Modi Govt Opens Talks With CJP| Sonam Wangchuk Ends Fast, Dipke Refuses to Back Down|Dr.Manish Kumar
नमस्कार कैपिटल टीवी देख रहे हैं आप। मैं
हूं आपके साथ पूजा। पिछले कुछ दिनों तक
ऐसा माहौल बनाया जा रहा था कि मोदी सरकार
पूरी तरह से गिर गई है। संसद नहीं चलने दी
जाएगी। सड़क पर आंदोलन तेज होगा। शिक्षा
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर
ही प्रदर्शन खत्म होगा और सरकार झुकने पर
मजबूर हो जाएगी। लेकिन सिर्फ पिछले 24
घंटों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सरकार
ने एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए हैं जिससे
आंदोलन की दिशा ही बदल गई है। एक तरफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता
में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के
खिलाफ अब तक का सबसे सख्त विधेयक मंजूर कर
दिया गया है तो दूसरी तरफ आंदोलन के
प्रमुख चेहरों में शामिल सोनम वोंगचुक ने
26 दिनों का अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म
कर दिया है। उधर सरकार और सीजीपी के बीच
में बातचीत का रास्ता भी खुल गया है। यानी
जहां कल तक टकराव दिख रहा था वहां अब
बातचीत और कानूनी कार्रवाई दोनों साथ-साथ
चलती दिखाई दे रही है। लेकिन इसी बीच एक
चेहरा ऐसा है जो अब भी सिर्फ एक मांग पर
अड़ा हुआ है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
और वह चेहरा है अभिजीत दीपके का। मतलब
सोनम वंगचुक बातचीत के रास्ते आगे बढ़ते
दिखाई दे रहे हैं। पर अभिजीत दीप के टकराव
की राजनीति पर कायम है। तो जंतरमंतर पर
जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर ही आज चर्चा
करेंगे। समझेंगे कि क्या सोनम वचुक और
अभिजीत दीपके के रास्ते अलग हो गए हैं। तो
इस पर चर्चा के लिए मेरे साथ स्टूडियो में
मौजूद हैं कैपिटल टीवी के एडिटर इन चीफ
डॉक्टर मनीष कुमार। डॉक्टर साहब बहुत-बहुत
स्वागत है आपका।
धन्यवाद। सोनम वचुक ने तो अपना भूख हड़ताल
तोड़ दिया और बहुत शांत भी वो नजर आ रहे
हैं। लेकिन अभिजीत दीप के वो तो अपनी जिद
पे अड़े हैं कि पहले धर्मेंद्र प्रधान का
इस्तीफा हो तभी वो जंतरमंतर से हटेंगे।
देखिए एक बात तो मानना पड़ेगा।
जी
आपने जो शुरू में जो बातें कही कि ऐसा लग
रहा था कि सरकार घिर गई है।
हां। सारे लोगों को यह लग रहा था
प्रधानमंत्री मोदी की चाणक्य नीति को जो
है वो समझना बहुत जरूरी है। क्या कमाल का
खेल खेला।
सारे लोग चारों खाने चित
सारे सारे लोग कल तक जो एक यूनिट दिख रहा
था ये आपस में लड़ रहे हैं। केजरीवाल
राहुल गांधी से लड़ रहा है। राहुल गांधी
वांगछुक से लड़ रहे हैं। वांछुक केजरीवाल
से लड़ रहा है। दीपके वाछुक से लड़ रहा
है। फोन पे बताया ये जा रहा है खूब भैंसा
भैंसी गाली गलौज तक की नौबत आ गई।
हां। और पब्लिकली आप कह रहे हो कि नहीं
नहीं नहीं बहुत अच्छा ये वो मैं आऊंगा
उसके ऊपर लेकिन अमेरिका में भी झटका लग
गया ये सीआईए वाले ये जॉर्ज सोरोस वाले और
चाइनीस जो इसको फंड कर रहे थे जो इसको फंड
कर रहे थे
एक एस्टीमेट के मुताबिक करोड़ों रुपए रोज
खर्च हो रहे थे खाना पीना इधरउधर सोशल
मीडिया तीन-तीन एजेंसी हायर की गई थी सोशल
मीडिया पे प्रोपेगेंडा करने के लिए और
₹35,000 से लेकर के ₹4 लाख तक यह रील्स
बनाने के लिए पैसे मिल रहे थे सोशल मीडिया
में कि मोदी को गाली दो।
मोदी को गाली दो। इसलिए कोई उत्तराखंड से
आ रहा है, कोई हरियाणा से आ रहा है, कोई
इधर से आ रहा है, कोई उधर से आ रहा है कि
भाई ये बस
ये कोई स्टूडियो हो गया है। वहां पे लोग
जा रहे हैं। मोदी को गाली दे रहे हैं,
पैसे कमा रहे हैं।
तो करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए।
प्रधानमंत्री मोदी राजनीति के जादूगर हैं।
जादूगर
121 अपोजिशन पार्टियां
35 दिन का
आंदोलन
जी
22-25 दिन का
भूख हड़ताल
करोड़ों रुपए का पीआर मैनेजमेंट रील्स और
सोशल मीडिया कैंपेन
सब धराशाई हो गया 3 मिनट के वीडियो में
प्रधानमंत्री मोदी आए और सेल्फी लेकर के
जो है और उसमें पता नहीं हमला के भी तो वो
पसंद नहीं आया। वो
कैमरा एंगल
कैमरा एंगल जो है वो पसंद नहीं आया लेकिन
इट वर्क्ड
जो है सो है। उन्होंने जो बातें कही जो
कंटेंट उन्होंने दिया उसी में तो सब कुछ
खत्म हो गया। धाराशाही आपने अभिजीत और
सोनम वांगचुक
सोनम मांगचुक की बात की। इस बेवकूफ को उस
समय चला जाना चाहिए था।
जाकर के खुद पिलाता, खुद खिलाता, पैर छू
के आशीर्वाद लेता कि आपने तो अपना काम कर
दिया। अब हम इस आंदोलन को आगे लेकर के
जाएंगे। रूठ गया। वो कह रहा है भाई होते
कौन हैं?
इन लोगों की बैठक हुई। उधर वांछुक की टीम
के साथ खूब बहसा बहसी।
हम
कह दिया कि यह आंदोलन वांछुक का आंदोलन ही
नहीं तो हमारा आंदोलन था। वह तो ऐसे आए
गेस्ट अपीयरेंस में चले गए।
अरे उसे लेजिटिमेसी मिली।
जब तक वांछू नहीं आए थे तो 100 150 मक्खी
भिनभिना रहा था वहां आंदोलन जंतरमंतर में।
उनके आने से मामला अलग पहुंचा। तुम्हारे
पीछे कौन जाएगा? और उन्होंने क्या कहा?
वांगचुक ने बहुत ही क्लेरिटी के साथ कहा
कि जो लोग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
मांग रहे हैं वह गलत कर रहे हैं।
नाउ इट इज टाइम टू फाइंड अ स्यूशन। स्यूशन
पार्लियामेंट के अंदर मिलेगा। जो लोग
पार्लियामेंट को चलने नहीं दे रहे हैं वो
लोग गलत कर रहे हैं। मतलब हो गया जंग
सीधासीधा।
जी जी
आज तो केजरीवाल नजर आया आपको?
नहीं नहीं।
उसका तो वो तो जवाब दे रहा होगा कि हुजूर
अब तो पैसे तो वही लगा रहा होगा ना। सब
कुछ बर्बाद हो गया।
एवरीथिंग वाश्ड वो जो बाढ़ आता है ना
सुनामी सुनामी एक वीडियो 3 मिनट के वीडियो
में सब कुछ सुनामी में बह गया। क्यों बहा
इसको समझना जरूरी है। ये किसने कराया डील?
ये डील हुआ कैसे?
हम लोगों ने पहले भी डिस्कस किया। वाहनचुक
साहब के वकील हैं तनखा जी। विवेक तनखा।
राज्यसभा सांसद हैं कांग्रेस पार्टी के।
उन्होंने ही डील किया है।
उन्होंने ही बातचीत की है। और जब यह डील
हो गया
तो कांग्रेस पार्टी की तरफ से पहला आया कि
भाई तो दलाल है।
ये अन्ना हजारे टू है। हम लोगों को शुरू
से मालूम था।
इनको शुरू से मालूम था कि ये दगाबाज है।
यह डील कर लेगा। और वहां सिर्फ लेह के
आदमी थे। नहीं लेह के आदमी सब नहीं थे
वहां पे। वहां कांग्रेस पार्टी का
राज्यसभा का सांसद था विवेक तनखा।
उन्होंने यह डील करवाई है। यही तो जानकारी
आ रही है।
अब मामला यही खत्म नहीं हुआ। जब
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दे आर वो
कहते हैं ना भाई वो फिनिशर है।
टेनिस अभी चल रहा है। टूर्नामेंट में आपने
देखा होगा कि रैली चलता रहता है। इधर से
बॉल उधर इधर से बॉल उधर। जीतता कौन है? जो
उसमें मौका ताक करके एक फिनिश मारता है कि
बिल्कुल आदमी को हाथ ही नहीं लगता है भाई
क्या है वैसा ही फिनिश शॉट खेला है।
बातचीत भी हो रही है। बातचीत के लिए गया
बोला इस्तीफा
15 मिनट के बाद ब्रेकिंग न्यूज़ आने लग
गया कि बीजेपी के सूत्र बता रहे हैं कि
इस्तीफा नहीं होगा। इस्तीफा नोट होगा।
अच्छा
जिन लोगों ने सुसाइड किया है उसके लिए
मुआवजा 1 करोड़।
उन्होंने आश्वासन क्या दिया? आश्वासन
नड्डा साहब ने दिया कि हम उनको मुआवजा
देने को तैयार हैं। लेकिन उसका एक हमारा
पैरामीटर है। सरकार का अपना सिस्टम है। उस
हिसाब से हम मुआवजा देंगे। ये दोनों बच्चे
वो लोग ठीक है सर वो हम ओके। लेकिन तीसरा
डिमांड जो है ना उसको थोड़ा सीरियसली लेना
होगा।
बोले भाई क्या बोला हम लोगों के खिलाफ यह
एफआईआर हो गया है तो जो हमारी जो कोर टीम
है ना कॉकरोच पार्टी वाली
उसका और आसपास कुछ लोग जो हैं उसका जो
एफआईआर का नाम है ना उसको हटवा दीजिए
पासपोर्ट वगैरह वापस आ जाएगा नहीं तो
पासपोर्ट वगैरह सब ज्त होने वाला है इन
लोगों का तो बोले ठीक है इस पे भी
एग्रीमेंट है
अब वो टॉक करके निकले बाहर
तो एफआईआर की संख्या 10 थी अचानक से खबर
खबर आई ब्रेकिंग न्यूज़ 15
और 215 लोगों को चिन्हित किया गया है।
बकायदा एआई के जरिए उनकी पूरी कुंडली
खंगाली गई है और उनको उपद्रवी करार दिया
गया है और उसमें यह बताया जा रहा है कि
215 कौन है?
215
हिस्ट्री शीटर्स है।
यह हम लोग बार-बार कह रहे थे।
यह कानून की निगाह में यह सब बैड कररेक्टर
वाले लोग हैं। इन लोगों के ऊपर ऑलरेडी कुछ
मामला चल रहा है। इस तरह के 215 लोगों को
चिन्हित किया गया जो वहां थे।
कल फिर मीटिंग होगी। जेपी नड्डा बोलेंगे
देखो भाई ये ये गुंडा ये गुंडा यह गुंडा
यह जो है यूएपीए में गया हुआ टेररिस्ट है।
है ना? यह तुम्हारे लोग हैं।
तुम्हारे लोग हैं तो बताओ। वो बोलेगा नहीं
तो बोले भाई केस चलेगा।
जब केस चलेगा तो फिर आप भी नपोगे।
ये तीन डिमांड करके आए
कि इस्तीफा
मुआवजा और बरी कर दो। हमारा एफआईआर जो है
एफआईआर से निकाल दो प्लीज।
और सवेरे से वो माहौल बना रहा था दीप के
कि हमें जानकारी मिली है कि हमें गिरफ्तार
किया जाएगा। बिल्कुल गिरफ्तार किया जाएगा।
बचोगे कहां?
कोई नहीं बचेगा। दिल्ली पुलिस के ऊपर आपने
हमला किया और इस आंदोलन के दौरान अभी एक
सप्ताह भी तो नहीं हुआ है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर बदला गया। वो
इंटेलिजेंस के जो है वो बहुत सुरमा माने
जाते हैं। एक-एक की कुंडी निकाली जाएगी।
और जिनजिन लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को
गाली बना करके वहां पे जो रील्स बनाए हैं,
पुलिस पहुंचना शुरू हो गई इन लोगों के घर
में।
जी।
अब माफी मांगने वाला वीडियो बन रहा है कि
गलती हो गई हम इंटेंट नहीं कर
एक तो बड़ा ही सर शर्मनाक वीडियो है बोलना
नहीं चाहती हूं लेकिन एक ऐसा वीडियो है
जिसमें पीएम मोदी की 13वीं मनाई जा रही है
और खाना भी खिलाया जा रहा है
मुझे तो ये तो बहुत सभ्य है फिर भी
हम
फांसी पे लटका दिया
जी
गंदगी की इंतहा
खुलेआम गालियां दी जा रही है
जो कोई भी डिफेंड करने आ जाए क्योंकि हम
लोग उस चीज से बंधे हुए हैं।
लेकिन कोई भी व्यक्ति इस आंदोलन को डिफेंड
नहीं कर सकता। कोई भी व्यक्ति किसी भी
कारण से जिस तरह की गंदगी, जिस तरह के
अपशब, जिस तरह की नग्नता
वहां पे दिखाई गई है। कोई भी व्यक्ति इसे
डिफेंड नहीं कर सकता। इनको क्या लगा?
प्रधानमंत्री मोदी को गाली देकर के हीरो
बन जाओगे। एक वीडियो मैं देख रहा था वो
दिल्ली मेट्रो में पिट गए पिट गए वो
कॉकरोच वाले थे वह जा रहे थे नॉर्थ दिल्ली
की तरफ
और वो मोदी को गाली दे रहे हैं पब्लिक ने
अच्छे से सिकाई कर दी आपको क्या लग रहा है
हिंदुस्तान की जनता ने चुन के भेजा है
मैंने देखा है एक वीडियो
वो उत्तराखंड में बैठी हुई एक महिला वो
बिल्कुल ग्रामीण महिला
वो कह रही है कि मोदी जी बस आप एक बार बोल
दो ना
कि हम लोगों को आपको हम लोगों की जरूरत
है। ये जंतरमंतर में आकर के हम सारा साफ
कर देंगे। नीचे आप कमेंट पढ़िए।
प्रधानमंत्री मोदी इसको बढ़ाना नहीं चाह
रहे थे। कारण यह इन लोगों का आंदोलन ही
नहीं है।
यह आंदोलन जो चल रहा है, यह आपको क्या लग
रहा है? यह दीपके फीपके का आंदोलन है? ये
ऑकरोच कॉकरोच का आंदोलन है? या केजरीवाल
का आंदोलन है या राहुल गांधी का आंदोलन
है। ये सब प्यादे हैं।
तीन चार चीजें हुई है। तीन चार चीजें जिसे
समझना जरूरी है। आज खबर आई भारत के ऊपर
एक्स्ट्रा 10% टेरिफ लगाया अमेरिका ने। जी
तो यहां फोर्स लेबर जो है इस्तेमाल होता
है। अचानक से याद आ गया। क्यों? क्योंकि
अब सीआईए को भी मालूम चल गया कि जो सत्ता
परिवर्तन का ये जो जेएनजी का आंदोलन कर
रहे थे वो मोदी ने फेल कर दिया। मोदी ने
फेल कर दिया।
तो खिसियाई बिल्ली खंभा नोचे 10% टेरिफ
लगाओ भाई। तुमको जो करना है करो।
खबर यह आई कि एफसीआरए के कानून को रोकने
के लिए जी7 के दौरान इंडियन डेलीगेशन को
अमेरिका ने ये फर्स्ट पोस्ट ने बकायदा
डिटेल में रिपोर्ट दिया
कि किस तरीके से अमेरिका ये दबाव डाल रहा
था। चाइना परेशान है कि ये क्या कर दिया
इंडोनेशिया जाकर के
कि वहां सवांग और
ग्रेटर निकोबार निकोबार के खिलाफ क्यों है
राहुल गांधी
इसी वजह से कि उनको मालूम था कि सांग और
ग्रेटर निकोबार आइलैंड के ऊपर हिंदुस्तान
अपनी नेवी को वहां पे स्थापित करने जा रहा
है। वो अपने आप में ये जो पूरा जो रास्ता
है समुद्री रास्ता 80%
चाइना का ट्रेड उसी रास्ते से होता है और
वो 50 कि.मी. के रेंज में दोनों साइड से।
तो आप यह समझिए
प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार इस बात को
कहा है कि मैं जो कुछ फैसला ले रहा हूं
अमेरिका से जब पंगा हुआ
जी
तो उन्होंने क्या कहा
कि हमें मुझे पर्सनल नुकसान हो सकता है
ये तो प्रधानमंत्री मोदी की पॉपुलरिटी है
कि कोई इधर-उधर की जो है कोई ख्याल जो है
गलत खयाली जो कोई नहीं ला सकता।
लेकिन यह सारे लोग चारों खाने चित हो गए।
यही मास्टर स्ट्रोक है। यही मास्टर
स्ट्रोक है। और इसीलिए राहुल गांधी बुरी
तरीके से फंस गए। केजरीवाल गायब हो गया।
अब जिन लोगों ने पैसे दिए हैं जो इस
आंदोलन को फंड कर रहे थे। कैसे बर्गर आ
रहा है? कतर से ऑर्डर हो रहा है, दुबई से
हो रहा है, कनाडा से हो रहा है, यूएस से
हो रहा है। चीजें जो है भेजी जा रही है।
और मुझे तो खैर
कल इसकी कुछ और इनसाइड डिटेल्स कि पैसा
कैसे मूव कर रहा है। आप सुनेंगे तो आप दंग
रह जाएंगे। ये तो कल बताऊंगा मैं। लेकिन
प्रधानमंत्री मोदी ने आज कमाल कर दिया। एक
साथ यह कॉकरोच,
यह केजरीवाल, यह राहुल गांधी, यह अमेरिका,
चाइना, आईएसआई, पाकिस्तान ये सब एक 3 मिनट
के वीडियो में ये सब धराशाही हो गए। सब
बर्बाद हो गए।
जी बहुत-बहुत धन्यवाद सर समझाने के लिए।
धन्यवाद। तो सरकार की रणनीति तीन स्तरों
पर दिखाई दे रही है। पहला कानून के जरिए
सख्त संदेश देना। दूसरा आंदोलनकारी समूह
से बातचीत का रास्ता खुला रखना और तीसरा
इस्तीफे की मांग को स्वीकार ना करते हुए
यह संदेश देना कि कारवाई संस्थागत सुधारों
से होगी ना कि केवल राजनीतिक दबाव से। साथ
ही जैसे-जैसे आंदोलन के प्रमुख चेहरे
अलग-अलग रास्ते चुनते दिखाई दे रहे हैं,
वैसे-वैसे दीपकी की स्थिति पहले जैसी
प्रभावशाली नहीं दिख रही है। अब सवाल यही
है कि जब आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा अनशन
समाप्त कर चुका है और बातचीत जारी है, तो
दीप के जिद पर क्यों अड़े हैं? एक बात अब
साफ है कि वोंगचुक और दीप के रास्ते
अलग-अलग हो गए हैं। तो आप भी अपनी राय
कमेंट करके लिखिएगा। देखते रहिए कैपिटल
टीवी। नमस्कार।
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