीं वो उनके लिए है जिन्होंने इलेक्ट्रिक
ले ली जिन्होंने इथेनॉल से बच के
इलेक्ट्रिक ले ली है उनके लिए
उनके लिए
मतलब इतने बड़े गड्ढे
गड्ढागरी
गड्ढागरी का कमाल देखो जबकि एक हाईवे है
यमुना एक्सप्रेसवे सच अ स्मूथ एंड गुड
हाईवे एस कंपेयर टू अदर हाईवेज बिल्ट बाय
हाईवे मायावती जी ने बनाया था वो
वो कह तो रहा था प्रधानमंत्री ने कहा तो
था कि मैं खुद इंस्पेक्ट करता हूं जाके जब
बनता है तो मैंने वो टेक्निक बनाई हुई है
एक बीच में भी टेक्निक आई थी वो धाकड़
टेक्निक आई थी हाईवे टेस्ट करने की देखी
थी आपने
कौन सी
धाकड़
क्या था
मनोहर लाल धाकड़ टेक्निक थी हाईवे चेक कर
रहा था वो तो
अच्छा वो वाला
नारी राजस्थान [हंसी]
ग्वालिटी
टाइम चल रहा था वो भी अच्छा है कि नहीं है
तो
वो तो वो था दिल्ली टू जयपुर वाला हाईवे
ये कैसा बना हुआ है वैसे मैं इसमें आगे
हाईवे बनाया है जयपुर तक वो आगे जो बना
[नाक से की जाने वाली आवाज़] मुंबई वाला
जयपुर तक या जयपुर के आगे
जयपुर के आगे भी बन गया है क्या ये
वडोदरा तक आई थिंक दे मेड इट
कैसा बना हुआ है ये दिल्ली से जयपुर
यार हाईवे दिखने में इट्स वै नाइस कि जैसे
उन्होंने जिसका जो ब्यूटीफिकेशन और वो ठीक
है बहुत बीच बीच में अच्छे खासे वो लगा
रखे हैं। बट हाईवे की जो तुम क्वालिटी
देखोगे यू विल रियलाइज कि ये क्या है भाई
एक पॉइंट के बाद में क्योंकि वहां पे तुम
सीधा चलाओगे तुम्हारी गाड़ी अचानक उड़
जाएगी। उसके इतने वीडियोस हैं ऑनलाइन कि
आप सीधा चल रहे हो गाड़ी अचानक उड़ गई। तो
आप अगर बहुत स्पीड में चला रहे हो 110 120
के आसपास जो कि रिकमेंडेड स्पीड है वहां
पे 120 की। तो चांसेस हैं कि बीच में
अचानक से कुछ आएगा कि आपकी गाड़ी उड़
जाएगी। क्योंकि एकदम अनइवन हाईवे है बिल्ट
विद वेरी वेरी पुअर क्वालिटी एज इट सीम्स
तो वहां पे बिल्कुल भी स्ट्रेट नहीं हुआ।
अचानक उड़ जाता है। मैंने कहा ये क्या है?
तो
कॉस्ट इतना आ रहा है मतलब प्रोजेक्ट का
मतलब
तकरीबन 50 से 60 करोड़ के बीच का खर्चा
आता है 1 कि.मी. के सिक्स लेन हाईवे का।
और मैंने एक बार पोस्ट किया था कि हाईवे
की क्वालिटी इतनी खराब। तो कुछ लोग कमेंट
कर रहे हैं। अरे बन तो रहा है ना खुश रहो।
बन पहले कौन सा बनता था? मैंने कहा अरे
भाई वो टोल लेते हैं यार तुमसे फ्री में
नहीं दे रहे वो अच्छा खासा टोल ले रहे हैं
बहुत अच्छा खासा टोल है उसका तो जो उनकी
लागत है वो एक पॉइंट पे उनको मिल जाती है
उसके बाद भी टोल जारी रहता है तो उनके लिए
बहुत फायदे का सौदा है ये इट्स अ सर्विस
यार यहां से अगर आप चंडीगढ़ अप डाउन कर
रहे हो ₹1000 लग जाता है ना
हां ₹1000 लग जाता है
आराम से आराम से आप गाड़ी लेके जा रहे हो
₹1000 से 1500 का टोल आप कैसे दे सकते हो
टोल इज वन थिंग मतलब टोल तो एक एक ही
पार्ट है उसका वो तो आप चलो यह कहते हैं
कि आप कीप के लिए ले रहे हैं यह वो बट आप
गाड़ी कि रजिस्ट्रेशन में तो दे रहे हो ना
रोड टैक्स सबसे पहले तो दे रहे हो आप फिर
आप अपने पेट्रोलवेट्रोल में एथेनॉल ये जो
मिला रहे हैं यही इसमें इतना बड़ा टैक्स
दे रहे हैं आप ₹30 ₹35 का उसमें होता है
फिर आप जीएसटी अलग से दे रहे हैं फिर आप
सैलरी में टैक्स अलग से दे रहे हैं तो भाई
हर चीज पे ब्रैकेट में 20 30% आप टैक्स दे
रहे हैं टोल तो बिल्कुल ही अलग है उससे
फिर भी अगर आपको लगता है कि सरकार फ्री
में सड़क दे रही है तो
उनके दिमाग में ऐसे कि सरकार की उनका पता
नहीं कि उस माई बाप वाले एटीट्यूड या
सरकार हमें कुछ दे रही है अरे भाई तुमसे
ले रही वो तुम इतना कुछ
इस एटीट्यूड में इस डिफिटिस्ट एटीट्यूड
में तो फिर तुम मिलाओ इथेनॉल जम के क्या
फर्क पड़ता है किसी को भी
भारत में मर्द कब बनेंगे लोग
राजीव तलवार राजीव तलवार की भाषा में कहे
तो
मदानगी क्या मानते हैं आप [हंसी]
किस चीज में मानते हैं मर्दानगी
जी मैंने तो राजीव राजीव जी से सुना है
राजीव तलवार से बहुत
एक वहां पे भी बड़ा इंटरेस्टिंग चल रहा है
कि बंगाल में उन्होंने अंडे पहन कर दिए
बच्चों के प्लेट से मिड डे मील में बट दिन
भर साले अंडे फेंकते रहते हैं। अब
वो खाने नहीं है ना तो
टीएमसी वालों पे अब अंडे फेंकते रहते हैं
बीजेपी वाले और कह रहे हैं खाओ मत अंडे
अंडे का [हंसी] काम है किसी के मुंह पे
फेंको ये कैसा कल्चर है पहले अंडे तो खाने
के लिए
गले में मछलियां टांग के घूमते थे इलेक्शन
उससे पहले मछलियां अभी कह रहे
पूरे इंडिया की मछलियां डाल देते
बोलते [हंसी] हैं कि हम सारी यहां से इस
पोखर से पूरे पूरे पूरे देश का मछलियां
भ्रांत की मछली लाएंगे [हंसी]
पोखर पोखर
[नाक से की जाने वाली आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़]
भांत की मछली हम लोग हर राज्य से लाके
यहां के सबके कुएं पोखरा में डालेंगे।
पोखर से मछली। क्या वर्ड है? पोखर से
मछली।
पोखर
और अभी कह रहे हैं कि भाई मिड डे मील में
हमने दे दिया ठेका इस को। इस कह रहा है कि
हम तो भैया अंडा छोड़ो हम तो लहसुन और
प्याज भी नहीं डालेंगे।
तो मतलब सबसे गंदा फोड़ दो बच्चों को बिना
टेस्ट के।
और बचपन से इनको इन डॉक्ट्रिनेट करो। बड़े
होके सबको बनाओ आयेदा इनफ्लुएंसरर
Instagram पे। सरकारी ठेका तो दो ही तरह
के लोगों को मिलता है देश में या तो इस को
या उसकॉन को [हंसी]
अब वो इस को मिल गया है
इसन को मिल गया है उस को तो मिलता ही रहता
है
उस को तो मिलता ही रहता है
अब वो जो बड़ी इंटरेस्टिंग चीज देखी उसका
प्रवक्ता इस का प्रवक्ता कह रहा जो
प्रोटीन दो अंडे में आप कह रहे हैं होता
है वो सोया में भी होता है 100 ग्राम सोया
खावे बच्चा मतलब वो पानी में भीग के 100
ग्राम सोया 300 ग्राम हो जाती है वो इतना
इतना सारा कटोरा पांच बच्चे नहीं खा सकते।
पांच बच्चे नहीं खा सकते।
सोया कितना बेवकूफ बनाते हैं यार मुंह से
बेवकूफ [हंसी] बनाते हैं।
तो मैंने किया कि फिर मैंने एक ट्वीट किया
कि एक भाई ये तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं
है। बच्चे 1 किलो ढोकला जो है उसमें 90
ग्राम प्रोटीन होता है। खाओ 10 ही पीस
होते हैं बच्चे आराम से खा सकते हैं। लाइट
होता है मेरे रिप्लाई में किसी ने डाला है
5 किलो रसगुल्ले में 400 ग्र. प्रोटीन
होता है। और बच्चे को 5 किलो रसगुल्ला
[हंसी] दो। तो यार वाहियात बनेगी तो कोई
हद हो सकती है।
मैंने चिप्स पे देखा है एक चिप्स पे लिखा
हुआ था कि 3 ग्र. प्रोटीन। हम
मैंने कहा हां प्रोटीन तो है बट इसके साथ
में कैसे खाओगे और भी चीजें हैं ना चिप्स
खा रहे हो तो फ्राइड है कैलोरी है तो मतलब
अब इस इस चीजों का कोई कैसे मुकाबला करें
इन चीजों का तो कोई मुकाबला ही नहीं है
मतलब कोई [हंसी] लॉजिक ही है और लोग मानते
भी हैं ऐसा नहीं कि इस का प्रवक्ता ही ये
बात मानता
अगर इंडिया में लोग मानते हैं
कोई परिवार मतलब बंगाल में भी अगर कोई
हिंदू परिवार अगर अपने बच्चे को नहीं
खिलाना चाहता अंडा तो उसकी राय लेके उसको
नहीं देना चाहिए उस बच्चे को आप कर दो भाई
अलग दिए 10 बच्चे हैं स्कूल के 50 बच्चों
में से जो नहीं इनको सर्व होगा अलग से
खिचड़ी ढोकला इसको का जो भी है बाकी जिनके
परिवार खिलाते हैं खाते हैं तो उनको पंडा
देना चाहिए
बट आप एक इस चीज का ठेका ऐसी ऑर्गेनाइजेशन
को कैसे दे सकते हो जिनकी डाइट जो इंडिया
की जनरल डाइट है उससे मेल ही नहीं खाती एक
बहुत ही माइनॉरिटी की ये डाइट है इस तरह
की
बंगाल में तो है नहीं किसी
बंगाल में तो बिल्कुल भी नहीं है तो
जबरदस्ती तुम ठूसे जा रहे हो यार
वहां पे तो मछली को नॉनवेज नहीं माना जाता
नहीं मतलब इतना कॉमन है
एक कांसेप्ट है कि वो भगवान के लिए कुछ
बनाते हैं।
दुर्गा पूजा पे भी वो मटन मटन
हां उसको वेज मटन बोलते हैं। वो सारा है।
बट इन जनरल पूरा मीट ईटिंग कल्चर है।
वहां पे भी तुमने ठूस दिया अपना
वो तो खुश वेज ऑर्डर करते हैं। चिकन निकला
था तो खुश हो जाते हैं। यहां तो केस कर
देते हैं ना पर ये हर चीज में
वहां पे रविंद्र संगीत गाते हैं वो ऐसा हो
[हंसी] जाता है तो
अभी लेकिन ये हर चीज में ऐसी ना बहुत ही
वाहियात सा आपको वो दे देते हैं कि आपका
तामसिक मन हो जाता है और आप बच्चों को
अंडा वो देने के लिए
जैसे वो सब सारे क्रूर लोग नॉन वेजिटेरियन
जबकि सारा पॉलिटिक्स निकाल के देख लो सारे
वेजिटेरियन
जानवर ही बनोगे
जानवर खाओगे तो जानवर ही बनोगे आप जैसे
अगर रसगुल्ले खाओ मीठे बनोगे आप मीठा खाओ
हां चॉकलेट खाओगे चॉकलेट ही हो जाओगे अंदर
जैसा आप खाते हो वैसा बन जाते हो।
मेरे को रामदेव ने कहा था जब बचपन में
मेरे को 12th क्लास में ले गए थे वहां पे
रामदेव के शिविर में स्कूल की तरफ से तो
मैं सबसे आगे बैठा था। थोड़ा सा गोलमटोल
सा था मैं तो कहता है आलू खाओगे तो आलू
जैसे हो जाओगे। मेरी तरफ देख के और सब हंस
रहे हैं मेरे में। तो रामदेव से मेरी
पुरानी [हंसी] दुश्मनी है।
तो रामदेव ने क्या झाड़ खाए थे क्या झाड़
जैसे? [हंसी]
बहुत तगड़ा मामला है।
[हंसी]
बहुत जोरदार मामला है ये।
बहुत जोरदार मामला है। [हंसी]
तो तो ये भी है ना कि जो इनफैक्ट इंडिया
में तो सबसे ज्यादा प्रोपोगेंडा बाबाओं ने
इतना ज्यादा फैलाया। वो कहते हैं कि एक
अनिरुद्ध अनिरुद्धचार्य का एक वीडियो है
जिसमें बोल रहा है कि
कहता है कि मच्छी खाते हैं। बोला हां
बोलता है मटन खाते हैं। बोला हां। तो बोला
कि दादाजी हैं। बोला नहीं वह तो मर गए। मर
गए तो उनको भी खा लो। [हंसी] और कितनी
डार्क बात है कि तुम तो मच्छी खाते हो,
मटन खाते हो तो उनको भी खा लो, दादा को भी
खा लो। मैंने कहा यार क्या करें अभी?
[हंसी]
इसका जवाब भी क्या?
नहीं कोई जवाब नहीं है। इसका मतलब
फिर वो कोई एक बाबा है वो कहता है कि अंडा
जो है वो शिट है। शिट खाते हो तुम लोग।
दूसरों की शर्म भी नहीं आते।
अरे अंडा प्याज के बारे में भी कोई बोल
रहा था। भी उस तरीके से है।
एक्सक्रीट ही है एक तरीके का। पर वो तो
एनीवे गौमूत्र पीते हैं ना काफी लोग।
हां [नाक से की जाने वाली आवाज़]
आई डोंट नो
बट काफी लोग वी डोंट हैव सर
राजस्थान की बात बताई राजस्थान में अभी
आपके एकद दिन पहले प्रधानमंत्री गए थे तो
आपके लोग बहुत सेंसिटिव हैं खेजड़ी को
लेके
खेजड़ी को
वो उन्होंने
पौधा लगा वो पेड़ लगाया था पीपल की
सैपलिंग लगाई थी वहां पे लेकिन वो ट्वीट
कर दिया प्रधानमंत्री ने कि मैंने खेजड़ी
का पौधा लगाया है था वह पीपल तो राजस्थानी
सब राजन पानी लेके चढ़ गए कि हमारी एक ही
तो पहचान है भारत खिचड़ी
खिचड़ी कवर
तो [हंसी] तो उन्होंने कहा कि यार ये पीपल
क्यों बता रहे हो हालांकि बहुत ही
डिस्टिंक्ट है ना खिचड़ी जो के पत्ते होते
हैं कैर के जो पत्ते होते हैं वो तो बहुत
ही अलग होते हैं पीपल में और उसमें कोई
समानता नहीं है
तो पता नहीं क्या
सांगरी उसी पे लगती है उसमें केर सांगरी
उसी पे होती है
टूरिस्ट राजस्थान
नहीं नहीं सच
उसी पे लगती है
कभी-कभी हां उसी पे लगती है ना
बहुत
सेंसिटिव है आपके मैं तो देख रहा था इतना
उन्होंने
हां खिचड़ी को लेके है एक
केर सांगरी को लेके मैं तो उन्होंने जब वो
यूके का प्राइम मिनिस्टर बना था केयर
स्टारमर उसको भी पत्र लिख दिया था कि केयर
स्टारमर नहीं होता केयर सांगरी होता है।
[हंसी]
नहीं नहीं वहां वहां पे
नहीं मतलब
अरे तीन चार चीज़ ही उगती है ना उगता
पर मोदी ने तो ये कहा वो तो पीपल का ही
ज्यादा पीपल का ही पेड़ लगाते हैं बिकॉज़ ही
इज़ बाय पीपल फॉर पीपल
हां
पीपल्स रिपब्लिक वो भी [हंसी]
जैसे ये भी बड़ा इंटरेस्टिंग है कि जो
जंतरमंतर की जो लोकेशन है इट इज़ नेक्स्ट
टू केरला हाउस
मतलब प्रोटेस्ट साइट भी उन्होंने [हंसी]
केरला कम्युनिस्ट कम्युनिस्ट रीजन के
बिल्कुल बगल में उन्होंने बनाई है और वो
बिल्कुल सामने उसके वो भी है आपको पता है
बृजभूषण का घर
जेडीयू का दफ्तर बिल्कुल ऊपर ही
अच्छा
जिसके ऊपर बहुत साल से केस चल रहा था वो
शायद अब कांग्रेस को मिल गया शायद वो
वो बृजभूषण से मुझे याद आया के ही इज़ वेरी
वरीड अबाउट हि वेल बीइंग बृजभूषण
मेंटल वेल बीइंग
या या ही इज़ सेइंग के अगर मैंने राम मंदिर
की चोरी पे कुछ बोल दिया चंदा चोरी में तो
इवन बागेश बाबा सेड इट
हां वो धीरू भी यही कह रहा है धीरेंद्र
शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री सेड इट कि अगर मैंने
कुछ बोल लिया ना ये तो बताओ
कछु हो जाएगा
[हंसी]
ये तो बात बोल
ये जितने भी वो इवन कि अब अगर प्रेमानंद
जी ने अगर कुछ बोल दिया तो वहां भी
तो तो कोई कुछ नहीं बोल सकता
मैं कह रहा हूं कि इन सबको जो ये आजकल जो
संत महात्मा बाबा इतने बने हैं इनके राज
में या वो हनुमान जी नाच रहे थे उसके
सामने नितिन नबीन के सामने इस पे किसी ने
कुछ बोल दिया किसी बाबा ने तो भाई वापस ये
लोग प्लास्टिक की कुर्सियों पे आ जाएंगे
जहां से इन्होंने अपनी जर्नी शुरू की थी
धरेंद्र शास्त्री जो है प्लास्टिक की
कुर्सी पे बैठ के तो पर्चियां निकालता था
किसी गांव में बैठ के
₹1 ₹1 चढ़ावा लेता था 20-20 अब जो है
अंबानी वंबानी और
हनुमान जी रावण माय डियर फ्रेंड
राजनीति के जो आका हैं इनके सामने तो क्या
औकात है किसी की कोई औकात नहीं है
दो मिनट
कोई कुछ नहीं बोल रहा
दो मिनट में फेंक
बट बोलना भी तो बोलना है कि मैं कुछ
बोलूंगा तो कुछ हो जाएगा। दिस इज आल्सो
बोलना।
नहीं नहीं दे जस्ट वांट टू पैसिफाई देर
सपोर्ट बेस कि बाबा जी को तो
मुद्दा तो बना है मतलब है।
बाबा जी को पता तो है देखो ऐसी बात नहीं
है।
बट बाबा जी बोल नहीं रहे।
धीरे बोल
हां अभी धीरे बोलिए नॉट सो सेटल प्लग
[हंसी]
अभी अभी मेरी बुक का भी मैं देख के आया था
ना अभिजीत दीपके को तो अभिजीत ने फोटो डाल
दी तो लोग मुझे कमेंट करने लग गए कि ये
देखो राजदीप सर देसाई आ गया अपनी अपनी
[हंसी] बुक लेके पहुंच गया हर जगह पे तो
मुझे अपनी पॉडकास्ट की याद आई तो हमने
वहीं से शुरू किया था ना एक पडकास्ट पे
बोला था कि राजदीप कैसे बुक बेचता है हर
जगह पहुंच जाता है अपनी किताब
बेशर्म तो होना पड़ता है अपना कोई भी
सामान बेचने के लिए बट मैं मैं ऐसा नहीं
करता हूं। मैं हमेशा कहीं भी जाके खबर आजम
के बारे में बात नहीं करता हूं जो कि हर
मंगलवार को रिलीज होता है हमारे कुणाल का
कुणाल का शो
और जिस पे कि अभी 53 54 एपिसोड हो चुके
हैं तो मैं नहीं चाहता कि सबको देखना
चाहिए
YouTube पे जो आता है
YouTube पे जो आता है
हम लेकिन ये चुनते वाली अगर हम बात करें
मेरा जो बेसिक ऑब्जरवेशन है मुझे ऐसा लगता
है कि सबको करप्शन करने का हक नहीं मिला
तो लोग काफी गुस्सा हैं। अगर सबको अपना हक
मिल जाता तो इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनता।
इसमें बस कुछ ही चंद लोगों का फायदा हुआ
है।
चंद चोरी हो गई है।
चंद चोरी है।
और चंपत लगा है बहुत बड़ा।
चंपत लगा है। चंपत चोर
देश को।
सीसीटीवी का मतलब ही चंपत चोर टेलीविजन हो
गया। वहां पे चंपत लगा हुआ है।
सीसीटीवी
बट कितने का एलिगेशन लगा रहे हैं कि कितना
घोटाला इन्होंने किया। क्या एलिगेशन क्या
है?
चढ़ावे का तो कोई वो नहीं होता।
हां उसका कुछ है ही नहीं।
वो तो रिकॉर्ड नहीं होता। वो तो प्रभु के
पास आता है।
कोई रिकॉर्ड नहीं है।
और रखना भी नहीं चाहिए। और जो चोरी हुआ है
उसका कोई किसी को दुख भी नहीं होना चाहिए।
80 लाख का कुछ आया था अभी एक
आई थिंक
आपने अपने हाथ से
बस
नहीं नहीं अरे
नहीं नहीं वो
एक रीसेंट कोई आया था
वो तो बता रहे थे कि ₹80 लाख का है घपला
पर कैसे आप यू कांट क्वांटिफाई दैट मैं तो
ये कह रहा हूं अगर आपने ₹500 कहीं दान दे
दिए किसी मंदिर में या किसी को दे दिए तो
आप व्हाई आर यू वरीड कि उसको ले उसके साथ
क्या हो रहा है आपको अपने हाथ से छोड़ना
था अपने को मुक्ति
आपका तो हो गया
मुक्ति लेनी थी आपने अगर मान लो आप अपने
उसका हिसाब मांगोगे मेरा ₹500 कहां गया तो
सामने वाला जो है संपत जो है अगर आपसे
हिसाब मांग ले कि उसके बदले में जो आपने
पुण्य कमाया वह कहां गया
दे मेरे को
हां पुण्य दे
पुण्य दे वापस
भाई पुण्य नहीं दूंगा
पुण्य प्रसुन वाजपेयी दूंगा
तो पुण्य [हंसी] नहीं मिलेगा तो
तो क्या करोगे आप तो इन चीजों में नहीं
पड़ना चाहिए
ये वो वाला मीम हो गया ना वो बॉबी डेवल
वाला सोल्जर फिल्म का वो ऐसे करता है उसका
वो लगा होता है [हंसी] नीचे से
संपत्ति के लायक पुण्य किधर है पुण्य देवा
पे तो मान लो अगर चलो ठीक है वो ना भी
चोरी करते वो वहां पे रहता रखा रहता मान
लो 50 करोड़ 60 करोड़ 70 करोड़ तो क्या
लगाने का कोई ब्लूप्रिंट बताओ आप उसको
कहां लगाओगे कहां खर्च करोगे
हम
किस काम में करोगे
किस काम में लगाओगे आप
फरदर और नया एक मंदिर मुहिम चलाओगे वो भी
हो सकता है
वो भी हो सकता है तो आई थिंक ये मुद्दे को
दबा देना चाहिए ज्यादा आई डोंट थिंक
मतलब भगवान पे के भक्तों पे उंगली उठाने
का हमें तो मुझे लगता है कोई हक है नहीं
हम
मुझे तो नहीं है
मुझे तो नहीं है भाई
लेकिन मैंने इसमें एक चीज नोटिस कि इसको
लग रहा है थोड़ा सा [हंसी] ये हक मांग रहे
हैं अपना लेकिन लेकिन मेरा चंदा है पॉइंट
चंदा हो चंदा
ऐसा मैंने बहुत टाइम बाद देखा है कि जो
इथेनॉल का हुआ है और ये जो चंदा चोरी हुआ
है दोनों के मैंने पहली बार न्यूज़ में
देखा है कि स्कैम बोल रहे हैं उसको काफी
टाइम बाद जैसे कांग्रेस के टाइम में हम
सुनते थे तो इथेनॉल स्कैम और चंदा स्कैम
ये दो वर्ड काफी
नहीं नहीं चंदा वो कुछ रो कुछ ऐसे बोल रहे
नहीं नहीं स्कैम आ रहा है अभी एक दो जगह
पे बोला नॉर्मली इतना ज्यादा है चैनल पे
पर कोई स्कैम वाली कोई बात नहीं होती अब
ये मंदिर निर्माण के लिए एक मुहिम चली थी
44 दिन की संपत राय जी ने चलाई थी जो
ट्रस्ट एक तो ये जो ट्रस्ट है
दिस नियम इज सो ब्यूटीफुल
ये मिस ट्रस्ट है वैसे तो अब बन चुका है
मिस ट्रस्ट ही हो चुका है इसको
[नाक से की जाने वाली आवाज़] ट्रस्ट बनाया
प्रधानमंत्री ने अपने लोगों को सेलेक्ट
करके बिठाया
अच्छा
चंपत राय गोविंद गिरी और ये एकम महंत जी
हैं जितने भी लोग हैं वह सब भाजपा के चरण
वो या वीएसपी और लार्जर संघ परिवार यह
परिवार जब कोई लूट बार होती है कोई चीज
करनी होती है तब तो ये परिवार होता है
सारा जब कोई लेके निकल जाता है फिर कहते
हैं तो हमारा लड़का है ही नहीं
हां
फिर ये परिवार से एकदम से बाहर कर देते
हैं उस आदमी को तो ये ट्रस्ट बना था तो उस
ट्रस्ट ने क्या किया था बनवाया था
प्रधानमंत्री ने अपने हाथ से फिर वो एक
रामनिधि समर्पण के नाम से एक 44 दिन का
प्रोग्राम चला था 2021 में
उसके तहत 10 लाख कार्यकर्ता देश भर में गए
घरघर जाके उस उन दिनों में बहुत सारे लोग
ऐसे भी कहते थे कि विधर्मी हो तुम अगर कोई
मना चंदा देने से मना कर देता था कि किसी
के घर जाके पर्ची काट रहे थे। हालांकि वो
किसी से जबरदस्ती नहीं करते थे बट जाते हर
किसी के डोर स्टेप पे थे।
तो कोई बेचारा हमारा ये जो लिबरल सोसाइटी
के लोग हैं ये तो कहते थे नहीं हम नहीं
देते। हमारा कोई जुड़ाव नहीं है उससे।
[गला साफ़ करने की आवाज़] तो उस उसके
वीडियो आते थे। बहुत सारे उसको लोग गाली
देते थे कि तू क्यों मना कर रहा है चंदा
देने से? तो राम का काम है। तो उसमें
तकरीबन ₹2100 करोड़ पूरे देश से इकट्ठा हो
गया था मात्र 44 दिन में। हम
और उससे पहले का और उसके बाद का भी 13
1400 करोड़ बताया था। तो 3500 करोड़ का यह
एक फंड था मंदिर निर्माण के लिए।
एक फैक्ट। दूसरा फैक्ट ये है कि मंदिर
परिसर जो है 107 एकड़ में फैला हुआ है।
हम
उसमें से जो 70 एकड़ जमीन है वो अनुदान
में मिली हुई जमीन है। वो खरीदा नहीं गई
है।
हम्म।
अच्छा।
उसके बाद जो जमीन खरीदी गई है उसको
एक्सटेंड करने के लिए मंदिर परिसर को
उसमें बहुत बड़ा घपला 2021 में बताया गया
जिसको लेके कि बहुत सारे सबूत संजय सिंह
जो एमपी हैं आम आदमी पार्टी के उन्होंने
प्रस्तुत किए। अखिलेश यादव की पार्टी जो
है उन्होंने बहुत सारे सबूत दिए कि ₹
करोड़ की जमीन जो है 18 करोड़ में ली गई 5
करोड़ की 25 करोड़ में खरीदी गई इस तरह से
एक दिन में इतनाइतना गुना मतलब वो दो दिन
पहले इतने में रजिस्ट्री हुई है पांच दिन
बाद वो इतने में बिक रही है इतने
राम मंदिर ट्रस्ट ने वो आसपास की जमीन
इतने में खरीदी वो तो वो जमीन खरीदी गई
फिर उसको कॉन्ट्रैक्ट शायद एल&T और टाटा
दो कंपनी थी उनको दिया गया था मंदिर
निर्माण का तो पांच एकड़ में वो मेन मंदिर
बना हुआ है और बाकी परिसर में
ब्यूटीफिकेशन किया हुआ खाली जैसे होता है
ना कि लैंडस्केपिंग की हुई है 70% तो 5
एकड़ का मंदिर के निर्माण में और दो चार
भवन और बनाए हैं तो 2000 करोड़ का
कंस्ट्रक्शन का खर्चा बताया गया है कि
2000 करोड़ लगा है तो यह
[नाक से की जाने वाली आवाज़] थोड़ा सा
2000 करोड़ में मैंने थोड़ा एस्टीमेट
लगाया कि 50 किमी का हाईवे बन जाता है
बिना गड्ढों वाला
2000 करोड़ में 50 किमी का छह लेन का
हाईवे बन जाता है
हम
और यहां पे वो एक भवन बनाया इन्होंने हम
एक भवन नहीं कहूंगा मतलब परिसर में चीजें
बनाई लेकिन वो परिसर में जमीन लेनी नहीं
पड़ जमीन पहले से मिल गई थी 70 एकड़ यहां
पे हाईवे के लिए आप जमीन भी अधिग्रह कर
लेते हो किसान की हाईवे भी बना देते हो सब
कुछ कर देते हो 50 किमी कितना लंबा होता
तो ये जो खर्चा लगा है तो पहले भी सवाल
उठे थे कि इसका भी हिसाब दो भाई ये किसको
ठेका दिया कितने में दिया क्या है क्या
चीज गई है सीमेंट बजरी क्या है तो खैर
लेकिन आस्थावान लोग जो हैं जैसे मेरे जैसे
जितने भी आस्थावान लोग हैं सवाल हम नहीं
उठाते कभी भी हम तो अब चंपत राय ने बोल
दिया यार सच है उसमें क्या दिक्कत है
हम
चंपत राय झूठ थोड़ी बोलेगा यार इतना लंबा
उसका संघर्ष है 92 94 से वह संघर्ष कर रहा
है। लोग बताते हैं कि दो धोती है उसके पास
उसके अलावा कुछ है नहीं।
भक्तों की आस्था पे और इटालियन के पास्ता
पे सवाल नहीं उठाया जाता।
और गडकरी के रास्ता पे
गडकरी के रास्ता पे सवाल नहीं उठाते।
सवाल नहीं उठाते। ये सारी बातें
तो लगती है। लगते हैं मतलब पैसा तो लगता
ही है इन चीजों में तो ठीक है। थोड़ा ऊपर
नीचे हो गया होगा।
और अभी तो ये शुरुआत है। अभी तो ये मथुरा
बाकी है। काशी बाकी है। उज्जैन में 800900
करोड़ का बना है। आस्था का निर्माण
सतत जारी रहता है। एक यह वरदान होता है कि
एक बार अगर कंस्ट्रक्शन धर्म के नाम पर
कहीं शुरू होती है तो उसको जारी रखना
चाहिए, बंद नहीं करना चाहिए। हम
कुछ चाहे एक ईंट लगे रोज की लगनी चाहिए।
हमारे रोहतक में बाबा बालकनाथ का एक वो है
तो वहां पे भी यही वरदान है कि जब से वो
है पिछले कई साल से उसपे कंस्ट्रक्शन चल
ही रही है। चाहे रोज की एक ईंट लगानी है
उसको लगती है।
श्योर
हम क्योंकि कंस्ट्रक्शन रुकनी नहीं चाहिए।
बट लगता है यार इन चीजों में खर्चा तो
देखो लगता ही है अभी किसमें
क्या हिसाब ले आप क्या हिसाब लें आप हिसाब
इसका पूछ सकते हो कि रोड ट्रांसपोर्टेशन
में क्या हुआ है एथनो में हालांकि इसका भी
नहीं पूछना चाहिए इसमें भी
क्या ही पूछ
क्या ही पूछना है अब लग गया एक बार आपके
हाथ से जो पैसा छूट गया ना वो वापस तो
आपके पास आने से रहा पर उसका रीज़न बड़ा
अच्छा मिल गया है
क्योंकि अब पोलुशन का रीज़न तो चला गया है
माइलेज और पेट्रोल का रीज़न चला गया मैंने
देख रहा था उसमें ये आ रहा है कि आपको
गल्फ कंट्री का वर्चस्व हिलाने के लिए
ये पासा फेंका गया है
वैसे भी
और उससे आतंकवाद कम हो जाएगा अब हमेशा के
लिए
एक तरीका है आपको कुछ भी हो जाए दोनों
मुट्ठी ऐसे बेचिए हाथ ऊपर उठाइए जय श्री
राम
हम
हो गया मुद्दा ही खत्म हो जाता है वहां पे
उससे आगे कुछ बचता नहीं है राष्ट्र
निर्माण ऐसे बोलिए राष्ट्र निर्माण ऐसे
बोलिए राष्ट्र
राष्ट्र निर्माण
स्वाभिमान
स्वाभिमान
आत्मसम्मान
आत्मसम्मान
देश का गौरव
देश का गौरव
इससे ऊपर
इससे ऊपर
नासदीप
नासदीप
ना सौरभ
सौरभ
हो गया
तो [हंसी]
ये लास्ट में ये करिए तो
आप अपने आप को अनुभूति
बहुत जोरदार मामला [हंसी] है ये
आपको अनुभूति अलग ही होती है। आप अगर संघ
के संघ में दो ही तरह के चरित्र बनाए जाते
हैं। वो चरित्र निर्माण की बात करते हैं।
हमारे राष्ट्रीय संघ सेवक संघ दो ही तरह
के चरित्र बनते हैं।
एक तो रॉ होता है बिल्कुल जो थोड़े दिन ही
जाता है उसको एक ही काम दिया होता है कि
तेरे को उग्र रहना है। वो इंटरनेट पे भी
उगर रहता है और वैसे भी उगर रहता है। गाली
मां मां तेरी बहन तेरी पं प एक तो वो रहता
है वो कैरेक्टर वो वो छोड़ा होता है नीचे
वो वो उसके लिए एक दूसरा कैरेक्टर होता है
जो काइयां कैरेक्टर बनाया जाता है जिसको
जिसका क्या जिसका क्या काम होता उसको इतनी
गजब ट्रेनिंग होती है उसको ये होता है कि
आपको कुछ भी बात चल रही हो आपको ऐसे बोलना
है जैसे आपने सब गुस्से को आत्मसात कर
लिया पाल लिया गुस्से को और अपने तरीके से
शब्दों का ऐसा मायाजाल बुनता है वो आदमी
कुछ भी पूछा जाए उससे वो बस एक ही तरह से
जवाब देता आप मेरे से पूछेंगे जैसे कि
एथेनॉल पे
एथेनॉल पे क्या विचार है आपका?
राष्ट्र का जो चरित्र होता है वो गौरवशाली
हमारा जो इतिहास है उसके अंदर आत्मसात
करना पड़ता है। ये जो सनातन है ये कोई आज
का नहीं है। इस ये बहुत पुरानी परंपरा है।
सनातन रूपी संसार से ही नीचे जो है
सर रूपी तो और नीचे लेकिन
अवशेष मिले हैं।
अच्छा
रूपी के
नहीं नहीं रूपी से भी नीचे अवशेष हैं।
अवशेषों से ही पेट्रोल डीजल सब निकलता है।
तो सर वो गाड़ी का माइलेज हमारा खराब हो
रहा है।
राष्ट्र की जो एक भावना है वो आज के
युवाओं से में उससे ओतप्रोत होना पड़ेगा।
उसको उसको करना पड़ेगा। तो मुझे नहीं लगता
कि ये जो सवाल हैं आपके ये आपके सरकार से
जरूर हो सकते हैं। आप जरूर पूछ सकते हैं
सरकार से। लेकिन आपको उन ताकतों के साथ उन
शक्तियों के साथ नहीं मिलना चाहिए जो इस
राष्ट्र को 500 साल से पहले परेशान करते
रहे और आज भी वह अपना सिर उठाने की कोशिश
कर रहे हैं।
सर भारत [हंसी]
माता की
जय।
तो ये एक [हंसी] एक कैरेक्टर ये होता है
तो ये वाला जो है ऊपर बैठा होता है। ये
टीवी पे भी बहुत दिखता है आपको। आपको
उसमें इंटेलेक्चुअल डिबेट्स में और सब जगह
ये आदमी एक एक ऐसा चेहरा एक ऐसा चरित्र
दिखेगा। पार्क्स में भी होता है। ये सब
जगह फिट किया होता है।
इसका काम होता है ये सब बोलना। है ना? कि
कुछ भी हो वो सब साजिश नहीं होनी चाहिए।
आवाज वो कहेगा विरोध होना चाहिए। मैं नहीं
कह रहा कि विरोध नहीं होना चाहिए। लेकिन
ऐसे नहीं होना चाहिए। सरकार की तरफ से हर
संभव कोशिश की जा रही है। इसमें क्या है
और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ
कारवाई होगी।
हां अभी यार मैं एक फ्यूनरल पे गया हुआ
था। वहां पे चिता उठा रहे थे उसके पीछे
अंकल खड़े हो के समझा रहे हैं कि कार में
इथेनॉल क्यों डलता है। मैंने कहा यहां तो
छोड़ दे भाई। किसी की वहां पे खड़े होकर
बंदा। नहीं नहीं जो आपकी जो गाड़ी खराब
हुई है ना वो तो ठीक। अभी क्या फ्लेक्स
फ्यूल आ गया है। फ्लेक्स फ्यूल तो फिर यह
हो गया और आपने इलेक्ट्रिक लेनी है। जी
आपको क्या दिक्कत है? अरे भाई मैंने कहा
यहां तो छोड़ दे भाई।
अरे नहीं फ्यूनरल पे लोग ऐसी बातें बहुत
ज्यादा करते हैं। मेरी दादी के फ्यूनरल पे
लोग पीछे बातें कर रहे थे। अरे रवीश ने
बोला है ना टीवी नहीं देख टीवी क्यों
देखनी? टीवी देखनी नहीं है। ऐसे बातें कर
रहे हैं। फिर जोर-जोर से मैंने कहा यार
थोड़ा तो सोचो।
मैं फ्यूनरल पे जा रहा था। मेरे वो मेरी
मासी वो मेरे से कह रही है कि मैं ना
बीटीएस एक है जंक करके एक लड़का है तो
बीटीएस के लड़के बड़े सुंदर होते हैं। ये
बातें करी थी क्रिमेटोरियम में।
बीटीएस मतलब
अरे यार बीटीएस आर्मी है ना कोरियन बैंड
है।
अच्छा टैक्सी सर्विस कह रहा था मैंने।
[हंसी]
बिल्लू टैक्सी सर्विस है इधर।
नहीं
कोरियन वो क्रिमेटोरियम में ये बातें कर
रही थी कि
बीटीएस के लड़के बड़े सुंदर होते हैं।
अच्छा उन्होंने ब्रेक लिया था ना अभी
दो-ती साल कुछ
मिलिट्री सर्विस के लिए
कोरिया में कोरिया में मिलिट्री सर्विस ना
मैंडेटरी होती है। हां हां तो
तो उनका ग्लोबल इंपोर्ट है सबसे बड़ा
सबसे वो लिया था ना
आई थिंक आया नहीं था उसका नंबर उसमें
किसका
आई थिंक उनके यहां कुछ पर्ची निकलती है
भाई
पर्ची तो हमारे यहां निकलती रेखा की रेखा
गुप्ता की निकलती
लावे
नहीं नहीं कुछ पर्ची निकलती है उसमें आता
है कि आप सर्व करोगे कि [हंसी] नहीं करोगे
आम आदमी की सीना पावेदार जी [हंसी]
यार
डांडा
पर्ची में लिख के दो पर्ची
यार जो भी हो हरियाणा के जो
सिंगर हैं
यार फिर आ गए वापस
और मैं तो तारीफ करने के लिए आया हूं कि
हमने बीच-बीच में हम थोड़े मजे
कौन मांग रहा है आपसे
बट बट फिर भी बोल [हंसी] रहा हूं मैं
जैसे प्रधानमंत्री जैसे मोदी कहते है ना
मैं तो किसानों का भला करना चाहता हूं कौन
करवा रहा भाई आपसे भला [हंसी] नहीं चाह
रहे भला आपसे
मैं सही में बोल रहा हूं कि अभी रिसेंटली
एक बहुत बड़ा इंसिडेंट हुआ था उसमें क्या
कि सपना चौधरी वाज बैक उसमें वो जो गाना
है ना सपना चौधरी का सबसे फेमस ट
अरे यार सबसे फेमस है तो 90% गाने ऐसे ही
होते हैं। यार
तेरी आंख का यो काजल
वो जो गाना है उस पे सपना ने फिर से
परफॉर्म किया
व्हाट अ परफॉर्मेंस यार क्या डांसर है
सपना चौधरी
हां
कहां पे किया कहां था ये
एक सोनटेक स्टूडियो के प्रोग्राम पे आई थी
क्या डांसर है वो वो बस बेचारी उसका ये है
कि वो यहां पैदा हो गई तो उसकी कोई इज्जत
नहीं है उसको कमेंट में लोग गालियां ही
देते हैं और गंदी गंदी भाषा करते है वो
कहीं किसी फॉरेन वॉरेन में होती है वह तो
मैं मैडोनल लेवल की सेलिब्रिटी होती देखते
भी हैं और गाली भी देते हैं। नहीं आता है
डांस विधा है। अब देखते हो आप इतने टाइम
से
कमेंट में
आज से थोड़ी है डांस विधा कितने कितने
सेंचुरी से है। तो अब अगर मतलब आप या तो
ये तो हम देखते नहीं है तो अस्वीकार कर
देते तो इतनी बड़ी स्टार ना बनती। आपने
स्वीकार
देख रहे हैं सब मजे ले रहे हैं डांस के और
फालतू बात है। कमेंट में कर रहे हैं। तो
उसको देख के मैंने कहा यार ये कई
फॉरेन-वॉन में पैदा होती है। शी वुड हैव
बीन सच अ बिग सेलिब्रिटी।
ऐसा मानते हो आप।
हां। मुझे मुझे बहुत बहुत उसका डांस वास
वै गुड और भी जो काफी हमारे फेवरेट सिंगर
भी हैं डांडा और ये फर्श फलानी रे वो कौन
[हंसी] है वो तो है
विक्रम है विक्रम सरकार है विक्रम
भारत सरकार से भी बड़ा होता है एक बार
विक्रम सरकार [हंसी]
नाम है नाम चाल
2ाई लीटर दूध
पर कई तो सिंगर बहुत अच्छे हैं कई तो ऐसे
हैं
जिसको ये हंसराज हंस का एक मीम चलता है ना
पुराना वो कहीं एक
शायद वो सारे गामा या कुछ ऐसा कांटेस्ट
पंजाबी का चलता था। वो आते थे जब सिंगर
ऑडिशन वगैरह के
वो बड़ा अच्छा आता था यार उस टाइम वो
है ना तो उसने कुछ गाना गाया गंदा सा गाना
गाया तो वो कहता हंस रहा था हंस कहता बेटा
तुसी कोई और दूजा काम क्यों नहीं कोई
वेल्डिंग वेल्डिंग का काम क्यों नहीं कर
ले त
थडे ते तरस भी बेटा कोई और काम सीख लो कोई
वेल्डिंग का सीख लो
कोई और करो कुछ [हंसी]
सारे सिंगर्स को देख के तो ऐसे
अरे वो कई वो पता नहीं उसके स्टेटमेंट भी
काफी अलग ही होते हैं उसने पूछा था कि कुछ
तो बोला था कि इंदिरा गांधी का कुछ वो है
कांग्रेस के बोलता है मेनु की पता मैं तो
पैदा ही नहीं हुआ तो बच्चा था उसने कहा
अरे क्या उठ रहा है
पहले तो [हंसी] कांग्रेस की बुराई की पहले
कभी ऐसा हुआ था कि पाकिस्तान कोई ऐसे
सिखाया हो तो एंकर ने बोला कि वो 71 में
हुआ था इंदिरा गांधी ने ये किया था मैं तो
बच्चा था उस टाइम भी मुझे तो
हां कहता है मैं मेनु
[हंसी]
मैं तो उस टाइम टोटे-टोटे कर रहा था
सतिंदर सरताज का कॉन्सर्ट देखना है मुझे
लेकिन जाते-जाते मैं एक बात बोल दूं
कहां पे है ये
जब भी कहीं कहीं पे भी होगा। दो लोगों का
कॉन्सर्ट मुझे देखना है इंडिया में। एक तो
सतिंदर सरताज
और दूसरा ढंडा।
सरताज का तो भाई तुझे किसका सीधे मौत का
मुझे सत्येंद्र सरताज इस माय गोट सरताज की
जो लेखनी है ना वो बहुत बहुत ही जबरदस्त
है।
सिंपल शब्दों में जो
और कब से
मैंने आज शीश
ये कब से गा रहा है? आठ 89 में इसके गाने
चलना शुरू हुए थे। हम्।
2008 में मैंने बहुत रिसेंटली डिस्कवर
किया।
मैंने पहला गाना इसका सुना था। बड़ा
फैसनेटिंग लगा था। उसमें जब
बुश जॉर्ज बुश को हटा के जॉर्ज बुश की जगह
जब ओबामा आया था। 2008 में आया था ना
हम
तो इनका एक गाना था कि अ किक ते स्टार्ट
मेरा यामा हो 10 की पाल दी। लाके बुश में
जिताया ओबामा हो और 10 की पाल दी। [हंसी]
तो एक्चुअली
भी सिंगर्स कहीं भी
उन्होंने मतलब ऐसी वो की थी जबरदस्त कि भ
मैंने तेरे लिए वो तो वो अच्छा ऐसा नहीं
कि ये सिर्फ वो रूहानी वाहानी गाने फन
गाने भी बहुत थोड़े वो गाते हैं। एक और था
ना तूने एक किसी का दिखाया था वो एक दिन
उस गाड़ी में सुन रहे थे एक पंजाबी सिंगर
था ना वो डंकी और उस पे गाने बनाता है
चीमा भाई
चीमा भाई तो
गजब चल रहा है
भाई उसके गाने एक लिरिक्स है ना उसकी एक
आई पुट हिम ऑन टू चीमाबा भाई
क्या चल रहा है टू चीमाबा भाई नाउ
अच्छा
गजब चल रहा है चीमा भाई
चीमाबा भाई अच्छा चल रहा है
ट्रंप
डांडा का भी एक गाना आया पंजाबी कोलबेशन
के साथ अभी
हां
जिस भाई जहां पे मैं नंगे पांव जिस गांव
में घूमता था अपने घर में यहां वहां पे
एलवी के शूज डाल के घूमता हूं ना वो बहुत
ही जबरदस्त लेकिन ढांडा का ग्राफ अब बढ़ता
जा रहा है
जबरदस्त है कान टूटे मंदिर में
अच्छा कान टूटे का आपको एक्सप्लेनेशन
मैंने पहले भी दिया है क्या
कान टूटे तो वही है ना जो रेसलर्स के लिए
है वो
हां रेसलर्स के लिए है कि मेरे साथ पहलवान
रहते हैं
तो अभी बाहर वेस्ट में लड़के थोड़ा टफ
दिखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी करा रहे
अपने कान टूटे दिखाने के लिए।
अच्छा
ताकि वो थोड़े यूएफसी ट्रेंड दिखे। यह भी
चल रहा है। कान टूटे बंदे रवे मित्र आदि
चार ही तरीके न करे बंदा काम।
चलो भाई चलो जी समापन करते हैं आज का इसी
पॉइंट पे। तो यह था आज का एपिसोड। अगर
आपको हमारा काम पसंद आता है तो कृपया इस
पॉडकास्ट के मेंबर बनिए क्योंकि उसी से हम
अपने आप को सस्टेन कर पाते हैं और आपके
सामने इस तरह के नए पडकास्ट ला पाते हैं।
तो प्लीज बिकम अ मेंबर ऑफ दिस पॉडकास्ट
एंड सपोर्ट अस। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग
दिस एपिसोड।
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