0:00
मैं तेरा नाम ओ बचना चाहिए ना और मैं और
0:20
लाहौर में पैदा हुई और सपना बाद में हमारा
0:23
घर था और मेरे वॉइस आफ इनकम टैक्स
0:26
एडवाइज्ड थे और मैंने एक काली भी और लाहौर
0:30
में ही हासिल की असनाबाद कॉलेज में बीए
0:33
किया था और स्कूल भी मेरा सामना बाद में
0:36
ही था मैं पैदाइशी कादियानी थी मीणा
0:39
मित्रों मेरे दादा ने और मेरे नाना ने
0:43
उन्होंने मिर्ज़ा गुलाम अहमद क़ादियानी के
0:45
हाथ बैक की थी तो उसके बाद जो मेरे वॉइस
0:48
आफ है और मेज़बान लगा वह भी पैदाइश का
0:50
दिया नहीं थे तो उनकी दोनों की आपस में
0:54
शादी भी हो गई और मैं अ फिर और मत मेरा
0:57
पूरा ध्यान और और अनुसार वह पैदाइश
1:00
में ताजिया नियम तो मैंने अल हमदुलिल्ला
1:04
2003 में जाम यश ले जाकर तो मैंने मुलाना
1:09
773 बैक की और आनंद शीला में इस्लाम कबूल
1:13
कर लिया मैंने जब मैंने फ्रिज से इस्लाम
1:17
कबूल कर लिया तो मेरी फैमिली जो है वह इस
1:20
मामले में बहुत ही कटर किशन की है तो वह
1:23
बर्दाश्त नहीं कर सकते थे कि मैं मुसलमान
1:26
हूं तो इससे मेरे भाइयों ने भी काफी मुझे
1:28
मारा पीटा और बहुत इश्क तेरे जीवन के उधर
1:33
से भी चले जाने की उन्होंने भी धमकियां
1:34
लेकिन बाहरहाल में कहीं ज्यादा हो सकती
1:37
रही थी लेकिन इसके बावजूद मैंने अपने घर
1:39
वालों का डटकर मुकाबला किया और इस्लाम को
1:43
छोड़ने की मैंने कोई बात नहीं देना मैं
1:44
किसी ट्रैक्टर में आई और बाहर और फिर यह
1:48
कि मैं घर में रहे लेकिन उन्होंने मेरे
1:50
साथ भूचाल बंद कर दी थी मुझे किसी भी चीन
1:53
बटर या किसी भी चीज ने बोलो चावल नहीं
1:55
करते थे और मैं घर में ऐसे एक को वजह चीज
2:00
हुआ था और फिर मैंने को मुसलमान बनने से
2:03
शादी कर ली वह भी मेरी कामयाब नहीं हो सकी
2:06
तो उसका भी मेरे घर वालों ने यही कहा कि
2:09
देखो मुसलमान ऐसे होते हैं और तुम्हें
2:11
शादी करते क्या मिला लेकिन इसके बावजूद
2:14
मिलेगा और मैंने किसी इंसान की खाते
2:16
इस्लाम कबूल नहीं किया था मैंने अल्लाह की
2:19
रजा के लिए कबूल किया था और दिल से कबूल
2:21
किया था अगर प्रैक्टिस आए तो वह बदला मौसम
2:25
में छोड़ देता अपने ब्राउजर पर डीजे पर
2:27
डीजे पर मजबूत तय जनता रहता है ATM डेबिट
2:31
और एक्टिव में मेरा सबसे बड़े भाई और झरने
2:36
गए थे जिनकी जो है वह पाकिस्तान में थी और
2:42
उनके तीन बच्चे भी थे वे चले गए तो मेरे
2:49
साथ के साथ तो आइए शुरू में तो पता चला कि
3:00
प्ले अब काफी शोर भी डाला काफी इंतजार आज
3:02
भी कि अ बहुत कुछ किया कि तो मेरे वाले
3:05
साथ इस हरकत से बाज आ जाए उन्होंने यह भी
3:08
कहा कि मेरे बच्चे उस वकत हम लोग
3:10
छोटे-छोटे थे मेरे दोनों छोटे भाई नाइस
3:12
टेंस मे हैं और फिर थर्ड ईयर में सीनियर
3:18
सैकंडरी में और उसे बड़ा भाई फोर्थ में
3:20
इससे और एक मैरी वर्थ सीधी सादी सी है
3:22
मेरी बांधा ले चुके हैं हम लोग उस टाइम
3:25
पांच बहन-भाई और थे बड़ी बहन की शादी हो
3:28
चुकी थी और बड़े भाई की बीवी के साथ उन
3:30
तारों का थक गए थे तो उस पर हम तीन भाई और
3:34
दो बहन वह मतलब है और इस काबिल नहीं थे कि
3:38
अब स्कूल जाने थे नाइट स्टैंड दिए और
3:41
फैमिली थे तो तब मेरी वादा ने जब उनको और
3:45
रंगे हाथों पकड़ा दोनों को तो मेरी
3:47
वारदाने पहले कोशिश की कि मैं अंदरखाने
3:50
इसको समेटने की कोशिश करूं अगर यहां तक
3:54
बात चली गई तो मेरे बच्चों के फ्यूचर पर
3:56
असर पड़ेगा तब तक उनकी शादी करेगा अ
4:00
अंदरखाने मेरी वाले बहुत कोशिश की लेकिन
4:02
उनके मेरे वाले सब इनकम टैक्स एडवाइजर थे
4:04
दौलत पर थे और जो कादियानी है वह तो कहते
4:08
हैं कि जिनके पास पैसों को साफ मुस्लिम आफ
4:10
है वह जो दुनिया जहां का गंदा कर सकते हैं
4:14
विद्यार्थियों कर सकते हैं जो कुछ भी वह
4:16
कर सकते हैं वह को अलाव है सिर्फ और सिर्फ
4:19
अगर वह प्रेशराइज करती है तो गरीबों को जब
4:22
मेरी मां उनको अंदरखाने नहीं समझा सकती
4:25
तुम मेरी वादा जो हैं वह डाइरैक्ट अब मिल
4:28
जाता है अहमद के पास से उस वक्त वह खलीफा
4:31
था अमेज्ड अट गई तो जहां पर मेरी वाधवा ने
4:35
उनसे कहा कि मेरे घर में यह एक फैजाबाद
4:39
गया तो आंख हमारी मदद करें अब उच्च स्कोर
4:42
जमा से निकालने की धमकी दें क्योंकि इनके
4:45
जमात में यह कानून है कि अगर वह किसी को
4:48
जमा से बाहर निकालें तो यह निकले भरने का
4:50
मकान है नंबर 2 अगर इनको यह भी कहा जाता
4:53
है कि हम अगले जो कादियानी समाज को
4:55
छोड़ेगा उसको मृत आदि कहते हैं तो मेरी
4:58
बांधा ने कहा कि आप उनको
5:00
को सबस्क्राइब करके तो उन दिनों सदर
5:03
हवालात में तो उसने मिर्ज़ा गुलाम अहमद
5:07
रजा ताहिर अहमद को अरेस्ट करने का हुक्म
5:09
दिया होता वहां पर गिरफ्तारी से बचने के
5:12
लिए भागदौड़ कर रहा था यह उसने मेरी मां
5:15
को सर्जरी अंदाज में लिया कि अब हालात यह
5:17
एक बहुत बड़ी बात ही के इस अरे आम जनता कर
5:20
रहा है और वह उसको बजाय उसको उसके साथ
5:24
घुमा कर उसके साथ उस अतीत से शुरू करते
5:27
हैं उसको ऐड करते लेकिन उन्होंने पूरी
5:30
जवाब है मेरे वाले सांप को सपोर्ट किया
5:32
उसके बाद मेरी जो बांधता है वहां से मायूस
5:35
होकर आ रही उसके बाद मेरी वॉल्यूम है वह
5:38
समाज के बड़े बड़े उद्यमों के पास गई
5:40
जिनमें एक बहुत बड़ा मुद्दा था कुरैशी ने
5:42
मुल्तान और इसके अलावा भी और बहुत सारे
5:45
उद्धार है जिन किसानों के नाम नहीं आ रे
5:48
तो उन सब ले मेरी मां को बहुत ज्यादा जलील
5:52
किया धक्के दिए और उनका यह कार्यक्रम में
5:55
सलूक किया तो नै और मेरी बांधा ने कहा कि
6:00
ओर उसने अब हम लोग रूप तो यह वाला काम राह
6:03
छोड़ो है तो मैं कुछ भी कर सकती है उम्र
6:05
अगर तुमने कोई एक्शन लेने की कोशिश की तो
6:08
हम तो मैं जवाब में से निकाल देंगे और अगर
6:11
तूने कोई और एक्शन लिया तो हम तुम्हारे
6:13
शहर से क्या तुम्हें तुम्हारे घर से भी
6:15
निकलवा देंगे और खर्चा भी बंद करवा देंगे
6:17
और कुछ अर्सा मेरे वालिद हमारा खर्चा भी
6:20
बंद कर दिया तो जब घर में फांसकर आए तो
6:23
फिर मेरे भाई वाले सांप के पास गए और कहा
6:27
के हर चेहरा तो दे और तो मेरे वॉइस हमें
6:31
यह शर्त रखी कि मैं उस औरत के साथ सरेआम
6:35
रहूंगा मुझे कोई तंग रखें और ना कोई मुझे
6:39
कोई परेशान करें क्योंकि उस वक्त भाई छोटे
6:41
थे कमाने के काबिल नहीं तो मेरी वादा जो
6:43
है अब वह जमात ने उनको प्रोत्साहित किया
6:46
कि आप ना खाने जाएंगे ना कचहरी जाएगी और
6:48
ना ही आप इस मास्क इस लार में रहेगी कि
6:51
आपके अधिक यह काम किया वरना कुछ भी हो
6:55
सकता है वह आपके घर से निकाल देगा तो मेरी
6:57
कर दिया पांच बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी
7:00
क्वाइट सारे मामले तारो रे जीवों कारणवश
7:03
अपने हम तरह बंद करते तो मेरे भारत को पूल
7:06
प्रोटेक्शन दिया उन्होंने जमात ने भी और
7:10
हर बंधन उनके दोस्तों ने मेरे सारे
7:13
रिश्तेदारों ने तो और उसके बाद जो
7:17
खुल्लम-खुल्ला 14 साल तक उस औरत के साथ
7:20
रहेगा जब तक कि उनकी डेट नहीं होगी नाइट
7:22
बिफोर थे डेट ओं थे इंग्लैंड से आधे
7:26
पाकिस्तान तो पूरे समाज को पूरा कर दिया
7:29
पुलिस अपूर्वी चंदेला बहुत ढेर में दफन
7:35
होना चाहिए कि और लेकिन यह सिर्फ वही
7:42
क्योंकि वह कहते हैं कि उनके साथ ऐसा लगता
7:54
कि मुझे इसको वसीयत कहते हैं वह कंप्लीट
7:56
करवानी पड़ती है और इतने ज्यादा चंदेरिया
7:59
जाते केवल आंखों की मद में चले जाते हैं
8:01
और जब वह मेरे वाले सावधान अरे वाह दोनों
8:05
ने वसीयत करवाई थी तो जब नाइट फॉर में
8:08
मेरे वॉइस आफ की डेथ हुई तो वह उनको रघु
8:12
वाले कर बबुआ मिले तो यह डॉन के कार्टून
8:15
है वह गुंडागर्दी और बदमाश दिखाते हैं और
8:18
उसने ब्लैक मेलिंग भी करते हैं तो जब जो
8:21
मेरे वाले साहब की वसीयत कंप्लीट ही
8:23
उन्होंने कार जीप और अपना काम है ज्यादा
8:26
तुम्हारा रूल जाए साढ़े जाए हमने जब तक आप
8:29
लोग पैसा पूरा नहीं दोगे हमने इनको दफन
8:32
होने की इजाजत नहीं थे और मेरे भाई लड़
8:34
पड़े मिले काम की तो अच्छी कंपनी का लेकिन
8:37
मेरे वॉइस आपके दोस्त का कर चेक जो मां
8:39
बहन को दे दें वरना तुम्हारा जो है ना अब
8:42
आपका मुर्दा फ्रूट जाएगा क्योंकि बल जईएं
8:44
में एक यज्ञ के विरुद्ध चार भूल जाए साढ़े
8:47
है उसका बड़ा घर को है जब तक आप पैसे
8:49
कंप्लीट नहीं करोगे वहीं दफन दिखाएं
8:51
कि मेरे भाइयों ने उस टाइम तो हर बंदा ही
8:54
उसे परेशान होता है कि उसका जो है जो बहुत
8:57
हो गया उसकी फटाफट तो ठीक हो जाए मेरे भाई
9:00
पॉइंट पासवर्ड कर दिया और फिर उनकी
9:02
तस्वीरें 2010 में मेरी व्यक्तित्व मेरी
9:06
वादा की भी अवश्य कंप्लीट थी लेकिन
9:09
उन्होंने फिर वहां डाला क्योंकि यह लोग
9:11
धारियां बनाते हैं तो उन्होंने कहा कि
9:15
कि वह भी मेरे भाई ने फतेह किया गया है वह
9:18
पिछले सप्ताह की तराना 100 जाए क्योंकि वह
9:20
तो माहेरा मुर्दा रोल ने उनके वह कुछ भी
9:23
हो जाए तो फिर और ड्राइवर दे दिया और फिर
9:27
मेरी वादा किया वहां पर तक है और यह बहुत
9:30
ही मकबरे के नाम पर यह लोगों को इतना लूट
9:33
रहे हैं इतना लूटने और इन्होंने यह
9:35
कांसेप्ट बना आपके जो भी बस्ती में
9:37
प्रिंटर फनकारों से चाहिए पूर्व वर्ल्ड
9:40
रिकॉर्ड तोड़े गुनगुना से वह सीधे जन्नत
9:43
हो जाएगा इन वर्गों की वजह से मधीर वह
9:45
ज्यादा फायदा को गई मेरी शादी हुई और वह
9:49
मेरे साथ रही और फिर होना काम होंगे तो
9:52
मैं वादा के पास आ गई थी और हुआ तब वो
9:55
जिंदा थी तो उन्हें के पास में रखिए और
9:58
फिर मैंने और उसके डिवोर्स ले ली और उसके
10:02
बाद अपने दादा के पास ही नहीं तो रहती तो
10:06
मरा हुआ में थी तब भी मेरे फादर ने बहुत
10:08
कोशिश की कि मैं दोबारा से कादियानी हो
10:11
जाओ लेकिन मैं नहीं हुई तो फिर इस दौरान
10:15
दादा की डेथ हो गई और जब डेथ हो गई तो
10:18
मुझे कोई भी बहन-भाई रखने के लिए तैयार
10:20
रहता तो फिर किसी ने मुझे हॉस्पिटल का
10:23
बताया और मैं हॉस्टल आ गई लेकिन उन दिनों
10:27
में बेहद परेशान भी थी फाइनेंशली तौर पर
10:30
और अभय भाई के को सपोर्ट नहीं कि कोई
10:32
मिलता नहीं था तो मैं बिल्कुल तनहा और
10:34
अकेली यहां पर और अपने तौर पर रौब करती
10:39
रही फिर कुछ अर्से बाद मुझे किसी ने आर
10:42
अश्विन वालों से मिलवाया तो अल्लाह का
10:44
बड़ा शुक्र है और आसान है कि वह मसाला
10:46
बहुत अच्छे लोग हैं उन्होंने मेरी बहुत
10:48
ज्यादा हेल्प कि मुझे सपोर्ट किया अगर मैं
10:52
बीमार हो जाऊं तो तब भी मुझे अपने पास ले
10:56
जाते हैं मेरी हाई पर मजबूर करते हैं मेरी
10:58
देखभाल करते हैं और इसके अलावा उन्होंने
11:02
मेरी हंसी अतिरिक्त वाली है कि जब मैं चली
11:06
जाऊंगी इस दुनिया से तो वह मुझे मुसलमानों
11:09
के कब्रिस्तान में ही दफन करेंगे ऐसा न हो
11:11
कि मेरे मरने के बाद मेरे भाई मेरे वारिस
11:15
में काम मेरा अपने भाई-बहनों से कोई
11:17
ताल्लुक वास्ता नहीं ना वो मुझे हेल्प
11:19
करते हैं बल्कि अब चीन की यही ख्वाहिश है
11:22
कि मैं वापस आ जाऊं अगर मैं नहीं जा रही
11:25
और अब एक हॉस्टल में मैं ओम गुजर-बसर कर
11:31
रही हूं और जयसवाल वालों का मैं जितना भी
11:33
शुक्रिया अदा करूं काम है अब मेरी जिंदगी
11:35
का यही मकसद है कि मैं कादियानियों को
11:38
काफिर और शुद्ध के अंधेरों से निकाल पर
11:40
इस्लाम की रोशनी उनको लिया है